Skip to playerSkip to main content
मध्य प्रदेश के गुना में सड़क की बदहाली को लेकर जनता का गुस्सा चरम पर पहुंच गया, जब स्थानीय निवासियों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का काफिला रोक दिया। जानिए कैसे 'रोड नहीं तो वोट नहीं' के नारे के बाद बढ़ा राजनीतिक पारा और महज आधे घंटे में मंजूर हुए 3 करोड़ रुपये!

Union Minister Jyotiraditya Scindia faced intense public backlash in Guna, Madhya Pradesh, when locals stopped his convoy demanding a long-pending road construction. Protesters chanted "No Road, No Vote," leading to a heated conversation where Scindia asked citizens to present their demands as a request rather than a ultimatum. Shortly after the video went viral, Scindia announced ₹3 crore for the road project, raising questions about administrative responsiveness and democratic accountability.

#JyotiradityaScindia #GunaNews #MadhyaPradeshPolitics #OneindiaHindi

Also Read

डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन से पहुंचाया तिरंगा, सिंधिया की मौजूदगी में हिमाचल में हुआ अनोखा प्रयोग :: https://hindi.oneindia.com/press-release/india-post-drone-tricolour-delivery-himachal-mandi-jyotiraditya-scindia-1630577.html?ref=DMDesc

India Post की नई पहल, अब ड्रोन से पहुंचेगी डाक! हिमाचल के दुर्गम गांवों में मिनटों में होगी पार्सल डिलीवरी :: https://hindi.oneindia.com/news/india/india-post-drone-mail-parcel-delivery-himachal-pradesh-mandi-jyotiraditya-scindia-latest-news-1586361.html?ref=DMDesc

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत लगाया पलाश का पौधा :: https://hindi.oneindia.com/press-release/union-minister-jyotiraditya-scindia-plants-palash-sapling-under-ek-ped-maa-ke-naam-campaign-1580013.html?ref=DMDesc



~HT.178~PR.250~ED.276~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00इस बार समय से पहले यह रोट डंजा है, तो यह निवेदा नहीं, यह निवेदा नहीं है, यह वाशा मेरे
00:09साथ कभी उप्योग मत करना है।
00:30का काफिला रोकर साफ कह दिया कि साहब सडक चाहिए, आशवाशन नहीं, हाथों में तक्तियां थी, जुवान पर रोट नहीं,
00:37तो वोट नहीं का नारा, और सामने खड़ा था सप्ता का काफिला, जनता ने ग्यापन दिया और अपनी परिशानी बताई,
00:44एक ग्रामीन ने यहा
01:00लोगतंतर में जनता का अधिकार है कि वो अपने समस्या बताए और अपने वूट के जरिये अपनी नाराजगी भी व्यक्त
01:06करे, लेकिन वीडियो में संधिया जिस अंदाज में जवाब देते नज़र आए, उसमें सडक के गड़ों सो ज्यादा रराजशनातिक चर्चा
01:13ती
01:28ये भाषा मेरे साथ कभी उपयोग मत करना है, समझें? ने, ने, किसी की भी बात करना हूँ, आप आके
01:38निवेधन करो, मेरी जिम्मिदारी है, काम करना है, ठीक है? चलिए.
01:42सिंध्या ने ग्रामिवड का उंगली दिखाते हुए कहा कि ऐसी भाषा का इस्तिमाल में सामने मत करना और साथ में
01:48ये कहा कि अपनी बात निवेधन के रूप में पेश करो, आप निवेधन लेकर आओ, मैं काम करूँगा. बस फिर
01:54क्या था? सोशल मीडिया को मसाला मिल गया
01:56सडक की मांग पीछे चली गई, चर्चा शुरू हुई कि आखिर जनता से बात करने का लोगतांतरिक अंदाज कैसा होना
02:02चाहिए और जनता किस भाषा में, किस अंदाज में नेताओं से बात करें, मंत्रियों से बात करें, अपनी समस्याएं बताएं,
02:10इसकी भी क्या कोई कित
02:25से लेकर खड़ा आदमी, दिश्व ऐसा कि मानू प्रजा दरबार में अपनी फर्याद लेकर पहुंची, फर्क सिर्फ इतना कि आज
02:31जनता के हाथ में तक्ती है, और पांस साल में एक ऐसा हथियार भी आता है, जिसका नाम होगा मत्दान,
02:39जिसका नाम होगा मत्द और वोट,
02:41यहां से तस्वीर बदलती है, यहां पर दल्चसक बात ये भी है, कि जिस सडक के लिए जनता को काफिला
02:47रोकना पड़ा, उसी सडक पर विवात के कुछी समय बाद, तीन करोड रुपाई की खोशना हो गई, अब करोद गाम
02:53पहुंचकर, सिंध्या ने विधायक निदी से स�
03:08बताई क्यों, क्या सडक का गढढ़ा तब तक दिखाई नहीं देता, जब तक उसमें राशनीती का पहिया ना फस जाए,
03:13क्या प्रशाशन को जुनता की आवाज सुनने के लिए, पहले कैमेरा आन होना जरूरी है, और क्या विकास की फाइल
03:20तब ही तीज दोड़ेगी, जब
03:22सोशल मीडिया पर विडियो वाइरल हो जाए, गुलाब गंज की कहानी सिर्वेक सडक की कहानी नहीं है, यह उस व्यवस्था
03:27की तस्वीर है, जहां पर आम आदमी पहले आवेदन करता है, निवेदन करता है, हाथ जोडता है, कि साहाब सडक
03:34बना दीजिये, फिर शिकायत करत
03:36और आखिर में सडक पर उतर कर आवाज बुलन करता है, धमकी देता है कि आपको अगर चुना है, तो
03:42काम के लिए चुना है, आपकी आवाज को सुनने के लिए नहीं, आप काम कीजिये, हम आपको अपनी फर्याद लेकर
03:50बताएंगे, और उस पर अगर काम नहीं होता, तो आ�
03:56पायद फाइल दोड़ती है, जो कि इस केस में भी हुआ, जनता को सडक चाहिए, पानी चाहिए, सफाई चाहिए, और
04:02सबसे जरूरी चीज जवाब दे ही की है, लोगतंत में जनता को दरबार में खड़े होकर फर्याद करने वाली प्रजा
04:08नहीं, सवाल पूछने वाला ना�
04:21होना पड़े, मंतरी जी, नेता जी, विधायक जी, खुद जाएं, देखें कि आपने जो वादे किये थे, आपको जिन वादों
04:29के बाद चुना गया, आपको जिन कामों के लिए चुना गया, क्या वो काम, जमीन पर वैसा नजर आता है,
04:35जैसे कि सरकारी फाइलों और आपके
04:37लंबे भाशनों में होता है, बहराल मामले को आप कैसे देख रहे हैं, कॉमन ब्लॉक साब के लिए है, अपनी
04:42टपणी, अपनी राय ज़रूर दीजेगा, मेरा नाम है मुकंद, आप पने रहिए, वन इंडिया के साथ, शुक्रियां
Comments

Recommended