Skip to playerSkip to main content
Please Follow this channel

#webseries , #resmika #resmikamandana , #hindimovie, #bollywood, #bollywoodmovies, #hindicinema, #bollywoodsongs
Movie Publishing Permission Statement

I have received official permission from the movie publisher to publish and distribute the authorized film on Dailymotion. This permission has been granted in accordance with the terms agreed upon by both parties and allows me to upload the content to the platform.

The copyright and all intellectual property rights remain the property of the publisher and/or the original copyright owner. This authorization does not transfer ownership of the film; it only grants permission to publish the content as specified in the agreement. I will comply with all applicable copyright laws and the platform's content policies while publishing the movie.

Category

🎈
Fun
Transcript
00:14वाँ उजद भीनाबात, मजा या नहीं? यहां नहीं? यह संत किस बाद का गट्स?
00:22तु साथे नुलाइफ यार
00:25Excuse me, for the third time
00:29एक ही कहानी कितनी बार पड़ेगा इंसान या
00:32सही है या, मस्त है
00:35अच्छा, और तीसरी कहानी शुरू करने से पहले ये तो देख लो कि पुरानी दो कहानियों का एंड क्यों हुआ
00:41Boring
00:42एक ही पतनी के साथ, एक ही आर्मी कितने साल रहेगा तुम भी सोचो ला है यार
00:48Fair enough
00:50मतलब तु मेरी बात मानती हो, राइट
00:51Absolutely
00:53क्योंकि एक ही पती के साथ 15 साल तक रहेके पतनी भी बोर हो जाती है
00:57Same feeling
00:58या, देखो, सबसे पहले पती रोजेज लाता है
01:02फिर सबजी का थैला
01:04बज़कर
01:04और फिर एमटी हैंड घर में इंटर करता है
01:07पर बीवी, बीवी क्या हरती हो
01:10यह, पहले पती के लिए सचती है
01:13फिर जब बच्चों को सजाने में लग जाती है
01:15तो वही पती, पत्नी को देखने के बजाए टीवी देखने में लग जाता है
01:19बस बस यार, तुम्हारी यह कच-कचाने मुझे पसंद नहीं आती है
01:21और इसी एक बात बताओ तुम्हें, शादी सपले मैं तुम्हें इस हालत में देखता ना
01:25तो? तु क्या करते?
01:27उल्टेपाव वापिस भाग जाता मैं
01:29अच्छा, और मैं क्या करती? अपने आपको कमरे में लॉक कर लेती, सिंगल रह लेती
01:34लेकिन तुम्हारी जैसे इंसान की साथ कभी शादी नहीं करती
01:44प्रत्या दुना आ अगे
01:49क्या हाल है?
01:51अए, साहडू साव
01:55अच्छा, ओवाड़ा टो दुनाखी अजियादी
02:04ए वॉनस मा्वि
02:06व॥े लिया आपको
02:07प्रत्परिए मैं बहुत आफची यजियाजिग
02:08आप कैसे हैं?
02:10शूपर्ब
02:16आप
02:18अमिजी, कैसे हैं आप?
02:20मैं ठीक हूँ, और आप कैसी हैं?
02:24बहुत बढ़िया, आप वैसे मानना पड़ेगा, शादी के दस साल बार भार भी आपकी परस्टनालिटी और बार बिल्कुल वैसे कर
02:30ऐसे हैं
02:34आपकी कॉंप्लिमेंट देने के आदक गई नहीं है
02:38वह, वेट, इसका मतला, आप गटिंग ओल्ड
02:43नो वेज, बुडी और आप, इंपॉसिबल, आप एक्टम फ्रीज हो चुके हैं
02:55आप पेले भी बीटिफुल दिखते थी और आज भी बीटिफुल दिखते हैं
03:00उमर का आप पर कोई असर नहीं हो रहा है, सिरिस्ली
03:06ये ना आपकी नजरों का कसूरे जी जाजी
03:10वरना इनकी आँखों में तो अभी से मैं आउट डीडिट हो चुकी हूँ
03:16अब छोड़िये सब, चलिए अंदर चल के बाग करें
03:19चलो आओ पीस, कम
03:20कमें सर
03:30अरे वाँ
03:32आज मी इस घर में डेकोरेशन ऐसी की वैसी है
03:35साधु साब
03:37डेकोरेशन की वैसी की वैसी है
03:38और
03:41बीवी वैसी की वैसी है
03:49ये पेंटिंग
03:50ये तो भ GeniusE
03:55आपको याद है
03:57पर आप दुनों को याद है
03:59आप दुन की शादी के टाइम
04:00जीजा जी पर कितनी लड़कियां फिदा थी
04:03कम लून यार
04:04अब तो इन पे मख्खी भी ने मैठती
04:08इस नौट फेर यार
04:11हमारे सारु सावाज भी उतने ही एंसम दिखते हैं
04:16वैसे आमेज जी आप भी बहुत एंसम मैं पेपी
04:25बिल्कल किसी मुवी के हीरो से कम थोड़ी हैं आप
04:28है? सच में?
