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क्या CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जायज है? देखें राउंड टेबल बहस
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00:00नमस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ अंजिना ओमकश्य पर राउंड टेबल एक बार फिर से
00:04आपके सामने हाजिर है
00:07लोकतंत्र का अंपायर चुनाव आयोग होता है इस बात में कोई दो राय नहीं है लेकिन उसी चुनाव आयोग को
00:15लेकर सियासत के खेल में समझी है पाले खिच गए है अब राहूल गांधी कह रहे हैं कि CEC ग्यानेश
00:21कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार क
00:24को स्तीफा देना ही होगा अब इस मुद्देख को विपक्ष युद्धस्तर
00:28पर्मानुदेश में उठा रहा है मामला क्या है मामला यह कि मुख्य
00:32चुनाव आयुक्त के साथ काम करने वाले दो चुनाव आयुक्त जो
00:36पूरी फैसले लेने की प्रक्रिया में एहम है क्योंकि तीन में से दो या तीनों का एक तरफ होने के
00:42बाद ही किसी फैसले पर मुहर लगती है अब ऐसे में अगर ये दोनों चुनाव आयुक्ति ये आरोप लगाए हैं
00:50हाला कि वो मौकिक रूप से सामने नहीं आये हैं लेकिन �
00:53इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट में एक बड़ी बात कही गई कि इन दोनों चुनाव आयुक्तों ने दो मुद्दों पर
00:59दो वक्त पर एक तरफा तरीके से विरोध किया ग्यानेश कुमार के फैसलों का
01:06इस रिपोर्ट को जारी करने वाली रिपोर्टर जर्नलिस का ये भी कहना है कि उन्होंने वो जो उनका विरोध था
01:13उसके नोट्स देखे हुए है
01:15अब ऐसे में विपक्ष ये कह रहा है कि वो इस्तीफा दे क्या ग्यानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जायज
01:20है
01:20राहूल गांधी का पूरा तरक बीते दिन क्या था राहूल गांधी ये कह रहे है कि आंटी इंकंबंसी घायब हो
01:27गई है
01:27मोधी सरकार में शासन में आने के बाद 2014 में
01:31ऐसे में राहूल गांधी का ये तर्क क्या विपक्ष के दावे को मजबूत करता है या कमजोर करता है जिसमें
01:37वो ये दम भर रहे कि आंटी इंकंबंसी खत्म हो गई है बीजेपी के खिलाफ
01:41तमाम ऐसे मुद्दे हैं लेकिन आज बड़ा सवाल जिस पर चर्चा होनी चाहिए कि आगे का रास्ता क्या क्या सिर्भ्रम
01:47और आशंकाओं के बीच चुनावायोग यूँ ही चलता रहेगा या फिर ग्यानेश कुमार के स्तीफे की मांग जायस है आज
01:54इसे पर हम बहस करेंगे
01:56ताकि आपको भी समझ में आए कि ये मुद्दा आगे कैसे बढ़ेगा क्योंकि चर्चा तो खुब हो रही है चुनावायोग
02:01में क्या है क्या इससे चुनावायोग को भी ग्यानेश कुमार को स्तीफा देना पड़ेगा नहीं देना पड़ेगा सरकार क्या करेगी
02:08क्या सरकार
02:09साथ देर ही ग्यानेश कुमार का
02:11या उनकी बली चढ़ा दी जाएगी
02:12जब जब आंदोलन हुआ है तो बीते दिनो
02:14धर्मेंद्र प्रधान से लेकर कई लोगों के स्तीफे
02:16तक नौब बताई है तो क्या वैसा ही दबाव
02:19फिर से बनेगा इन तमाम उद्दों पर आचर्चा करेंगे
02:21राउंट टेबल में हमारे साथ जुड़ रहे हैं
02:23डॉक्टर सुधान शुत्रिवेदी जो की
02:24राच्य सभासांसद और प्रवक्ता है भारतिय जनता
02:27पार्टी के प्रोफेसर आजय उपाद्धाया
02:29जो की राश्य प्रवक्ता है उपाद्याई जी कॉंग्रस पार्टी के
02:32हमारे साथ विवेक सलास जी जुड़ रहे हैं
02:34जो की प्रवक्ता है समाजवादी पार्टी के
02:36सत्य प्रकाश मिर्श्रा जी पुलिटिकल आनलिस के तौर पर जुड़ रहे हैं
02:54लोक तंद्र की बाजी में चुनाव आयोग को सबसे बड़ा और निश्बक्ष रेफरी बाना जाता है लिकिन इस बार सवाल
03:01रेफरी पर ही है रहुल गांधी ने वोखे चुनाव आयोग ग्यानेश कुमार के खिलाफ ऐसा युद छेड़ दिया है जिससे
03:07चुनाव आयोग के �
03:08दफ्तर से लेकर देश की साड़कों तक खलबरी बच गई है ग्यानेश कुमार जी को बात समझ लेनी चाहिए उनके
03:18दो जुनियर्स ने बहुत अच्छा काम किया है एक प्रकार से उन्होंने बात एक्सेप्ट कर ली है कि एलेक्शन चोरी
03:30किया जा रहे है इस इस एक क्राइ
03:38करता सड़क पर उतर कर ग्यानेश कुमार का विरोध कर रहे हैं पोस्टरों पर कालिक पोती गई एक ही मांग
03:44है CEC ग्यानेश कुमार का इस्तीफा और उनकी गिरिफ्तारी
03:54इस विरोग के बीच चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में ग्यानिश कुमार के दो बड़े कारिक्रम टाल दिये
