00:06ुरुक्षेत्र युद्ध से पहले दुर्योधन और अर्जुम दोनों एक साथ सहायता मांगने पहुंचे थे द्वारकाधीश के पास.
00:14श्रीकृष्ण ने अपने सामने दो विकल्प रखे, एक तरफ होगी उनकी अजे नाराइनी सेना और दूसरी तरफ होगे स्वयन श्रीकृष्ण
00:22जो युद्ध में एक भी शस्त्र हाथ में नहीं उठाएंगे.
00:25दुर्योधन ने बिना एक पल गवाय पहले ही अफसर पर करोडों सैनिकों वाली नाराइनी सेना को चुन लिया.
00:32अरजुन ने बुद्धी मत्ता दिखाते हुए शस्त्रहीन भगवान श्रीकृष्ण को ही अपनी जीत का आधार चुना.
00:38नाराइनी सेना दुनिया की सबसे भयानक और शक्तिशाली सेना थी, जिसे हराना असंभव था.
00:44लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही नाराइनी सेना युध के मैदान में कौरवों के किसी काम नहीं आ सकी.
00:50क्योंकि जिसके साथ स्वयंत्रिलो की नात और धर्म हो, उसे शस्त्रों की आवशक्ता कभी नहीं होती.
00:57युध के अंत में नाराइनी सेना के वीर युधा भी इस महान सहार का शिकार हो गए.
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