Skip to playerSkip to main content
दिल्ली की राजधानी में हाल ही में सुरक्षा व्यवस्था को कड़े बंदोबस्त के साथ बनाए रखने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह से तनावपूर्ण और गंभीर बन गई है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं, जिसमें मेट्रो स्टेशनों को अस्थाई रूप से बंद करना भी शामिल है। दिल्ली के इस प्रमुख इलाके में सुरक्षा बलों ने कड़ी चौकसी बरतते हुए स्थिति पर पूरी निगरानी रखी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना या व्यवधान से बचा जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के इन संवेदनशील क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बनाए रखना सर्वोपरि प्राथमिकता है। इस निर्णय के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त दिखाई दिया है। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच संतुलन बना रहे तथा कानून का उल्लंघन न हो। यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली की राजनीतिक और सामाजिक हलचल के लिए बहुत महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है, जिसकी चर्चा हर तरफ जोरों पर है।

The national capital region recently witnessed an intense security lockdown and high-stakes administrative measures designed to maintain law and order during major public demonstrations. In response to anticipated civil protests, security agencies deployed thousands of personnel across sensitive zones, temporarily closing key transit hubs and metro stations to manage public movement. Authorities emphasized that these rigorous precautions were necessary to prevent any potential breach of peace and to ensure public safety across the metropolitan area. The sweeping restrictions caused significant diversions in daily commuting patterns, temporarily altering the rhythm of urban life in the heart of the city. Senior officials closely monitored the ground situation from central control rooms, coordinating efforts between local police forces and transit authorities. This unfolding scenario highlights the delicate balance between civic expression and state security management within India's political epicenter. Observers and analysts continue to track these developments closely as the administration navigates the complexities of maintaining public order during large-scale political friction.

#DelhiProtest #CapitalSecurity #DelhiNews #LawAndOrder #CurrentAffairs #PublicSafety #PoliticalUnrest #IndianPolitics

~HT.410~ED.394~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00मैं ऐसा नहीं कि मैं CJP का affiliate हूँ या कुछ हूँ, मैं individual capacity में हूँ, जैसे देश में
00:06लाखों लोग कर रहे हैं protest, उनी की तरह
00:08मैं इसी के लिए आया था, protest में participate करने के लिए ही आया था, politics नहीं जोइन करनी हूँ,
00:14लेकिन मुद्दा है, political party उठा रही है, तो ठीक है, कोई दिक्तर नहीं लगती हूँ
00:21Actually तो मैं इसी के लिए आया था, protest में participate करने के लिए ही आया था, कि ये एक
00:26ऐसा issue है जिसके परवे मैं genuinely feel करता हूँ, कि election commission
00:31Neutral होना चाहिए, vote चोरी बहुत serious मुद्दा है, इसके बिना democracy exist नहीं कर सकती, अगर vote इस तरीके
00:38से चुराए जा रहे हैं कि पिछली कुछ elections में हुगा है, ये एक democratic देश नहीं है, ये dictatorship
00:43की और बहुत ज़्यादा नीचे गिर चुका है, मैंने हमेशे हैं से का, एक spectrum है, ये मत क
01:00कि अवार एंचेत में हमे थो चुका घे चौली मुद्दा हैं कि अवित cरता नहीं के मत थेड्या सिजी नहीं
01:07कर सकते आथे मृते कि अपिछरा प्रमुर stay कर रहे हैं उट ज़िक सिभा, अडशी पिलिश प्रमॉत कि ऑन्कू पत्रोच
01:20है, आप लोग नहीं प्रोग इसंजा
01:26of India. How do you look at these affairs
01:28that are taking place in India?
