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  • 16 minutes ago
विनीत मिनोचा मर्डर में बहू शालू को पुल‍िस की क्लीनच‍िट, देखें वारदात

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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03कानपूर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मडरकेस में गिरफतार कर जेल भेज दी गए
00:09उनकी बहु शालू को आखिर कार 20 दिन बाद जेल से रिहाई मिल गए
00:13शालू सोमवार शाम कानपूर से रिहा हो गए
00:17दरاصل शालू की रिहाई का आदेश कानपूर के एक कूर्ट में दिया था
00:22खुद कानपूर फुलिस ने शालू की रिहाई की अदालत से सिपारश की थी
00:26क्योंकि विनीत मिनोचा का असली गातिल शालू नहीं बलकि उसका पत्ली सुबरत था
00:33बिना किसी जर्म के बिना किसी उसूर के पूरे 22 दिन जेल में रहने के बाद
00:3928 सितंबर यानि सोमवार की शाम शालू कानपूर सेंटर जेल से बाहरा दे
00:45अब शालू आजाद है खुद कानपूर पुलिस ने उसके आजादी की सिफारिश अदालत से की थी
00:52खुद कानपूर पुलिस ने अदालत के सामने ये कुबूल किया कि कानपूर के दवा कारोबारे विनीत मिनोचा के गत्ल ने
00:59या कतल की साज़िश में शालू का कोई रोल नहीं था
01:03उसके खलाफ एक भी सबूत नहीं मिले इसलिए उसके खलाफ जांट बन करती गई है
01:09कानपूर पुलिस ने ही शालू को रिहा करने की अदालत से सिफारिश की थी
01:13पुलिस ने कोट में 25 सितंबर को ही शालू की बेगुनाही के दस्तावे सौब दिये थी
01:19लेकिन शनिवार और रविवार की छुटी होने के चलते शालू की रिहाई दो दिनों के लिए टल गए
01:25पर सौवार को कोट में शालू को फॉरण रिहा करने का आदेश जारी किया
01:30जिसके बाद शालू देर शाम जेल से बाहर आगी
01:38जेल से बाहर आने के बाद शालू ने हमारे सहीयोगी सिमर्चावला से खास बात चीट गी
01:43इस बात चीट के दौरान शालू ने पता है कि वो अप भी हैरान है कि उसके पती सुगरत में
01:49ऐसा क्यों थी
01:50शालू ने खुद पर लगे तमाम इल्जाम अपने ससुग विनीत मिनोचा के गतल और घरेलू नौकर विशाल के बारे में
01:58तफसील से बात चीट गी
02:01शालू जेल से निकलने के बाद सीधे लखनो अपने माई के जाकर अपने बेटे से मिलना चाहते है
02:10विनीत मिनोचा हत्याकान में जिस शालू को पुलिस ने मास्टर माइन माना जाच में सामने आया कि वह पूरी तरह
02:16निर्दोश है
02:17जिसके बाद 21 दिन बाद कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार शालू जेल से बाहर आई है और इस वक्त
02:22आज तक से एक्स्क्लूजिफ बात करने के लिए मौजूद है
02:24शालू बहुत चुनोती पॉर्ट दिन आपके लिए रहे हैं 21 दिन जिस तरीके की खबरे चली जिसमें हम भी शामिल
02:31हैं
02:31पहले तो कहीं न कहीं हम माफी माँगना चाहेंगे जिस तरीके से हम लोग ने आप लोग के उपर खबर
02:36चलाई हाला कि वो सिर्फ जो पुलिस द्वारा तत्थ दिये गए थे उस पर आधारे थी लेकिन तब भी जो
02:42आपके उपर बीता हूँ आप समच सकती हैं
02:43फिलहाल कैसा महसूस कर रही हैं जेल से आने के बाद क्योंकि मिक्स फीलिंग्स होगी आप तो जेल में हैं
02:48और आपके पती जो है वो अंदर है
02:50अब ही तो मैं बिल्कु स्टेट ओफ माइंड पर नहीं हूँ बट बहुत खुशी है मुझे कि मैं अपने परिवार
