सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक और हमला हुआ. अब तक हुए हमलों में कुल 12 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 309 लोग घायल हो गए. सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के अनुसार मरने वालों में चार सऊदी और 2 बांग्लादेशी नारिक शामिल हैं. इनके अलावा अमेरिकी, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक की मौत हो गई है. घायलों में कुछ की हालत गंभीर है और उनका कई अस्पतालों में इलाज चल रहा है. विदेशी एम्बेसी ने अपने नागरिकों से एयरपोर्ट से दूर रहने की अपील की है. ताजा हमला 6 और 7 अक्टूबर को सऊदी अरब में किंग खालिद और आभा एयरपोर्ट पर हूती हमलों और यमन में बढ़ते संघर्ष के बाद हुआ. हमले में सिविल एविएशन सुविधाओं को निशाना बनाया गया. हालात को देखते हुए कई एयरलाइंस ने विमानों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. आकासा एयर ने मौजूदा हालात को देखते हुए रियाद आने-जाने वाली सभी फ़्लाइट्स पर रोक 13 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. वहीं, कुवैत एयरवेज ने एयरपोर्ट बंद होने की वजह से कुवैत से रियाद जाने वाली फ़्लाइट KU775 और रियाद से कुवैत जाने वाली KU776 को भी कैंसिल कर दी. एयरपोर्ट पर हमले के बाद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को एयरपोर्ट और आस-पास के इलाकों से बचने की सलाह दी. वहीं, ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन और कनाडा ने भी किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जाने से बचने को कहा है. जापानी दूतावास ने इन हमलों की निंदा की है और कहा है कि किसी भी तरह से सिविलियन और सिविलियन सुविधाओं पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते. सउदी प्रशासन के मुताबिक नया हमला 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए अलग-अलग हमलों के दो दिन बाद हुआ है. उसमें तीन मौतें हुईं और 36 लोग घायल हुए थे. इन हमलों के बीच अमेरिका ने कहा कि वह हूतियों के खिलाफ सऊदी के हमले में शामिल हो सकता है और इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा.