Skip to playerSkip to main content
  • 9 minutes ago
'मन की बात' में सर्जिकल स्ट्राइक और जनगणना पर बोले पीएम मोदी

Category

🗞
News
Transcript
00:00मेरे पैरे देश वाचियों नमस्कार मन की बात के सितंबर माह में फिर से एक बार आपको मिलने का आउसर
00:08मिल रहा है मैं देश के सभी लोगों का स्वागत करता हूँ मन की बात में हम देश वाचियों के
00:15सकारात्मत प्रयासों को मंच देते हैं देश की उपलब्दियों की बात
00:20करते हैं भारत की ऐसी ही एक बड़ी एतिहासिक उपलब्दी को एक दिन बाद दस साल होने जा रहे हैं
00:29ये उपलब्दी है सर्जिकल स्ट्राइक की दस वर्स पहले 28-29 सितंबर 2016 को भारतिय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी
00:41ठिकानों पर सर्जिकल
00:43स्ट्राइक की थी एलोसी की उसपार जाकर हमारे वीरजवानों ने जिस तरह आतंगवाद के खिलाप
00:52कारवाई की थी वो देख दुनिया हरान थी सर्जिकल स्ट्राइक ने डंके की चोट पर पूरी दुनिया के सामेरे भारत
01:02की आतंगवाद
01:03बिरोधी नीती का एक नया उदाहर प्रस्तुत किया था आतंगवादी हमलों के कारण भारत ने लंबे समय तक जो दर्द
01:12जेला था सर्जिकल स्टाइक उस कष्ठ के खिलाब हमारी निरनायक प्रतिक्रिया थी बीते एक दसक में बाला कोट की एर
01:23स्टाइक से लेकर ऑपरेशन स
01:25सिंदूर तक भारत ने बार-बार ये स्पष्ठ संदेश दिया है कि अगर आतंगवादी भारत पर आँख उठाएंगे तो उसका
01:34करारा जवाब दिया जाएगा
01:36साथियों आतंगवादी हमलों ने भारत को लंबे समय तक चोट पहुचाई है एक समय था जब भारत में सीरियल ब्लास्ट
01:45होना बहुत सामान्य बात हो गई थी
01:47सितंबर के इस महिने में यानि 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सिरियल ब्लास्ट में अनेक निर्दोस्ट लोग माले
01:57गए थे
01:57इसके कुछ सब्ताबाद ही मुंबई में 26-11 का इतना बड़ा हमला हुआ था
02:03साथियों पहले भी हर आतंग की हमले के बाद पाकिस्तान पर कारेवाई की मांग होती थी
02:10लेकिन उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था समय बीतने का इंतजार किया जाता था
02:17अब आज का भारत आतंग बाद के खिलाप जीरो टॉल्डरेंस पॉलिस से लेकर चल रहा है
02:24और हम इसके नतीजे भी देख रहे हैं
02:27साथियों इस साल 9-11 के आतंग की हमले को भी 25 वर्ष हुए है
02:32अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में जिन निर्दोस्त लोगों ने अपना जीवन ख्वाया था
02:38उनमें अमेरिका के बाद सबसे ज़्यादा लोग भारत के थे
02:42मुझाद है 2014 में पीएम बनने के बाद जब मैं अमेरिका गया था
02:48तो नियोर्क माए मैं इन निर्दोस्त नागरिकों को अपनी इस्ता धांजली देने पहुँच गया था
02:54और आज फिर एक बार मैं भारत के करोडों नागरिकों के और से पीडित परिवारों के प्रती अपनी संवेदना व्यक्त
03:02करता हूँ
03:03मेरे पहले देश वास्यों इन दिनों देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तयार हो रही है
03:09इस तस्वीर में आप भी है आपका परिवार भी है आपके अडोस परोस के लोग भी है
03:16मैं बात कर रहा हूँ भारत की जनगना की देश के सभी राज्यों और केंदर सासित प्रदेशों में इसका पहला
03:26चरण लगबग पूरा हो चुका है