04:33तो उसी खुशी में फिर
04:35एक्स्चेंज ओफर कर लें किया?
04:36दन भाई, दन!
04:41वैसे भी दोनों का रिष्टा बहनों का है
04:43किसी को पता भी ने चलेगा
04:45और किसी को प्रॉलम भी नहीं होगी
05:03अरे अमिजी, आपने क्यों तकलिफ की?
05:06मुझे कह देते, मैं पानी ले आती
05:09अगर आप पानी ले कर आजाती
05:11तो आपको छेड़ने का मोगा कहा मिलता मुझे
05:18अरे, क्या आप भी अमिजी, अप क्या ही फायदा
05:20अप तो उमार डल गई
05:23अरे, रीमा जी, आपको आइडिया नहीं है
05:25क्या आप कितनी ब्यूटिफुल दिखती है
05:31अ, देट्स रिली नाइस अफ्यू, बट मुझे पता है आप जूट बोल रहे
05:35I'm not lying, seriously
05:38फिर तो आपको नया चश्मा लेना पड़ेगा
05:40देखे रीमा जी, फूपसूप्ती चश्मा बदानास नहीं
05:44आँखों से देखी जाती है
05:47लगता है, आपका माना आज जादा ही डोल रहा है
05:51क्या करें
05:52मन भी बंदर की तरह होता है
05:54कभी एक डाल से डोलता है
05:56कभी दूसरी डाल पे डोलता है
05:58बस डोलते ही रहता है
06:02तो अपने इस बंदर से कही है
06:04कि डाल डाल फिर ना बंद करे
06:06अगर गलती से डाल टूट गई
06:08को डाल का मालिक
06:10सीरियस हो जाएगा
06:14अरा साडू साब
06:26साडू है आप पानी लेने कहे थे
06:29या कुवा खोद ने
06:34मैंने कहा था ना
06:35ये मुझसे जैलेसी फील कर रहे है
06:38क्योंकि मैं इनकी बीवी को इंप्रेस कर रहा हूँ
06:45अरे ये सब छोड़े है
06:46अमिर जी नीलम का है
06:47उसे बुलाएए ना प्लीज
06:49हाँ हाँ मैं बुला के लिए के आथा
06:50अरे रुखिये रुखिये ये
06:52मारी बीवी को इंप्रेस कीजी
06:55नीरम जी को हम देख आते हैं
07:13नीरम अरे तुम अभी ही बुक्स पढ़ती हो
07:16और आप आप भी तु पढ़ते थे
07:18रमेंबर
07:21मैं तो अभी भी किताबे पढ़ता हूं
07:23बस फर्क इतना है रेमा से चुबा कर पढ़ता हूं
07:28उसे पसंद निया ना?
07:30हाँ
07:30क्या करें?
07:31यहाँ भी वही हाले
07:33अमित को तो किताब उसे ऐलर्जी है
07:37बगवान ने भी क्या आपोजिट पेरिंग बनागे है
07:39नहीं?
07:40हाँ
07:41पर अब तो हम इसे रिवर्स भी नहीं कर सकते हैं
07:45हाँ
07:45इसे कौन से बुक पर्टी है थो?