02:56अपने बच्चे से मिलने जा रही हूँ
02:58सबसे ज़्यादा मुझे अपने बच्चे से समय मिलने के एक सकता हो रही है
03:03यह जब पूरा मामला सामने आया आपको औरेस्ट कर लिया पुलिस ने
03:09आपको कहीं न कहीं यह आइडिया था यह इल्म था कि सुबरत जो आपके पती है वो पूरे मास्टर माइं
03:15निकलेंगे या फिर इस तरीके की जो प्लाइनिंग है इनके दौरा की जारी
03:18नहीं मुझे बिल्कुल भी आइडिया नहीं था इस चीज़ का की शुबरत या कोई मुझे बिल्कुल आइडिया ही नहीं था
03:24कि यह सब क्या हुआ है मेरे लिए तो बिल्कुल शौकिंग सिच्वेशन थी जो हुआ है जो भी मेरे साथ
03:29हुआ है जैसे भी मुझे मेरे साथ ह�
03:46पूरी बातचीत हो रही थी लेकिन उस वक्त सुबरत ने कुछ और ही प्लान कर रखा था आपके मन में
03:51कहीं न कहीं आपको कहीं इसमें बिश्वास किया कि बोले शक हुआ कि क्या चल रहा है या कहीं न
03:56कहीं इसमें अंदेशा हुआ आपको
03:57नहीं मुझे कोई अंदेशा नहीं था, हम लोग बाकी पार्टी में थे, बहुत इंजॉई किया, हम लोग वहाँ पे होस्त
04:03थे, तो जल्दी गए थे, कुछ भी मुझे आइडिया नहीं था कि ये सब कुछ प्लान्ड है या मुझे कुछ
04:10आइडिया नहीं था किसी चीज़ का �
04:13पुलिस के सामने आपकी जो है सुबरत के सामने बेठा के पूछता अच भी हुई, उस वक्त क्या आपने पूछा
04:19सुबरत से कि तुमने ऐसा क्यूं किया या मुझे क्यूं फुसाया, क्या उस वक्त सुबरत ने आपको बोला जब पुलिस
04:24के सामने पूछता चल रहीं, शु
04:40क्या पुलिस कैं़ सुटेडी में फिर फिर जू पुलिस ने गिरफतार चार इएि kept lotta now
04:46इसे इस वह झारेत की सुब्राइब कि ने हमसे बात करी थी जब उनको रिमान में लेकर जाया जा रहे
05:01था और उन्हें आज तक के कामरा पर यह
05:03बताया कि उनको कोई मलाल नहीं है अपने पेता की मौत का साती सातों ने
05:07बताया कि financial independence नहीं थी उनके अवैज रिष्टे थे दूसरी
05:11महिलाओं से ये सुबरत ने बताया है आज तक पे on record आप कैसे
05:14देखती हैं आप क्योंकि सात में रही हैं कैसे रिष्टे थे दोनों के बीच में क्या बातचीस होती थी
05:19differences जरूर थे दोनों के बीच में बगर कभी मैंने ये नहीं सोचा था कि इतना हद तक
05:24चीज़े बिकार हो जाएंगी इतने हद तक चीज़े खराब हो जाएंगी
05:27कभी भी नहीं थौट प्रॉसेस मैं पूरी कोशिश करती रहती थी
05:30कि घर में बैलन्स बना रहा है घर में सब कुछ ठीक रहा है
05:34मुझे नहीं पता था कि अंदर ये अंदर इतनी प्रॉब्लम्स हो रही थी
05:39मतलब मेरे सामने तो इतना जाहिर नहीं हुआ कभी क्योंकि दुकान में क्या होता था
05:43वो मुझे नहीं पता क्योंकि दुकान से तो मेरा कोई लेना देना ही नहीं था
05:47ये शूस खुल कर सामने आये जब दोनों के बीच में लडाई हुई या महिलाओं के जो बात है ये
05:52उस उब्रत ने उठाई हो कभी
05:54नहीं मेरे सामने नहीं उठाई है कभी भी ऐसी चीज शुब्रत थोड़ा सी क्रेटिव थे तो इतना जल्दी वो शेयर
06:00नहीं करते थे
06:01आपको कहीं नहीं दुख है कि खुद तो चलो नहीं उनको करना चाहिए था लेकिन आपका जो नाम लिया वो
06:07उससे आपको दुख पहुँचा कहीं नहीं
06:10कि मिलकुल मैं भी कुछ स्टेट ऑ मैंडी मिन्यू मैं समझ Now spend my life
