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  • 5 minutes ago
भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' को लेकर एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है. भारत में अब कुल 56 चीते हो गए हैं, जिनमें से 53 कूनो में और 3 गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी में मौजूद हैं. चीतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इस प्रोजेक्ट का विस्तार मध्य प्रदेश से बाहर देश के दूसरे राज्यों में भी करने की तैयारी चल रही है.वन्यजीव विशेषज्ञों ने देश भर में करीब 10 नए ऐसे सुरक्षित इलाकों की पहचान की है जहां भविष्य में चीतों को बसाया जा सकता है. इन ठिकानों में मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और गुजरात के क्षेत्र भी शामिल हैं. नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए इन मेहमानों ने अब तक भारत की धरती पर 53 शावकों को जन्म दिया है.

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Transcript
00:06भारत में प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों की संख्या लगतार बढ़ रही है
00:10अब इस प्रोजेक्ट को मध्यप्रदेश से देश के दूसरे राजियों तक विस्तार देने की यूजना पर काम चल रहा है
00:17फिलहाल भारत में कुल 56 चीते हैं
00:20इनमें 53 कुनो नाशल पार्क और तीन गांधी सागर वाइल लाइफ सेंचुरी में मौजूद है
00:25विशेशग्यों ने देश में करीब 10 ऐसे शेत्रों की पहचान की है
00:30जहां भविश्य में चीतों को बसानी की संभावना पर काम किया जा रहा है
00:35इनमें मध्यप्रदेश की अलावा राजिस्थान और गुजरात के शेत्र भी शामिल है
00:39भारत में चीता पुनरवास की शरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी
00:44जब नामी बिया से 8 चीते लाए गए
00:47इसके बाद दक्षिन अफ्रीका और बोच्वाना से भी चीते भारत लाए गए
00:52अब तक देश में 53 शावकों का जन्म हुआ है
00:56जबकि 26 चीतों की मौत भी हुई
00:59फिलहाल 20 व्यस्क और 36 शावक मौजूद है
01:02विशेशग्यों के मुतापिक चीतों की संख्या बढ़ने के साथ
01:06उनके लिए नए सुरक्षित और अनुकूल शेत्र विकसित करना जरूरी है
01:10लक्ष ऐसे शेत्रों का नेटवक तयार करना है
01:14जहां पर्याप्त शिकार और प्राकरतिक आवास उपलब्ध हो
01:17भारत में आखरी चीते की मौत 1947 में मानी जाती है
01:22इसके बाद करी 75 साल बाद 2022 में देश में एक बार फिर चीता लाया गया
01:28अब प्रोजेक्ट चीता का अगला लक्ष सिर्फ संख्या बढ़ाना नहीं
01:32बलकि चीतों के लिए नए प्राकरतिक आवास तयार करना है
01:35अगर योजना सफल रही तो आने वाले सालों में मध्यप्रदेश के अलावा देश के दूसरे राजियों में भी चीते दिखाई
01:42दे सकते हैं
01:43ब्योरो रिपोर्ट, ETV भारत
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