01:56और मैंने एक्सपेक्ट किया था कि नॉर्मल प्रोटेस्ट होगा और प्रोटेस्ट करने देंगे जैसा होता है और मैं तो बस
02:01यही करने आया था एक्चलिए तो यह प्रोटेस्ट के अपना चलता रहता है लेकिन मुझे तो लगता है कि इसे
02:15combine protest की तरह देखना चाहिए
02:17सारी parties को साथ में आके
02:20ये नहीं करना चाहिए कि
02:22एक दिन इसका है दूसरे दिन इसका है
02:23तीसरे दिन इसका है सब को साथ में
02:25protest करना चाहिए सारी जनता को साथ में
02:27protest करना चाहिए तब ही pressure
02:28कल भी call किया गया है
02:43गर के चारों तरफ वो लगा रखे हैं इनों ने, पचास आदमी लगा रखे हैं, जो 24 सो गंटे मेरी
02:49फोटो लिए जा रहे हैं, मैं क्या कर रहा हूँ, अब मैं गर से बाहर निकल रहा हूँ, घर में
02:53कौन आ रहा है, घर में कौन नहीं आ रहा, तो इनों ने अनओफिशली मु
03:08कि देखते हैं कि क्या होता है
03:15ऐसे वइसे कोई Ende
03:18कोई मचे इन्वैटन कर गा
03:19है अभी जब मैं आया बैंग LinQ तब भी ऐसा नहीं
03:22था कि कोई मुझे बुला रहा
03:23कि आजओ बैंग regulatory
03:24मैं प्रोटेस्ट में cooperate
03:26ने अभी जीद को call लगाए
03:32मैंने बोला कि यार मुझे लगता है मुझे भी आना चाहिए इस बारी
03:34तो अभी जीत ने सेजेस्ट किया कि आजो आजो अच्छा होगा
03:37और उन्होंने का कि पहले बैंगलोर आजो वाँ प्रकाश राज ये इवेंट होस्ट कर रहे हैं
03:43यहां पे वो डिलीटेद वोटर से का एक ट्रिव्यूनल होगा तो मैंने का यह अच्छा है कि पहले वहाँ चलता
03:49हूं
03:49थोड़ा और समझूँगा इस मुद्ध को ग्राउंड पर और फिर यहां पे आके पार्टिसिपेट करेंगा
03:53सिर्फित कर तक है तो स सिर्फित के सारफदास आख जोतार था वांके सबस्टों का पर इस दिटों आफ नहीं
04:04प्रूशेशी नहीं करिये मैं रतना से गरी थी बार्टिस जिर्रली मैं कूछ रा था कि आप कैसे हो सब ठीक
04:15है अब कैसा चल रहा है
04:17तो उन्होंने भी बताया कि अभी देखते हैं आगे क्या रखते हैं
04:25अभी तक नोट अज़ अज़ अज़ आपको उन्हीं से पूछना पड़ेगा
04:32क्योंकि मैं इंडिविजुल उस पर आया हूँ याँ पर मैं ऐसा नहीं कि मैं CJP का अफिलियेट हूँ या कुछ
04:37हूँ
04:37मैं इंडिविजुल कैपैसिटी में हूँ जैसे देश में लाग हो लोग कर रहे हैं प्रोटेस्ट उन्हीं की तरह
04:48हां लेकिन पॉलिटिक्स नहीं जोइन करनी मुझे लेकिन मुद्दा है पॉलिटिकल पार्टी उठा रही है तो ठीक है कोई दिक्कत
04:56नहीं लगती मुझे
05:07कोट को देखना चाहिए आज उनके पास कितनी पावर है और सरकार ने
05:14काफी टाइम से लोग कहते आ रहे हैं कि सरकार ने सारे इंस्टिशन को कैप्चर कर लिया और सरकार भी
05:18नहीं कहुँँगा मैं तो कहुँगा दो लोगों ने देश के सारे
05:22institutions को capture कर लिया है
05:25मेडिया हो, court हो
05:26election commission हो
05:28हर एक institution पर
05:30बहुत ज़्यादा दबाव है, even police पर
05:32जब मैं detention में था, police वालों ने बताया
05:34कि कितना दबाव उन पर पड़ता है
05:36और detention के बाद
05:38मुझे ये feel हुआ कि
05:40भाई, मैं तो यह 24 गंटे के लिए
05:42एक prisoner था
05:43ये बिचारे तो पूरे साल भर के लिए
05:46prisoner है, ये पूरी life
05:48ये कैदी की तरह जी रहे है
05:49मुझे ये feel हुआ सहीप है, उनकी हालत
05:52देखकर, उनसे कितना ज़्यादा
05:54काम कराया जाता है, इतने overworked है
05:56वो बिचारे, police वाले
05:57उनको उसके बदे कितनी salary मिलती है