06:15मेरे साथ एका से बिना कुछ करे मजजे नी सजा मिली मैंने कुछ भी नहीं किया कि
06:22कि मैं अभी कुछ भी नहीं कहना जाती हूं इसके लावा कि आपके बेटे को कुछ पता है इसके बारे
06:27में छोटा है वो भी क्या अभी कुछ भी नहीं पता हूं मेरी मम्मी के पास है मेरी बेहन के
06:33पास है अभी उसे कुछ भी नहीं पता है ना मैं कभी बताना चाहूंगे उसक
06:38आपका एक तरीके से परिवार खतम सा हो गया पती आपके नहीं रहें सासुटी आपकी हत्या हो गई अब आप
06:44कहां आपने सोचा है आगे रहने का या क्या करने का जो कानपुर में आपका घर है वहां पर तो
06:49आपको यह ने आप अपनी जो जिन्दीगी की शुरुआत क्या आ�
06:56किया है मैं स्टेट ऑफ माइंडी मेन्यू कि अभी मैं कुछ भी सोच पहूं मुझे थोड़ा टाइम लगेगा अपने हापको
07:01सबहाले में है बुरी तरीके से समझते हैं हमारी समवेदना भी आपके साथ है हमने आपको पहले बताया कि किस
07:06तरीके से आपको जो सफर करना प�
07:22फोन पे लेकिन बाद में बता लगा कि उसको फ्रेम किया गया आपसे विशाल ने जब फोन कर तो आपको
07:26लग रहा था कि इस मंसिकता से फोन कर रहा है या फसाने के लिए बिलकुल भी नहीं वो चोटे
07:32मोटे काम करता था बिलकुल आइडिया नहीं था मुझे की पीछे यह
07:52मैं तो उस दिन बिजी थी जनमा अश्टमी की सब तैयारिये करने में उसका फोन है मैंने फूल फूल मंगवाने
07:57के लिए बस फूल मंगवाई था उससे दिया और बस इतना ही था वाकि उसी ने मुझे फोन किया था
08:04मैंने ने किया था
08:04एक सवाल में लूँगा आपसे खतम करने से पहले गाड को लेकर जो स्टीटमेंट सबसे जादा उसका अधार बनाया गया
08:11कि आपने एंट्री करवाई थी विशाल की शुभम के नाम से गाड से जो एक पोलिस इन्वेस्टिगेशन में बढ़ा था
08:17मैंने बस यह बहुता था कि मेरा स्टाफ आ रहा उसको आने दीजेगा बस इसके लावर मेरी स्टाफ नीचे कोई
08:23गाड से बात नहीं हुए थी उन्होंने जिस नाम से इंट्री करी बस मैंने यह जरूर कहा था कि मेरा
08:28स्टाफ आ रहा उसको आने दीजेगा बस
08:30इसा भी कुछ गया था कि उसकी रिजिस्ट्र में इंटरी में गरती है रहा है
08:44हुँ अब कोट से निखली हमने देखा कि कैमरे की तस्वीरों के बीच मैं आप भावक थी उस वक्त शयद
08:56पुलिस अपना स्टैंड कलियर कर पाई थी
08:58लेकिन आपके मन में कही न कही दुख था इस बात का, दुख अभी भी है, जो आपके साथ हुआ,
09:02कैसे दिखती है इस पूरी चीजों को जो आपके सामने पीटे जिनों घटी है
09:07मैं बस थाइंक्यू करना चाहती हूँ कि उन्हों ने आई यू ने और शिवाकान दिख्षित ने मुझे जस्टिस दिलाया है,
09:13इसके लावा मैं कुछ और नहीं कहना चाहती हूँ
09:16हम समझ सकते हैं आपकी इस्तिति कैसी है, लेकिन आपने इतनी बात जो रखी उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
09:24आखरी सवाल एक लोगा, सुबरत को लेकर, उसके परिवार को लेकर, सुबरत में कहीं न कहीं ये बताया हमारे कैमरा
09:32पे इसको मलाल है, आपको फसाने का, आपकी सुबरत से इन्वेस्टिगेशन के तौर पर या उसके बाद से कोई बात
09:39चीत हुई, या कभी बाहर सुबरत
09:40आए, तो क्या आप उनको सपोर्ट करेंगी, या फिर उनसे बात चीत करेंगी, आपके उनसे रिष्टे कैसे रहने वारे हैं?
