00:02पित्री पक्ष के अंतिम दिन को सर्व पित्री अमावस्य या महले अमावस्य कहते हैं
00:07धार्मिक मानिता के अनुसार सर्व पित्री अमावस्या के दिन उन पित्रों के लिए खास है जिनकी मृत्यू की तिथी ज्यात
00:14नहीं है या किसी कारणवश निर्धारित तिथी पर उनका श्राद नहीं करते
00:18इस दिन पित्रों के लिए निमित तरपन, श्राद और पिंडदान करते हैं
00:22माननेता है कि विधिविधान से किये गए श्राद से पित्रों का अशरवाद मिलता है और परिवार में सुक सम्रुद्धी बनी
00:29रहती है
00:29इस साल 10 ओक्टुबर को सर्व पित्री अमावस्या है
00:33मैं सर्व पित्री अमावस्या में श्राद के शुब मुहुर्त, कुतूप मुहुर्त, रोहन मुहुर्त और अप्राहन काल मुहुर्त में श्राद करना
00:41शुब फलदाई है
00:43कुतूप सुबह 11 बचकर 45 मिनट से दोपहर 12 बचकर 31 मिनट तक रोहन मुहुर्थ दोपहर 12 बचकर 31 मिनट
00:51से 1 बचकर 18 मिनट तक तो वहीं अप्राहन काल मुहुर्थ दोपहर 1 बचकर 18 मिनट से 3 बचकर 37
00:58मिनट तक रहेगा
01:00बात करें तरपिण विदी के और पिंडदान करने के सही तरीके की तो सुबस्नान करके स्वच्छवस्त्र धारण कर दक्षण दिशाकी
01:08और मुह करके कुश के आसन पर बैठ जाएं
01:10इस दिन कुश की पैंती धारण करना भी शुब है तांबे या पीतल के पात्र में जल लेकर उसमें गंगा
01:17जल और काले तिल मिला लें पित्रों का स्मरण करते हूं उनका नाम और गोत्र लें इसके बाद हाथ में
01:22जल लेकर पित्र तीर्थ से धीरे धीरे जल अर्पित करें पि
01:40पिंड दान के लिए सबसे पहले इसनान कर स्वच वस्र पहन कर पित्रों के निमित संकल पलें इसके बाद कुछ
01:48बिचा कर पिंड स्था पित्रों का स्मरण करते हुए श्रद्ध पूर्वक पिंड अर्पित करें पिंड पर काले तिल और कुछ
01:56के साथ जल अर्पित करने का भी
01:58विधान है अब श्राद्ध कर्म में पंचबली की परंपरा बताई गई है इसके तहट भोजन के पांच हिस्से निकाल कर
02:05गाये कुट्टे कववे देवताओं और चीटियों के निमित अर्पित करें
02:09धार्मिक मानिता है कि इस तरह पंचबली करने से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार को अपना अशरवाद देते हैं
02:17संध्या के समय दीपदान करके पितरों को श्रद्धा पूर्वक विदाई दे
02:22फिलहाल इस विडियो में इतना ही विडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले