Skip to playerSkip to main content
  • 10 minutes ago
मणिपुर में हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं. रह-रहकर गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं. ताजा मामला नोनी जिले का है, जहां दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में कुकी समुदाय के तीन लोग मारे गए हैं. ये गोलीबारी केक्रू नागा गांव में हुई. बताया जा रहा है कि पहाड़ी और जंगली इलाके में स्थित इस गांव में कई घंटों तक गोलीबारी होती रही.  कुकी समुदाय की शीर्ष संस्था "कुकी इनपी मणिपुर" ने इन मौतों के लिए नागा उग्रवादी समूह को जिम्मेदार ठहराया है और राज्य सरकार से कार्रवाई" की मांग की.मणिपुर मई 2023 से घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष की चपेट में है. इस संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अभी भी लापता हैं. इसके अलावा, इस साल फरवरी से राज्य में कुकी और नागा समुदायों के बीच हुई झड़पों में भी करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है. शनिवार को मैतेई समूहों के एक संगठन ने मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक विशाल रैली निकाली. उन्होंने मूल निवासियों की सुरक्षा की मांग की. साथ ही, उन्होंने उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते को रद्द करने की मांग रखी. कई नागा संगठनों ने भी इन मांगों का समर्थन किया है और कुकी-जो उग्रवादी समूहों पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया है.  ये रैलियां उस घटना के कुछ दिनों बाद हुईं, जब उग्रवादियों ने 14 मैतेई पुरुषों पर घात लगाकर हमला किया और उनमें से तीन की हत्या कर दी. इसके बाद राज्य में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए.अगस्त 2008 में केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी-जो उग्रवादी समूहों के बीच औपचारिक रूप से समझौता हुआ. इसमें ये शर्त थी कि लड़ाके तय किए गए शिविरों तक ही सीमित रहेंगे. समझौते के नियमों के अनुसार, इन समूहों के सदस्यों को हिंसा से दूर रहना है. लेकिन, मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद से, इस समझौते को जारी रखने को लेकर विवाद बढ़ता गया है. फरवरी 2024 में, मणिपुर विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित करके इस समझौते को रद्द करने की मांग की.

Category

🗞
News
Transcript
00:02. . . . . . .
00:30Session faa Kuki NP Manipur ne in mootu kye liye Nagarugurbadi Samoog ko
00:34zimiedar theraya hai aur raha sarkar se karwai ki mangi
00:38Manipur mahi 2023 se ghaati me rehnne waale Maitei
00:41or Pahari ilaqo me rehnne waale Kuki Samudaiyong ke bieč
00:45jatiya sangharsh ki chapeet me hai
00:47Is sangharsh me ab teg kam se kam 306 loogokki jana jaja chukki hai
00:51aur kai loog abhi bhi lapata hai
00:53Iske alawah is saal farwari se rahaachi mei Kuki
00:56ुद्धायों के बीच हुई जर्वों में भी करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है।
01:00शनिवार को मैतेई समगों के एक संगठन ने मनिपूर की रासानी इंफाल में एक विशाल रैली निकाली।
01:07उन्होंने मूल लिवासियों के सुरक्षा की मांगी।
01:09साथ भी उन्होंने उगरवादी समगों के साथ हुए suspension of operation समझोरते को रद्द करने की मांग रखी।
01:16कई नागा संगठनों ने भी इन मांगों का समर्थन किया है।
01:19और कुकी जो उगरवादी समगों पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया है।
01:25ये रैलिया उस घटना के कुछ दिनों बाद हुई जब उगरवादीयों ने 14 मैतरी पुर्षोप पर घात लगा कर हमला
01:30किया और उन में से 3 की हत्या कर दी।
01:33इसके बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये।
01:36अगस 2008 में केल सरकार, मनिपूर सरकार और कुकी जो उगरवादी समगों के बीच अफचारिक रूप से समझाता हुआ।
01:43इनमें ये शर्थी के लड़ाके तै किये गए शिवरों तक ही सिमित रहेंगे।
01:47समझाते की नियमों के अनुसार इन समगों के सदस्यों को हिंसा से दूर रहना है।
01:52लेकिन मई 2023 में बढ़की जातिय हिंसा के बाद से इस समझाते को जारी रखने को लेकर विभाद बढ़ता गया
01:59है।
02:00पर वही 2024 में मनिपूर बिधान सभा ने एक प्रस्ताव फारित कर इस समझाते को रद करने की मान की।
02:07भीरो रिपोर्ट, ETV भारत

Recommended