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  • 20 minutes ago
'देश का नागरिक ही सर्वोपरि', UPSC के 100 साल पूरे होने पर पीएम मोदी का संबोधन

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00:00और साहस का परिचे करवाया और जैसे आज इस्राइल के प्रधानमत्री ने कहा कि इसके हिंदुस्तानी ने 9-11 होने
00:16से बचा लिया
00:24हर देश वाची के लिए स्मीत का ये पराक्रम हमें गवरों से भर देता है
00:37आज मेरी उनकी पिता भुपेंदर भाई उनकी माता गीता बहन और पप्ति बहन सोनल से भी बाच्चित हुई
00:58उनकी सारवार चल रही है आज पूरी दुनिया उन पर गर्व कर रही है मैं देश वाच्चियों से प्रार्थना करता
01:08हूं कि हम सब
01:13समीत के दिरगायू के लिए समीत के उत्तम स्वास्त के लिए प्रार्थना करें और भारत के गवरों के बढ़ाने वाले
01:27भाई समीत का अभिनंदन करें
01:39साथियों आज का ये दीन यूपी ऐसी के सो वर्सों के उत्सव के साथ ही एक विरासत का भी उत्सव
01:54है
01:54ये उत्सव उस आकांख्षा का है जिसे हर वर्ष लाकों लाख युवां उसे जीते हैं
02:14ये उत्सव उस विश्वास का है जो हर भारत वासी का इस संस्था पर है
02:26सो वर्ष की सियात्रा में पीडियां बडली, सरकारें बडली, टेक्नलोजी बडली, सिलेबस बडले
02:43लेकिन यूपी ऐसी पर भरोसा आज भी उतना ही अटूट है
02:57और यह आप सभी की बहुत बड़ी पूजी है
03:04सो वर्षों की सियात्रा पर अभी यह ही समारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया है
03:18सो महत्वपून केस लोज का संकलन भी जारी हुआ है
03:28मैं सो वर्ष की सियात्रा से जुड़े सभी महानुभाओं का वंदन करता हूं
03:37आप सभी को बहुत बहुत शुपकामनाई देता हूं
03:45अभी मैं एक छोटी सी गैलरी बनाई है उसका निरिक्षन कर रहा था
03:53और आप सबसे भी कहूंगा कि दस पनाना मिट लगेंगे जुरूर देखें
04:00और मैंने उसमें 75 साल के घारकम का भी चित्र देखा जिसमें लेप्रिनन जनरल सुरे नराथ दिखते हैं
04:09आज 90 साल की आईव में हमारी बीच मौझूद है
04:20साथियों से कितने ही लोग है जिन्होंने इस यात्रा को
04:29विश्वास में बदला है
04:36समयकुल परिवर्तन किये हैं
04:40और सुनसा को भी नई उचाईयों पर ले गए हैं
04:44वे सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं
04:49जब मैं गलरी देख रहा था
04:52तो 1920 में सुभास चंद्र बोज ने भी इसी प्रक्रिया से जब गुजरे थे उसकी सारी जानकारी वहां है
05:03और मेरा इस बात पर ध्यान गया कि उस समय अंग्रेजों की हकुमत थी लेकिन संस्कृत का पेपर हुआ करता
05:15था
05:19और सुभास बावु ने संस्कृत में पेपर लिखा है
05:25साथियों आज इस आइतिहासिक अवसर पर मैं सरदार वल्लभाई पटेल जी को भी नमन करूंगा
05:37आजादी के बात उनके सामने केवल एक देश को आजाद रखने की चुनवती नहीं थी
05:46उनके सामने एक राष्ट को चलाने की की चुनवती भी थी
05:55राष्ट के पुनर्नर्मान के लिए जिस स्टील फ्रेम की ज़रुरत थी
06:03वो स्टील फ्रेम सरदार वल्लभाई पटेल ने दिया