07:47लव आप्टर फॉर्टी
07:49काफी अच्छे बुक है
07:50अरे वहाँ, वहरी नाइस
07:51देखो
07:58लगता है साली साहबा
08:02नहीं प्यार की तलाज भी
08:09प्यार की जरूरत तो हर उम्र में होती है
08:13इनफेक्ट हर किसी को होती है
08:16बस फर्क इतना है कि जादातर लोग इसे अपने दिल में छुपा के रखते हैं
08:20एक्सप्रेस नहीं करते हैं
08:27क्या बात होते हैं आप
08:29सीरिसरे
08:32कहें आप साइकलोजिस तो नहीं हैं
08:38आप अपने दिल से पूछें
08:40पराय दिल का हाल
08:47कहें आपको उसी की तलाश तो नहीं है
08:53इसकी तलाश मुझे है
08:59आपको क्या लगता है
09:00हम और ते मरदों से अलग है
09:04और सॉरी
09:07आपने तो मुझे
09:09स्पेश्डिस करते हैं
09:12क्यों
09:14मेरी बात आपको अनकम्फिटेबल लग रही है
09:19नहीं आपको आपको अनकम्फिटेबल लग रही है
09:30तो ते मेरी आपको तो नहीं है
09:47मत कीजिए, वरना सच में भी होश हो जाइएगा, चलिये, खाना खाते हैं, अरे चलिये, हाँ, वाँ, वैसे एक बात
10:05माननी पड़ेगी रिना जी, आप खाना आज भी उतना ही टेस्टी बनाती है, आज भी, अरे भाई हाँ, कॉलें जब
10:15ये टीफन लेकर आती थी तो, आदा �
10:17मैं भी खाता था, अच्छा जी, अब समझाया, दूसरों का नाच खा कर ये इतने हल्दी हो गए है, मैसे
10:30जी जी एक बात कहूँ आपसे, आप भी कमाल है, जी जा जी मैंने सा क्या मेरेकल कर गया, अरे
10:37यार इतने साल से अप साडू जी को हैंडल कर रही हैं, ये को छोटी ब
10:46आपकी पताना, अमी जी की सबसे बुरी हाबिट क्या है, बुरी हाबिट, एक बताओं या पुरी लेस्ट पड़ो, अबे, ओल्ड
10:57ओन, वाती की रिस्पेक नाम की भी कोई चीज होती है, गोनी, होती होगी, पर यहां हमारे घर में नहीं
11:05होती, वैसे मेरी एक बुरी हाबि�
11:16सबसे बुरी हाबिट यह है, कि आप सुनते तो बहुत हो, पर याद कुछ नहीं रखते हैं, इक्जाक्ली, मैंने भी
11:24यह नोटिस किया है, क्योंकि जो पती बिग्निंग में जितना सुनता है, बाद में वो उतना ही कम सुनने लगता
11:29है, यह इसलिए होता है, क्योंकि तब त
11:48क्योंकि अगर स्माइल अच्छी हो, तो घर में एक पॉजिटिव वाइव रहती है, और इतनी ब्यूटिफुल स्माइल हो तो कोई
11:55आदमी घर देर से क्यों आए, एक काम करो भाई, पने कर ले जो, दो दिन रखोगे न, समझ में
12:07आ जागे, और ले जाने का प्राइस, सिंप
12:12अगर दील है भाई, एक छोड़ो, दूसरी ले जो, दन डील, मैं तो जीजु को पुरे एक हफ्ते समाल लोंगी,
12:23बस, सिर्फ एक हफ्ते, नहीं, एक हफ्ते नहीं, जीजु सलीके से खाते है, किताबे बढ़ते है, और धीरे बात करते
12:32है, एक्स्रा एक हफ्ते भी मैं समाल �
12:34जीजु को, और आमिच जी, इनको तो कोई भी औरत हमेशा के लिए अपने पास रख ले, पता नहीं क्यों,
12:50इनकी साथ बहुत कंफ़टिबल फील होता है, हाँ, बचारी औरते, इस कंफ़टिबल फीलिंग के वज़े से फस जाती है,
13:18संजी भाई, इस एरिया में लेट जाती रहती है क्या? जाती तो नहीं है, कुछ दिनों से इस एरिया में
13:25तिवर सा पॉल्म चेकरा है, क्योंकि आपका एक्रिसिटी बोर्ड बहुत ज्यादा रोमेंटिक हो रहा है, साडू साभ आप अप अंदेरे
13:33में भी फ्लर्ट कर रह है
13:35वैसे फ्लर्ट तो बंधिरी में किया जाता है, संजे भाई
13:43रॉंग
13:45अंधिरा शर्फ और सिर्फ इंसान के इंटेंशन चेक करने के लिए बना है
13:49और अगर इंसान के इंटेंशन ही गलत हो तो भगवान सब कुछ लाइफ देख रहे होता है
13:54क्या पता, यह उपरचुनिटी हमें भगवान नहीं ती हो
13:59मतलब
13:59मतलब एक इंसान जो सुबा उठकर बहुवान की पूजा करे और शाम होते ही उसका रियल वर्जिन सामने आए, तो
14:07उसे हम क्या कहेंगे?
14:10तो क्या कहता है आपका रियल वर्जिन?
14:13इसके वारे में आपको कुछ बता नहीं सेता हूँ.
14:16क्यों? नीलम से डरते हो?
14:18नो वे, मैं किसी जहीं डरता हूँ.
14:24तो उठाए मोकी का फाएदा हूँ.
14:29अजी बेना, लोग दिन में वैल्यूज और संस्कारों की बाते करते हैं.
