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हाल ही में देश की राजनीति में एसआईआर और चुनाव आयोग विवाद को लेकर भूचाल आ गया है जिसके बाद पूरी भारतीय जनता पार्टी घिरती नजर आ रही है। इस गंभीर राजनीतिक संकट के बीच सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों और नेताओं की नींद उड़ गई है और वे अपनी इज्जत व पार्टी की साख बचाने की कोशिश में पूरी ताकत से जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत चार प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मोर्चा संभालते हुए विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का खुला आरोप लगाया है। सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि चुनाव हारने के बाद हमेशा चुनाव आयोग और ईवीएम पर झूठे सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी और ओछी आदत बन चुकी है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को आड़े हाथों लेते हुए देश की जनता से माफी मांगने की मांग की है और इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं उससे आगामी चुनावों से पहले बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मंत्रियों के लगातार बचाव और बयानों से साफ जाहिर होता है कि पार्टी किसी भी कीमत पर इस विवाद से होने वाले नुकसान को टालना चाहती है। बहरहाल, इस गरमागरम सियासी माहौल ने देश की राजधानी से लेकर राज्यों तक राजनीतिक तापमान को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।

The recent controversy surrounding the Special Intensive Revision and the Election Commission has put the ruling Bharatiya Janata Party under intense political pressure. Facing sharp attacks from the opposition over institutional integrity, key government ministers and senior leaders scrambled defensively to salvage their political reputation. Stepping up to contain the mounting damage, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath alongside other prominent chief ministers aggressively countered the opposition narrative. CM Yogi firmly defended the poll panel, accusing opposition parties like the Congress of undermining constitutional bodies and misleading the public for vested political interests. He strongly asserted that blaming the Election Commission and EVMs after electoral defeats has become a predictable habit for parties rejected by the masses. The ruling establishment argues that these coordinated attacks are a desperate attempt to malign transparent democratic processes ahead of upcoming electoral battles. Political heavyweights have mobilized across various states to deflect criticism, emphasizing that the commission's decisions have always aligned with legal frameworks. As the war of words escalates daily, this high-stakes controversy continues to dominate national headlines and reshape current political alliances.

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~HT.410~PR.512~ED.110~GR.538~VG.HM~

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00:00इलेक्शन जीट जाएं तो इनका पुरसार्थ, इनकी ब्रस्ताचार, इनका आड़्थिक कदाचार, इनकी कुनीती,
00:21इनके राजक्त पूर्ण कारवाई के कारण अगर जनता जनार्दन ने खारिच करती है, तो इसके लिए इलेक्शन कमिस्टन को या
00:35ईबियम को दोसी ठहराना कितना जायज है,
00:41कभी इन दलों को स्वयम इसका चिंतन करना चाहिए, आत्माव लोकन करना चाहिए, तीनो चिनायुक्तों ने प्रेस के सामने आकर
00:52किस्टिस पष्ट की,
00:57SIR के बारे में पहले से ही इस बात के डिरेक्शन दिये गए, कि छूटे वे जो भी मत दाता
01:04हैं, उनको फॉर्म भरने की पूरी छूट है,
01:10फॉर्म सिक्स को ले करके मानने उच्चितम नियाले ने, इलेक्शन कमीशन की कारवाई को उचित थेराया,
01:22लेकिन उस सब के बाबजूत, इलेक्शन कमीशन और मुठ्य, निर्वाचन आयक्तो को कड़ घरे में खड़ा करना,
01:32भारत की हर समयधानिक संस्ता को कड़ घरे में खड़ा करके दुनिया के अंदर भारत की बदनामी कराना,
01:41दुनिया के सबसे बड़े लोक्तंद्र को कमजोर करने की कुछ सी चेस्टा करना,
01:48ये कॉंग्रेस का, ये किर्ट्य, अत्यंत, हैरान करने वाला है,
01:57कॉंग्रेस और उसके सयोगी दलों को, अपने इस किर्ट्य के लिए,
02:05देश की संब्यधानिक संस्ताओं से और देश की जनता जनारदन से माफी मांगनी चाहिए,
02:11जब तक कमिशन का क्लारिफिकेशन नहीं आया,
02:15तब तक राहुल गांधी, कॉंग्रेस इको सिस्टेम और ये नकसालाइट इको सिस्टेम,
02:21ये लोगों ने पूरा देश भर हल्ला किया, कि कमिशन में डिफरेंस अब अपिनियन था,
02:29SIR गलत थे, और ये जतना SIR को भी रोल बेक करना साहिए,
02:35और CEC को भी रिजाइन देना साहिए,
02:38अभी काल जब इलेक्शन कमिशन ने अपना क्लारिफिकेशन दिया,
02:44क्या उनका बाद राहुल गांधी डेश को माफी मांगेगा,
02:49क्या ये जो कॉंग्रेस इको सिस्टेम है,
02:52क्या ये लोग डेश को माफी मांगेगा,
02:55क्या ये जो दिमागी नकसाल है,
02:58क्या ओ लोग माफी मांगेगा डेश को,
03:02अगर आप पैटर्न को देखे,
03:05तब ये राहुल गांधी और कॉंग्रेस पार्टी,
03:08इलेक्शन कमिश् indicating को एटैक करता है,
03:12सुप्रीम कोर्ट अव इंडिया को एटैक करता है,
03:15इंडियान आर्मी को एटैक करता है,
03:18ओडिटर जेनरेल को एटैक करता है,
03:21मतलब हमारा जतना भी संग्विधानिक संस्ता है, सब को एटेक करना और सब को दिमोरेलाइस करना, इनका एक पेटान बन
03:33शुका है, हमारे डेश का जो संग्विधानिक संस्ता है, वो अपना हिसाब से काम करता है, लेकिन जब ही कोई
03:43सिध्धान्थ राहूल गांधी को अच्�
03:51गुम्रा भी करना सुरू कर देते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि
03:562021 का सुनाव में भी हमें दो सो शल्लीत सिधी मिले, हम करनातक सुनाव हारे,
04:05हम टेलेंगाना सुनाव हारे, जब Congress जीतते हैं तो EVM भी ठीक होता है,
04:12जब कॉंग्रेस जित्ता है S.I.R. भी ठीक होते हैं और जब बीजेपी जित्ता है सारे कुछ गलत हो
04:20जाते हैं तो इसलिए पूरा ये जो पेटर्न है राहुल गांधी का ये एक ब्लैकमेलिंग का पेटर्न है सांग्विधानिक संस्ता
04:30को ब्लैकमेलिंग करना साथ है और ये �
04:35एक उनका तरीका बन चुका है तो मैं आज कमिशन का काल जो सिधान्ट आये या क्लारिफिकेशन आया उनका बाद
04:45में दिमान करता हूं
04:47कि राहुल गांधी और कॉंग्रेस ये डोनों डेश का जन्टा को माफी मांगना साहिए देखिए काल कमिशन का क्लारिफिकेशन आ
04:58जाने का बाद ये लुक तो मीटिंग सोरी है ये डेश का जन्टा को माफी मांगना साहिए आप इलेक्शन कमिशन
05:06को डिमॉलिस करेगा अगर �
05:09ट्री इलेक्शन कमिशन में दो एक साइड होते हैं, सिध्धान भी उसी साइड में जाएगा,
05:16तू वन होते हैं, लेकिन काल कमिशन ने बता दिया कि हम कंसेंसस का अधार पर निन्ने लिया थे,
05:23मतलब वो निन्ने और सॉलिड हो जाता है, अभी आप किसको आप अटेक करेगा, अभी आप देखिए, दो दिन का
05:32बाद आप तीनों इलेक्शन कमिशन को अटेक करना सुरू कर देगा,