04:00एक मेरट का तो दूसरा बारो नंसी का विपक्ष का दावा है कि ये बैक फुट पर आने की तस्वीर
04:06है
04:06और CEC विरोग के डर से पीछे हटे हैं हलाकि चुनाव आयोग ने इसे खारिश करते हुए साफ कहा है
04:12कि ये पैस्ता 21 सितंबर को ही ग्ले लिया गया था और इसका मौझूदा विवाद से कोई संबन नहीं है
04:20सवाल सिर्फ दौरों का नहीं है सवाल है उस विश्वास का जिसका कस्टोडियन चुनाव आयोग को माना जाता है
04:27विपक्ष का सीधा आरोप है कि 30 राज्यों में 13 करोड नाम काट कर नतीजों से छेट छाट की गए
04:37और अब दे इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में जब आयोग के भीतर से ही 14 मौकों पर
04:43चुनाव आयोग तो विवेग जोशी और सुक्विंदर सिंग संधू की लिखित आपत्यों का जिक्र सामने आया
04:49तो विपक्ष को अपना केस साबित करने का सबसे बाहत्यार मिल गया
04:53आज के लोकतंत्र का सबसे बढ़ सवाल यही है
04:57क्या चुनाव आयोग जनता के उस भरुसे को बचा पाएगा
05:00जिसकी उमीन उससे पूरा देश करता है
05:03और क्या ज्यानेश कुमार के इस्तीफ़े की बाग जाएज है
05:09आईए चर्चा की शुरुआत करते हैं सुधान्शू त्रिवेदी जी
05:11अब देखिए विपक्ष युद्ध छेड़ चुका है कि ज्यानेश कुमार का इस्तीफ़ा होना चाहिए
05:46क्या करेगी आपकी सरकार
05:54अगर आप देखें सुप्रीम कोट पूरी तरीके से मैनेज हो गया है
05:58वैक्सीन खराब है वैक्सीन का डाटा दिखाओ
06:02सर्जिकल इस्ताइक का प्रूफ दिखाओ आर्मी गलत बोल रही है
06:05बाला कोट में एर फोर्स गलत बोल रही है
06:07तो मैं पूछना चाहता हूँ आज तक कोई ऐसी चीज बताई जिसके खिलाफ युद न च्छेड़ा
06:11और तो और भारत के समाज में सब कुछ गलत हो रहा है
06:15कोई स्मैश पैट्रियार्की हो रही है
06:17भारत के धर्म में गलत है संस्क्रटी में गलत है
06:19एर फोर्स गलत है आर्मी गलत है अलायसी गलत है सेवी गलत है
06:24सब कुछ गलत है संस्द में बोलने नहीं दिया जा रहा है
06:28एकनामी डड़ है
06:30अब इस डड़ एंड वाले ड़ेड मान सिखता से क्या पेखशा की जा सकती है
06:34अब आते हैं बिल्कुल objective बात अब रायता पहला रहे हैं उचे लगा रायता नहीं अब बिल्कुल fact देख बाकी
06:40चीजों पर आप चले गए आप मुझे बता है अब तो मैंने का पहले तो सिर्फ ये बोला अब चिनावा
06:44योग पर जिस report की बात हो रही है आप पत्रकार है वरि
07:04interpretation है और imagination है और अगर ये वाली बात कहें तो सेम अकबार ने काता RBI ने गोल्ड वेज
07:10दिया है खंडन आगे RBI के नहीं हुआ है और आज तो जी तो बहुत अच्छी तरह ध्यान होगा सब
07:16चार अप्रेल 2012 को इसी अकबार ने कहा कि राइसीना हिल पूरी तरीके से घबडा ग
07:33क्या है पूरी तरीके से ख़बर है उसी प्रेकार चुनावायोग ने एक statement जारी चारी है नहीं कहा है बिल्कुल
07:44उन्होंने कहा है कि और सहमती हुई है और सहमती इस संस्ता का काम करने का तरीका है इससा है
07:50जैसे हर संस्तां में होता है जैसे मैं आपको बात बाता हूँ नह�
08:33बिल्कुल होता है।
08:36बिल्कुल होता है।
09:03बात करना चाहता हूँ वोट चोरी हो गया।
09:05अजिनाजी आपके प्रांथ की मैं बात कर रहा हूँ।
09:07ये 2010 में कॉंग्रेस के पास कितनी सीटें और कितना वोट था।
09:10चार सीटें और साड़े तीन चार परसेंट वोट और 234 पे जमानत जब्त।
09:16भाई सब था कि आपके पास जो चोरी हो गया।
09:19ये तो आपके सरकार की बात कर रहा हूँ।
09:20अब 2021 में बंगाल में जीरो वोट।
09:24वहाँ वोट किसने चुराया था।
09:26तो प्रचंड वहुमत मिला था तरणमूल कॉंग्रेस को।
09:29तो अब ये समस्या है।
09:30दो काउंटर है मेरा, दो काउंटर है।
09:31एक तो काबिनेट सेकरेटरी को चिट्थी।
09:33अब इससे जादा लिखित क्या हो सकता है।
09:35दूसरा, ये भी डिनाई नहीं किया है प्रेस नोट में
09:38नहीं खोल रही हूं आपके लिए।
09:40और पहली ही लाइन पढ़ देती हूं
09:41जिसमें साफ-साफ लिखा है कि
09:43रिटेन नोट्स, खुद ही कह रहे हैं।
09:46रिटेन नोट्स, अब्सरवेशन्स, टेकनिकल सजजेशन्स
09:51अनिटेनल चेक्स अन बैलनसे अर स्टैंडर्डडू
09:54तो ये तो स्टैंडर्ड होता ही है।
09:55तो ही कह रहे हैं।
09:55अगर आप ये कहते हैं कि मेरे हिसाब से एक प्रस्ताव में ये होना चाहिए
10:00तो विचार होता है अन्ने था पिर क्यों सब लोग बैठेंगे।
10:02अगर इसा नहीं कहा है।
10:04ने ने रिटू?
