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शख्स ने पत्नी-बेटे और पुजारियों को क्यों उतारा मौत के घाट? देखें वारदात

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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स काहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03आजमगर में एक घर के अंदर एक बाप अपने तीन बच्चों को बंधख बना लेता है
00:08उसके पास एक लाइसेंसी पिस्टल थी
00:11उसी पिस्टल से बस कुछ देर पहले ही वो अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मार चुका था
00:18अब इसके बाद अलग अजनसियों के कमांडो और आसपास की दस थानों की पुलिस मौके पर पहुँचकर उस घर को
00:26चारों तरफ से घेर लेती है
00:28इसके बाद बच्चों को बंधक बनाने वाला बाप एक एक कर पहले एससपी फिरेज्डियम इसके बाद तहसीदाल और आखर में
00:37एडी जी को मौके पर बुलाता है करीब साथ घंटे बीच चुके थे
00:53आजमगण का शम्भूपूर गाउं आधी रात का वक्त लेकिन रात के सन्नाटे की जगह गाउं में चारों तरफ पुलिस और
01:00कमांडोज का डेरा
01:03रह रहकर सुनाई देटी गोलियों और साइरन की आवाज और फिजा में अजीव सी बेचहें शम्भूपूर का यही वो मकान
01:11है जिसके अंदर से आई एक खबर ने आस पास के दस थानों की पुलिस के साथ साथ एटियेस और
01:18एसोजी की टीमों को भी इसके इर्द गिर्द ल
01:32मकान की मैपिंग करने में जुटी है ताकि बगएर किसी खून खराबे के इस एपीसोड का अंद किया जा सके
01:38लेकिन मामला इतना आसान नहीं लगता मकान के अंदर एक हथियार बन शक्स तीन छोटे छोटे बच्चों के साथ मौजू
01:47को और वो रह रह कर मासुमों की जान ल
02:03पुलिस के अफसर थोड़ी थोड़ी देर में कमरे के अंदर मौजूद शक्स से बातचीत करने की कोशिश करते हैं उसे
02:10समझाने बुझाने का सिलसिला चलता है लेकिन हर कोशिश के बाद अंदर से जवाब नाम्याद है
02:21करीब साथ घंटे की मान मनवल के बाद रात के एक बज़ते बज़ते कुछ ऐसा होता है कि पुलिस सही
02:27मायने में एक्शन में आ जाती है
02:29पहले कमरे में स्मोक ग्रेनेट फेका जाता है और फिर आसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं और तब शूट
02:37आउट की शुरुवात होती है
02:38और जब तक कि सिलसिले का अंत होता है मकान के अंदर से बच्चों को बंधग बनाने वाले शक्स की
02:45लाश के साथ साथ
02:46नौ साल का एक बच्चा लहलुहान हालत में बरामद होता है जिसकी आखिरकार अस्पताल पहुँचते पहुँचते जान चली जाती है
02:56ये कहानी बस इतनी सी नहीं है बलकि इन दो मौतों के साथ साथ इस मकान में मरने वालों की
03:02तादाद बढ़कर पांच तक पहुँच जाती है
03:04जिन में चार लोग तो उस सिर्फिरे शक्स की गोलियों का ही शिकार बन चुके हैं
03:10जबकि पांचवी मौत खुद पुलिस की गोलियों से उस सिर्फिरे की होती है
03:19करीब आट घंटे पहले तक गाउं शंभूपूर के इस मकान में पूजा पाठ और मंत्रो चारन का सिलसिलाद चल रहा
03:26थी
03:27महामनित्युन्जय मंत्र के स्वर गूंज रहे थे
03:29हवा में हवन की खुश्बू थी
03:32लेकिन अब इसी मकान में सन्नाटा है
03:34जगर जगर खून के छीटे हैं
03:37और अगर कुछ बाकी है तो वो है रह रह कर आती रोने बिलखने की या आवाजी
03:43चप्पे चप्पे पर मौजूद पुलिस वाल
03:49लेकिन एक ऐसे घर में जहां मंगलवार शाम तक माहोल खुशनुमा था