03:2732 करोड से अधिक परिवारों की जानकारी दर्जिक की जा चुकी है
03:33इन दिनों लदाक, हिमाचल प्रदेश, जम्मु कश्मीर और उत्राखन के दुर्गम और बर्फिले इलाकों में भी ये काम चल रहा
03:43है
03:43वहां से कई प्रेरक अनुभव हमारे सामने आये हैं
03:47उत्राखन में जनगनना की शुरुवात चमोली के माना गाउं से हुई
03:52माना को देश का पहला गाउं कहा जाता है
03:56माना में सबसे पहले 83 साल की पुर्णिमा रावत जी से इसकी शुरुवात हुई
04:02उत्तरकासी के बगोरी गाउं में होमस्टेज चलाने वाले हरदेव सी राणा जी ने
04:09डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी स्वयम दर्ज की साथियो जनगनना हम सब का राष्ट्रिय दाईत्व है
04:18मैंने 15 अगस को भी देशवास्यों से अगर किया था कि इसके लिए अपना समय जरूर निकाले
04:25जनगनना के लिए अपनी जानकारी स्वयम दर्ज करने की ये सुविदा बहुत आसान है
04:33आप अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकते हैं
04:40ये सुविदा हिंदी सहीद 16 भाशाओं में उपलब्दा है
04:45साथियों इसके लिए आपको जनगनना के ऑनलाइन पोर्टल पर जाना होता है
04:53ये पोर्टल है se.census.gov.in
05:00इस पोर्टल पर जाकर आप अपने मोबाइल नमर से लॉग इन कीजिए
05:06अपना स्थान दर्ज कीजिए
05:08अपने परिवार से जुड़ी जानकारी भरिये और उसे सब्मिट कर दीजिए
05:12इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनिट का समय लगता है
05:17इसके लिए आपको कोई डॉक्युमेंट भी अपलोड नहीं करना है
05:21जानकारी सब्मिट करने के बाद आपको एक विशेश आईडी मिलेगी
05:26जब गणना करमी आपके घर आए तो आप उने ये आईडी बता सकते हैं
05:31आपके द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टे होने के बाद वो जनगणना का हिस्सा बन जाएगी
05:37साथियों अब तक मोबाईल से दो करोड साथ लाग से जादा लोग जनगणना पॉर्टल पर अपनी जानकारी भर चुके हैं
05:46स्वगणना कर चुके हैं आपका भी इसमें थोड़ा सा समय खर्च होगा
05:52लेकिन देश के लिए बहुत महत्वपूण है क्योंकि आपकी सही जानकारी आपके परिवार की सही जानकारी देश के भविश्य की
06:03सही तस्वीर तयार करने में मदद करती हैं
06:07मेरे प्यारे देश्वाचियों, आज 27 सितंबर की ये तारीक एक विशेष कारण से और भी विशेष हो गई हैं।
06:17आज एक ऐसे महनुभाव की सौवी जन्मजेंती हैं, जिनोंने संस्कृती, समाज और राष्ट के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर
06:28दिया था।
06:29मैं बात कर रहा हूं, विश्वे हिंदू परिशत के पुर्व अंतरराष्ट्य कारकारी अध्यक्ष सद्धे स्वर्गी अशोक सिहल जी की, 27
06:40सितंबर 1926 को आज के ही दिन हागरा में उनका जन्म हुआ था।
06:46उन्होंने समाज में रहकर तपस्वियों जैसा जीवन जिया, उन्होंने राणजन में भूमी आंदोरन को जो दिशा दी, जो उर्जा दी,
06:55आज उसी का परणाव है कि हम अयोध्या में भव्य मंदिर को साक्षात देख रहे हैं।
07:02मेरा तो बहुत बड़ा सौभगे रहा है, मैंने न केवल उनके उस जीवन को करिब से देखा, बल्कि मुझे उनके
07:11साथ इस मिशन से जुड़ने का भी अवसर मिला।
07:14जम मेरा मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अनुस्थान में सामिल हो रहा था, तब भी मुझे बार बार अशोग जी