10:05अन फाइल कोई नोट अफ डिसेंड नहीं है।
10:07विजेंड नहीं है।
10:10दोनों में अंतर हैं।
10:11यानि मैं अपना इस बात पर प्रतिवाद व्यक्त कर रहा हूं।
10:14इस निरणे के विरदू नहीं।
10:16मैंने यह सुझाओ दिया, जैसे उन्हों क्या क्या, आप फिर पढ़ी है, सजेशन, डिलिबरेशन, यह तो होता ही है, पर
10:21उन्हों डिनाई नहीं किया न, सर खबर, डिनाई नहीं किया, अरे संदू सहाब ने इल्लीगल और अन और्थराइजड कहा है,
10:27यह कहा लिखा है, बता
10:44पर सच सब को पता है, न्यूज रिपोर्ट के बारे में इन्होंने अपत्ति जताई, कि न्यूज रिपोर्ट जो है वो
10:50ठीक नहीं है, और इनको यह पूरी आस्वस्त के साथ कर रहे हैं, कहीं कोई डिसेंट नोट नहीं है, मतलब
10:57सुधानसू तिर्वेदी जी को भाजपा क
11:00प्रवक्ता को यह एकदम confidence के साथ इनको यह जनकारी है, पर चुनावा जोग इसको बाहर नहीं लाने की स्थिति
11:05में है, ऐसी बात है तो चुनावा जोग को पीसी कर देना चाहिए, तीनों एक साथ बैठ जाते हैं, अब
11:10तो तीन-चार दिन होने को है, इस रिपोर्ट को भी
11:12आए हुए, तो अभी तक तीनों एक साथ बैठ करके इतनी बड़ी विश्वसनियता का संकट पूरे देश के लोगतंतर पर
11:18पैदा होने जा रहा है, और आवाज नहीं आ रही है अभी तीनों चुनावा जोगतों को, तीनों को एक साथ
11:22आकर जवाब देना चाहिए, दूसरी
11:42एलेक्शन कमिशनर अपने आपको सूपर बहुत समझ रहा है, वो कानून से अपने को परे मानना है, और क्यों न
11:47माने भाई, याद किजिए, तो सांसद हैं, ये दिसंबर 23 में जो डाली गई थी धारा जो सोला, उस सोला
11:56धारा अलग से डाली गई, जो बील में नहीं था, न
12:11community की ज़रूत पढ़ रही है, आप ऐसा कौन साइब करने जा रहे हैं? ठीक है न, ग्यानेश कुमार से
12:16हम पहले से भी कह रहे है, ये अच से पता रहे हैं, लेकिन ये प्रकरिया पहले से हैं, ये
12:23ठीक है, ये ठीक है ये 25 में बने है, पर ये दिसंबर, दिसंबर में ही ये
12:272023 से ही प्रक्रिया है और हम जो आवाज आज उठा रहे हैं कोई आज आवाज नहीं उठा रहे हैं
12:33कॉंग्रेस पार्टी और ये आवाज कॉंग्रेस पार्टी की सिर्फ नहीं है दूसरी बात
12:36इंटीन कंबेंसी के जरूर चर्चा इन्होंने की है भई इंटीन कंबेंसी इसका मतलब बाजपई जी वाली तो आप मानते ही
12:42नहीं है साइनिंग इंडिया थी फिर बाजपई जी क्यों चले गए बात ये है कि उस समय चुनाओ जो है
12:48निस्पक्षता के साथ होता था सरकारे ज
13:12लेकिन गए सब गए सब गए लेकिन बात अब एंटीन कंबेंसी का सिर्फ उससे संबंद नहीं है जो ये बात
13:18तरक दे रहा है तरक की बात है कि जो चुनाओ आजोग ने भी बात आपके सामने रखी है सिर्फ
13:24दस महीने में 14 अपतियां उन्होंने दर्ज की और आपतियां ल
13:35जो सिंट्रलाइजेशन की बात की जा रही है वोटर आईडी को लेकर के वोटर का जो डिलिशन और एडिशन होगा
13:41वो जो पहले यारो करता था ये तो कल का ये भी रिपोर्ट दो एक दिन पहले आ गई गई
13:45गवावाले में एक सबता के अंदर दस चिठियां आठ चिठिया
14:04भी नहीं इसे चुनावा आजुक के तो बेचारे वो परवकता हैं नहीं उनसे बिकरह पूछते हैं जब भी हम लोग
14:08चुनावा आजुक पर प्रस लगाते हैं तो सबसे ज़्यादा दर्द किसी को होता है तो बाजपा के लोगों को आखिर
14:13ए क्या बात है कि जब इतने बड
14:15बिवाद का मामला आ रहा है हम तो कहते हैं सुधानसु भाई को भी पूछना चाहिए कि भाई ये इस
14:20तरह की कोई बिवाद की बाद अख़वारों में आई है तो तीनों चुनावा आयुक को आना चाहिए प्रेस कंफरेंस करना
14:26चाहिए या जो जो जो चीजे आप लोग क्य
14:43चुनावा जोग से प्रस्ण किया जा रहा है तो ये लोग तंत्र के संदर्व में प्रस्ण है और अब तो
14:48चुनावा जोग ने खुद प्रस्ण किया आपके सो में मैं दो दिन से तीन दिन से देख रहा हूँ पिछले
14:53कई पुर्व चुनावा जोग चाहे कुरेसी साहब हू
14:56उपी रावत साहब हूँ या सोख लावासा साहब इन सब ने आकर के बात रखी कि इस तरह से जो
15:02सरुसमती या बहुमत से निर्णय नहीं है वो सारे निर्णय जो है फेक हैं एक साल से दो चुनावा युक्तों
15:10को फाइल तक नहीं दी जा रहे हैं ये ये ओन रिकोर्ड में है