06:03तो
06:04जैनरी मुझे उन लोगों के लिए बुरा लगा
06:06जो पत्रकारों के लिए एक सवाल है
06:08कि पत्रकारों को बिटेंग किया जा रहा है
06:10जो प्रेटिक मीडिया है
06:13उनके लोगों को PIV कार्ट मादा जा रहा है
06:29उनके नहीं देपार है
06:31जिसने ग्यानेशटे Club Story विए यहीं
06:36अच्छा उन्हें उठा लिया गया है
06:37तीन पत्रकारों को ब्तेंग किया गया
06:39यह कब की ख़बर है
06:41कल की ख़बर है
06:43कितनी देर पहले कि
06:44तीन के लिए पहले कि
06:48तीन लोगों को उठाया गया
06:53तो यह तो देख सकते हैं आप सीधे तोर पे यह
06:57emergency जैसी situation है देश में
07:00इंद्रा गांधिनी ने कम से कम
07:01declare कर दी थी emergency यहां तो
07:03declare भी नहीं की जा रही है यह
07:04अगान डेकलेइड एमर्जंसी चल रही है
07:17कौन साव कौन सी विदेशी ताकत
07:19मुझे यह जरा बता दो
07:20इलॉन मस्क बोलेंगे
07:22क्योंकि अभी कोइंसिडेंटली उसने वो ट्वीट कर दिया
07:25अमभानी वाला
07:26लेकिन उससे पहले तो मैं खिलाफ ही बोलता रहा हूँ
07:28इलॉन मस्क के वो भी एक
07:29ओलिगार्क है अडानी की तरह है
07:31जो काम अडानी इणडिया में कर रहा है
07:33वही काम इलॉन मस्क अमेरिका में कर रहा है
07:36मैं इन सब ओलिगार्क्स के खिलाफ हूँ
07:39तो दूसरा कौन सा है
07:41जॉर्ज सौरस
07:42कुई connection नहीं है मेरा जॉर्ज सौरस से
07:44उसने भी कुछ ऐसे ही काम की है अपने पास्थ में
07:47फिर बोलेंगे अमेरिका funded है
07:49अमेरिका funded भई अमेरिका मुझे क्यों fund करेगा
07:52अमेरिका को जो करवाना है वो Modi कर रहा है अमेरिका के लिए
07:55इतना pressure बना रहे हैं नरेंडर मोदी पर ट्रंप ने
07:58जो वहाँ से order आता है नरेंडर मोदी फॉलो करते है
08:01चाहें UPI का हो, UPI का आप केस देख सकते हो
08:06American Companies, Visa और Mastercard को फायदा पहुचाने के लिए
08:09मोधी सरकार UPI पर ये लेकर आईए कि छोटा सा टैक्स लगेगा
08:13शुगर केन का देख लो, E20 पेट्रोल में भी अमेरिका का कनेक्शन है
08:17वहाँ पर शुगर केन के इंपोर्ट्स, टरंप ने प्रेशर बनाया कि शुगर केन इंपोर्ट करनी है
08:22हमें एक्सपोर्ट करनी है, इंडिया वालों से करवाओ तो मोधी को ये पॉलिसी लागू करनी पड़ी उसके लिए
08:28हर चीज में तो जो अमेरिका कहता है नरेंदर मोधी करते हैं
08:32और कौन सा देश बचाया है, चाइना के खिलाफ मैंने पहली बोला है
08:35चाइना के खिलाफ, अब मैं तो बोल सकता हूं चाइना के खिलाफ
08:38नरेंदर मोदी को सोचना चाहिए
08:40क्या हो वो बोल सकते हैं चाइना के खिलाफ
08:42मुझे नहीं लगता हो बोल सकते हैं
08:44क्योंकि अभी ये फिल्म आ रही थी सल्मान खान की
08:46जिसमें चाइना के खिलाफ कुछ चीजे थी
08:49सरकार की इतनी इमत नहीं हो रही
08:51कि उस फिल्म को रिलीज होने दे
08:53वहां कि उस फिल्म को पूरी री शूटिंग करवाईगी
08:55सल्मान खान की फिल्म की और ये कहा गया
08:57नहीं नहीं इसको चाइना के फेवर में करो
08:59मुसक्ति इतना अगे इंस नहीं जा सकते
09:01डर्पो के एक नमबर के हो
09:03चाइना से डर रहे हैं, अमेरिका से डर रहे हैं, इलोन से डर रहे हैं, मैं तो सब के खिलाब
09:07बोल रहा हूँ उपनली, मैं एक इंडिविज्वल हूँ और मेरी जो विचार धारा है, मैं उपनली बोलता हूँ यूट्यूब पर
09:13कि मैं किस चीज में यकीन करता हूँ, कोई connection न
09:29और मेरे हैं, फ्यूट चारा खे हां, हाँ झात जबाषै यूट्यूब अबोली about

Recommended