14:34और अंधेरा होते ही, मन दूसरी दिशा में भावनी रखते हैं.
14:42क्या अंधेरा और क्या उचालाब, मन तो हमेशा भागता ही रहता है.
14:49रसी तो सिर्फ हमारे शरीर से बंधी होती है.
14:54हो गया? जाके तुम अंसे भी उपर करो ना?
14:58मैं भी चलता हूँ.
15:02हो जाके तुम अंसे बंधी होती है.
15:11तो सिर्फ हमारे शरी बंधी होती है.
15:21अंधेरा शरी बंधी होती है.
15:35बंधी होती है.
15:39दो हमारे बंधी होती है.
15:51लगता है काम कर गया
15:54आज
16:35आज तो बड़ी खुश लग रहे हो
16:38क्या बात है
16:44हाँ
16:46बहुत सालों बाद अपने लोग मिले हैं
16:50इसलिए आज एक जिंदगी में एक नुवा पंसा है
16:54सई कह रहे हैं तुम
16:57मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है
17:01ऐसा लग रहा है मानू किसी ने खेरे वे पानी में पत्थर मार दिया हूं
17:12सच में
17:15ठेरे वे पानी में किसी ने पत्थर मारती हो
17:22निलम अभी भी कितने सुंदर लगती है ना
17:28हाँ अच्छी तो देखती है
17:59सिर्फ सुंदर
18:00क्यों लगेंगे I mean लगेंगे तो मुझे मतलब और तों को लगेंगे
18:08हजीब बात है न संजय
18:10क्या है
18:13कि हम दोनों सेम चीज सोच रहे हैं
18:22पता नहीं आज क्यों बिलकुल भी नीन नहीं आ रही है
18:26और मेरी नीन तो उड़ गई है
18:30थोड़ी देर बात करें
18:33अगर बात ते बात करते रहेंगे तो नीन वैसे ही नहीं आई
18:39और यसे भी रात बोथ हो गई है
18:42सोजा
18:42गुट नाइट
19:05अमेजी आप कुछ आईए था
19:08प्यास लग वे
19:26अमेजी कुछ आजाएगा
19:32अमेजी आप कुछ आईएगा
19:37और ये
19:38झाईएगा
19:40अमेजी
19:42आईएगा
19:43आप
19:44प्यास
19:55आईएगा
19:56बात
19:58अठ्सक्राइब एक निए बंसे सब्सक्राइब एक कर दोगा है?
20:14यह यह का आँगा है?
20:23यह रिए ज़स्ट लखेंगा है
20:29बट वोड़ द्वी
20:35मैंने वो किताब पड़ी है
20:38मुझे उसमे रेखा करेक्टर बहुत बोड लगा
20:41उसने कहा है कि एक औरत
20:45किसी इंसान के साथ पुरी जिन्दगी जीने के लिए बात दे नहीं है
20:52सर्फ औरत या मर्दवी
20:53दोनो
20:55मुझे ऐसा लगता है कि
20:58प्रेम को दबा के रखने से
21:00या बांद के रखने से
21:02वो मुझे जहने लगता है
21:06सही कहा आपने
21:08जब हर चीज़ चीज़ होती है
21:11तो प्रेम हमेशा क्यों एक सार है
21:13लेकिन इतना साहस भी चाहिए होता है
21:16तब ही तो अधिकतर लोग
21:19अपनी जिन्दकी इस तरह से बिता देते हैं
21:24और बीतर ही बीतर एक फ्रेशनेस ढूंडते रहते हैं
21:30बहुत सारे शादिशुदा
21:31चाहिए वो मर्द हो या औरत हो
21:35कई ना कई चेंज की दबीव इच्छा रखते हैं
21:40आपको क्या लगते हैं
21:42बिल्कु सही कहा आपने
21:44मर्द तो फिर भी अपनी बात किसी ना किसी तरह से कह देते हैं
21:48लेकिन हम ओरते हैं
21:50कभी परिवार, कभी समाज
21:52और कभी-कभी तो खुद से ही डर जाती है
21:58मैंने एक कहानी पड़ी थी
22:00एक महिला लेखी का की
22:02उस कहानी में एक ओरत है
22:12एक दिन उसके मुलाकात एक ऐसे आदमी से होती है
22:15जिसके साथ उसे अपनापन महसूस होता है
22:19दोनों करीब आता है
22:22और एक दिन
22:24अपने कई दिनों की चाहत वो उसके साथ पुरी करती है
22:31उसे अच्छा लगता है
22:33इन फैक उसे हलका महसूस होता है
22:36और उस रात उसे नीद भी अच्छी आती है
22:38उसे किसी तरीके का कोई गेल्ट या अपराद बोट ऐसास नहीं होता
22:44मन की चाहत पूरी करना अपराद कब से हो गया?