15:26आप सरकार के नीचे तो ही नहीं आप राश्रपती के पास जाईए और आप बताएए या फिर मीटिंग बुलाएए और
15:32उसमें आप दोनों मेजॉरिटी से इसको वाश आउट कीजिये कैंसिल कीजिये डिसिशन को इसका क्या मतलब निकाला जाए मैंने वो
15:38पीर आउट का इ
15:41इंटर्वू किया है सवाल क्या है सवाल यह नहीं है कि उन्होंने आज इन्फरमेशन दी या कल इन्फरमेशन दी या
15:46कैबिनेट सेकर्टी को लिखी या नहीं लिखी जो सवाल उन्होंने खड़े के वो इंपॉर्टेंट है या नहीं अगर कोई जोशी
15:53सहाब अगर यह कहते
15:55प्रुवेर्वेट्स के लिए हाँ वाल हम यहा है, 16 अप्रेल, 16 अप्रेल, 16 को 12 आधर को, 11 साल से
16:04ना तो एजंड़ा आ रहा था
16:05meeting کا
16:06और non meeting के बाद उसके minutes आ रहे थे
16:09तो जब agenda नहीं आ रहा था
16:11और minutes नहीं आ रहे था
16:12तो signature कहा पे होंगे
16:13बैई जब यसी यहां बैटे बात कर रहे हैं
16:16कोई आदमी noarts ले रहा
16:17noarts लेने के बाद उचला जाता है
16:19और उसके बाद वापस लोटता
16:21process यह होता दिखाता भाई यह आपको लोगे बात वहां तो हाँ तो ठीक तो sign कर दिए जब minutes
16:26नहीं आरे तो signature कहां से होंगे सीधी सी बात है यह तो सरकारी जो सरकारी महकमा जिस तरीके से
16:32काम करता उसका process है तो इसका
16:34signature तो नहीं होगा कहीं महतपूर्ण सवाल इसमें जो है वो यह है कि 16 अप्रेल को या 16 अप्रेल
16:44को आदेस जारी हो गया commission का approval नहीं है उसके बाद 25 अप्रेल को आदेस जारी हो गया commission
16:51का approval नहीं है उसके अलाबा और आगे कई कई
16:56चीजें commission का approval नहीं है तो commission का काम कैसे कर रहा था किसके कहने पर काम कर रहा
17:02था नहीं पर commission का approval नहीं है यह तो
17:08इसका कहना है कि ये फैसला आ गया हस्ताक्षार की रिपोर्ट है साफ तर पर अभी तर डिनाई नहीं हुआ
17:18है
17:1916 अप्रेल अफिशल कम्मुनिकेशन इशूड बिदाउट कमिशन अप्रूवल
17:2328 अक्ट्यूबर और इन एसाइज नेम बिदाउट कमिशन अप्रूवल
17:3016 अप्रेल जोशी सहाब मैं नाम बता जेता हूँ
17:3524 अप्रेल जोशी रिटरेट्स नो अफिशल कम्मुनिकेशन इशूड बिदाउट कमिशन अप्रूवल
17:44बिना कमिशन के अप्रूवल का मतलब क्या हुआ
17:46तो हम ये माने कि इसके अधार पर ये जोशी
17:49क्या हम मिस्टर जोशी का ये ओफिशल स्टेट्वन्ट मानें
17:53यही है ना
17:55अब भी पत्रकार हम भी पत्रकार हैं
17:59अभी तक इंडियान एक्स्प्रेस की रिपोर्ट को
18:01अलेक्शन कमिशन या गैनिश के बार जी सीधे कह देते हैं
18:04यह बेबिनियाद है
18:06यह बेबिनियाद है
18:07फाल्तू है
18:08फेक है फर्जी है
18:10और इसके खलाफ अगर सुधानसु जी को लगता है
18:13कि यह वाकई में फेक ख़बर है
18:14तो सुप्रीम कोट का दरवाजा खटकराना चाहिए
18:17इमेडियेट इसलिए
18:18इसलिए क्योंकि पूरी की पूरी
18:20लोगतांति प्रक्रिया खट्रे में पड़ गई है
18:22और इससे भारत के लोगता hunter को जट्का लग रहा है
18:25इससे जादा ख़तरनाग बात
18:26लोगता बिजनी हो सकती
18:27इसलिए आपको
18:28इसलिए आपको
18:46इसलिए आपको
18:48मैं कह रहा हूँ आप दूसरी बाट आप वाटर बाट गरें
18:5116 प्रेल का उडर क्या सबूत है
18:55सिवाह इसके एक पत्रकार ने लिख दिया
18:57और उस पे आप कहरें
19:00डिफेमेशन का मुकदमा करिये ना
19:01किसे रोका आप
19:02सुप्रीम कोट जाएए आप ही लोग कहते थे
19:03सुप्रीम कोट जाएए आप यह कहते हैं
19:33में हो रहा है
19:34मगर उसके बावजोट
19:47अब अगर यह सामने आ रही है बात
19:49कि दो चिनाव आई उक्तों की बात
19:51यह सीसी नहीं मान रहे थे
19:52आपके लिए चिंता की बात
19:55जुट बोलना है
19:55इन्होंने का विदाउट अप्रूवल
19:57अप्रूवी नहीं होगा विदाउट अप्रूवल
20:03आप मेरे को करें मैं जूट बोलना है
20:10अब यह बीट आपकी बात में शान्तों तूनी
20:12आपको मेरे बीट पसे विदावर उचा खिल
20:14आपने गाम में जूट बोलना हूँ
20:16आपके उसका कारण है बड़ी लॉट बोलना हूँ
20:27लुट बोलना हूँ