06:12उन्होंने इस समस्ता को आजाद भारत का एक प्रमुक्स तंब बनाया
06:21इसे ससक्त किया साथियों उन्नी सो चब्वीस में जब इस समस्तान की नीव रखी गई थी
06:34तब उस समय की प्रात्मिक्ताय अलग थी उस समय व्यवस्ता का फोकस और उसका
06:41समरपण दोनों ही ब्रिटिस राज के प्रती था देश आजाद हुआ तो आजाद भारत के सपने और भारत की व्यवस्ता
06:57यह फोकस में रहे केंद्र में रहे बीते दसकों में यूपीएस्जी ने अपने दाइत्वों को बहतरीन तरीके से निभाया है
07:12और इस बारे में हां मंज से भी काफी बाते हुई हैं और इसलिए मैं न उसका पुंद्रावरतन करना चाहता
07:21हूं नहीं उसके विस्तार में जाना चाहता हूं
07:23इतिहास से आगे बढ़कर अब हमारे सामने भारत का भविश्य इंतजार कर रहा है
07:3821 सदी का एक क्वार्टर पचीस साल बिच चुके हैं
07:50आने वाले 20 पचीस साल भारत के लिए भारत के हर व्यक्ति भारत के हर संस्ता के लिए बहुत एहम
08:04है
08:07इसलिए आज मैं अपनी चर्चा का फोकस इसी दिशा में रखूँगा
08:15साथियों विक्सित भारत के लिए अब जिस तरह की गवरनेंस देश को चाहिए
08:23उसका बहुत बड़ा माध्यम UPSC और राज्यों के चयन आयोग भी है
08:35आज आप जिन युवाओं की भरती कर रहे हैं वो विक्सित भारत के निर्मान में एहम भूमी का निभाएंगे
08:45और वही विक्सित भारत के सबसे बड़ी है बेनिफिजरी भी होने वाले हैं
08:54इसी को ध्यान में रखते हुए हमें दो कसोटियों को हमेशा याद रहना है
09:08पहली कसोटी है नेशन फॉस्ट और दूसरी कसोटी है सिटीजन फॉस्ट यही दो कसोटियां है
09:24जिन पर हर सेलेक्शन को कसा जाना है और जब इस भाव से कैंडिडेट को परखा जाएगा
09:36इस भाव से भरे कैंडिडेट्स का सेलेक्शन होगा तो राश्ट्रिय लक्षों की प्राप्ति उतनी ही सहज हो जाएगी आसान हो
09:49जाएगी
09:49साथ्यों 2047 का भारत आज के भारत से बहुत अलग होगा भारत आज के मुकाबले और अधिक अर्बन होगा गाव
10:08और शहरों का अंतर कम होगा और हमारे
10:13नागरी को खासकर युवाओं के एस्पिरेशन्स और एक्स्पिरेशन्स कहीं ज्यादा बड़ी होगी आज ही इसका बड़लाव दिखाए दे रहा है
10:27इसलिए आज सवाल सिर्फ
10:33सर्विस डिलिवरी का नहीं है सवाल यह भी है कि क्या पब्लिक सर्विसिस आज की इंस्टन डिलिवरी वाली दुनिया की
10:47गती उसको पकड़ पा रहे हैं क्या उस हिसाब से चल पा रहे हैं क्या
10:56हाज नागरिक किसी सर्विस के लिए हपतों या महिनों का इंतजार नहीं करना चाहता है
11:05जब AI हजारों डॉक्युमेंट्स को कुछी क्षणों में प्रोसेस कर सकता है
11:14जब सरकास के पास रियल टाइम डाटा उपलब्द है तो नागरिक तेजी से समाधान चाहता है
11:25यही बदलती हुई सोच हमारी सिविल सर्विसिस से भी नए बढ़लाव की मांग करती है
11:37इसलिए हमें अपने सिलेक्शन परामिटर्स और रिकूर्ट्मेंट प्रोसेस को भी
11:48भविष्य की जरतों के अनुरुप बनाना होगा हम ऐसे युवाओं को पब्लिक सर्विस में लाना होगा
11:57जो पब्लिक आपिस से नहीं पब्लिक सर्विस से आकरसित हो
12:05इसलीज़ ज़रूरी है कि रिकूर्ट्मेंट की परिशा सिरिफ यह नब परके