07:21की याद आना बहुत स्वाभावी था।
07:24साथियों, अशोग जी के बारे में ऐसी कितनी ही बाते हैं, जिनकी उतनी चर्चा नहीं होती, राम मंदिर आंदोल उनके
07:33साथ ही, उन्होंने सामाजिक बेदवाव और विशमता के खिलाब भी एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी, कुनका जन्म एक बेहत सम्रुत
07:43परिवार म
07:48उनके भाई बहनों में भी अधिकाउंस लोग बड़े बड़े पदों पर रहें, वे खुद भी IIT, BHU से गेजुएट थें,
07:57लेकिन इस सब के बावजुद उन्होंने समाज और संस्कृति के लिए अपना जीवन समर्पित किया, यही महान लोगों की पहचान
08:08होती हैं, आज
08:09मैं उनकी जन्व शताब्दी के अवसर पर उनके करोणों प्रसंसकों की और से उन्हें नमन करता हूँ, मेरी तरफ से
08:18भाव पूर्ण स्था धांजली देता हूँ, मेरे पहरे देशवाचियों, इस साल की शुरुवात हमने स्वाभिमान के एक महा परव के
08:28साथ की थी, यह प
08:39पहली बार सोमनात मंदिर को विद्वोंस किया था, लेकिन जो लोग सोमनात को तोड़कर भारत की पहचान मिटा ने आये
08:47थे, आज उनका कोई वजूद भी नहीं है, और सोमनात मंदिर पूरी भव्यता के साथ विशाल समुद्र के किनारे भारत
08:56को अमरता का आशिरवाद द
09:09कर रहा हूं, इसकी भी एक खास बजय है, 1026 इस्वी में जब गजनी द्वारा सोमनात विद्वोंस हुआ था, उसी
09:17साल गुजरात के ही मोधेरा में प्रसिद्ध सुर्य मंदिर पर भी हमला हुआ था, उसे तोड़ा गया था, यानि मोधेरा
09:27मंदिर विद्वोंस के ओभी इस
09:29साल एक हजार साल हुए है, जबकि उस समय इस मंदिर को बड़े सिर्फ एक ही साल हुए थे, 1025
09:37में इस मंदिर का अंदिरमाण राजा भीमदेव ने कराया था, साथियों, आप उस कालखन के बारे में सोचिए, जब इतना
09:45बड़ा अक्रमन हुआ हो, सोमनात मंदिर जैसा आस्
09:57सासन का मनोबल तूट सकता था, लेकिन राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल गजनी का मुकाबला किया था, बलकि कुछी
10:07समय में मोधेरा सुर्य मंदिर का पुन्दर निर्माण भी करवा दिया, इसी जिवरता के कारण सोमनात मंदिर का भी बार
10:16बार विद्वांस के बाव
10:26में अलाउदिन खिल जी ने एक बार फिर वास्तु कना के इस भव्य मंदिर को तोड़ दिया था, लेकिन साथ्यों
10:34हम भारत के लोग सुर्य की उपासना केवल वास्तुर और मंदिरों के जरिये ही नहीं करते, हमारी सुर्य उपासना उसका
10:42एक अर्थ ये भी होता है, प्रका
10:56का ये गाउं, देश का प्रथम सुर्य ग्राउं, सोलर विलेज बन चुका है, मोडेरा आज पूरी तरह सौर उर्जा से
11:04चलता है, और उसे देश के सामने सस्टेनिबिलिटी का उधारन प्रस्तुत किया है, मोडेरा में परियर्टरकों के लिए कई आकर्षान
11:14और सुभीदा
11:25की अद्बुत प्रस्तुती होती है, मैं चाहूंगा आप सब भी एक बार मोडेरा अवश्य जाएं, और भारत के इस गवरोशाली
11:35विरास्त के दर्शन करें, साथियों, अतीत से हमारा जुड़ा आज भी बहुत जीवन्त है, इसके पीछे उन लोगों का समर्पन
11:46और परिस्
11:55प्रस्तुताराई मैं ऐसा ही एक अनूठा प्रयास हो रहा है, एक कॉलेज में डिपार्टमेंट अब कमिल स्टडी से जुड़े ए
12:05सेलवा राजुजी इसे आगे बढ़ा रहे हैं, एक लेक्चर के दोरान उन्हें अपने एक स्टूडन्स से कुछ प्राचिन प्रतिमाओं क