03:53पूजा पाठ चल रहा था
03:54आखिर वहां एक आएक ऐसा क्या हुआ कि हालात इतने बदल गए
03:58तो सुनिए उसी मकान के मुखिया ने पूजा पाठ और मंत्रोचारण के बीच
04:03अचानक घर में आए पुजारियों पर ऐसा हमला बोला
04:06कि समले में पहले उसने एक एक कर तीन लोगों की जान ली
04:10और फिर अपने ही तीन छोटे छोटे बच्चों को बंधक बना कर एक कमरे में बंध हो गया
04:16और इस खून खराबे का अंद उसी सिर्फिरे शक्स के
04:20नौ साल के छोटे से बेटे और खुद सिर्फिरे की मौत के साथ हुआ
04:30ये मकान शामबाला देवी का है
04:32यहां बुजर्ग शामबाला अपने 42 साल के बेटे अर्विन सिंग
04:37और उसकी पत्नी बवीता और उनके तीन छोटे छोटे बच्चों के साथ रही थी
04:42नौ साल का पोता शौरे, पांच साल की परी और महस साथ महिने की एक छोटी और प्यारी सी बच्ची
04:48के साथ
04:49पिछले कई सालों से अर्विन्द की मानसिक स्थिती खराब की
04:52और उसे पूजा पाट जैसी बातों से सक्थ चिड़ थी
04:56लेकिन उसी की मांसिक इस्थिती को ठीक करने की कामना लिए
04:59अर्विंद की मां श्यामबाला और उसकी पत्नी बविता ने
05:03घर में चार दिनों के लिए महामरित्यूंजय मंत्र का जाप रखवाया था
05:08जिसकी शुरुवात शनिवार यानी 19 सितंबर को हुई थी
05:11चार दिन बाद मंगलवार को ही इस यग्य की पूर्णा हुती होनी यानी पुजा संपन्न होना था
05:18लेकिन इससे पहले ही अर्विंद के दिमाग पर इस पुजा को लेकर ऐसा खून सवार हुआ
05:24कि उसने एकायक कुछ ऐसा किया जो किसी ने सोचा नहीं था
05:32मंगलवार को अर्विंद कहीं बाहर गया हुआ था
05:34इधर मकान में पुजा पाठ चालू था
05:37लेकिन शाम को जैसे ही वो घर लोटा
05:40हवन पूजन के सिलसिले को देखकर घुस्से में पागल हो गया
05:44और सीधे घर आये पुजारियों से उलच पड़ा
05:47उनसे आधार कार्ड मांगने लगा
05:50पुजारी भी कहीं दूर दराज के नहीं
05:52बलकि उसी शंभुकूर गाउं के रहने वाले था
05:55सभी एक दूसरे को जानते था
05:57ऐसे में पुजारियों ने अर्विंद से पूछा
05:59कि जब वो जानता है कि वो कौन है
06:02तो फिर उनसे आधार कार्ड मांगने का क्या तुक है
06:05बस इतनी सी बात पर अर्विंद ने
06:0860 साल के बुज़र्ग हुजारी
06:10महेंद्र पाठक और 55 साल के उनके भाई
06:13अखिलेश मिश्टा को पीठने की कोशिश कर
06:29इनके बड़े भाई का इनके उपर कुछ है
06:32तो उसको यह लोग सांत करवाने के लिए पूजा करवा रहे थे
06:35तो यह पंडीजी को मना किये थे
06:37कि मेरे घर मत आईएगा
06:38बई जी
06:40परीवार वालों ने पूजा करवाने के लिए
06:42मा जैसे करें मामरतुन जाप करने के लिए बुला था तो परिवार वालों ने परिवार वालों ने अर्बिंद ने नहीं
06:47बुलाए था अर्बिंद उसका भी रोध कर रहा था यह जो क्या बुलते हैं कल कौन से तारिक थी हां
06:55उसके एक दिन पहले सो नंबर भी साम को आई थी �
06:57पूजा के दौरान भी लड़कियां बुलाई थी डिस्टर्व कर रहा था पूजा को ठीक ने तो पंडी जी लोग किसी
07:02तरह से पूजा करके चले गए फिर जब यह लोग कहला है पूजा करने तो साम के टाइम माहौल खराब
07:07हुआ वो उसको लगता था कि जो मेरे घर आ रह
07:23अपना तो पूजा चालू हो गई तो पूजा चालू होने के साथ इसको यह पूजा अच्छी नहीं लग रही थी
07:30पत्नी से और अपने माता से कहता था कि पूजा मत कराओ लेकिन अब मा जो चाहती है कि हमारा
