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Meerut Neela Drum Case: Muskan और Sahil को फांसी की सजा का ऐलान हो गया है, लेकिन क्या वकील के साथ हाईकोर्ट जाने का रास्ता फैसले को बदल देगा? जानिए मेरठ के इस चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की पूरी सच्चाई और वो 5 मुख्य कारण जिनकी वजह से आरोपियों को मृत्युदंड मिला।

In the shocking Meerut Neela Drum case, the court has awarded the death penalty to convicts Muskan and Sahil. The decision comes after key evidence and legal arguments proved their involvement in the crime. Stay tuned to Oneindia Hindi for all the latest updates and legal developments on this case.

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Transcript
00:00जिस मामले की हम बात कर रहे थे सजाय मौत मुस्कान और साहिल को लेकर निला ड्रम केस बहुत चरज़त
00:05केस था सबकी अंतरात्मा को हिलाने वाला ये पूरा मामला था किस तरह से जगन्या परात को अंजाम दिया गया
00:12था और जगन्या हत्याकांट की श्रेणी में भी रखने क
00:15कोशिश की है कोट में पहले सबसे पहला कोमेंट की पूरे मामले को आप कैसे देख रहे हैं क्या फासी
00:20की सजा के बाद ये पूरी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई है सौरफ को इंसाफ मिल गया है या आगे
00:25भी इसमें कुछ होना बाकी है कुछ पॉसिबिल्टी नजर आ रह
00:43इसको हत्या की दोसी ठ्राए गए थे अब वो सेंटेंस पे अभी फैसला आ गया है एक वो इनको सजा
00:51को हो गई थे अभी अदालत ले हैं दोनों अपराधियों को ये माना है कि सौरफ राजपूत की हत्या आपने
00:57की है
00:58मैं अपनी बाते रखूँ अब आजए जी जी आपनी बात रखिया और प्लीज ये लॉयर के बाइट का ओडियो म्यूट
01:04कर सकते हैं भी तो उस मामले में वो हो गया है देखिए जिस तरह की समाज में घटना घटित
01:12हुई है इस तरह से जो समाज में एक मेसेज जाना जरूर
01:25करना और उनके टुक्रे करना फिर ड्रम में डालना सिमेंट से करना लेकिन अभी नहीं होगा अभी तो क्या है
01:31कि जब लॉयर कोट ड्रायल कोट जब सिसन कोट फांसी की सजा देती है तो वो तुरंत एक्जिट नहीं होता
01:38है वो हाई कोट जाते है जब हाई कोट में हो जाए
01:52के तब तक के लिए जब तक सुन्भाई नहीं होती यह तब तक के लिए वो अल्मोज फिर उनके पास
02:02फोने में को तुने नहीं हो रही है लेकिन यहाई के लिए मेंसी इस तरह के चीजों के लिए
02:13यदि बास्तब में ये लोग दोसी पाए गए हैं जो साक्षाये हैं तो ठीक है अब देखें हालाकि जो अब
02:20भी हमारे यह जो डॉक्ट्रीन हुआ है उसको रेरेस्ट अप रेर डॉक्ट्रीन में आया है और किसी की मदर करने
02:26के लिए भी फांसी की सजा बहुत ही कम केसों में �
02:30दिये जाते है, life imprisonment देने का होता है, जब लगता है कि एक ऐसा
02:35case है जो rarest of rare cases में आता है, जहां बिल्कुली समझिकता को
02:40रखते विए जगन अपराद किया है, और ऐसे विक्तियों के लिए समाज में
02:44माफी की कोई गुझाइस नहीं है, तब जाके कोट ऐसे दोस्यों के लिए
02:50फांसी की सजा देता है, लेकिन अभी देखना होगा, अभी सुप्रीम हाई कोट में जाएंगे
02:54approval के लिए, आई कोट के approval के बाद appeals होंगी, और थोड़ा मुझे लगता है काफी समय लगेगा
02:58इनके capital punishment को execute होने में, बिल्कुल, क्या फांसी की सजा ये हाई कोट, सुप्रीम कोट तक पहुंचते पहुंचते,
03:07उमरकैद में भी तबदिल हो सकती है, इसकी कितने संभाव ना देख पा रहे हैं, बिल्कुल, बिल्कुल, देखे, मेरे पास
03:12तो अभी judgment की कौपी नहीं है, �
03:15आपने बदाए अभी देखा तो मैंने, वो तो तत्थो के अधार पे है कि ट्राइल कोट ने अपने हिसाब से
03:20evidence को appreciate किया, ना हाई कोट जा है वो अपने विवेक के हिसाब से उसको appreciate करेंगे, फिर सुप्रीम
03:27कोट अपने विवेक के हिसाब से appreciate करेंगे, क्या तत्थवा है, क
03:45हैं उसके अधार पे किया है और सरकमस्टांस से लविडेंस में जिनरली फांसी की सजा नहीं के बराबर होती है,
03:52यदि डाउटफुल होता है, कुछ नहीं मिलते हैं, कि यह दाय जाता है कि नहीं उसके अलावा
03:56और कोई वैक्ति नहीं किया होगा ये कांट, तो उमरकेद की सजा होती है, लेकिन इसमें बहुत समय लगेगा, इसमें
04:03मुझे लगता है कि कोर्ट बिल टेक हाई कोर्ट में भी समय लगेगा, अपिल की सुनवाई होने में सुप्रीम कोर्ट
04:07में भी टैम लगेगा, और फिर ला
04:26फांसी के सजा के लिए छोड़ दे, कुम्र कया दिया, कुछ और कम कारवास के सजा सुनाएं, क्या ऐसी संभावना
04:31है इस मामले में?
04:56देते हैं, और ऐसे मैं कई केस, चुकि मैं त्यार जिल के लिगलेट के पेनल पे भी रहा हूं, वहाँ
05:02पर भी एक जाका मामला था, तो उसमें भी तीन-तीन फांसी की सजा मिली थी, जब हाई कोट ने
05:09उस फांसी की सजा को उमर कैद में बदला, ट्रायल कोट के तीनों केस मे
05:15जिसमें मुंडी कटा केस आपने सुना होगा दिली जेल पो होती थे, तो वह मैंने डिलाप कीती एपील को, क्योंकि
05:22मैं लीगलेट पे था त्यार जिल से, तो उसमें भी ट्रायल कोट के तीनों फांसी की सजा, तीनों में उनको
05:32जो है, जो हमारे चीप जस्तिस रिटार हो ग
05:45में बदल से, बिल्कुल एक टर्म जो होता है से, रेरेस्ट और रेर्ट सिद्धान्त, क्योंकि घर में खुशी का महौल
05:52है सौरब के और तमाम लोग पहले से ही फांसी की अपील कर रहे थे, जिस कदर इस पूरी हिट्याकांट
05:56को अंजाम दिया गया, एक मैसेज देने की भी
06:15रही है कि इसमें कोई आई बितनेस्ट नहीं है, और जो है वो सरकमस्टांसियल एविडेंस के अधार पे इस पूरे
06:25फैसले किये गए है, तो जो घटना है, वो समाज के लिए सौकिंग तो जरूर है, लेकिन मुझे अभी मुझे
06:33व्यक्तिकत पूचेंगे, तो मुझे लगत
06:45कैद में बदल दे जाए, ठीक है, बहुत शुक्राइब रजनीश चे आपका भी हमें वक्त देने के लिए और फिर
06:51जुडने कोशिश करेंगे आपसे रिपोर्ट के साथ और पूरे वर्डिक्ट के साथ,

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