20:31अब और इज से लिए बारी बारी से जवाब ले रहीं
20:40सरकार की संस्ता से लिया जाता है सरकार की शंसा तभी देगे जोट अब इसलिए मैं पूर बात है कमुषर
20:46का पूरल को अब फिर अपने में का पूर्श का ए भाई यहाँ यहाँ शिए जोशी कह रहा है
21:05आप पत्रकार ने लिख दिया की बोला है इसे आप गैट के कह दें कि मैंने ये कहा तो आप
21:18आप नहीं बोल पा आप कोई सबूत नहीं दें पा रहे हैं
21:25सुनिये विदाउट कोट पत्रकारिता का कोई मतनब होता है अथेंटिकेट कर रहा हूँ ने आप को ने होते हैं अथेंटिकेट
21:34करने वाले हैं
21:47आप नहीं देंगे वाले हैं इन्हों ने कहा और अभी शेक मनू सिंग भी ने बोला हमने एलेक्सिं कमिशन का
21:59जवाब नहीं दिया है
22:00मेरी प्रेस कॉंफिरेंच जाके देख लें मैंने पहला सेंटेंस ये बोला है कि भारत के प्रपंच शिरोमनी राहूल गांधी जी
22:06की बात का पॉइंट बाइपॉइंट रिबटल कर रहा हूँ
22:08मैंने कहीं नहीं बोला मैं एलेक्शन कमिशन के डिपेंड में बोला हूँ अब मैं बोलता हूँ अब शेयक मनू सिंग्वी
22:12ने का कि 1960 का जो फॉर्म 6 था उसमें मदर फादर की बात नहीं थी इसलिए ये बाद में
22:18जो एड़ किया गया ये गलत था अब आब आब सोनिए फ�
22:342003 के बीच में जो हुए उनको यह बताना पड़ेगा कि उनके माता-पिता में से कोई एक वेक्टी कम
22:39से कम भारत का नागरी को रहे तो यह सरकार करेगी यह कानूर है अरे भाई यह 2003 का नियम
22:47है यह मुर्तापुर बात कर रहे हैं क्या आजीब बात कर रहे हैं
22:532003 का नियम है यह नियम है और दूसरी बात सुनिए मैं एक और बात कहता हूँ जो बात यह
23:01कहने का प्रयास कर रहे हैं 1960 में भारत का पहला एलेक्टर रोल कब बना 1952 वोटिंग एज क्या थी
23:0821 साल तो 1973 तक तो माबाप का पूछने कोई मतलब ही नहीं था क्योंकि किसी के भी माब
23:14माबाब जो होँगे वो पहले बाले उलेक्टर रोल में तो वोट होगा अब मैं पूंचना चाहता हूं देश से कभी
23:20कहा गया तो आपको नहीं होगा है तो
23:44परिवार के किसी वेक्टिका पिछले ए्रेक्टर रोल में नहीं है उसे अगर वोटर बनाया जाए तो ये सरासर देश्द्रो है
23:51जो वेक्टिय कहने का प्रयास करता है और ये भी मैं
24:05एक्ट मुख चुनाव आयोग तेकर नहीं पहले पहले बात बोलो तीनों चुनाव आयोग टेकर नहीं पहले बात
24:27अगर कोई आदमी भिखमंगा है, बेघर है, अगर किसी जगह पे वो तीन दिन रहता है, तो भी उसका वोट
24:34देने का अधिकार उसको होगा, और हम एंशूर कराएंगे वोट दे, ना उसके माबाप का पता, ना उसका घर का
24:39पता, ना उसका अड्रेस का पता,
24:41सेम चुना भाई तो यह कहरें कि माबाप बताओ, बाप बताओ, कहां से आये, कहां रहे, यह कार्ट दिखाओ, फनाना
24:46कार्ट दिखाओ, सेम ग्यानिश कुमार, क्या हो गया भाई, उस मक्त आप गलत बोल रहे थी, आज गलत बोले हैं,
24:54लेकिए भाई साब ने जो भी बात र�
25:19कोई भी सर्देंतकारी जो है नन बाइलोजिकल शिरोमिनी उनके बारे में नहीं कुछ कहूंगा पर यह बात को आपको ध्यान
25:26रखना है कि यह फॉर्म 16 को लेकर अलग से नेक्चर जोड़ा गया और इसको लेकर के ही संधु ने
25:37लेटर परियापत लिखी है उसमें असपस्ट कहा है कि यह बदलाओ जो है अवैद है अपके आगया उन्होंने असपस्ट तोर
25:57पे अवैद और अनाधिक्रित कहा यह लेटर प्रोसेस में है वा जाएगा यह लेटर आ रहा है इसलिए आप लोंको
26:03दिक्कत हो रही है अब दूस
26:10और कि आगजे अगरने उन्ह पर इस और चाहिए और जो गवी Statut कि याउयगा साथ जो भी इस यह
26:27नही होकि वह चुनावाजव मेरा कर वहच खुद अपने सा अन्याय करांते हैं कि यहिदि यदि
26:46लेकिन अजया जी इन दोलों को सामने आना चाहिए जो रावत साथ कहा है सही है यह नहीं है
26:52उनको पहले ही डिसेंट नोट वहां पर डिफर करना चाहिए था और हो इलिगल है यदि दो चुनावाज उतने
26:59असप्वस्ट तोर पे इस सहमत नहीं है चीप एलेक्शन कमिस्टनर से तो जितने भी अभी तक नियम कायदे कानून बनाए
27:06गए
27:08सब अवैदिक अवैद है इलिगल है और यह राश्ट द्रोह का काम है क्यूंकि चुनावाजों के एक समगाई
27:14उस पर काम होना चाहिए था और यह कॉंग्रेस का संबन नहीं है भाजपा और जेडी और भाजपा की बात