23:27किस किसको राद कोची नी दाई
23:37इतना सन्नाटा? लगता है सबकी नीन चोड़ी हो गए
23:47कुछ राते सोने के लिए नहीं होती है
23:51कुछ राते सर्फ ठेंकिंग के लिए होती है
23:54सही कह रही हो
23:56मुझे तो लगता है कि आज घर बैठा नहीं जाया
24:00सो?
24:01हमें कहीं बाहर चलना चाहिए
24:05कहा?
24:06गाइस
24:10पास से बहुत अच्छा पाक है
24:11अगर तुम कहो तो अभी चलते है
24:14पॉफेक्ट हम दोनों तो रेडी हैं
24:17तुम लोग तो रेडी हो
24:19मैं रेडी हो के आता हूँ, ओके?
24:22मैं भी चेंज कर के आई
24:40पॉफेक्ट है
24:41पॉफेश्ची एक बात बताउ
24:43कभी के बदेखकर ऐसा लगता है कि जिंदेगी यूही बीत गए
24:47पुकि जो जिंदगी हमने इमैजन की थी
24:50तो पता नहीं कहा गाइब होगी
24:52या हम ही कहीं और चले गए
24:56मैं से सच बताऊ
24:59हम दोनों को देखकर ऐसा लगता नहीं है कि हम
25:0135 प्लस है
25:03पर अमिर जी
25:05आईना तो हमें रोजी रिमाइंडर देता है न
25:09रिना जी आईना कभी-कभी
25:11जूट भी बोलता है
25:13अच्छा
25:14और दिल
25:18दिल
25:20दिल तो सबसे बड़ा जूटा है
25:24क्योंकि से अगर कोई भी अच्छी चीज बसंद आ जाये न
25:26तो ये उसे पाने की कोशिश करता है
25:33आज अब बहुत डेंजरिस बाती कर रहे है
25:37क्या करें
25:39दरसल डेंजरिस बातों में ही सच्चाई चुपी होती है
25:44हाई
25:47आप तभी घर छोड़कर भागें
25:50मैं
25:52मेंटली
25:53मनी मन में कई बग्स
25:57मेरा भी मन भागता है
25:59कहां
26:01खुश जिंदगी की और
26:02जो कभी मिली ही नहीं
26:05फेकिन आज भी एक जाब अंतर इस सीने में धड़कती है
26:11अगर वो
26:13इच्छा पूरी हो जाती
26:15तो शायद इस मन को कुछ और चाहिए होगा
26:18अंतर समस्या
26:20जिंदगी की नहीं है
26:21नहीं
26:23समस्या तो यह है कि इनसान को हमेशा दूसरा मौसम चाहिए
26:26जब सर्दी में हो तो गर्मी
26:29और जब गर्मी में हो तो सर्दी
26:32असे निमा जी एक बार पूछे
26:36आज अब बहुत कैशन्स पूछ रहे हो
26:38क्यूंकि आज पहली बार मुझे दिल्चस फांसर्स मिल रहे है
26:45इसे एक बात बताईए
26:48कल राज जब हम अंधेरे में आपस में टकराए थे
26:52तो आपको कैसा लगा था
26:57आप अभी कर उसी पल में अटके हो है
27:02क्यों आप नहीं अटकी है
27:08शायद
27:10बताईए ना कैसे लगाए
27:17जैसे कोई ताजी हवाब छूकर निकल गई हो
27:22और एक बल के लिए सब कुछ ठहर सा गया हूँ
27:28मुझे भी कुछ ऐसा ही फिल हुआ था
27:32काश काश वो फल थोड़ा सा और लंबा होता
27:36तो कितना अच्छा होता
27:39आपको भी ऐसा लगता है
27:44जो हुआ ही नहीं उसके बारे में सोचके क्या फायदा
27:48लिकिन आगे जो होगा वो तो हमारे कंट्रोल में है ना
27:57वैसे अजीब बात है
28:00क्या अगर हम पंदा साल पहले मिलते और यह सब बाते करते तो
28:04यह सब बाते कितनी नॉर्मन लगती
28:07अच्छा और अभी कैसा लग रहा है
28:11अभी तो हर एक बात बहुत डेंजरस लगती है
28:15ऑढ़ अडली हम आट में डूपी थी और नॉर्मन में यह सब खूव करदा यह सब देख्ट
28:21तल रात में सचमाश्टों लगती थी हुष से अटने आप से
28:30वच्छे आप से
28:39अपने अप से
28:43शायन्स
28:45मामनियर्थ
28:49पर
28:51शीसक तो गलत है ना
28:55शायन्स
28:56इसका जवाब इतना सिंपल नहीं
