00:00तो महंगाई का ये संकट हमारे आपके सामने तो है ही लेकिन देश के सामने एक बहुत बड़ा खाद्यान संकट
00:06आने वाला है यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सरकार भी यह मान रही है विदेश मंत्री है जैशंकर
00:11ने ऐसे आशंका क्यों जताई जैशंकर ने अमेरिका के का
00:26कहीं सूखा पहले से ही फसल खराब कर रही और याद रखिए अभी अलीनो का असर भी बाकी है देखे
00:32रिपोर्ट
00:33क्या भारत पर बहुत बड़ा खाध्यान संकट आने वाला है
00:38कहीं बहुत जादा बारिश और बार और कहीं सूखा ये किस तबाही के संकेत है
00:45क्या सूपर अलीनो भारत में बड़ी तबाही लाने वाला है
01:14पूरी दुनिया इस वक्त एक भीशन संकट की चपेट में है
01:17पश्यम एशिया तनाव के चलते तहले ही दुनिया में उर्जा का संकट है
01:21अंतराश्ट्रिय बाजार में तेल की केमते सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है
01:25रूस यूकरेन युद्ध के चलते रासाइनिक खाच संकट भी सामने है
01:29भारत में कहीं सूखा है तो कहीं बहुत जादा बारिश की वजह से फसलें खराब हो गई है
01:34और उपर से अल नीनो की चेतावनी ने चिन्ताएं बढ़ा दी
01:39और ऐसे में विदेश मंत्री S. जैशंकर के बयान ने बड़ी खलबली पैदा कर दी
01:44अमेरिका में एक कारिक्रम में जैशंकर ने मध्यपूर और ब्लैक सी में चल रहे युद्धों की वजह से
01:49दुनिया में हो रही किल्लत पर चिंता जताई
02:02जैशंकर ने भारत में खाद्यान और फटिलाइब संकत का
02:22बुर्ण बाली बिलेस्ट गनोरी अटर येफट अवागे इन्पूराग बिलेस्ट प्रिज हो आज पीखिंग मैं इन्वार टोब झालाग वृड नियू, झालाग
02:34लेण घर टोग्ज फटा, यह एलनोर के लियू, ग्यूल चाया आजा है, लाय व्यूट टाज्ट बिलेस्ट
02:47on top of it and and finance because every time there's a conflict you know money moves towards
02:54safe harbors and away from the global south so so the net result of it has been really very very
03:02stressful.
03:17तो फसलें ही खराब हो गई, दूसरी तरफ बहुत से ऐसे राज्य है जहां भारी बार की वज़े से फसलें
03:23बरबाद हो गई, खेतों में खड़ी धान की फसल बार के पानी में डूब गई.
03:47खुद देश के क्रिशी मंत्री सुईकार कर रहे हैं
03:49कि इस बार 12% बारिश कम हुई है
03:51सोचिए पूरा मौनसून का सीजन निपट गया
03:54सितंबर खत्म हो गया
03:56और बारिश का डेफिसिट खत्म ही नहीं हुआ
03:58यही वज़े है कि खरीट की फसल में गुआई का एरिया कम हो गया है
04:04अभी इस साल
04:07अल्मीनों का सग्डट
04:11उसकी आसंगा थी
04:14और अल्मीनों से निपटने का
04:18और अपरेल से हमने प्रारणब कर लिया था अभी इस वीच में
04:27जो बरसा की इस्सिती है
04:32लगवग बारा परसेंट बरसा की कमी है
04:34पहले है यह 24-25 सारी तक 14% की कमी थी
04:40लेकिन अब यह पिछले 3-4 तनों में जो पास्ट इस वीए
04:44तो घ्टके 12% रह रही है
04:48लेकिन बरसा भी अस्मान हुई है
04:52तो जाके सामाने से कम हुई है
04:55कमी है
04:57लेकिन के जगे सामाने से ज़यदा बरसा भी है
05:02लेकिन बरसा के कारण नियुक्त अल्डिनों के संकट के कारण
05:08जो आसंका थी के
05:11खरीफ की फसल में
05:14जो एलिया होता है सोईक का बोनी का वो काफी कम हो जाएगा
05:47खाद्यान संकट को लेकर चिंता इस बात से भी है
05:49तिलंगाना और राजस्थान के कुछ हिस्तों में नुकसान की जानकारी मिली है
05:55महराश्ट के तो कई जिले सूखा प्रभावित घोचित हो चुके हैं
05:58इन जिलों के किसान मौनसून का इंतजार करते ही रह गए
06:02खेतों में सोयबीन, कपास की फसल, पानी की कमी की वज़े से बरबाद हो गई
06:06हालात ये हैं कि सूखे के चलते अवक किसान कहीं का नहीं रहा
06:28बारिश के आंकड़े बताते हैं कि महराश्ट के कई जिले सूखे से प्रभावित है
06:32इन जिलों में अमरवती, नाकपुर, वर्धा, अकोला, बुलधाना, वाशिम, यवतमाल, चंदरपुर, हिंगोली, परभणी, बीड, शोलापुर, सांगली और सतारा शामिल है
06:44राज्य की रिपोर्ट के मुताबिक कई जिलों में बारिश में बड़ी कमी दर्ज की गई है
06:48शोलापुर सबसे जादा प्रभावित जिलों में शामिल है जहां 56% बारिश की कमी रही
06:53यहां 21-43 दिनों तक बारिश नहीं हुई
06:56वहीं मराटवाडा के दूसरे जिलों में लातूर, धाराशिव, बीड और परभणी में बारिश की कमी 35-40% के बीच
07:03रही
07:04सरकार के रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि फसलों को 70% से जादा नुकसान हो सकता है
07:09सुयबीन की फसल में 80-90% तक का गिरावट का नुमान है
07:13वहीं बाजरा, मक्का और तूरदार की फसल में 60-70% तक गिरावट हो सकती है
07:21सरकार भी मानती है कि महराश्ट में सूखे की वजह से हालात बत से बत्तर है
07:25खरीफ की फसल पूरी तह बरबाद हो चुकी है
07:28लेकिन अभी तो असली डर रभी की फसल को लेकर भी है
07:31क्योंकि अल्नीनो की वजह से रभी की फसल पर भी बरबादी का साया है
07:37परियावरण पर नजर रखने वाली वैश्वीक संस्थाई इस बात की चेतावनी लगातार दे रही है
07:40कि एल नीनों के सक्री होने के बाद मौसम में चरम बदलाव होंगे
07:44कहीं अत्याधिक वर्षा होगी तो कहीं बहुत ज्यादा गर्मी होगी
07:46भारत के लिहाज से देखें तो ऐसे में चरम मौसम का सीधा सा मतलब है
07:50कि जब अक्टूबर नमबर के बाद ठंड बढ़ती है
08:10अनाज पर उसकी बुवाई पर और फसलों की पूरी गुणमत्ता और उसकी क्वांटिटी पर असर पड़ सकता है
08:16ये सुपर एल नीनों बहुत बड़ी चुनोती लेकर कि आया है
08:19जिसका सीधा असर भारत, श्रिलंका, बांगलादेश, पाकिस्तान जैसे देशों पर पड़ेगा
08:23भारत इसलिए को कि उसकी जरूरते बड़ी है, उसकी आबादी बड़ी है
08:26और उसकी क्षमता जो है, उसका जो उत्पादन है वो आत्म निर्भर अपने अनाच पर है
08:30और ऐसे में एल निनो सीधा असर डाल सकता है
08:43सवाल ये भी है कि क्या मौनसून के पैटन में आया ये बदलाओ, उपर से एल निनो जिसे इस बार
08:48सुपर एल निनो कहा जा रहा है
08:50उसके प्रभाव के वज़े से भी ये खाद्यान संकट खड़ा हो सकता है, जैशंकर सुपर एल निनो का जिकर कर
08:55रहे है
08:55लेकिन ये होता क्या है, विशे शग क्यों कह रहे हैं कि ये एल निनो खरीफ के साथ साथ रभी
09:00की फसल को खराब कर सकता है
09:02इस अगल रिपोर्ट के जरिये समझे
09:05ये है वो खत्रा जिसके बारे में पूरी दुनिया को संयुक्त राष्ट भी आगाह कर रहा है
09:10अल निनो जो अब सूपर अल निनो हो चुका है
09:14कहीं भारी बाढ़, कहीं भयंकर सूखा, कहीं बहुत गर्मी, कहीं बहुत ठंड
09:19इसके पीछे अल निनो ही जम्मेदार है, जो अब सूपर अल निनो बन चुका है
09:24क्या होता है सूपर अल निनो, सबसे महले पर्यावरन विदों से इसे समझे
09:38सूपर अल निनो हम क्यों इसको बोड़ रहे हैं