12:15केंडिडे कितना जानता है बल्कि वो यह भी देखें कि वह युवा सीविल सर्विसिज में आना क्यों चाहता है क्योंकि
12:30जब मोटिवेशन सही होगा
12:32तो बदलती जना कांख्षाओं के साथ चलना भी आसान होगा
12:39डलना भी आसान होगा साथ क्यों आप एसे काफी लोग इस बात से परिचित है कि मैं जब
12:50ट्रेइनी अफिसर से मिलता हूं तो उनसे कहता हूं कि भी लिख कर रखे प्रारंब में ही
13:01और खुद लिख करके उसको रखे बेश सिविल सर्विस में क्यों आए हैं
13:11क्योंकि समय के साथ रिस्पॉंसिबिलिटी बढ़ती हैं नई चुनवतियां आती हैं ऐसे समय में वही छोटा सा नोट उन्हें उनके
13:32मूल उद्देश की याद दिलाता है
13:36यह उनके लिए एक सिल्फ एप्राइजल टूल भी बन जाता है
13:43यूपी एसी और राज्यों के आयोग भी कुछ ऐसी व्यवस्ता को विक्सित करने के बारे में विचार कर सकते हैं
13:54साथियों हमने अतीत का वो दौर देखा है जब माना जाता था कि सरकार ही माई बाप है
14:09लेकिन आज ये दौर है जिसमें हमारा मंत्र है नागरीक देवो भवव
14:24यानि देश का नागरीक हमारे लिए किसी देव से कम नहीं है हमारे लिए नागरीक की सेवा सर्वो परी है
14:38इसलिए साथियों हाज 21 सदी का भारत एक नई कार्य संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है
14:49इसका मूल सिध्धान्त है प्रो पीपल प्रो एक्टिव गुड गवर्नंस प्रो पीपल यानि सरकार की सुविधा को देखते हुए नहीं
15:07बलकि नागरीक के हितों को सर्वो परी रखते हुए काम करना है
15:13प्रो एक्टिव यानि जब समस्या आए तब एक्षन के बजाए
15:18समस्या को पहले ही एंटिसिपेट करके उसके समाधान तयार हो
15:25गुड गवर्नंस यानि सरकार का अभाव भी नहों दबाव भी नहों और अनावश्यक प्रभाव भी नहों
15:42अनकर पर राज्य के स्तर पर दोनों ही जगह कि हमें
15:51अपने सेलेक्शन प्रोसेस को इसी स्पिरिट के हिसाब से
15:54डिजाइन करना चाहिए हत है हम्हें प्रो पीपल प्रो एक्टिव गुड गवर्नंस के परामेंटर के
16:02आधार पर देश को वो प्रोफेशनल से देने हैं जिन में गरीब की तकलीफ समझने की संबेदना हो जो युवा
16:17जोश के साथ खुद आगे बढ़कर काम करे जो इनोवेटिव तरीके से कठीन समस्यों का रास्ता निकाले
16:30जो देश की आवशक्ताओं को समझे जो कानून का पालन कराएं लेकिन ये भी परक्ष सके कि उस कानून से
16:43लोगों का जीवन आसान हो रहा है या फिर वो रुकावट बन रहा है
16:53साथियों आज जिस तेजी से यूग बदल रहा है टेक्नलोजी बदल रही है वो हम सब देख रहे हैं
17:03इसके बाद जो आने वाला समय है उसमें नई तरह की चुनोतियां समाज के सामने आने जा रही है
17:15AI को लेकर इस समय विश्व में जो चर्था छिड़ी हुई है उससे हम सब परिचित है ऐसे में हमारे
17:28सिविल सर्वेंट्स भी अलग तरह की परिश्थित्यों में काम करेंगे
17:35इन्फर्मेशन वार की स्थित्य होगी डिप्फेक्स होंगे अल्गोरिदमिक बायस के चलेंज होंगे
17:45क्लामेट जसी जसे कॉम्प्लेक्स सवाल होंगे ऐसे में हमें चयन प्रक्रिया में