12:14जानकारी मिली थी, इस विशेवे चर्चा के बाद उन्होंने फिल्ड विजिट का प्लान्ट बनाया, इस विजिट के दोरान उन्हें अलग
12:22-अलग जगों पर कई प्रतिमाओं मिली और प्राचिन मंदिर मिले, अतीत से जुड़ने का ये ग्रोचक प्रयास है, इस प्रकार
12:31हम अपनी विरासत को और बहतर तरीके से जान सकते हैं, देश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे प्रयास किये
12:39जा सकते हैं, ये हमें अपने इतिहास को करीब से देखने और समझने का अउसर देते हैं, मेरे पहरे देश
12:48वाच्छों, कुछी दिनों बाद, दो अक्तुबर है, प
13:01उनमें से एक है, हम अक्सर अपने आसपास स्वच्चता से जुड़े अनेक प्रयासों को देखते हैं, ये प्रयास बहुत प्रेरक
13:13और उत्साह वड़ाने वाले हैं, सोशल मीडिया पर भी ऐसी तस्वीरे, ऐसे वीडियो, ऐसी रिल्स, बार बार हमारा ध्यान खिंकती
13:25है,
13:31अंद्रप्रदेश में कुछ नवजवान नदी की सफाई का काम कर रहे हैं, उनके छोटे से प्रयास में पुरा समाज जुड़
13:39रहा है, हैसे ही आंद्रप्रदेश में युवा पुरानी बावडियों और कुओं की सफाई कर रहे हैं, इससे हमारी पुरानी धरोहरों
13:49उसे फ
14:00पीच पर सेक्ड़ों युवा साती एकटा हो रहें, स्वच्चता से सेवा कर रहें, यहाद दिल्ली में बच्चे और युवा लोगों
14:10को कच्रा अलग-अलग रखने और अपने आस्पा सभाई रखने के लिए जागरुक कर रहें, पस्चिब मंगाल में युवा छात्रों
14:18और
14:19स्थानिये लोगों के साथ मिलकर पिकनिक स्थलों पर बाजारों के सभाई कर रहें, साथियों, इन सभी प्रयासों में एक बात
14:27बहुत सहत्ता से दिखाई देती हैं, कहीं शुरुआत एक व्यत्ती ने की, फिर उसके साथ कुछ और लोग आ गये,
14:36कारवा बढ़ता गया, यह
14:49करते हैं, तो हम केवल पेड, पौध या जीव जन्तु को ही नहीं बचाते हैं, हम उस पूरी जीवन विवस्ता
14:57को मजबूत करते हैं, देश के अलग-अलग हिस्तों में हो रहे, कुछ प्रयास, इस भावना को बहुत सुन्दर तरीके
15:04से सामने ला रहे हैं, साथियों, असम्
15:12जब यहां हाथियों का बसेरा हुआ करता था, लेकिन दीरे दीरे जंगल की जमीन पर इनसानी दखल बढ़ता गया, जिसे
15:21हाथियों ने इस इलाके से दूरी बना ली, तीन साल पहले इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, और
15:28अब इसकी अद्भूत परणाम सामने �
15:31आए हैं, हाथि यहां फिर लोट आए हैं, जिस इलाके में बरसों से उनकी चहल पहल नहीं थी, आज भाँ
15:39फिर हाथियों के जुन दिखाई दे रहे हैं, साथियों, असम में ही एक और सुन्दर प्रयास हुआ है, ये प्रयास
15:48एक बहुत छोटे से जीव, पिग्मी हौक को ब
16:01कंजर्वेशन प्रोग्रेम शुरू किया गया, उन्हें फिर जंगलों में बसाया गया, उनके रहने के लिए ग्रास लेंड्स को भी संवारा
16:09गया, आज इस प्रोग्रेम की वज़े से पिग्मी हौक की संख्या एक सो नब्बे से जादा हो चुकी है, साथियों,
16:18प्रकृती क
16:28हमारे जीवन का सहारा बन जाती है, पच्चिम बंगाल के सुंदर्बन में कुछ महलाएं, इसी रिस्ते की प्रेरक मिशाल पेश
16:36कर रही है, जारखाली की ये महलाएं मैंग्रों के जंगल तयार कर रही है, इन मेंसे ज़्यादातर वो महलाएं हैं,
16:45जिनके पती की टाइगर �
16:47एटेक में जान चली गई थी, पती को खोने के बाद उन्हें सुंदर्बन से ही आजीविका का सहारा मिला, उनके