27:21नहीं है यह देश की बात आनी चाहिए चुनावाजों की विस्वस्वस्वशनियता बढ़नी चाहिए
27:34मेरा एक असपष्ट मत नहीं है चुनावाजों ने नोट जारी कर उसके पांच नंबर पॉइंट में असपष्ट कहा कि हमने
27:41जो भी फैसला किया चुनावाजों में पिछले दस महिने में या किसी साल में जब से वो चुनावाजों फरवरी 225
27:48से बने हैं वो फैसला सर्वसम
27:50मती से लिया गया कोई अगर एक रिपोर्ट जारी कर दे किसी भी अख़वार में उस पर सब नाचने लेगा
27:56अच्छी बात है नाचीए खुब बढ़ियां से नाचे नृत्त करिए लेकिन अगर मेरा एक उड़का जो इत्यास है राहुल जी
28:02का लगातार चुनाव परिक्रिय
28:03समयधानिक शक्तियों और समयधान के विमिन्न चीजों पर हमला करने का उससे ये बताता है वो राज परिवार का एटिट्यूड
28:10है उनको चुना आयोग से सल्यूट लेने की आदत सी रही है चाहे वो नवीन चावला को जिस तरो उनों
28:15ने बनाया गवपाल स्वावी ने रा
28:33राजीम गांधी ने जबरदस्ती दो चुना आयोगत कर देते थे कोई अपॉइंटमेंट नहीं था तो राहूल गांधी जी के परिवार
28:39को शायद ये आदत लगी हुई है इस देश में शुरवाती दोर से कि चुना आयोगतों, CBI के चीफों, जस्तिसों
28:48सुप्रीम कोट के
28:49कि दीपक खना लिख दिये एक दिसिंट नोट एडियम जबलपूर केस में तो उनको चीफ जस्तिस नहीं बनने दिया गया,
28:56ये एटिक्यूट का सवाल है, तो राहूल गांधी चुकी देश में लगातार 12 सालों से नकारे गए और देश के
29:03कई राज्यों में, पच्छिम मं�
29:18में शून ने हो गया, तो वो चुना आयोग जो जिसको आपने का शुरुवात में, कि एमपायर है लोकतंत्र का,
29:25उस पर हमला कर ये शाबित करना चाह रही है, कि मौजूदा जो व्यवस्था और सत्ता में लोग हैं, वो
29:31चुना आयोग के सहयोग से हैं, हम चुना आयोग के �
29:36हमारे उपर आता है, मौजूदा सत्ता व्यवस्था पर आता है, तो राहूल गांधी जी के पूरे मकसद पर, साजिश पर
29:43लोकतंत्र के खिलाफ जो उनकी साजिश है, और जो वो इस लोकतंत्र में लगातार गड़ा खोद रहे हैं, और देश
29:49को ये बताने की कोशिश कर रह
29:51हैं, उस जूट के खिलाफ उत जूट bump गंदी पर हमला होगा, राहूल गांधी जूठा गंधी का नाम
30:11आप लोग हर संसा को
30:13discredit कर रहे हैं
30:14बारा साल से सत्ता से बाहर क्या रहा है
30:16अब तो जो मिले उसी पर
30:18देखे बात जो है ये आज का जो मुद्दा आपने रखा है
30:21ये मुद्दा राहूल गांदी जी पर
30:22कॉंग्रेस पार्टी पर है ही नहीं बहस
30:24ये बहस आपने क्यों रखा है दो चुनाव आयुक्त ने जो अपतियां दर्ज की 14 अपति पिछले 10 महीने में
30:30उसको लेकर के प्रेस नोट जरूर आया पर प्रेस नोट में 14 अपतियों के कोई चर्चा नहीं है हम लोग
30:35चाहते हैं कि चुनाव आजोग विश्वसनी और मजब�
30:50हम लोगों ने जरूर संकाए हैं और सब चीजों को ब्योस्ति धंग से चुनाव आजोग के सामने रखने का काम
30:55किया आज चुनाव आज चुनाव आजोग के दो मिम्बर एदी उस पर बहस करने की इस्तिति में आ गए और
31:00उसको एदी कोई कह रहा है कि वो निरित कर रहे हैं
31:15लोगतांत्र में हम सब रहते हैं और नागरिक का मौलिक अधिकार वोट का अधिकार है जिस तरह से लगातार पिछले
31:21कुछ वर्सों से आपने भी देखा लंबे समय से आप भी पत्रिकार्टा चेतर में हैं आपके दरसक देख रहे हैं
31:26कभी ये पिछले तिन चार वर्सों मे
31:29जिस तरह रहता फैलाया जा रहा है
31:31S.I.E.R. के नाम पे कभी
31:39जिस तरह से रहता फैला हुआ है
31:44चुनाव आजोग को क्या इसी के लिए रखा गया है
31:47एक तरफा यदि कोई निर्ने हो रहा है
31:49तो वो निर्ने कहां से हो रहा है
31:51और जिसको इसका जवाब देना चाहिए वो चुप है
31:53चुपी क्यूं है
31:54असपस्ट बात है प्रधान मंत की जिए को आखे
31:57इसका जवाब देना
31:58जहां चुनाव होने वाला
31:59अब समाचा रूपाटिस
32:00अजरा जी मैं तो यह काऊंगा
32:02एक समय ऐसा था जब
32:04हमारे भारत के लोग जो है
32:06सुप्रीम कोड से भी जादा
32:07इलेक्शन कमिशन पर विश्वास करते हैं
32:09इलेक्शन कमिशन जब तक है
32:10तो कहीं न कहीं हमारा वोट भी चुड़ेगा