05:35कोई भी एक सुप्रिम कोट जाज इनको फैसला सुनाता है, अगर फैसला उनका एगेंज हो जाता है, उनका पोटा-पोटी,
05:44बेटा-बेटी तक पहुंच जाते हैं, तो एक पेटान बना है,阿ज वो लोग बात करते हैं, इलेक्शन कमिशन की,
05:51चीफ इलेक्शन कमिशनर की, �
05:53उनके उपर बे बुनियाद आरोप लगाते हैं, उनकी गिरफतारी की मांग करते हैं, और चुनाव आयोग के काम पे प्रशंचिन
06:02लगाते हैं।
06:03मैं पूछना चाहती हूं उनसे, आज जिस ट्रांसपेरेंसी से इलेक्शन कमिशन काम कर रहा है, क्या उनकी सरकारों के समय
06:11में ऐसा हो पाता था? पूरी की पूरी तरीके से उनकी डारेक्शन पे काम करने वाले चुनाव आयोग हुआ करते
06:18थे।
06:19पर आज जो इलेक्शन कमिशन है, जिस तरीके से काम कर रहा है, तीन हमारे कमिशनर्स हैं उसमें, सर उसम्मती
06:29से सभी निर्णों को लिया जा रहा है।
06:31मातर एक अख़बार के एक आटिकल के उपर इस तरीके का बेबुनियाद महौल खड़ा कर देना, क्या विपक्ष को शोभा
06:40देता है? और जबकि इलेक्शन कमिशन एक-एक विशे को पूरी ट्रांस्पेरिंसी के साथ में उन्होंने जनता के सामने रखा
06:51है, कि हर निर्णे स
06:52सारु सम्मती से हुआ है, उन्होंने फॉर्म 6 की बात की, तो बता दिया गया, कि फॉर्म 6 में कोई
06:57बदल नहीं हुआ है, जिसको सुप्रीम कोट ने भी माना है, जनता की सुविधा के लिए, जिस तरीके से फॉर्म
07:046 को किया गया, वो जनता की सुविधा के लिए हुआ, उस
07:22सारे बेबुनियात पाए गए और जनता देख रही है कि किस तरीके का मोहल आप बेश में बनाना चाहते हैं
07:29मैं जरूर बताना चाहूंगी कि जिस तरीके से विपक्ष ने इलजाम लगाया कि भई कमिशनर्स को बाइपास किया गया कते
07:37ही नहीं खुद कमिशनर्स ने इस बात क
07:51है कि जब 2014 में चुना हुआ तो भाजपा की सबसे ज़्यादा सीटे आई थी कौन था इलेक्षन कमिशनर्स कौन
07:59था इलेक्षन कमिशन के अंदर ये सारा का सारा मिठ्थ है जो आप जनता को गुमरह करने के लिए कर
08:07रहे हैं जनता इसका जवाब मांगेगी एक एक बात आप
08:11की जूट है पूरी तरीके से बेबुनियाद है और जूट के कभी पाव नहीं होते हैं पूरी तरीके से जो
08:17इलेक्षन कमिशन है शानदार काम कर रहे है निश्पक्षों के काम कर रहे है देश के हित में देश की
08:24जनता के हित में उनके वोट बनवाने के लिए काम किये जा र
08:40इनके उपर देश्द्रों का केस लगना चाहिए विपोक्स का कोई अंदलन नहीं है कहा है अंदलन उनका पास जनता ही
08:48नहीं है काल सीरामपूर में कोट का इजाज़त लेकर किया मीटिंग हुआ थोड़ा पिक्चर देख लिजिए न देड़ सो आदमी
08:57लेकर मीटिंग कर रहा
09:10खतम हो गया खतम तो हो गया नाम भी नहीं है निसान भी नहीं है नाम भी बदल गया निसान
09:20भी बदल गया सबी तो हो रहा है पाटी टूट गया तीन चाट टुक रहा हो गया क्या कोई अंदलन
09:25नहीं है यह लोग जो यहां किया है काल रभी शंकर जीने क्लियर बता दिया य
09:38किस तरीके से जूट कर रहा है तो पिक्चर सिधा है तिन लोग में के क्या है तो एक्सेप्शन केसे
09:45पुस्चिम मंगाल में साइर को लेकर इलेक्शन कमिशन का पावर सुप्रीम कोड ने सीच किया था
09:53कि यारो का पावर इलेक्ट्रोल रेइस्टेट अपिस है वो तो लॉजिकल डिस्क्रिमेंसी में साट लाग में जो 27 लाग रिजेक्ट
10:02किया वो तो जूडिसियल ओफिशर ने किया शुप्रीम कोड में तो महमता बेनार जिया और उनकी पार्टी एक बार नहीं
10:1120 बार गया है द
10:22इंटर प्रोसेस को लॉजिकल डिस्क्रिमेंसी में जो बाद में जो कोट इंटर्वेंशन का वास्ट दो प्रोसेस हुआ ओव प्रोसेस तो
10:32जूडिसियल प्रोसेस था ओटो चैलेंज कर रहा है बाद बाद का सबसे बड़ा पिलार जुडिसियरिग

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