16:56द्वारा लगाये गए मैंग्रों आज गाउं के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कबच बन रहें, और इने लगा कर इन मैलाओं
17:05की कमाई भी हो रही है, साथ
17:16हर ऐसा प्रयास भविश्की पीडियों के प्रती हमारी जिम्मेदारी है, मेरे प्यारे देश्वासियों, हाली में देश के लाखों युवाओं ने
17:26नशे के विरूत, ड्रक्स के खिलाब एक बहुत महत्वपुर्ण संकल पलिया है, युवाओं ने खुद भी नशे से दूर
17:35रहने की प्रतिग्या ली है, और इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है, ये सब हो
17:43रहा है नशा मुक्त युवाओं अभियान के तहर, ये अभियान सो सप्ताह तक चलेगा है, इसमें माई भारत के वॉलिंटेर
17:53शामील है, एने से से जुड़े
17:55हमारे युवाओं भी इसका हिस्ता है, स्कूल, कॉलेज और विश्वर विद्यले भी साथ आये हैं, और अनेक सामाजिक और अध्यात्मिक
18:04समस्ताह भी इस से जुड़ी हैं, पिछले कुछ दिनों में ही देश भर में हजारों संकल्प समारों और जागुरुकता के
18:14कारकम हु
18:25में अपने तरीके से इस संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं, मैंने मन की बात में भी युवा साथियों से
18:33आगर किया था, कि वे अपनी क्रियेटिविटी के माध्यम से इस अभियान से जुड़े, और मुझे खुशी है कि हजारों
18:42युवा इस आवान पर आगे आये हैं, माय �
18:55मिडिया पर हमारी युवा हैस्टेग नशामुक्त युवा के साथ अपना क्रियेटिव कंटेंट साजा कर रहे हैं, यानि संदेश भी युवाओं
19:04का है, माध्यम भी युवाओं का है, और इसे आगे ले जाने की उर्जा भी युवाओं की ही है, आने
19:13वाले दिनों में इस �
19:15अभ्यान के तहर हिल चेक अप और ध्यान सिविर जैसी गतिविदिया भी होंगी, साथियों जल्द ही हमारे अनेक पर्व और
19:25त्योहर भी आने वाले हैं, इस बार त्योहरों की खुशियों के बीच हम अपने आस्पात भी नजर डालें, अगर कोई
19:33हुआ किसी गलत आदत की �
19:35और बढ़ रहा है, तो उससे बात करें, अगर कोई नचे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, तो
19:42उसका साथ दे, नशा मुक्ति हुआ, विक्सित भारत के इस संकल्प को हम सब मिलकर आगे बढ़ाएं, मेरे प्यारे देशवासियों,
19:52लाल किले से मैंने इस बार, स्पोर्
20:05स्पोर्टिंग टैलेंट को खोजना जरूरी है, वहीं कई ऐसे लोग भी हैं, जिनोंने इसी काम के लिए खुद को समर्पित
20:14कर दिया है, उनका एक ही पैशन होता है, टैलेंट को खोजना और उन्हें तराशना, हमारे पंजाब में यही काम
20:23राजिंदर सेंजी कर रहे हैं, �
20:26राजिंदर सेंजी ऐसे एक व्यक्ति हैं, जिनके नाम में सीनियर भी जुड़ा हुआ है, वे 1980 के ओलिम्पिक में होकी
20:37में गोल मिडल जीतने वाली टीम का हिस्ता थे, 1982 के वर्ल्ड कप में च्छाए रहे थे, 2001 में भारत
20:47ने पहली बार मैंस जुनियर वर्ल्ड कप का खिता�
20:51वही 2003 में देश ने सीनियर एशिया कप टाइटल पर कब्जा किया था, इन दोनों ही टूर्नामेट में वे कोच
21:00की भूमिका में थे, अब वे राउंड ग्लास होकी अकडेमी के जरिये अपने पैशन को आगे ले जा रहे हैं,
21:08उनके प्रयासों से गामों में नई होकी एस्ट
21:20जान करना, जह बैतरीन कोचिंग की सुविधाएं कम है, ऐसे प्रयासों से कई खिलाडी भारत के जूनियर और सीनियर लिवल