32:12तो दान्चू जी आजे घंटे से बैठाओ
32:15मेरा वो ही नहीं
32:22कि मुझे कोई इंटरप्ट ना करें
32:24प्लीज लेक्शन कमिशन को
32:40हिंदुस्तान की जनता सुप्रीम कोड से भी ज़्यादा विश्वास करती थी
32:43कि हमारा वोट जो है बनेगा हम वोट देंगे
32:451958 से लगातार SSR की प्रतिक्रिया चल रही थी
32:48जितको हम स्पेशल समरी रिविजन बोलते हैं
32:51और हर जैनवरी में उसका प्रकाशन होता था
32:53कि किटने वोट हमने युवाओं के जोड़ें
32:55पहले किस साल था वठारा साल है
32:57जैसे कि सुधानशू जी ने बताया
32:59और देश की जनता भी जनती है
33:01जब से SIR की प्रतिक्रिया स्टार्ट हुए
33:04तब से ये SSR
33:06SIR के बाद क्यों बंद हो गया ये बताईए
33:09कोई रिपोर्ट नहीं आ रही है
33:10आज Economic Times की एक रिपोर्ट आईए
33:13मैं उसका हवाला देते हुए
33:14आपको बताना चाहता हूँ कि
33:17जो नए वोटर हैं जिसको आज हम जैंजी कहते हैं
33:20उनके साथ नाइंसाफी कर रहा है
33:21ये चुनाओ योग कहीं न कहीं
33:22भारती इंता पार्टी और चुनाओ योग को
33:24जो इनकी मिली बकाते हैं अहसास हो गया है
33:26कि देश की हुआ जो हैं वो भारती इंता पार्टी के साथ नहीं है
33:30दूसरी कंभीर बात सुधानशु जी सुन लीजे
33:32ERO जो Electrol Registration Officer होता
33:35आयोग कहता है कि वोट जोडने और वोट काटने का अधिकार जो है
33:40वो ERO के हाथ में होता है
33:42यह आप आयोग कहता है हम नहीं कह रही है
33:44यह समाजवादी नहीं कह रहा है
33:45और ERO जोडता कैसे है
33:48ERO Net के दौरा
33:49ERO Net
33:50वो ERO Net कब से ECI Net में होगी
33:54बदल गया
33:55यह आज तक देश को नहीं पता है अजना जी
33:57ERO Net ECI Net कैसे
33:59कैसे बदल गया
34:01यह कैसे हुआ
34:02और People's Representative Act 1950
34:05यह कहता है
34:06कि अगर आपको इस तरह का बदलाव करना है
34:08तो आपको संसत से अनुमती लेनी पड़ती है
34:11आप तो संसत के सदस्स हैं
34:12राजसवा में बैठते हैं
34:13क्या अनुमती आप लोग ने दी
34:15कैसे जुड़ गया
34:16और ना ना ना ना
34:19इस पर कोई विवाद तो अभी तक नहीं है
34:21जितना मैंने पढ़ा है
34:22क्योंकि 40 पोर्टल थी अलग-अलग
34:24सब को कमबाइन करके ECI Net एक बनाया गया
34:27उसी में ERO को
34:29और सब को ERO Net में अक्सेस रहता है
34:32ने बहुत अच्छा सवाल किया
34:34तो ERO Net को
34:35आपने
34:39अपने
34:39SDM को क्यों नहीं दिया
34:41अपने
34:42गोवा का
34:42गोवा आपका एग्जामपल आया
34:4424 वोट थे वहाँ पर
34:4697 वोट थे
34:48लगाता रीमेल हो रही थी
34:50लगाता रीमेल हो रही थी
34:52क्यों नहीं चोड़ा गया
34:53जल्दी से शुरू कर रहे हैं
34:54शुरू कर रहे हैं
34:55क्या होना चाहिए
34:57इसमें आप एलेक्शन कमिशन चलने ही सकता है
34:59ग्यानिश कुमार को इस्तिफा देना पड़े
35:00इसके लावा दूसरा कोई रास्ता नहीं
35:01आज नहीं
35:02एक हफते के बाद
35:03एक महिने के बाद
35:04आप देखिएगा
35:05इसलिए होगा
35:06आप देखिए गार में एक हजार वोट मिलें
35:08और हम सवाल भी ना करें
35:10आप दाइए
35:10आज़ा लेट हम कम की
35:12इनको इस्तिफा देना पड़ेगा
35:14क्योंकि जिस स्थिती में आज
35:15एलेक्शन कमिशन पहुंच गया है
35:16कोई भी चुनाओ करेंगे
35:17उसके क्रेडिबिलिटी नहीं
35:30किस प्रक्रिया के तहत स्थिफा देंगे
35:33वो खुद देंगे स्थिफा
35:34आप देखिएगा
35:44स्थिफान जी ने भी कह दिया इस बात को
35:45कि सामने आएं
35:46हाँ बिल्कुल सामना आना चाहिए
35:47और सबसे बड़ी बात
35:48तीनों आयुकतों की
35:50सहियुक्त प्रेस कांफरेंस
35:51सुदान्शु जी आप तो उसको डिफेंट करना है
36:02सवाल सिर्फ वोटचोरी का नहीं है
36:08कि छुनाओ आयोग क्या है निस्फख्ष
36:10उसकी निस्फख्षता नहीं रहेगी
36:12तो पूरी चुनाओ पर क्रिया प्रभावित होगी
36:14लोग तंतर मजबूत तभी होगा
36:16जब एक एक वोटर जो सही में वोटर है
36:18उसको अधिकार मिले यदि 22 लाख लगबग वोट जो है काटे जा रहे हैं किसी चुनाओ में तो आप समझिए
36:25कि उचुनाओ की विश्वसनेता पर कितना बड़ा प्रस्न है
