00:00ुणिया आप जानते हैं शकुनी के पासे हमेशा उसकी ही बात क्यों मानते थे।
00:04इन पासों के अंदर शकुनी के मृत पिता की आत्मा वास करती थी।
00:08गानधार राज सुबल ने मृत्यू से पहले अपने पुत्र को दिया था ये श्राइ।
00:13सुबल ने कहा था ये हड्डिया कौर्वों के विनाश का कारण बनेंगी।
00:17शकुनी ने अपने ही पिता की उंगलियों को घिसकर बनाये थे ये पासे।
00:21जब भी शकुनी पासा फेंकता वही अंक आता जो वो चाहता था।
00:26इन जादूई पासों ने ही हस्तिनापूर के वैभव को जुए में मिटाया।
00:30महाराज युधिष्थिर चाहकर भी इन पासों के च्छलकों नहीं समझ पाए।
00:34क्या ये पासे सिर्फ एक खेल थे या कुरुक्षेत्र युद्ध की नीम।
00:38चकुनी का हर एक दाव कौरवों के विनाश का पैगाम बन गया।
00:41कर्मों का फल ऐसा मिला कि अंत में सब कुछ राख हो गया।
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