21:29पर अपनी जगह बना रहे हैं, राजिंदर सहीं जी के इस समर्पन की जितनी भी सरहना की जाए, वो कम
21:37है, मेरे पहरे देश वास्यों, आमला हम स�
21:50से लोग आमले का जूस पसंद करते हैं, और सर्दियों में चवन प्रास हमारी दिन्चेरिया का अहम हिस्सा बन जाता
21:59है, हमारे बड़े बुजुर्गत पीडियों से आमले के गुणों के बारे में बताते आए हैं, साथियों, यहीं आमला, आज उत्तर
22:07प्रदेश के प्रता
22:20कर रहे हैं, आमले ने प्रताब घड़ को एक मजबूत पहचान दी हैं, और अब यहीं पुरानी पहचान यहां के
22:27किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसल लेकर आ रही है, बन डिस्टिक, बन प्रोड़क्ट यानी ओड़ी ओपी के माध्यम
22:36से यहां आमले से जुड़े स
22:38प्रतानिय उद्यमों को बढ़ावा मिला है, आज प्रताब घड़ में आमला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब सो यूनिट काम कर रही
22:46हैं, और इसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महलाएं भी बड़ी भूमी का निभा रही हैं, ऐसा ही एक समू
22:54है, देवगट कमा
23:00ग्रुप से जुड़ी महलाएं आमले से केंडी, मुरब्बा और जुस बना रही हैं, ओडी ओपी के तहट नए बाजारों तक
23:11पहुच बढ़ने से उनकी आयमें भी वड़ोत्री हुई हैं, इसी तरह एक गाउं में बिन देवासिनी सेल्फ हेल्प ग्रुप है,
23:20इस ग्रु�
23:27चीजे तयार कर रही हैं, इन महलाओं को प्रोसेसिंग के लिए मशिनरी मिली, लोन की सुविधा मिली, स्थानी व्यापार मिले
23:37से जुड़ने का आउसर भी मिला, और देखते ही देखते, उनकी आय काफी बढ़ गई, साथियों, हमारे देश के हर
23:45ख्षेत्र में हैं, ऐसी को
23:48कोई ने कोई विशेस्ता जरूर है, कहीं कोई खास फल है, कहीं कोई पारंपरी कला है, तो कहीं कोई अनोखा
23:56हूनर है, वन डिस्टिक, वन प्रोड़क इनी विशेस्ताओं को आगे बढ़ने का अभियान है, हमारा प्रयास यही होना चाहिए, कि
24:07हमारे गाउं और छोटे शह
24:09निर्भरों की पहचान सिर्फ स्थानिय बाजार तक सिमित न रहें, वे देश और दूसरे हिस्तों तक पहुंचे और दुनिया के
24:18बाजारों तक भी पहुंचे, इससे वोकल्फ और लोकल अभ्यान को भी बल मिलता है, ये देश को आत्म निर्भर बनाने
24:28की भी प्रेणा दे
24:29आने वाले त्युहारों में भी हमें वोकल्फ और लोकल वाले मंत्र को तो कभी भी भूलना नहीं है, मेरे प्यारे
24:39देश वासियों, सितंबर का ये महिना कूपोशन से लड़ाई को समर्पित है, पोशन माह में अलग-अलग छेत्रों से जुड़े
24:49लोग और संस्ताय इस ने
24:59पहल की गई है, थतिस घड़ ने हरगर मुनगा, गरगर मुनगा ये अभ्यान शुरू किया है, इसमें लोगों को पोस्टिक
25:10मुनगा यानि मोरिंगा को अपने खानपान में सामिल करने के लिए प्रोचाइद किया जा रहा है, गुजरात ने भी वांगिस
25:21परदा यानि मिले
25:22से बने व्यंजनों का कॉंपिटिशन शुरू किया है, इस पहल के जरिये सस्ते और पोस्टिक स्थानिय खानपान को बढ़ावा दिया
25:32जा रहा है, अब तक दो लाग से जादा लोग इस प्रतियोगीता में हिस्सा ले चुके हैं, महराष्ट भी इस
25:42दिशा में सरानिय प्रय
25:43कर रहा है, वहां टीचर्स, अंगनवाडी कायर करता और बच्चों के माता पिता जागरुकता अभियान से जुड रहे हैं, मिजोरम