28:59अराम से के उपर
29:08अव
29:08एक बात का हूं अमिछ जी
29:10कहिए
29:12आपसे बात करते हुए मुझे पता ही नहीं चलता कि
29:15मैं शादी शुदा हूं
29:17मुझे भी
29:19जबकि संजय के साथ लगता है कि
29:21जिन्दगी की शाम आ गई है
29:24ऐसा क्यों होता है
29:27रिमा जी आप ना किसी दिन
29:29नदी के किनारे चाहिए
29:32आपको अपके सवाल का जवाब बिल जाएगा
29:35हम इन्सानों का नेजरी नदी की तरह है
29:37जिसकी फिद्रत है बहना
29:39लेकिन हमने उसे तलाब में जकड के रखा है
29:42और यहीं उसके ठहराफ का कारण है
29:46I think you're right
29:51बहती वी नदी किती सुंदर लग लिया ना
29:54कभी अधर, कभी उधर, कभी तेज, कभी शान्त
29:58काश
30:00काश की हम भी नदी की तरह अजाद होते है
30:04और अपनी रास्ती खुद चुन पाते
30:10अगर यह सम दो दिन पले हुआ होता ना
30:12व्लाक कोट परस्तेटा
30:15अरब?
30:16अभ मुच आसे यहर
30:20मुच एपने
30:24मादी दिरे तुमसिग शाका चारा
30:38मैवी
30:46लुक अरब
31:06व्लश
31:10व्लश
31:11के लोगों के लिए अच्छा कॉंसा गेम सच का सामना क्या मतलब मतलब इस गेम का रूल है कि हम
31:24में से कोई भी जूट नहीं बोल से जो भी कुछ पूछा जाएगा उसका सिर्फ और सिर्फ ओनेस्ट आंसर ही
31:32दिया जाएगा
31:37यह तो बड़ा देंचरेस के में अरे यार लाइफ में कभी-कभी रिस्क ले ले लेना चाहिए उसमें दिक्कत क्या
31:44है
31:46सभी बोल रहा है कभी-कभी live में रिस्क लेना अच्छा होता है यार
31:52तो साथ करते हैं
31:53पहला सवाल
31:56क्या शादी से पहले
31:58किसी औरत या किसी मर्द को देखकर ऐसा लगा है
32:00कि काश ये पहले में जाता
32:13अमित ये कैसा सवाल है
32:15एक दम स्ट्रेट सवाल
32:17और इसका जवाक
32:19एक मिट
32:25मुझे लगाया काई बार
32:31हाँ
32:32मुझे भी लगा
32:40वाट
32:41तुम्हे दी
32:43वट इस सप्राइज
32:45हरे रीमा हम इंसान है
32:47कोई पत्थर नहीं
32:54कोई महात्मा तो नहीं
33:05श्रीमा तुम्हारी डर्ण
33:12आप लोग मुझे ऐसे क्यूम देख रहे हैं जैसे मैं कोई एलियन हूँ
33:18और मेरा जवाब आप लोग उसे अलग होगा इसका मतलब हम सब के मन में चोर चीपा है
33:28राइट
33:53राइट
33:54हमारी शादी से पहले
33:57पर समझ आज वाली ही हो
34:00तो क्या आप अपने जीवन साती से ही शादी करते हैं
34:07इस सवाल का जवाब मैं नहीं दे सकता
34:11क्यूँ?
34:11यूँकि इसका अगर मैंने जवाब दिया
34:15तो कहीं न कहीं आग लग जाएगी
34:20रहिमन निजमन मन की विथा
34:23मन ही राखो गोए
34:26सच बता देंगे
34:29तो लोग मजाग उड़ाएंगे
34:36साथ देना तो दूर की बात है
34:39हम दर्दी भी ने देंगे
34:46अब जब मर्द ही नहीं बोल पारे तो
34:49हम औरतों से क्या ही एक्सपक किया जा सकते
34:51इक्जाक्ली
34:52तो ठीक है फिर
34:53आज की मीटिंग को यहीं इंड करते हैं
35:06थख गी होगी, नहीं?
35:08हम आज का फिचरी भी होगी
35:11आज पता नहीं क्यों चलना अच्छा लगा
35:15अम इतकी साथ बाते करने अच्छा लगा होगा
35:17ना पर तुम्हें निलम से बात करके कैसा लगा
35:25पहला सवाल मैंने किया ना पहला जवाब भी तुम ही दोगे
35:29खीक है, अच्छा लगा मुझे तो मुझे भी अच्छा लगा
35:43अच्छा तुम काफी कुछ लग रहे थे?