07:40लड़का ठीक रहे पत्नी भी यही चाहेगी इस स्थित में प�
07:48कुछ अकात बात जो है ब्रामणों से वा तक जख किया लेकिन कोई बात नहीं ही पुलिस भी आ गई
07:53थी लेकिन समवार को लेकिन कल की ऐसी स्थित हुए कि पूजा काट करके सभी लोग जा रहे थे तो
08:02वह कहा कि आधार काट हमको दीजिए आप लोग आधार काट एक बहाना
08:06बनाया जबकि हमारा उसका संबन नहां से 500 मीटर की दूरी है घर पर और उसके बहुत पूराने पूरो ही
08:13था वहा है आधार काट की कोई आउसकता थी नहीं लेकिन एक बहाना बना करके जगड़ा पैदा काया
08:22लेकिन ये तो बस शुरुआत थी पूजारियों पर हमला होता हुआ देख अरविंद की पतनी बविता ने बीच बचाओ करने
08:29की कोशिश की और तभी अपने लाइसेंसी रिवालवर से अरविंद ने बविता पर फाइरिंग कर दी अरविंद का ये रूप
08:37देखकर पूजा
08:49उसने किसी तरह अपनी जान बचाई
08:54मंगलवर शाम करीब 5 बजे फिर जब अरविंद घर में पहुचा तो तीन पुरोहित और उसकी पतनी बविता पूजा पाट
09:04कर रही थी और उसको देखते ही फिर अरविंद ने आपक हो दिया
09:08बिति कई पीडियों से जो पुरोहित अरविंद सिक के परिवार में पंडिताई कर रहे थे पूजा पाट कराते थे उनसे
09:19आधार काड मांगने लगा
09:21आधार काड मांगने के दोरान तैश हुआ इसके बाद पतनी में विरोध किया कि घर आए पुरोहितों का अपमान मत
09:28करो
09:29जिसके बाद आपक हो चुके अरविंद ने पहले पतनी को गोली मारी उसके बाद तीन पुरोहितों में दो पुरोहितों को
09:38गोली मार दी
09:38और जो सबसे छोटा एक पुरोहित्ता नौजवान फू किसी तरीके से जान बचा कर भाग मिकला
09:47इतने राउंड की फाइरिंग और एकाएक घर में हुए तीन-तीन कतल के बाद पूरे गाउं में कोहराम मच गया
09:54लोगों ने पुलिस को खबर दी और अगले ही पल आजमगर पुलिस का अच्छा खासा लवाजमा मौके पर हाजिर था
10:01लेकिन तीन जान ले चुके अर्विन का घुसा अब भी शांत नहीं हुआ था
10:06इतना सब कुछ होने के बाद भी उसने हथियार डालने या मौके से भागने की बजाए
10:12अपने ही तीनों बच्चों को एक कमरे में बंधग बना दे उसने पुलिसवालों को वहां से लोट जाने की चेताउनी
10:19दी
10:19और कहा कि अगर पुलिस ने उसकी बात नहीं मानी तो वो अपने बच्चों की जान ले लेगा
10:25फिर तो शाम से ही कमरे में बंद अर्विंद को समझाने बुझाने का जो सिलसिला शुरू हुआ
10:30वो मंगलवार और भुधवार की देर दर्मियानी रात तक चलना
10:35सिर्फ पुलिस ही नहीं बलकि खुद अर्विंद की मां शामबाला देवी उनके रिष्टेदार और यहां तक की गाउंवालों ने भी
10:42अर्विंद को समझाने बुझाने की काफी कोशिश लेकिन वो टस से मस होने को तयार नहीं थी
10:49वो बस एक ही रट लगाए हुए था कि पुलिस वहां से वापस चली जाए वरना वो अपने ही बच्चों
10:56की जान दे लेता
11:19जाप होते हैं वह ए फीन देन भेंद चैऊ उठे दिने पतान काहें जैसे बहुत हो जगवी रग्हां पुझाना हो
11:26के पंढी लोग न अधार कार्दा हमने तो पंढी स्वा कि काफ मना अधार काद तो कनेरे बागे हमनाज से
11:33लेकित अन। किने आधान अधार कारदा।
11:38तोले लाठी निकलना मारे कि उन्हें डंडा पंडी जी लोग उनके अपमान ना करें तोले मार दहने महरारू के गिर
11:59गेज़ आप थी वहां पका गारी जाम है वही जब महरारू गिर पंडी दो हन्हें कि हम भाग जाएं
12:29हालात विगरता देखकर अब दस थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुला लिया गिया
