00:03पित्री पक्ष का समय पूर्वजों के प्रती सम्मान क्रतक्यता और तरपण व्यक्त करने का अत्यन्त पवत्र समय माना जाता है
00:11जो कि साल 26 सेतंबर यानि की पूर्णिमा श्राद से शुरू होकर 10 अक्टूबर सर्व पित्री अमावस्या के दिन समाप्त
00:20हो रही है
00:21आई ये से वीडियो में आपको बताते हैं कि इस दोरान आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं
00:27सबसे पहला सवाल क्या पित्र पक्ष के दोरान मुंडन कराया जा सकता है
00:32जो व्यक्ती अपने पितर का पिंडदान या श्राद कर्म कर रहा है वो सदन दाढ़ी मूच और बाल कटवा सकता
00:39है
00:39मुंडन भी करवा सकता है लेकिन बच्चे का मुंडन पित्र पक्ष के दोरान नहीं किया जाता
00:44वही आप घर में नित्य रोज की पूजा बंद नहीं करते घर में रोज की जाने वाली सामाने पूजा आरती
00:52और भगवान का नाम जब जारी रखें
00:54पित्र पक्ष में कोई भी नया अनुष्ठान, कथा या मांगलिक पूजा जैसे ग्रिह प्रवेश, सत्त नारैंड कथा ना करें
01:01सुबह भगवान की पूजा करें और दोपहर में यानिकी कुतूब काल में
01:06पित्रों का तरपन या जल अर्पित करें
01:09नई गाड़ी, संपत्ती, गहने, वस्त्र खरीदना अस दोरान वर्जित है
01:13ये समय भोग विलास और नई खरीदारी का नहीं बलकि सादगी और पूरवजों को याद करने का समय है
01:19अगर कोई वस्तू बहुत जरूरी है जैसे की दवाईया, पढ़ाई की सामगरी, रोजमर्रा की चीजें, फैक्टरी का कोई नया वाहन
01:27या फिर मशीनरी तो उसे खरीदा जा सकता है
01:31कई लोगों की गाड़ी की बुकिंग हो सकती है, स्कूटी खरीद सकते हैं या कोई नया वाहन उनको खरीदना हो
01:37सकता है, जो की परिवार के काम में इस्तमाल होगा
01:40अगर इसका डिलिवरी आपको पितरपक्ष के दौरान मिले तो भी परिशानी नहीं है, आप इसकी विदिवत पूजा कराकर अपने घर
01:48ले आएं
01:49कोशिश करें कि पित्रपक्ष के दोरान इसको चलाए नहीं और पित्रपक्ष समाप्त होने के बाद ही इसका इस्तमाल करें
01:57प्रतिदिन जल में काला तेल कच्चा दूद और गंगा जल मिलाकर दक्षन दिशा की ओर मूँ करके पित्रों का तरपन
02:04करें
02:04श्राद्द के दिन भोजन बनने पर सबसे पहले पांच हिस्से निकालें गाए, कुत्ते, कववे, देव और चीटियों के लिए
02:11सात्विक भोजन बनाकर किसी सुयोग गिब्राम्भण यगरी व्यक्ति को आदर पूर्वक खिलाएं
02:16काले तिल, वस्त्र, अनाज, गुड और चांदी का दान पित्रपक्ष में अत्यंत शुब है
02:21तरपड करते समय हाथ में कुश यानि पवित्र घास धारन जरूर करें
02:26इन सोलह दिनों में लहसुन, प्याज, मास, मदिरा, अंडा और नशीले पदार्थों से दूरी बना कर रखें
02:34मसूर की दाल, चना, सरसोका, साग, बैंगन, लौकी, जीरा या काला नमक, श्राद्द के भोजन में प्रयोग ना करें
02:42शादी, सगाई, ग्रिप्रवेश, नामकरण जैसे शुब और मांगलिक कारें ना करें
02:48घर के द्वार पर आए किसी भी पशुपक्षी, खासतोर पर कववा, कुट्ता, गाए या भिख्षुक को दुद्कारे नहीं
02:56माना जाता है कि पितर किसी भी रूप में आपकी घर पधार सकते हैं
03:01आपको बता दें कि पितरपक्ष के दौरान बाल, नाखुन, दाड़ी कटवाने से भी बचना ही चाहिए
03:07लेकिन अगर आप श्राद्द कर्म करते हैं और उस दौरान अपने बालों को कटवाना चाहते हैं
03:13तो ऐसे करने पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है
03:16श्राद्द का भूजन पकाने या परोसने में लोहे या प्लास्टिक के बरतनों का इस्तमाल ना करें
03:22पीतल तामबा या पतल का ही प्रयोग करें
03:25फिलहाल इस वीडियो में इतना है
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