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Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में श्राद्ध करते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए और कौन-सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए? इस वीडियो में जानिए श्राद्ध की सही विधि, पितरों के लिए किए जाने वाले जरूरी नियम, भोजन और पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण नियम और वे काम जिनसे पितृ पक्ष के दौरान बचना चाहिए। साथ ही जानें श्राद्ध करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।Pitru Paksha 2026: Pitru Paksha Me Shraddh Karte Samay Kin Niyamo Ka Palan Kare,Bhulkar Na Kare Yeh Glti..

Pitru Paksha 2026: What rules should be followed while performing Shraddha during Pitru Paksha, and which mistakes should be strictly avoided? In this video, learn about important Shraddha rituals, rules related to food and puja, practices to follow while offering Shraddha to ancestors, and things that are traditionally avoided during Pitru Paksha.

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~PR.111~HT.318~ED.464~VG.HM~
Transcript
00:00आपदाम, अपहरतारं, दातारं, शर्बशंपदाम, लोकाभिरामं, स्रीरामं, भूयो भूयो नमाम्यहं, प्यारे मित्रो जैश्याराम, जैमातादी मित्रो आज आप से चर्चा करते हैं,
00:10स्राद्य कर्म के मुख्य आवस्यक नियम क्या हैं, इसी विसे पे करेंगे चर्चा,
00:16स्राद्ध कर्म कब करना चाहिए स्राद्ध कर्म हमेशा दोपहर के समय में करना चाहिए प्रातह काल या संध्या के समय
00:26स्राद्ध कार्द को भूल कर भी नहीं करना चाहिए
00:29स्राद्ध का भोजन तैयार करने के सबसे पहले पंच बली पांच बलियां दी जाती है किसको गाये को कव्ये को
00:40कुट्टे को देवताओं को और चीटी को ये पंच बली बिधान है कव्या को पितरों का संदे सुबाहक बताया गया
00:51है इससे उन्हें ग्रास देना अनिवाद है
00:59पयोग अनिवादय रूप से करना चाहिए काले तिल से तरपन करने से पित्रदेयोता प्रशन होते हैं
01:07स्राद्ध के दिन किसी सात्त्विक वॉराम्वन को बुला करके स्रद्धा पूरवक पिंड़दान तरपन इत्यादि के कार्द्ध को शंपन कराना चाहिए
01:19और उनको भोजन कराना चाहिए यथा योग जैसी आपकी सामर्त है वस्त्र पात्र दक्षणा फल मिश्ठान नित्यादी दे करके उनको
01:30बिदा करना चाहिए
01:31स्राद कैसे करें तो पित्र पक्ष के दवरान पूर्वजों की आत्मा की सांती के लिए स्राद करना अत्यन्त आवस्यक है
01:42बिद बिधान से स्राद कर्म करना अत्यन्त महत्त पूर्ण बताया गया है
01:48दोपाहर में दोपाहर का मतलब होता है कुपूत वेला में मद्यान के समय गंगा जल काला तिल कुशा इत्याज से
01:59सात्तिक व्राम्मनों के द्वारा तरपन के काद्र को करना चाहिए
02:05बंश बली जो पंश बली विधान बताया गया है कववा कुटा गाए चीटी और इसके साथ में देवताओं को भोजन
02:16लगा करके ही अन्यकार्य को शंपन करना चाहिए
02:20अतित्यों का सम्मान करना चाहिए और ऐसा करने से पित्र देवता प्रशन होते हैं
02:26अगर आप चाहते हैं किसी भी तरह की पित्र पूजन से सम्मंधित जानकारी या पित्र तरपन करना चाहते हैं तो
02:35शंपर्ग करिएगा
02:36मैं पुना आप से मिलूँगा तब तक के लिए आप तबी को जैजै स्रिशीता राम

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