12:34ATS और SOG की टीमें पोजिशन ले चुकी थी और बच्चों को सिर्फिरे बाप के कबजे से चोड़ाने की कोशिश
12:41चल रही थी
12:42लेकिन तभी रात के करीब एक बजे अर्विंद ने कथित तौर पर एक गोली चलाई जो उसके नौ साल के
12:49इकलावते बेटे शोरे को लगी और वो लहुलुहान होकर नीचे गिर गिया
12:54बस इसके बाद पुलिस ने पहले स्मोक ग्रेनेट और फिर टियर गैस यानि आसू गैस के गोले का इस्तिमाल किया
13:02और दर्वाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश करने लगी
13:05मगर अंदर से अर्विन ने फाइरिंग शुरू करती और कम से कम छे राउंड गोलिया चले इसके बाद पुलिस ने
13:13जवाबी कारवाई की और आखिरकार पुलिस की गोली से अर्विन की जान चले इसके बाद पुलिस अंदर फंसे तीनों बच्चों
13:22को लेकर अस्पताल पह
13:30पी्लीस जब मौकते पर पहुँंची तो रोपी ने अपने बच्चों को कमरे के अदर बंद कर लिए पुलिस ने रोपी
13:38को सरेंडर करवाने का और बच्चों को सहक्विसल रेश्क्यू करने के लिए समझाने का प्रियाश किया इस समझाइद में जो
13:47रोपी था उसके परीजन
13:57की धमकी दी गई और इसी दोरान आरोपी ने अपने बेटे की बेटे को भी गोली मार दी और गोली
14:06की आवाज पर पुलिस तुरंत कमरे के अंदर गुशी वहाँ पर आरोपी ने अंदाधून फायरिंग पुलिस के उपर शुरू कर
14:13दी पुलिस ने उसको चेतावनी दी और ह�
14:18में फायरिंग करने के बावदूद जब उसने अंदाधून फायरिंग जारी रखी तो पुलिस ने अपनी आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा
14:23के लिए गोली चलाई जिसमें आरोपी घायल हो गया अस्पताल ले जाने पर आरोपी अरविंद और उसके बेटे दोनों की
14:34
14:48साथ थी दो लड़की और एक लड़के को परिवार में बंधक बनाने के बाद उसने कमरे में खुद को कैट
14:53कर लिया ट्रिपल मेर्डर की सूचना पर आजमगर्ड पुलीस घटना इस्थाल पर पहुंची जब देखा कि आरोपी ने खुद को
15:00बंद कर लिया तो उसको समझा
15:02ने बुझाने का प्रियास किया गया और ये पूरा हाई बोल्टे ड्रामा लगपा आठ घंटे तक चला बचों की जिन्दगी
15:10का सवाल था लेहाजा मौके पर डियाई जी आजमगर्ड एडी जी जोन बारनसी तक पहुंच गए जो कमांडो टीन थी
15:18उसको भी बिलाय गया प
15:31सी बीट में पुलीस ने इस्टेंड ग्रेनेट और टीयर गैस का इस्तिमाल करते हुए फोर सेंट्री कर दी और पुलिस
15:38को आता देख अर्विन अपनी लाइसनसी रिवालवर से पुलिस पर फायरिंग कर दी और इस फायरिंग में का जवाब देते
15:46हुए पुलिस ने गोली �
15:47चलाई और जिसमें अर्विन की मौत हो गई पुलिस की टी में जब अंदर गई तो अंदर का मंजर बेहत
15:53खाफनाक था वजह के अर्विन के साथ साथ उसका बड़ा बेटा भी वहीं पर तरप रहा था उसको भी गोली
16:02लगी थी आनन फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया ग
16:20चार कतल और एक एंकाउंटर के साथ ये कहानी खत्म हो जाती है लेकिन असल में इस कहानी की शुरुआत
16:27दो हजार अथारा में एक और कतले से हुई थी
16:31आठ साल पहले ये कतल हुआ था अरविंद के भाई का और ये कतल हुद अरविंद की पत्मी की वजह
16:37से हुआ
16:38ज़स दिन अरविंद के भाई का कतल हुआ उस दिन वो मंदिर जा रहा था
16:46सवाल ये था कि आखिर अर्विंद को पूजा पाट से इतनी सक्त नफरत क्यूं थी