25:54में भी इस चान लोगों ने साथ मिलकर पोशन वाटिकाओं की देखभाल के लिए एक अभियान शुरू किया है, यह
26:03मिजो समाज के तलो म�
26:06काना की परंपरा के अनुरूप है, इसका आर्थ है निस्वार्त सेवा और दूसरों की मदद में हमेशा आगे रहना, ऐसे
26:17प्रयास बेहत सरानिया है, मुझे आंगनवाडी केंद्रों से जुड़े, उन सभी लोगों पर भी गर्व हैं, जो इस तरह की
26:27पहल का हिस्ता रहे है
26:28ये आंगनवाडी केंद्र अब पोशन ट्रेकर से डिजिटली जुड़ गए हैं, करीब नव करोल लाभारती इसमें रजिस्टर हो चुके हैं,
26:39इससे बच्चों, गर्ववती महलाओं और तनपान कराने वाली माताओं की बहतर देखबाल्थ संभव हुई हैं, हमें कूपो�
26:57पूरी तरह मुक्त करना है, साथियों, हम सब ने इस महिने पूरी स्रद्धाव और उत्सा के साथ गणेश उत्सव मनाया
27:08है, देश भर में पूरे भक्ति भाव से गणपती बपा का स्वागत किया गया, यह पावन अवसर पूरे वातावरन को
27:17उमंग और उल्लाज से भर दे
27:19साथियों, विग्न हरता भगवान स्री गणेश, ज्यान, बुद्धी और शुप कारियों के आरंब के प्रती है, उनके प्रती अगाद स्रद्धा
27:30सिर्प भारत में ही नहीं है, जैसे स्रिमान पंथोन ठिर खानों जीर, उनी की बार ले लीजिए, वे वैसे तो
27:40थाइलेंड क
27:42स्रक्ता भगवान स्री गणेश की पुजा फ्राफिकानेत के रुप में की जाती है, और जब वे उन्नीस वर्त के थे
27:49तब उनके पिता ने उन्हें, भागवान स्री गणेश की एक फोटो बेंट की थे, यहीं से उनमें अद्बुत भक्ती जागरत
27:57होई, वे बगवान स्री �
27:59गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्यन में चार दसक से भी अधिक समय बिता चुके हैं।
28:05उन्होंने भारत और नेपाल सही एशिया के कई देशों की यात्रा की हैं।
28:10महाराश्टर से उनका विशेश लगाव रहा है।
28:13अस्ट विनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वे कई बार यहां आ चुके हैं।
28:18उनके प्रयासों से थाईलेंड के स्षर्धनों के बीज भी अस्ट विनायक आत्रा लोगप्रिय हो चुकी है।
28:26वर्थ दो हजार दो में उन्होंने उत्तरी थाइलेंड के चियांग माई में गनेश हिमाल मुजियम के स्थापना की, आज इसमें
28:38दस हजार से अधिक गनेश प्रतिमाएं हैं, मुजियम में उन भक्तों के लिए अस्ट विनायक की प्रतिमाएं भी मुझूद हैं,
28:47जो भारत न
28:56गनपती से जुड़े विशेश अवसरों पर भी अनुस्ठान होते हैं, यह बताता है कि भारत की आस्था, कला और सांसकृतिक
29:07परंपराएं दूसरे देशों में भी कैसे लोगप्रिय हो रही हैं, मेरी कामना है गनपती बप्पा का आशिरवाद सभी पर हमेशा
29:18बना रहे है
29:20साथियों, मन की बात के हर एपिसोड के बात मुझे अनेक विशों पर आपके संदेश मिलते रहते हैं, आप इसी
29:27तरह प्रेणा से भरी गाखाएं भेगते रहे हैं, जब आप अपने आसपास हो रहे हैं, ऐसे प्रयासों की सरहाना करते
29:37हैं, तो उनका उत्सा और बढ़ जात
29:40हैं, मन की बात के माध्यम से उनके बारे में जानकर देश के दूसरे हिस्सों के लोग भी प्रेरित होते
29:48हैं, ये यात्रा इसी तरह आपके सहयोग से निरंतर आगे बढ़ती रहें, आने वाले त्योहारों को आप अपने परिजनों और
29:59दोस्तों के साथ पूरे आनंद और उ
30:05ग्रुप कामराई देता हूँ, बहुत बात धन्यवाद, नमस्कार

Recommended