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दिल्ली के जंतर-मंतर 2.0 विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है जिससे स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। प्रदर्शन के दौरान लगे भारी जाम और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण ऐतिहासिक चांदनी चौक और खारी बावली जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में ग्राहकों का आना-जाना लगभग ठप हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि पीक सीजन और त्योहारी समय के दौरान इस तरह के व्यवधान से उन्हें प्रतिदिन करोड़ों रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस अनियोजित व्यवधान ने न केवल थोक और खुदरा व्यापार को प्रभावित किया है बल्कि दैनिक वेतन भोगियों और स्थानीय वेंडर्स के रोजगार पर भी सीधा संकट खड़ा कर दिया है। बाजार संघों ने प्रशासन से अपील की है कि प्रदर्शनकारियों के लिए कोई अन्य निश्चित स्थान तय किया जाए ताकि आम जनता की आजीविका सुरक्षित रह सके। इस गंभीर संकट के बीच स्थानीय व्यापारी अब सरकार से आर्थिक मुआवजे और व्यापारिक सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पुरानी दिल्ली की अर्थव्यवस्था को इस झटके से उबरने में लंबा समय लग सकता है जिससे पूरे इलाके में गहरी चिंता का माहौल बना हुआ है।

The recent Jantar Mantar 2.0 protest has completely paralyzed commercial activities across Old Delhi, leaving local traders, merchants, and shopkeepers facing massive financial distress. Due to extensive road blockades, intense barricading, and severe traffic diversions, footfall in iconic wholesale hubs like Chandni Chowk and Khari Baoli has dropped drastically. Business associations report that these disruptions, occurring right during peak trading hours, have inflicted crores of rupees in daily losses on the local economy. Beyond major merchants, daily wage laborers, rickshaw pullers, and small street vendors have seen their livelihoods completely halted by the sudden economic slowdown. Traders are strongly urging the local administration and government authorities to designate alternative protest zones away from commercial arteries to protect livelihoods. The growing unrest has sparked intense debates regarding the balance between the constitutional right to protest and the economic survival of commercial hubs. Without immediate intervention, targeted relief packages, and structured traffic management, Old Delhi's legendary marketplace could take months to recover from this severe setback.

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00:00पुराने दिल्ली के ज्रामा मज़ित का यह इलाका काफी भीड यहां मुवन देखी जाती है शनिवार कतिन होने की वज़े
00:06से यहां पर अभी तो भीड कम है लेकिन जल्दी से नजर डाले इन बंद दुखानों पर तो ऐसा लगेगा
00:11कि प्रोटेस्ट के समर्थन में यह दु�
00:28लेवर यूनियन है भारत बंद करेंगे तो उनके सपोर्ट में उस प्रोटेस्ट के सपोर्ट में दुखाने बंद की जाती है
00:33यहां पर कोई प्रोटेस्ट हुआ अब यह दुखाने बंद क्या है इसका मतलब यह नहीं है कि हम उनके सपोर्ट
00:39में है प्रशासन से पुलिस न
00:57यहां पर कुछ समय पहले पिछले साल यहां पर एक बंब इसकोड की भी घटना होगी थी अपो लगता है
01:16कि
01:38यहां पर यहां पर एक पते की बात यहां पर है शन्यवार का दिन तास्व अक्टोबर महालिया का दिन है
01:43कल से दुर्गा पूजा शुरुवात हो जाती है और
01:46उस केस में जाममस्जिद आकर लोग अगर शॉपिंग करना चाहें या कुछ जो लोग यह समझतें हैं कि आखरी दिन
01:53खा लें तो यहां पर उनके लिए
01:56आने में दिक्कत होती है भाई सब आप यहीं रहते हैं जी सर्ब एस तरह जाममस्जिद में पहले भी हमने
02:02देखा है
02:03बहुत बार जो तहे दुकाने बंद करा दी जाती है आपको लगता है कि एक sensitive zone
02:07है यह और यहां हमेशा करना ज़रूरी है यह तो बहुत जादा sensitive zone
02:11है सर क्योंकि हर जगा का आदमी आता है जाव मज़द एक historical place
02:17और दिली का दिल भी माना जाता है तो यहां पर जो पब्लिक आईगी अगर खुदाना खास्ता यहां पर कुछ
02:24उच्छ नीचे हो जाती है उसका जिम्मदार कौन होगा पुलिस होगी पुलिस ही की बिना पर उन्होंने हमारे आर्डेवियू ऐसे
02:32कहा और हमारे जो टीम है यहा
02:44आज बंद है को दाना खास्ता कोई उच्छ नीच हो जाती है तो अपने घर में सेफ हैं महल नहीं
02:50भी गड़ने देना है चाहे वह हमारे जावा मस्जित का हो चाहे दिली का हो चाहे पूरी इंडिया को को
02:57कि देश से हम है और हम से देश से
03:10का आप कैसे देखते हैं कोई विशार आपकर उसपर कुछ भी नहीं जो है वो तो सबको मालू है तो
03:18खुली किताब है इसके बारे में
03:25कल जब अभीजी दिपके ने एक वीडियो डाला अपना उन्हें कि बहुत दिन तक हम डर के जी चुके अब
03:30और कितना डरिंग है आप मुझे लगता है इस पूरी गैदरिंग में सबसे यंग है यूथ पार्टी मानी जाती है
03:35पार्टी के गैदरिंग है उन्होंने धर्मेंद �
03:38प्रदान को हटा कर दिखा दिया तरीका उनका जो है पीसफुल वो कहते जरूर है उसमें कुछ घंटना होती है
03:42उसके लिए पुलिस तयारत है जनरली क्या भारतियों को इंडियों को इस तरह से जगजोर के उठाने की जरूरत है
03:50बिलकुल जरूरत है एक मुव्मेंट की बि
04:07अब किस तरीके से उठानी है वो गांधी जी ने रास्ता दिखाया है हम गांधी के लोग है और पीसफुल
04:12लोग है और पीसफुल प्रोटेस्ट हमारा हक है आर्टिकल 19 के अकॉर्डिंग अब दिली बुली से परमीशन नहीं दी कोई
04:18बात नहीं आप फिर से दुप परमीश
04:36इस तरह के आवाज उठने की जुरुत है सवाल यह है कि उठाए कौन किसके घर में भगत सिंग पैदा
04:43हो और जैसा कि हमारे मित्र ने यहां पर कहा कि अगर सड़कें वीरान हो जाती है तो संसत आवारा
04:48हो जाती है ठीक उसी तरह अगर मैं गलत नहीं हो तो रामधारी सिंग
04:51दिनकर्दमी कहा था कि शांती कैसी बातावरण में च्छा रही जब उदासी अगर लोग ही दबे खुचले होंगे लोग ही
04:57उदास होंगे तो फिर कैसी राजा और कैसी उस्टी प्रजा कैमरमेन केशव करण के साथ पंकरश मारमेश्र वन इंडिया न्यूस
05:05के लिए इंटर
05:18और सब्सक्वर जब पताव केश Обषफ लग।

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