16:51और आखिर क्यूं अर्विंद की इस नफरत को जानते हुए भी उसकी मा और भीवी ने
16:56घर में चार दिनों के लिए महामृत्यूंजय यग्या का आयोजन किया
17:00तो इस कहानी का कनेक्शन आठ साल पुरानी खुन खराबे की एक और वारदात से चुड़ता है
17:07खबरों के मताबिक उन दिनों अर्विंद की पतनी बविता का अपने ही एक चचेरे देवर मनीश के साथ अफेयर चल
17:14रहा था
17:15इसकी जानकारी अर्विंद के बड़े भाई सुनिल सिंग को हो गई थी
17:19सुनिल इसका विरोध करता था
17:21सुनिल के कहने पर ही बविता ने तब अपने कथित प्रेमी मनीश के खिलाव रेप का केस दर्ज करवाया था
17:28कहते हैं इसी रेप केस का बदला मनीश और उसके भाई अविनाश ने सुनिल की हत्या करके लिया
17:352018 में सुनिल सिंग की हत्या तब हुई जब वो मंदिर में पूजा करने जा रहा थी
17:41बस यही वो दिन था और यही वो वज़ा थी कि अर्विन को पुजापाट से नफरत हो गए
17:47यहां तक कि अर्विन उन्ही दिनों से अपनी पत्नी वविता को भी नापसंद करने ले
17:52मगर जिंदगी फिर भी चल रही
17:57जो है घटना करम यह जो अगर बैगराउंड की बात करें तो सुनिल सिंग की हत्या कैसी हुई फिर उसमें
18:03बलातकार का भी मामला था
18:05यह क्या कहानी है उसमें तो मुकदमा जिसे लोगों को सजा हुई है उसमें तो जी
18:15मुकदमा तो इनकी वाइप के दोरह लिखवाय गया था लेकिन जी लेकिन सब कुछ उसमें बड़े भाई किये थे जी
18:23तो मुकदमे के बाद जो है
18:26यह लोग कुछ दिन जेल में थे तो इस मैटर से उनलों का कोई मतलब नहीं है जो कल वाला
18:31वा किया हुआ है उनलों का वही बलातकार वाला और 302 वाला मामला चल रहा है उसमें सुनवाई चल रही
18:36है अर्विंद बिलकुल जो है हम लोगों से अपने फैमली वालों से जो बह
18:55हमारे समझ में नहीं आ रही है कि ऐसा किया क्यों और निरत्थक हत्या किया कोई इसमें रहस नहीं है
19:02हमारी उसके कोई दुस्मनी थी दोस्ति आइसी कोई बात नहीं है खेती बारी का कोई जंजड़ था ऐसी कोई बात
19:08नहीं थी हम उसका हमेशा ही ही करते थी
19:14अपने भाई सुनील सिंग की हत्या का अर्विंद के दिलो दिमाग पर बहुत गहरा असर हुआ
19:19और वो सबसे कटा कटा रहने लगा
19:22यहां तक कि उसने अपने बच्पन के दोस्तों से भी मिलना जुलना और बातशीत करना बंद कर दिया
19:27उधर अर्विंद के बड़े भाई सुनील के पास जो दो लाइसेंसी हत्यार थे
19:32उन हत्यारों में से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर अर्विंद को मिल गया
19:36जबकि एक हत्यार सुनील की पत्नी को मिला
19:53लेकिन ये भी सच है कि वो मानसिक रूप से बीमार हो चुगा था
19:57यहां तक कि उसका इलाज भी चल रहा था
19:59कुछ लोग इसे उस पर अपने भाई का साया होने की बात भी कहते है
20:09यह अगर लाइसेंसी की बात करती यह दो दो लाइसेंस मतलब इनके घर में थे
20:13उन्ही सुनील के नाम से दो लाइसेंस था इनके बड़े भाई थोड़ा सा भाई समाज में उठने बैटने वाले थे
20:18और उच लेवल के अधिकारियों से उनकी पकड़ थी संबंद था
20:23उनको दो लाइसेंस डीम साब ने दिया था अब जैसे भी दिया था वो तो भाई वही जान सकते हैं
20:28तो दो लाइसेंस था तो दोनों उन्हीं के नाम से था तो जब वो मरे तो बाद में एक भाई
20:33को और आसत हुई और एक उनकी वाइफ को हुई जी अरविंद को एक और आस
20:52ऊसी से घटना होई यह जब और अच्छी रेवालवर नहीं किया था पहली बार मी शीश किया है और इसको