09:46कभी ये तीन साल में, कभी चार साल में, कभी पांच साल में
09:49और इसका एक इंडेक्स होता है, उस इंडेक्स से हम इसको मैजर करते हैं
09:53कि वो कितना ज़ादे उसका परभाव है तापपान के उपर
09:57तो अलनीनो, सूपर अलनीनो तब बनता है कि जब इसका टेंपरिचर जो नॉर्मल टेंपरिचर है उससे कहीं जाद होता है
10:04इस बार जो अलनीनो इवेंट है वो आपकी सूपर अलनीनो की कैटेगरी में आता है
10:10विशिशक के चेतावनी दे रहे हैं कि समुदुरतल के तापपान बढ़ने के बाद इसका असर भारत जैसे देशों पर सर्दी
10:17के मौसम में दिखाई देगा
10:18यानि अगर सूपर अलनीनो सक्रिय हुआ तो सर्दियों में भी तापपान जादा रहेगा
10:23मौसम में नमी कम होगी तो सीधा असर रभी की फसल पर होगा
10:27यानि गेहूं की फसल में कमी आ सकती है
10:322026 का एलनीनो औसामान ये इसलिए है क्योंकि प्रशांत महासागर में भूम अध्य रेखा पर
10:37जिस तरह समंदर की सतह का तापमान बढ़ रहा है
10:40उसके चलते उसका असर सिर्फ प्रशांत महासागर नहीं बलकि पूरी दुनिया पर होगा
10:44और खासकर एशिया पर क्योंकि अभी भी भारत में इंडियन ओशन डाइपोल वो पॉजिटिव नहीं हुआ है
10:49जिसके असर के चलते मौसम में चरम बदला होगी
10:52जहां बरसत होगी वहां तेज बरसत होगी
10:54और जहां इस तरह तापमान बढ़ेगा
10:55यानि उक्टूबर से लेकर के नवमबर दिसंबर
10:58जब भारत में स्थर्धियों का समय होगा
11:00ऐसे में तापमान सामानिय से ज्यादा होगा
11:02नमी कम होगी
11:03जिसका सीधा सासर फसलों पर खासकर रभी की फसल पर दिखाई देगा
11:39अगर हमारे ड्राइब रहेगा तो इसपेशली जो घस्टन डिस्टरबेंस आने में उनका जो क्लाउट फोर्मेशन उसको इंपक्त जरूर कर सकता
11:51है अगर आपका ड्राइब आ रहा है और अधर से परियापत मोश्यर अगर नहीं है तो वो उसको रेंड पैटर्न
11:57में बदलना
11:57मुश्किन होगा लेहाजा रेंड आपका कम हो सकता है और जिसमें हमारे फूर्ड प्रोडक्शन पर उसकी डारेक्ट इंपक्त पर सकते
12:06है परियावरन पर नजर रखने वाली सस्था क्लाइमेट ट्रेंट्स ने रभी की फसल को लेकर होने वाले बदलाव पर बड़ी
12:26रिप
12:26मुश्किन हो सकती है जिससे दाने का आकार और वजन प्रभावित होता है यहू उत्पादक शेत्रों में तापमान तेजी से
12:33बढ़ रहा है
12:332011 से 2025 के बीच हरियाना, पंजाब, उत्तरप्रदेश, गुजराद और मध्यप्रदेश में गेहू के मौसम में आसत तापमान में वृत्ती
12:42दर्श की गई
12:42मार्ट से मई के दौरान असमय बारिश गेहू की गुनवत्ता खराब कर सकती है
12:49भारा सरकार का कहना है कि उसके खाद्यान बकेट में जरूरत के लिए जितनी संसाधन चाहिए वो सब मौजूद है,
12:55खाद की किल्लत नहीं होगी
12:56लेकिन पश्ची मेशिया का संकट हमने उर्जा के शेतर में देखा है, इसी के सासाथ फर्टिलाइजर की खिल्लत
13:02और अब जब अलनीनो का असर है तो उसका सीधा असासर रभी की फसलों पर किसानों पर दिखाई देगा
13:07और इन तमाम चुनोतियों को लेकर के सरकार उसे आगाह कर रही है, वैश्विक संगठन आगाह कर रहे हैं कि
13:13ये एक ट्रेलर हो सकता है, ये अलनीनो पूरी दुनिया को उस संकट से आगाह कर रहा है, जो पर्यावरन
13:19में हो रहे बदलाव के चलते सीधे दिखाई देगा
13:21दिली से पवन के साथ मैं आश्यतोश मिश्रा आज तक
13:28तो कुल मिलाकर अलनीनो भारत के लिए बहुत बड़ा संकट लेकर आ रहा है, इसलिए सरकार भी शायद अभी से
13:35सब को आगाह कर रही है
Comments