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Bond Yield में तेज उछाल ने Global Markets की चिंता बढ़ा दी है। US 10-Year Treasury Yield 5% के पार और Japan की 10-Year JGB Yield करीब 30 साल के हाई पर पहुंच गई है। ऐसे में सवाल है कि इसका Indian Stock Market, FPI Flow, Rupee और RBI Policy पर क्या असर होगा? साथ ही बढ़ती Bond Yield और Dollar के बीच Gold-Silver की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा या Safe-Haven Demand सहारा देगी? जानिए Indian Market और Gold-Silver का पूरा Outlook.

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Transcript
00:00क्या दुनिया भर में bond yields की बढ़ती गर्मी या भारतिय शेयर बाचार और gold, silver के लिए नया संकेत
00:06दे रही है?
00:06अमेरिका में 10 साल की treasury yields 5% के उपर पहुँच चुकी है या यूँ कहें तो 19 साल
00:12के हाई पर और जापान में 10 साल की government bond yields करीब 3.06 फेस्टी तक पहुच चुकी है
00:30कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थवेस्थाओं में सरकारी bond पर yields इतनी तेजी से उपर जा रही हो तो
00:35इसका असर भारत जैसे emerging market पर कितना पढ़ सकता है?
00:39क्या foreign investors भारतिये शेयरों से पैसा निकाल कर ज्यादा yields वाले विक्सित देशों की तरफ सिफ्ट होंगे?
00:46यानि कि विक्सित बाजारों की तरफ सिफ्ट होंगे?
00:48या यूँ कहें तो क्या माहौल, गोल्ड और सिल्वर के लिए भी तेजी से चुनोती पून बन सकता है?
00:53तो सबसे पहले अमेरिका की बात कर लेते हैं, तो 23 सितंबर को अमेरिकी 10 साल की ट्रेजरी इल्ड करीब
00:595.10 फिस्टी तक पहुँच गई. आज हाला कि इसमें और बढ़त दिखाई दे रही है, यानि कि 24 सितंबर
01:05को जब हमें रिकॉर्ड कर रहे हैं. ये 2078 के बाद का सबसे
01:09हुचा इसतर हैं. पांच साल की इल्ड भी 5.50 के उपर गई. बाजार में इल्ड बढ़ने की वजहों से
01:14मजबूत अमेरिकी आर्थिक गतिवीधिया, महंगाई का दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी एहम है. रोय्टर्स के मुताविक अमेरिकी
01:22विजनेस एक्टि
01:3806.50 तक पहुच गई, जो अगस्त 1996 के बाद सबसे उची है. जापानी बॉंड इल्ड में इतनी तेजी इसलिए
01:46महत्पूर्ण है क्योंकि लंबे समय तक जापान में व्याजतरें बेहत कम रही है. और जापानी निवेशकों ने बहतर रिटर्ण के
01:52लिए बड़ी मातरा में
01:53पैसा भी देशों में लगाया है. अब अगर घरेलू जापानी बॉंड पर रिटर्ण बढ़ता है तो कुछ निवेशकों के लिए
01:59अपने देश में पैसा लगाना पहले के मुकाबले जादा आकर्शक हो सकता है. यहीं से भारतिये शेयर वजार के लिए
02:05पहला जोखिम सामन
02:06आता है. गलोबल बॉंड इल्ट्स बढ़ने पर निवेशकों के लिए सुरक्षीत और ब्याज देने वाली एसेट का आकर्शन बढ़ जाता
02:12है. अगर अमेर्की और जापान बॉंड्स पर इल्ट्स लगतार उपर रहती है तो इमर्चिंग मार्केट में आने वाले फॉरण
02:48अगर जापानी निवेशकों के मताबिक ऐसा बदलाओ धीरे धीरे और
03:00बैंक आफ जापान की आगे की निती पर भी निर्फर करेगा. तीसरा असर भारतिये बॉंड मार्केट पर पढ़ सकता है.
03:06ग्लोबल इल्ट्स अगर उची रहती है तो इंडियन गॉर्मेंट बॉंड इल्ट्स पर भी दबावन सकता है. खासकर अगर रुपए और
03:12इंफले�
03:26बाच नहीं देता. जब सरकारी बॉंड पर रिटर्न बढ़ता है तो कुछ निवेस्पो के लिए नॉन इल्डिंग गोल्ड की तूलना
03:31में इंट्रेस्टिंग वियरिंग एसेड चादा आकर शक हो सकती है. इसके अलामा अगर उची इल्ट के सांट डॉलर भी मजबूत
03:37होत
03:51लेकिन गोल्ड की कहानी इतनी भी सीधी नहीं है. अगर बॉंड इल्ड बढ़ने के पीछे इंफ्लेशन और जियो पॉलिटिकल डिस्क
03:57है तो सेफ हेवें डिवांड गोल्ड को सहारा दे सकती है. यानि एक तरफ बढ़ती इल्ड पर दबाव बनाएगी तो
04:03दूसरी तरफ म
04:19बढ़ती इल्ड और मजबूट डॉलर से दबाव में आ सकती है लेकिन सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड भी महत्पूर्ण है. अगर
04:25उची व्याज दरों से एक ग्लोबल ग्रोथ पर असर परता है तो इंडस्ट्रियल मेटल की डिमांड कमजोर होनी की चिंता
04:31सिल्वर �
04:31पर अतरिक्त डबाव डाल सकते हैं यानि कि सिल्वर में चादा गिरावर देखने को मिल सकती है. दूसरी तरफ अगर
04:36ग्लोबल ग्रोथ मजबूत रहती है और इंडस्ट्रियल डिमांड बनी रहती है तो सिल्वर को गोल्ड की तूलना में अलग तरह
04:42का सपोर्ट मिल सकता है
04:43यानि गोल्ड से बेहतर सिल्वर परफॉमेंस कर सकता है भारतिय निवेशकों के लिए सबसे महत्पूर्ण बात या है कि सिर्फ
04:48अमेर्की ट्रेजरी इल्ड देखकर ब्याज की दिशात तै करना सही नहीं होगा आने वाले दिनों में चार चीजों पर एक
04:55सांथ नचे रखन
05:08है डॉलर मजबूत होता है और ओयल महंगा बना रहता है तो इंडियन इक्विटीज और प्रीशियस मेटल्स तोनों के लिए
05:13वोलेटिलिटी बढ़ सकती है वहीं अगर इल्ड में इस्तिर्था आती है और इंफ्लेशन पर दबाव कम होता है तो वाजार
05:19पर दबाव कुछ क
05:20हो सकता है यानि दुनिया के बॉंड मार्केट में चल रही या हल चल सिर्फ अमेरिका और जपान तक सिमित
05:25नहीं है इसका असर गलोबल कैपिटल फ्रोज के जरिये भारत तक बहुच सकता है अब भारतिये वाजार के लिए असली
05:31नजर इस बात पर रहेगी कि क्या बॉंड �
05:33एल्स में या उचाल कुछी दिनों की हल चल है या फिर लंबे समय तक उचे इस तरह पर टिकने
05:38वाला ट्रेंड है यही तैय करेगा कि आगे एफ़वियाए रुपीज और इंडियन स्टॉक मार्केट के साथ साथ वोल्ड सिल्वर में
05:44दबाव बढ़ता है या फिर इनको रह
05:46हाथ मिलती है हलांकि इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है अपनी राइक कमेंट सेक्शन में चरूर बताएं और
05:50ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के
05:56साथ

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