10:10ये सब कुछ आपने सुना, अब देखने वाली बात ये है कि आखिरकार पुलिस इन्वेस्टिगेशन पे क्या कत्त्त्त्य निकल कर
10:16सामने आते हैं और आखिर इस केस को क्या हैंजान मिलता है?
10:20वैसे शालू की रहाई की बुनियाद 23 सितंबर को ही पड़ गए थी, जब 24 घंटे की पुलिस हिरासत के
10:26लिए शालू को इसी जेल से बाहर निकाल कर लाया गया था।
10:30तब पुलिस हिरासत में हुई पूच्टाज के दोरान शालू और सुबरत को आमने सामने बिठाया गया और उसके बाद ही
10:37सारी कहानी सामने आई थी।
11:00शालू को पुलिस अपने साथ कई जगा ले ले थी। फिर एक मौका ऐसा भी आया जब 16 दिन बाद
11:06शालू और उसका पती सुबरत इसी थाने के कमरे में आमने सामने बैठे थे।
11:1224 घंटे की पूचताच के बाद बेशक शालू वापस इसी जेल में पहुँच गे लेकिन ये 24 घंटे शायद शालू
11:21की जिन्दगी के सबसे एहम और तीमती 24 घंटे थे।
11:26क्योंकि इनी 24 घंटों में खुद कानपूर पुलिस ने ये साफ कर दिया कि ससुर विनीत मिनोचा की खातल शालू
11:33ने है बलकि शालू का पती और विनीत मिनोचा का बेटा सुब्लधी।
11:3824 सितंबर को कानपूर पुलिस ने बाकाइदा प्रेस कांफरेंस कर शालू की बेगुनाही का ऐलान किया था
11:46इसके बाद 25 सितंबर को कानपूर पुलिस के आला अफसरों लीगल टीम के साथ एक मीटिंग थे
11:52मीटिंग में विनीत मिनोचा मररकेस में आए नए मोर और नए सबूतों के मद्दे नज़र शालू की बेगुनाही के काख़ा
12:00तयार किये गए
12:01कानपूर पुलिस की ये रिपोर्ट 25 सितंबर को ही अदालत को सौंप दी गई
12:06इस रिपोर्ट में शुरुआती जाच और उस जाच के बाद शालू के खलाब जाते सबूत और फिर शालू की गिरफ़तारी
12:13फिर इसके बाद उसकी बेगुनाही के सबूतों का जिकर किया गया है
12:17इसी के बिनापर कानपुर पुलिस ने अदालत से शालू को जेल से रहा कर देनी सिँपारिश की
12:24कानपुर के पुलिस कमिश्टर रगवीर लाल ने 24 सितंबर को ही आज तक से बातचीत के दोरा इस बात की
12:31तदीक की थी
12:32कि शानू की रिहाई के लिए पुलिस कोट का रुख करेगी
12:37मैं आपको और अस्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे मन में ये था कि कोई गलत नहीं जाना चाहिए
12:43इसलिए हमने पीशार ले करके और स्वेम मैं भी उसमें रहा हूं टीम के साथ हमने पूरा थोरो इंटेरोगेशन करा
12:51धंग से जो जितने गैप्स के उन गैप्स को करने की कोशिस करिए और उसको न्याय दिलाने के लिए अभी
13:01हमने तुरंत किलिंचिर तो नहीं दिये
13:02लेकिन हमारी जो विवेचना है उस डिरेक्शन में जा रही है कि जब जो है जो contradictory जो statements है
13:10विशाल के विशाल ने पहले महिला को पूरा का पूरा आरूप इन पर मड़ा और अब जो है वो उसने
13:17कहा कि भाया ने करवाया था तो उसकी भी हम लोग गहराई से विवेचना कर रह
13:32मानिया कोड के समख्स रखेंगे और मानिया कोड जो है उसमें decision लेंगे पहले मुझे हमें कहीं इस ने लगता
13:39है कि पुलिस ने कोई जान बूज करके उसको फसाया हो जो उस समय की परिस्तितियां जो साक्षे हो है
13:45उसके अनरूप ही पुलिस के द्वारा कारवाई कर रहेग
14:02जब की बात में पता चला कि वो बेगुना है सिमर चावला कांपुर आज तक

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