00:00दीजे盜ा शाद्याव विशेय। मला अट। गेला वर्षी दीजे मुक्त गनेशुचान शुरू के लाचे। तर यहा वर्षी आपने काया वेगड़ करते
00:07हैं, काया बीन करते हैं।
00:08दिजय मुक्त गनेश उच्छों में माक्चावर्शी पुर्शन अमची सगयन चीज भूमिका होती
00:12कि पुन्याचा गनेश उच्छों जे आज लोकल टो ग्लोबल जारा एक्षे चाईज देशाद आपन हाँ गनेश उच्छों साजरा करतो
00:18अज आपना बगितला तर आज जवाब युएस की वाब जर्मनी यानी बर्लीन ला जवाब विसरजन मिरुनुक तिकड़े होती ति पारंपरिक
00:29वाद्यावरस होती तिकड़े काई
00:36पारंपरिक वाद्यानी अनी संस्क्रुदीला शोबना गनेश उच्छों साजरा होयला पाईचे तिया ही शोबनी आमी भूमिका किली कर माला वाद्त कि
00:47लोकान ना बुनेकर जे आहें कि वाद गनेश भक्ते चैन्ना यहां उत्सवाद एकत्रा आन्ना सहबाक करना नी तेनन
00:54अनन्द गेन लोकान ना ट्राज ग्यों उत्सवाद शाजरा करना यहां उत्सवाद मनत नहीं अनुन आमी खुब ठाम भूमिकाइट आहे आमची
01:04संस्ता क्यों ट्रस्ट जी आहे तिदा पारंपर इक पद्धितिनी साजरा करते यह शी पस्तिस वर्श धाले ति पारंपर इ
01:24यह दुर्दै भी आहें चगाए अशाय चेड आपन ही मुर्थी आता तुम्ही मना एक्षे पस्तिस वर्श धीष यह चाकरात ली
01:32यह वरूपतली रूपातली मुर्थी आहे तर यह मुर्थी बदल धुड़ा सामाला संगा ने तुम्ही मनले नकियास मुंबइची कनी शु�
01:49अपने चाहिक पावित्र धार्मिक गोष्ट यहां दो पन्बाइड भवया था ही पुन्चे मूर्ती चे पुन्या भवया ही डेकोरेशन चाहिए यहां
02:04मूर्ती चाहिए अपन बोल्लो तार नहें आपन गनपदी ची मूर्ती ही आशिर्वा देनरी बखतो
02:10एक स्वरूपा एक मूर्ती आशिया है यह आक्रमक स्वरूपाद आए अट्राशे में लोला जवा सारोजनी गनेशुत्सवाची शुरुवात जाली जवा अमच्या
02:19संस्तापक श्रीमंत पावस्याव रंगारी नी शुरू किली त्या टाइम ला पाई प्रोफेशन ते डॉक
02:40तो क्रांथी करी आए अनि ब्रिटिशा चा विरोधात लड़ा साथी ही सारोजनी कि उत्सो शुरू कि लोकान एकत्र रहा है
02:46अनि यह राक्षे सा उवात करता है तो ब्रिटिशा है तरे आशिती मूर्ती तेनी केली है अनि मत्ता हिंदूस्ताना ता
02:54पहला सारोजनी कनपती �
02:55अनि बाला तो हिंदूस्ताना ते एक मेवाशी स्मूलती है