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1932 में 4 लकड़ी के बाइप्लेन से शुरू होकर आज स्पेस की सीमाओं और 60,000 फीट की ऊंचाइयों पर राज करने वाली भारतीय वायुसेना (IAF) की अनकही गाथा।

1965 के 'Sabre Slayer' नैट जेट से लेकर करगिल, सियाचिन (ऑपरेशन मेघदूत), ऑपरेशन राहत और S-400 सुदर्शन चक्र तक—यह कहानी सिर्फ फाइटर जेट्स की नहीं, बल्कि उन जांबाजों की है जो हर मुश्किल में सबसे आगे खड़े रहते हैं।

"नभः स्पृशं दीप्तम्" — भारतीय वायुसेना के 94 गौरवशाली वर्षों को हमारा सलाम! 🇮🇳✈️

Timestamps / Chapters:

00:00 - 'सारे जहां से अच्छा': स्पेस से भारत

00:45 - 1932: 4 बाइप्लेन और IAF की शुरुआत

01:20 - 1965 War: The Gnat 'Sabre Slayer'

02:00 - फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों (PVC)

02:40 - दौलत बेग ओल्डी & ऑपरेशन मेघदूत (सियाचिन)

03:30 - ऑपरेशन राहत: दुनिया का सबसे बड़ा चॉपर रेस्क्यू

04:15 - ग्लोबल रेस्क्यू मिशन्स (नेपाल, यमन, यूक्रेन, सूडान)

05:00 - मेड इन इंडिया: HAL Tejas और भारत की महिला फाइटर पायलट्स

05:45 - S-400 सुदर्शन चक्र & 94 Years of IAF


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#IndianAirForce #IAF #AirForceDay #IndianDefense #IndianMilitary #Bharat #JaiHind #Tejas #Sukhoi30MKI #AviationHistory