17:57कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लेम सॉल्विंग और दूर द्रश्टी को टेस्ट करने का भी उस प्रयासों को भी प्रात्विक्ता देनी होगी
18:08साथियों हम सभी जानते हैं जैस आज रिफाम एक्सप्रेस पर तेजी से चल रहा है
18:19है ऐसे समय में हमारी परिक्षा करने लिए वाली एजस्जीच को उन रिफाम्स पर तेजी से काम करना होगा
18:32जो आज के समय की मांग है जैसे परिक्षाओं को कराने में लगने वाला समय एक बहुत अहम बिशह है
18:44परिक्षा को हमें केवल एक इवेंट की तरह नहीं देखना है यह इवेंट से कहीं अधिक युवाओं के भविश्चे उनके
18:53जीवन से जुड़ा हुआ है
18:56परिक्षाओं में कुछ महिनों की देरी युवाओं के लिए बड़ा संकट बन सकती है
19:04कोचिंग की फीज, रेंट, ट्रांस्पोर्ट का खर्च यह बहुत बड़ा बोज उस परिवार पर होता है
19:12इसलिए हमारा एक्जमिनेशन सिस्टिम ताइम सर्टनिटी के सिध्धान को अपनाएं यह बहुत आवश्यक है
19:24इसलिए युपीज़जी को देश के सभी चायन आयोगों को
19:31यह सुनिश्चित करना होगा कि बार को लोग किये भीना हमारी एक्जमिनेशन साइकल छोटी कैसे हो
19:44वैसे मैं अभी गैलरी में देख रहा था करिब सो दिन कम किये हैं यह तो अब बदाई के पात
19:52रहा ही है और मैं आप सब को बदाई देता हूँ
19:57लेकिन साथियों यह केवल एड्मिस्ट्रेटिव रिफॉर्म नहीं है यह एक इक्विटी रिफॉर्म भी होगा
20:07साथियों आप सभी चीफ सेक्रेटरी कॉन्फरेंस और डीजीपी कॉन्फरेंस के बारे में जानते हैं
20:18कि पिछले दस साल में यह का इंस्टिटूशनल मेकेनिजम डबलब हुआ है जिसमें देश के सभी सीएस तीन दिन साथ
20:29बैट करके
20:31विचार भी मश करते हैं उसी प्रकार से तीन दिन के लिए डीजीपी कॉन्फरेंस में देश के सभी डीजीपी खट्रे
20:38को करके बात्चीत करते हैं
20:40और इन कॉन्फरेंस में प्रयास होता है कि एक राज्य दूसरे राज्य की बेस प्रक्टिसिस को जाने समझे सीखे और
20:52उचीत लगे तो उन्हें अपने राज्य में लागू करें
20:56मुझे बताया गया है कि UPSC हर वर्ष स्टेट पब्लिक सर्वीस कमिशन्स के साथ मिलकर नेशनल कॉन्फरेंस आयूजित करता है
21:11अब उसको और विस्तार दे करके और अधिक प्रोडक्टिव बनाने के लिए और अधिक नए विचानों से भरने के लिए
21:23भी
21:24कि उसके रूप रंग व्यवस्ता को कैसे नए आयाम दिया जाए उस पर जुरूर आप सोचते होंगे
21:33ऐसे प्रयास हो से अलग-अलग संस्थानों की बेस्ट प्रक्टिस साजा होती है लेकिन साथ ही इस कांफरेंस में
21:43इंटरनेशनल बेस्ट प्रक्टिस उसको भी स्टड़ी कर ला चाहिए है टेक्नोलोजी का उप्योग करके अपने प्रोसेस और प्रोसीजर्स की एफिशन्सी
21:55यह कैसे बढ़े इस पर भी फोकस चर्चा होनी शाई है
22:02कि लॉस्ट लर्णिंग के इस प्रयास से यूपी एस्ट्यों की फाइदा होगा और हर राज्य के चुनाव चैन आयो को
22:13भी जुरूलाब होगा हमें प्रोसेस और प्रोसीडूरल के नमानकों को स्टेंडड़ाइज करने पर भी विचार करनी के आप सकता है
22:24इससे युवाओ
22:26को बहुत बड़ी मदद मिलेगी साथियों एक और विश्य है यूपी एस्टी और राज्यों के चैन आयोगों की कैपिसिटी बिलिंग