35:45हाँ
35:46क्यों?
35:48पता नहीं
35:49जूट बोल रहो
35:51तुम कब से मेरा जूट पकड़ने लग पुड़ी?
35:53जस दिन तुमसे शादी की थी उस दिन से
35:57अच्छा
35:59सचका सामना जोगी मधूरा रह गया था
36:01उसे पूरा गरे?
36:04ओके
36:05तुम्हें रीमा अच्छे लगते है न?
36:11हाँ
36:12बहुत
36:17बहुत
36:22मुझे पसंजे अच्छे वक्त है
36:27तुम्हें नीलन पसंदे क्या?
36:29हाँ
36:32मुझे पसंदे
36:34और तुम्हें आमीद पसंदे
36:41हाँ
36:43कितना अची बैना
36:44क्या?
37:13सब कुछ कबूल करने के बाद भी
37:23नीलम
37:24मैंन टेलर की पास जाके आती हूं थोड़ी देर
37:26कब तक आओगी?
37:28थोड़ी देर लग जाएगी
37:30सोचने उस साथ में शौपिंग भी गरती आओ
37:31तुम्हारी हो?
37:33नहीं वीमा
37:33मेराने बिलकुल मन नहीं कर रहे
37:35एक काम करें तुम जाओ
37:36हम अगी बार साथ चलेंगे
37:38शौर
37:39अब अच्छा सुनो
37:40संजय आएंगे
37:42क्या तुम उनके लिए तुड़ा नाशता बना दोगी?
37:45ठीक या
37:45थांक यू
37:46जयल दे आना
37:47भय
37:47भय
38:16Hmm, Shaili sahabam, वैसे आप सारा दिन किताबों में घुची रहते हैं
38:21आपको बता है, किताबों के बाहर भी कोई आपको इंतिजार कर रहा है
38:28जिसे इंतिजार है, वो खुद मेरे पास चला है
38:32बंदा हाजर है
38:34बंदी भी हाजर है
38:39वैसे आपके वो दिखाई नहीं दे रहे हैं वो वो तो काफे टाइम पहले किसे काम से बहार गया है
38:45और आपकी मैडम भी बहार गई है
38:56मतलब हम दोनों केले हैं
39:09मतलब हम दोनों केले हैं
39:45निलम के इतने करीब जाकर मैं कहीं रिमा के साथ गलत तो नहीं कर रहा है
39:49अगर मैं रिमा की गलती निकाल कर उसे दोशी बना सकता हूं तो कही जगा गलत तो मैं भी होता
39:55हूं
39:55नहीं नहीं, मैं इसा नहीं कर सकता, निलम से मुझे दूरी बनानी होगी, मुझे रिमा से बात करनी होगी
40:03मत नहीं आपको देखकर मुझे अट्रैक्टिव की फिलो अड़ा हूँ
40:09शाओ, मन चेंग शाओ का
40:15केसा नगो
40:18आप तू केसा लगो
40:19यह रिटेब डिवार अच्छा लगो
40:21मज़ी होगी
40:22तो क्या हम से बाते करेंगे या कुछ और गी करेंगे
40:54क्या अमिद जी के साथ ये नया रिष्टा बनाना ठीक है
40:58क्या सारी गलती संजे की है
41:00या मैं भी उतनी दोशी हूँ
41:02जितना मैं खुद को नहीं समझ रही
41:04जो खुशी मुझे अमिद से मिलती है
41:06वो खुशी संजे ने कई बार मुझे दी है
41:08भर में कैसे भूल सकती हूँ
41:10संजे का प्यार मुझे अपने आपको रोगना होगा
41:24कुछ बोलोगे ने
41:25क्या बोलो
41:28कुछ भी
41:30अनिधिंक
41:32बहुत अजीब लग रहा है
41:35मुझे भी अजीब लग रहा है
41:38पदे
41:40मैंने सोचा था कि
41:41जन्दगी में कोई आर इंसान आ जाएगा
41:43तो शब कुछ बस पदल जाएगा
41:45मुझे भी अझा यह रखता था
41:49पर
41:49कुछ भी तो नहीं बदला
41:51कुछ भी नहीं बदला
41:54सुबाate
41:57चाह भी भी भी होगे
42:01उमर भी भी भी होगे
42:06और हम भी वहीनों के
42:10जानते हो संजे
42:12बच्मन में मेले में एक खिलोना देखा था
42:15जिसे पानी के लिए बहुत रोई थी
42:16और जब फाइनली उसे खरीद कर घर लई
42:20तो दो दिन बाद किसी एक कोणने में पड़ा था
42:27नहीं तो इंसान की फितरत है
42:28जो चीज नहीं होती है
42:33वो उसे कीमती लगती है
42:35और जो चीज उसे मिल जाती है
42:37उसकी चमक धीरी धीरी कम हो जाती है
42:41शायर प्रॉब्लम आदमी आया और और और और और और बटकाता है
42:52सच को जूट
42:55वो जूट को सच बना देता है
43:01तो मैंडन चले?
43:03हाँ
43:05आप दोनों कुछ दिन और रुख जाते तो अच्छा लगता
43:08मेवान की वेल्यू तब ही होती है जब वो कम दिनों के लिए रुखता है
43:13किती अजीब बात है ना
43:15जब यहाँ आये थे तो सोचा था कि कुछ दिन आराम से रहेंगे
43:18पर इतनी जल्दी अपने घर की याद आने लगे
43:20पर हाँ
43:24एक चीज सीथ कर जा रहे है
43:28क्या?
43:29यही के दूर दिखने वारी हर चीज ज़्यादा खुब सुईत लगती है
43:34और तास आने पर?
43:36पता चलता है कि वो हमारी तरह बिल्कुल नॉर्मन है
43:40एक बात कहूँ
43:41बहुँ, हमेना अपनी अपनी वाइफ्स का जादा ख्याल अपना चीज़ एक आपसी लोटे
43:49और हाँ, रीमा के लिए कभी-कभी आप खूल ले आया अगरो
43:54और अमिची, आप भी-कभी किताबे पढ़ लिया केशी नीलम के लिए
43:59मैं ध्यान लखोँ
44:04लगता क्या बागी तुमारी, चलो बाते शोड़ जेते, कम
44:14चाय प्योंगी?
44:15हाँ, हाँ, तुम बनाओगी तुम सरूर प्योंगी
44:18दन, मैं बना के लेकर आता हूँ
44:20Sanjay
44:31I'm sorry
44:40I'm sorry
44:41मुझे माफ करता
44:43क्या, क्या हमारे बिच पहले जैसा प्यार नहीं हो सकता
44:49जैसा जैसा शादी की शुरुआत में था
44:52हो सकता है, हमारे रिष्टा बिपकुल वैसे हो सकता जैसे पहले था
44:57हमारे रिष्टे के बिच में धूल चमा हो चुकी है
45:01जो काफी टेम से हम अटाना भूल के थे
45:04उस धूल को अटाना होगा
45:06और तुम्हें पता है
45:07एक दूसरे को इंप्रस करने की कोशिश करने होगे
45:10एक दूसरे को गिफ्स देने होगे
45:13कभी कुलाब जाओं
45:14कभी रसकुला
45:15कभी जेले भी
45:16हाँ
45:18और मैं भी अपसे घर में थोड़ा त्यार होके रहा करो दिए
45:23फिर तो हमारे रिष्टा फूली चार्स हो जाएगी
45:25चार सो चार्स वोल्ट का
45:29और तुम भी बस घर में तॉलियो भाइन के मत रहा करो
45:34अच्छी टीशिन और ट्राउजर डाल के रहा करो
45:36ओके
45:37इस तुमारे लिए शॉपिंग करने चलते हैं
45:41ओके वो तो कर लेंगे लेकिन
45:46एक नई शुरुवात के लिए
45:49सेरिवेशन करना भी तो जुरी है नहीं
45:52मुझे कैसे है
45:54अब अब अब अब अब अब अब करने दोना प्लीज यार प्लीज
46:00संजब मैं चाय मना दे लागा
46:01अरे यार
46:09कभी-कभी हमें लगता है कि
46:12हमारी जिंदगी में कुछ नया आ जाए
46:13तो हम खुश हो जाएंगे
46:17लेकिन जश तो यह है कि
46:18रिष्टे कभी पुराने नहीं होता है
46:21बस हम उन्हें जीना छोड़ देते हैं
46:23नया प्यार हमेशा खुबसूरत लगता है
46:26क्योंकि उसने रोज मरा की जिम्मेदारिया नहीं होते
46:30पर असली प्यार तो वही है
46:32जो रोज मरा की जिंदगी में
46:35हमें एक दुसरे को चुनना सिखाए
46:38शायद रिष्टो को बचाने के लिए
46:40या फिर जिंदगी में एक नई सिसकारी के लिए
46:44किसी तीसरे की जरूरत नहीं होती
46:46जरूरत होती है तो बस दो लोगों को फिर से एक दूसरे की तरफ देखना सीखना होता है
46:55जरूरत होती है

Recommended