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Transcript
00:00साल 1984, प्रिथवी से 200 किलोमीटर उपर, साल्यूट साथ स्पेस स्टेशन के अंदर, भारत की प्रधान मंत्री ने एक स्क्वाडर्ण
00:10लीडर से वो सवाल पूछा, जिसका जवाब किसी ने और्बिट से पहले कभी नहीं दिया था.
00:15उपर से भारत कैसा दिखता है? सारे जहां से अच्छा, पूरी दुनिया से बहतर.
00:2341 साल बाद, एक ग्रुप कैप्टन ने वही सवाल जिया, एक्सियोम 4 पर, स्पेस स्टेशन की ओर.
00:30भारत के हर एस्टरनौट डेजिगनेट ने उड़ना इसी यूनिफॉर्म में सीखा.
00:38लेकिन उससे भी 41 साल पहले कुछ और पहुँच से बाहर उड़ रहा था.
00:45एक रेकॉनिसेंस जेट 60,000 फीट से उपर, जिसे कोई पकड़ नहीं सकता था.
00:52जब देश सो रहा था, आस्मान का पहरा कौन दे रहा था? और ये कहानी शुरू कहां से हुई?
01:008 अक्टूबर 1932 एक कानून बनता है भारती ये वायू सेना.
01:071 अप्रेल 1933 छे अफसर, 19 हवाई सिपाही, 4 लकड़ी के बाइपलेन. यही थी पूरी एर फोर्स.
01:17सुबरतों मुखर जी, father of the Indian Air Force, ने वो सेना खड़ी की, जो एक दिन और्बिट से जवाब
01:25देगी.
01:26उनके उत्तराधिकारी अरजन सिंग ने वो रैंक पहनी, जो भारतीय सेन ने इतिहास में सिर्फ तीन अफसरों को मिली.
01:331965, पाकिस्तान के पास तेज अमेरिकी सेबर जेक्स, भारत के पास एक छोटा सा फॉलन नैट.
01:42जंग खत्म होते होते, दोनों तरफ के पाइलिट्स ने उसे नाम दिया सेबर स्लेयर.
01:49उसी जंग में स्कौडरन लीडर A.B. देवया ने मिस्टर I.B.A. से एक F.104 गिया और फिर
01:59नौटे ने.
02:0023 साल बाद 1988 में सच सामने आया, उन्हें महावीर चक्र मिला.
02:086 साल बार, श्री नगर में, फ्लाइंग आफिसर सेखों अकेले अपने नैट में 6 हपलावर जेट्स से पिड़े.
02:18वो भी नहीं लोटे, उनका परम बीच चक्र आज भी इस एयोस का अउपनावता है.
02:271988 मालदीव में तखता बलट.
02:30दो आई एल, साथ छे पैरा टूपर्स को लेकर साढ़े तीन हजार किलोमीटर, बिना रुपे, उड़े.
02:38सुबह तक तखता बलट फेड़.
02:431963 मिग 21, भारत का पहला सूपरसॉनिक फाइटर.
02:50आज वही फोर्स दुनिया की चौती सबसे बड़ी ऐर्फोर्स है.
02:55लगधत 17-100 एर्टर.
02:59SU-20 MAI, मैक 2-7.
03:08मिराज 2, मैक 2.2.
03:16सी लेवल पर साउंड बैरियर 1230 किलोमीटर कती घंड़े पर है.
03:21उसे बार करो, तो हवा दिखने लगदी है.
03:25सॉनिक भूम साउंड इफेक्ट नहीं है.
03:27ये एक जेट का अपनी आवाज से आगे निकलना है.
03:31अब वही एर्फोर्स 16,700 फीट उपर.
03:36सबसे ठंडी, सबसे पतली हवा, दौलत बेग पोल्डी, दुनिया की सबसे उची ओपरेशनल एर स्ट्रिप दशकों खाली रहे.
03:4631 मैं 2008, एक IAFAN 32 ने वहाँ उतर कर उसे जिन्दा कर दे.
03:54पांच साल बाद, उसी पट्टी पर C-130J सूपर हर्क्यूलिस उतरा.
04:02यहीं 1984 से ओपरेशन मेगदूद सियाचिन की रक्षा कर रहा है.
04:09इस उंचाई पर हवा इतनी पतली कि इंजन जवाब देने लगते हैं.
04:14यह पाइलेट्स फिर भी उदरते हैं.
04:1860,000 फीट और 16,000 फीट, एक ही एरफोर्स, दोनों एक्स्ट्रीम्स के लिए.
04:24जो स्पेस के किनारे को छू सकते हैं, वही सबसे पहले बाढ़ में भी पहुँचते हैं.
04:33जून 2013, उत्तराखंड में बाढ़, एरफोर्स ने ऑपरेशन राहत शुरू किया.
04:413500 से ज्यादा मिशन, लगभग 24,000 लोग सुरक्षित, दुनिया के सबसे बड़े सिविलियन हेलिकॉप्टर रेस्क्यू में से एक एक
04:53एम आई 17 और एम आई 26 वहां पहुँचे, जहां कोई सड़क नहीं पहुँच सकते थी.
05:00एक एम आई 17 लोटा नहीं, बीस जाने गए, एक कीमत जो ये एरफोर्स जो चाप याद रखती है। ये
05:11जजबा सरहदों तक सीमित नहीं है।
05:192015, नेपाल भुकम, ओपरेशन मैत्री, एक ही दिन में राहत। उसी साल यमन में नेवी के साथ मिलकर 4500 से
05:32ज्यादा भारतियर और 1000 विदेशी नादरिक सुरक्षित निकारें।
05:362021, काबुल, C-17 और C-130, J, सैंकडो भारतियों को वापस लाए। यूक्रेन, 2022, इवाक्यूएशन, तुरकी, 2023, रेस्क्यू टीमें
05:53और राहत सामक, सुडान, 2023, रात के अधिरे में विला लाइस, गरुड कमांडोज ने 121 लोगों को निकाला।
06:05दो एरक्राफ्ट, छे ओपरेशन, एक जजबा, सबसे पहले पहुचना।
06:12जो पंक राहत पहुचाते हैं, वही घर पर कुछ नया भी बना रहे हैं।
06:204 जनवरी 2001, HAL, पेजस की पहली उडा, भारत में डिजाइन, भारत में बना।
06:2915 साल बार, नमबर 45 स्कॉर्टरन, फ्लाइंग डैगर्स में शामित।
06:35सबसे हलके सूपर सॉनिक फाइटर्स में से एक, आगे MK-1A, MK-2 और 5 जनरेशन AMCA
06:4618 जून 2016, अवनी, मोहना और भावना, भारत की पहली महिला फाइटर पाइलेट्स
06:552018, अवनी जतुरवेद, पहली सोलो फाइटर, सौटी
07:032023, गुरुप कैप्टन शालिजा धामी, फ्रन्ट लाइन कॉम्बैट यूनिट की पहली महिला कमांडर
07:12और उपर, 2018 से एक नया शील्ड नजर रख रहा है
07:19S-400, सुदर्शन चक्र, 2021 में ऑपरेशनल
07:27मई 2025, ऑपरेशन सिंदू, बैटरीज वेस्टन बॉर्डर पर तैनाथ
07:35ये शील्ड महसूस करने के लिए है, गिनने के लिए नहीं
07:39हर उडान, हर रेस्क्यू, हर खामोश पहरेदार, सब एक इनसान पकाते हैं
07:46जमीन पर खड़ा वो शक्स, जो हर उडान से पहले सल्यूट करता है
07:51हर 8 अप्टूबर, वही सल्यूट एक परेड बनता है
07:55इस साल 94 साल पूरे, एर बेस बदलते हैं, उपर की गरज नहीं
08:0594 साल से भी पहले, इस एर फोर्स को पता था कि वो क्या रक्षा कर रही है
08:13फॉर्मेशन आखिर में तूटती है, हर जेट अपने खुले आसमान में निकल जाता है
08:2194 साल पहले, चार लकड़ी के बाई प्लेन, आज स्पेस के किनारे की ओर बढ़ता फाइटर
08:30मोटो वही, नभह स्पर्शम दीब्दम, आसमान को गौरव के साथ चूना
08:38और्बिट से जवाब देते स्कौाडरन लीडर से, सल्यूट करते उस शक्स तर
08:44ये कहानी कभी सिर्फ एरक्राफ्ट की नहीं थी, बताएं कौन सा हिस्सा सबसे ज्यादा चूगया
08:51सेबर स्लेयर, साथ हजार फीट का पहरेदार, या वो स्कौाडरन जो किसी के फैसले तक थी ही नहीं
08:58किसी वेटरन को टैग करें, अपना सेल्यूट शेयर करें, बताएं आपको किसने इंस्पायर किया
09:05एर फोर्स डे की शुबकामनाएं, जैहिन

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