22:37का भी है यह काम भी निरंतर होते रहना चाहिए
22:43मिशन कर्मयोगी के तहट जो आई गॉट प्लेटफरम बनाया गया है उसका उप्योग हमारी अंदरूनी विवस्थाओं के लिए भी हमारे
22:59साथ काम करने वाले टीम के के लिए भी इन सारे प्लेटफरम्स का उप्योग किया जा सकता है
23:08साथियों आप सभी को हमेशा ही आद रखना है कि आपका काम युवा शक्ति के भविश्थे से जुड़ा है यानि
23:21युवा शक्ति से राष्ट्र सक्ति के निर्वान का जो मिशन है
23:28आप उसका एक महत्वपूर्स तंभ है और बीते वर्षों में आपने इसमें बहुत बड़ी भूमी का निभाई भी है
23:39जब UPST का घटन हुआ था तब बड़े शहरों समर्थ परिवारों और बड़े संसानों से पड़े युवाओं को आउसरों का
23:51लाब अधिक मिलता था
23:53लेकिन आज गाउं और कस्बों के युवा भी पब्लिक सर्विस में पहुंच रहे हैं
24:02हमारी बेटियों की भागिजारी भी लगाता बढ़ रही है उन्नी सो बावन में शिविल सर्विसेज में विमेन केंडिडेट्स के संग्या
24:15सिर्फ
24:17तीन प्रसेंट थी तीन प्रतिशत आज यह 30 प्रसेंट 30 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है
24:30और यूपी एस्सी के पूरे इतिहास में
24:37चार विमेन चेर परसंट रही है पूरे यूपी एस्सी के इतिहास में
24:45ताली बजने का समयब आएगा पूरे यूपी एस्सी के हिस्ट्री में चार उसमें से तीन
24:562014 के बाद बनी है यह बदलाव केवल आंकड़े नहीं है यह बताते हैं कि देश में
25:19आउसरों का दाइरा कितना बढ़ा है साथ क्यों 1976 में जब यूपी एस्सी को पचास साल हुए थे
25:33उस समय की तुलना में परिख्या देने वालों की संख्या में
25:4045 गुना से अधिक की वृद्धी दर्ज किजा चुकी
25:47यानि आज हमारे सामने टैलेंट का एक बहुत बड़ा पूल है
25:54यह देश के लिए बहुत गर्व की बात है अब हमारी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है
26:04क्योंकि जब इतना बड़ा टैलेंट पूल हो पुरी दुनिया जिस पर इरशा करती है
26:12जब सामने इतना बड़ा टैलेंट पूल है तो आप सिर्फ एक कैंडिडेट को सेलेक नहीं कर रहे हैं
26:22आप ऐसे व्यक्ति का चैन कर रहे हैं जो आगे चलकर गवर्मेंट का रिप्रेजेंटेटिव बनेगा
26:35ग्राउन लेवर पर लोग उसी को गवर्मेंट मानेंगे इसलिए आप सभी पर सही व्यक्ति के चैन का बहुत बड़ा दाइक्त्व
26:50है
26:51साथ क्यों UPSD ने अपने पहले सो साल में अपनी विश्वस नियता को निरंतर मजबूत किया है
27:01अभी संस्था को अपनी दूसरी सदी में नई संभावनाओं नई चुनोतियों के हिसाब से विश्वस नियता को और सम्रुद्द कर
27:16रहा है
27:16जो बेल्यूज आज तक हमारी ताकत रही है उन्हें मनाये रखते हुए
27:26भविश्च के अनुरुप अपग्रेड भी करना आए
27:31UPSC की स्वतंत्रता, निश्पक्षता, योग्यता, गोपनियता और निश्पक्षप्रक्रिया
27:45यही उसकी पहचान है
27:51यह मुल्या हमेशा बने रहना चाहिए
27:57इसी आग्रह के साथ आप सभी को फिर से बहुत बहुत शुक्त आमना हैं, बहुत बहुत धन्यवाद
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