21:03देखने से भी नहीं लगता था किया था कि विशी करेगा
21:05क्या ऐसे बात होगे कि इतना बड़ा घटना करम हो गया अब उसके दिमाग में जो भी चला हो अरविंद
21:12के पूजा से मना कर रहा था और बोल रहा था आधार काट दिखा ही आप हमको नहीं तो आप
21:17मेरा कतल करने आए पंडीजी लोगों से बोला अब पंडीजी लोकल थे हमा
21:35जो घर के अंदर जाता था बाहरी आदमी उससे खत्रा महसूस करता था घर वालों से खत्रा नहीं महसूस करता
21:40था बाहरी आदमी
21:45इन हालात में अर्विन की मां श्यामबाला देवी और पत्नी बवीता ने उसकी बेहतरी के लिए घर में महामनित्यूंजय मंत्र
21:52का जाप करवाने का फैसला किया
21:54और घर में यही पुजा पाठ देखकर अर्विन का दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब हो गया
21:59शनिवार को जब से घर में हवन पुजन की शुरुआत हुई थी वो तब ही से इसे रोकने में लगा
22:05था
22:05वो पुजारियों को अपने घर से जाने को कह रहा था मगर पुजारी करुन कांड में लगे रहे
22:11आखिरकार चार दिन गुजरते गुजरते पुर्णाहुती के रोज अर्विन हिंसक हो गया
22:17और उसने पुजारियों को पीठने की कोशिश की
22:20इसके बाद जब उसकी पत्नी बवीता ने बीच बचाओ की कोशिश की
22:23तो उसने पहली गोली बवीता पर चला
22:26ये कहते हुए कि तुम्हारी वज़े से ही मेरे भाई की हग क्या हुई थी
22:32फिर इसके बाद तो जो कुछ हुआ वो आप जानते ही
22:38पुलिस अधिकारियों से बात कराई और हर बार उसका यही ज़बात था
22:42कि बच्चों को साथ में है और यही मेरे शील्ड है
22:46और इसके कोई समझाओता नहीं और सुबह देखेंगे अब आप वापस जाईए तो एक लिमिट के बाद साथ घंटे अल्रडी
22:54हो चुके थे
22:55और फिर हम लोगों नहीं यह किया कि कम से कम हम लोग घेराबंदी बगएरा करके रखते हैं कोई बात
22:59वो भागने के कोशिश करें
23:02फाइनली तयारी हमारी चली रही थी उस बीच में अंदर से फाइर के वाज आई और उसके बाद हमारे कोई
23:08आप्शन नहीं था क्योंकि अंदर तीन बच्चे थे और एक फाइर का मतलब था कि कि इतनी भी घटनाए हो
23:12सकती तुरंत स्टन ग्रेनेट और टियर ग्रेनेट का �
23:17और दर्वाजा तोड़कर डूर्बस्टर से दर्वाजा तोड़ा गया तखत से तोड़ा गया और एससपी साब आसोजी इंचार्ज और एक कंस्टेबल
23:25एसोजी का है प्रदीप तीन लोग अंदर गए और अंदर जाते हैं उसने लगा तार शारपाँच फाइर किये और ट
23:44बच्चे थे जिसमें से छोटी बच्ची उसलिप होके उसके हाथ से नीचे गिरी और जो बड़ी बेटी थी उसको अपने
23:49शील्ड के रूप में उसने रख लिया पुलिस का कहना है कि पूरा मामला मांसिक विक्षिप्त मांसिक तनाव होने के
23:56कारण हुआ
23:58फिलाल पुलिस ने फॉरंसिक की टीमों के साथ इस मामले की परताल भी शुरू कर दी है जो लाइसेंसे रिवॉल्वर
24:06है जो अर्विंद को अपने बड़े भाई सुनील सिंग की मौत के बाद वरासत में ट्रांसफर होई थी उसको भी
24:11जब्त कर लिया गया है
24:13लेकिन एक सवाल खड़ा हो गया कि जब अर्विंद मांचिक तौर पर ठीक नहीं था तो उसको आखिर भाई की
24:22रिवॉल्वर वरासत में ट्रांसफर क्यों की गई
24:27आजमगर सेर राजीव कुमार के साथ संतोष शर्मा आज तर
24:36तो वारात में फिराल इतना ही मगर देश और दुनिया की वाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक

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