36:28सुप्रीम कोट में ही वोट गया केस, 93 पॉसंट जो डेर लाख लगबग लोगों का वोट काटा बंगाल में, काटा
36:35तो है 37 लाख लेकिन डेर लाख लोगों का ट्रिबिनूल में क्लियर जो हुआ है
36:38उसमें सपस्ट हो गया कि भाई जो है उसमें 93% सही लोग हैं तो यह उन लोगों का अधिकार
36:44आप कैसे चिल सकते हैं लोग तंत्र को मजबूस करने के लिए चुनावायो की बात दूसरी बात लास जल्दी जल्दी
36:50जिस तरह से आप प्रस्ण कर रहे हैं भाई यह कॉंग्रेस क
37:06जल्द कर देना और विसमस्नियता बढ़ेगी इसमें क्या दिक्कत है एक जब उसने नोट जारी किया है साधारन तया चुनावायो
37:14के बाधावरन रहे डेट बताना रहे वो बहुत उत्सा से करता है करेगा आगे मैं उसके सवाल उठ रहा है
37:22मैं उसके प्रवक्त उसका तो ह
37:28जरू हुआ करीब 22-24 साल बाद 2002 में हुआ था और उसी आधार पर केंडर में 2000 में चारविन
37:35की सरकार भी बनी कॉंग्रेस को उसकी बाध 20 साल बाद हुआ अगर वोटर जोड़े गए हटाए गए दो प्रविष्टिया
37:41थी उसको दुरुस्त किया गया तो सुप्रीम कोट ने
37:56वोटर लिस्ट का वोटर को बिलकुल वोट देने का धिकार हो लेकिन यदि बिना किसी सब्स्टेंटिव प्रूफ के इस देश
38:04के सबसे बड़ी संस्था सम्हिधानिक संस्ताओं पर देश का विपक्छ का नेता मिट्टी पसारने का गोबर कालिक पोतने का काम
38:11करें और उसक
38:27मेरा माइक बंद कड़ा दिया जाता है EVM बदल दिया गया वो चला नहीं का कैसे नकार हो राजकुबार को
38:33नकार बरतास्त का जनता ने नकार फेका है सुनना पे निप्ताया है बिहार से लेके बंगाल तक में ऐसे राहूल
38:40गांधी जी को बेट में गुबार उठा है चुना आ
38:56एक आइना के एक हिस्सा पड़ लेते हैं उनसे मुझे उमीद रहती है क्यों को पत्रकार रहे हैं अगर वो
39:01अगर ये राग गाएंगे राभू राग तब ये देश की जनता पूछेगी आप उस देश के वोटरों का अपमान कर
39:08रहे हैं जिसने लगातार तीन बार इस देश
39:27सदान्चु जी मेरा प्रशन आप से यह है कि एक वक्त पर चुनाव आयों को लेकर ये बात होती थी
39:31कि वो नेताओं पर नकेल कसने की तयारी करते थे कि भाई नेता को अब डिक्लेर करना होगा उसके पास
39:36क्या है आप राधिक रिकॉर्ड डिकले मतलब चुनाव को ट्रांस
39:57किसकी जिम्मेदारी है एक भी वोटर काट कैसे सकता है चुनाव आयों जो हगदार है अब मैं शांती से जवाब
40:04दे सकता हूँ मैंने एकदम शांती सबका सुना है और मैं पेक्षा करूँगा कि कोई इस पे अब बताइए सवाल
40:09किस पे नहीं आया है अडवानी जी पे नही
40:24नहीं दिखाएंगे और हम मंदिर में भी नहीं दिखाएंगे वक बोर्ड में भी नहीं दिखाएंगे वो एक अलग बात है
40:28अब मैं बात करना चाहता हूँ यहां पे अख़बार से शुरू हुई थी तो मैं अख़बार की रिपोर्ट से ही
40:32कोट करके बताता हूँ कौन रा�
40:46अब उसका कनेक्शन बताता हूँ, 2024 के चुनाओं में रिकॉर्ड जीत, सबसे ज़्यादा मार्जिन से जीत का रिकॉर्ड किस लोग
40:53सबागा है, वो है असम की धुबरी सीट पर कॉंग्रेस के रकीबुल हसन 10,25,000 से जीते, राहूल गांदी
40:59से तीन गुना वोट, ये धुबर
41:08इसको डिस्टैबलाइज करना चाहते है, अब मैं बता रहा हूँ, तिल मिन आई हुए है, अब सुनिये, आप सुनिये, असम
41:23की धुबरी सीट वो है, जिसके बारे में असम के सीम हेउंत विश्वरमा कह चुके हैं, कि ये मिनी बंगलादेश
41:28है, धुबरी भर बेटा, करीम �
41:29सबसे भारी डिमोग्राफिक परिवर्तन 25 साल में हुआ, वहां कॉंग्रेस की सबसे बड़ी जीत दर्ज हुई, अब आईए, पॉइंट नमबर
41:35टू, पॉइंट नमर थ्री, ये सारे डॉट्स करनेक्ट करिए, वो वीडियो देखिए, कि जब S.I.R. शुरू हुआ, तो
41:55ब
41:56P.J.P. की सरकार बन गई बंगाल में, तो बहुत बड़ी समस्या होगी, हमारे बहुत सारे लोग वापस आने
42:00लगेंगे, अब इन चार डॉट्स को कनेक्ट करने के बाद, अब अगर अगर अगर कोई ये कहे, कि बगएर कागस
42:10दिखाए, बगएर परिवार की पष्टभूम
42:12कोई दिखाए किसी व्यक्ति को लेया वोटर बनाना चाहिए तो देश तै करे कि कौन राजद्रो कर रहा है
42:17राउंटेबल में इतना ही देश दोना कि बागी खबरों के लिए आप देखते रहें आज तक