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  • 12 minutes ago
दिल्ली के प्रोटेस्ट में अनोखा अंदाज: महिलाओं ने मीम और क्रिएटिव स्लोगन से खींचा सबका ध्यान

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00:00दिल्ली की सडकों पे सोशल मीडिया तक एक स्लोगन चल रहा है
00:04एक कचोड़ी दो समूसा मर्दों का क्या भड़ूसा
00:08दिल्ली की सडकों पर इन दिनों सिर्फ नारे नहीं गुंज रहे
00:11नारों में तुकवंदी है, गुसा है, हीूमर है और जिन्जी वाला अंताजवी है
00:16दिल्ली उनिवसिटी की छात्रा हैं हम और तेहें आजाद हैं कि बैनर तली मार्च कर रही है
00:23मुद्ध है महिलाओं की सुरुक्षा, पित्रिसप्ता और महिलाओं पर लगाई जाने वाली पावन दिया
00:28लेकिन इस प्रोटेस्ट के नारों ने सोशल मीडिया पर अलगी यलचल मचा दिया
00:32सबसे पहले सुनते हैं एक कचोड़ी दो समुसा इन मर्दों का क्या भाउसा
00:37अब आप सोच रहे होंगे कि ये कोई नया फूट कॉम्बो है क्या, नहीं
00:41ये दिल्ली के प्रोटेस्ट का वो नारा है जिसने इंटरनेट पर लोगों को अपनी तरफ खीच लिया है
00:47उनका ध्यान ऐसा खीचा है कि उस पर बहस चल रही है
00:50और इसके बाद तो कमेंट सेक्शन में ऐसी क्रियेटिविटी हो शुरू हुई
00:55कि लगा प्रोटेस्ट सडक पर है या सोशल मीडिया पर
00:59स्लोगन चैंपियंशिप चल रही है
01:01किसी ने लिखा एक सुट्टा दो चाए मर्द चात आयाय
01:04तो किसी ने नारे को और सीधा कर दिया
01:06हमारी स्कर्ट नहीं है चोटी इन मर्दों के सोच है चोटी
01:10लेकिन इन नारों के बीच कुछ लाइने ऐसी है जिनका संदेश इल्कुल साफ है
01:14रेपिस्ट को अंदर करो लड़कियों को नहीं मतलब महिलाओं के सुरक्षा के नाम पर लड़कियों पर पावंदी नहीं लगनी चाहिए
01:21आरोपी पर कारवाई की मांग और एक और नारा बेटी की लोकेशन नहीं बेटे का इंटेंट चिक करो
01:27और यही लाइन इस प्रोटेस्ट की एक बड़ी मांग को सामने रखती है
01:31महिलाओं को सुरक्षत रखने के नाम पर उनकी आजादी कम करने के वज़ाए जिम्मेदारी और जवाबतेही की बात हो
01:38फिर आता है जिन्जी का अपना अंदास
01:41कुटी नहीं क्रांती ही और क्यूट नहीं क्रांती है
01:45यानि पोस्टर भी ऐसा कि कैमरा निकालो और फोलो की चलो
01:49लेकिन इन पोस्टरों के पीछे सिर्फ सूशल मीडिया कंटिन नहीं है
01:52मार्च में आजादी, आजादी, टरके आगे आजादी
01:56और पिंजरा तोड़ना नहीं छोड़ेंगे जैसे नारी भी लगाए
02:00कुछ पोस्टों में लिखा
02:01Girls just wanna have fundamental rights
02:04और एक लाइन तो सीधे सवाल पुस्ती है
02:07Why are women still not safe in India?
02:092012 के निर्भया कांड का जिक्र करते वे
02:12कुछ परदर्शनों में
02:13Nothing changed since December 16-2012
02:18जैसे संदेश पर दिखाए दिये
02:19यानि नारों का अंदाज भले ही
02:21कभी मज़िदार हो लेकिन सवाल काफी कम भी है
02:24मैलाओं के सुरक्षा क्यों अब भी इतना बड़ा मुत्ता है
02:28और क्या सुरक्षा का मतलब
02:30मैलाओं की आजादी पर पाबंदी लगाना होना चाहिए
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