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राहुल गांधी के प्रदर्शन में पाकिस्तान का नाम क्यों आया? दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर कथित फेक न्यूज और भ्रामक वीडियो फैलाए जाने की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में हम पूरे विवाद को आसान भाषा में समझने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपों, मीडिया रिपोर्ट्स और पुष्टि किए गए तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
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Transcript
00:00राहूल गांधी प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरते हैं और कहानी में पाकिस्तान की एंट्री हो जाती है
00:05दावा किया जाता है कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान से कुछ सोचल मीडिया अकाउंट फेक निउस
00:11फिला रहे हैं
00:12तो कहीं दावा किया जाता है कि प्रदर्शन में 13 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई
00:17तो कहीं राहूल गांधी के घायल होने की खबर फैलाई गई
00:20अब सवाल ये है कि क्या वाकई इस प्रदर्शन के पीछे पाकिस्तान का कोई नेटवर्क काम कर रहा था
00:25या फिर कुछ सोचल मीडिया पोस्ट के अधार पर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश हो रही है
00:30और सबसे बड़ा सवाल अगर फेक निउस फैलाई गई तो उसकी जाच होनी चाहिए
00:35लेकिन क्या इस से राहूल गांदी के प्रदर्शन में उठ रहे जा रहे हैं बाकी सवाल खतम हो जाते हैं
00:40नमस्कार आप देख रहे हैं एशनेट हिंदी और मैं हूँ अक्षांश
00:43चलिए पूरे मामले को आशान भासा में समझते हैं
00:46आखिर राहूल गांदी के प्रदर्शन में पाकिस्तान का नाम कैसे आया
00:50देखिए दिल्ली में मुक्च चुनाव आयोक्त ग्यानेश कुमार के खिलाफ विर्दोत प्रदर्शन हो रहा था
00:55प्रदर्शन कारी चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे और उनके स्तीफे की मांग कर रहे थे
01:01इसी दोरान सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आये जिनके दिल्ली में हिंसर और पुलिस की गोली बारी के
01:07दावे किये गए
01:08मीडिया रिपोर्ट की मताबिक एक पोस्ट में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान 13 लोगों की गोली मार कर
01:14हत्या कर दी गई
01:15वहीं एक दूसरे दावे में कहा गया कि राहुल गाधी घयल हो गए है और पुलिस ने गोली चला दी
01:20है
01:20लेकिन इन दावो की पुष्टी नहीं हुई इसी तरह की ब्रहमक सामिग्री को लेकर दिल्ली पुलिस की कारवाही की खबरे
01:26भी सामने आई
01:27रिपोर्ट में पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट का जिक्र किया गया जिनके जरिये प्रजर्शन से जुड़ी फेक निउस फैलाए जाने
01:34का आरोप है
01:35अब यहां एक बात समझे अगर कोई सोशल मीडिया अकाउंट जान बूच कर जूटी खबर फैलाता है तो उसके खिलाफ
01:43कारवाई होनी चाहिए
01:44इससे किसी को इंकार नहीं हो सकता लेकिन किसी अकाउंट का पाकिस्तान से होना और पूरे प्रजर्शन के पीछे पाकिस्तान
01:50का हाथ साबित हो जाना ये दोनों अलग अलग बात है
01:53किसी एक अकाउंट की पोस्ट से अपने आप साबित नहीं हो जाता कि पूरा अंदोलन किसी विदेशी ताकत के इशारे
01:59पर चल रहा है
02:00इसके लिए ठोस सबूत चाहिए, जांच चाहिए और तत्यों के अधार पर निश्कर्ष निकालना जरूरी है
02:06अब दोस्तों एक बात मैं आप से जानना चाहता हूँ, क्या फेक निउस के नाम पर पूरे अंदोलन पर सवाल
02:12उठाना सही है
02:12अब इस मामले में दूसरा पहली देखिए
02:15मान लीजे कि प्रदर्शन के दौरान किसी ने जूटा वीडियो शेयर किया, पुलिस ने उसकी जांच की और कारवाही भी
02:21की
02:21ये बिलकुल सही प्रक्रिया है
02:23लेकिन उस कारवाही के अधार पर ये कहना कि प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति गलत है या चुनाफ प्रक्रिया को
02:29लेकर उठाए जा रहे हैं
02:31सभी सवाल बे बुनियाद हैं क्या ये सही होगा
02:34बिलकुल नहीं
02:35क्योंकि फेक नियूस की जाँच और चुनाफ प्रक्रिया पर सवालों की जाँच दोनों अलग-अलग विशे हैं
02:41अगर राहूल गांधी या विपक्ष चुनाफ प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं
02:45तो उन सवालों का जवाब तत्थियों और अधिकारिक आकणों से दिया जाना चाहिए
02:50और अगर कोई व्यक्तिव फेक नियूस फैलाता है तो उसके खिलाफ कानून के मताब एक कारवाई होनी चाहिए
02:55एक बात और
02:57सुशल मीडिया पर वायरल हो रहे हर पोश को देख कर तुरथ निशकर्ष निकालना ख़तरनाग हो सकता है
03:02खास कर तब जब मामला राजनीति पुलिश और सरजणिक विरोध प्रदरशन से जुड़ा हो
03:07किसी भी ख़बर को सहीं मानने से पहले ये देखना जरूरी है कि उसे किसे ने पोश्ट किया है
03:11उसका मूल वीडियो क्या है और क्या किसी विश्वषचिनिय शूतर ने उसकी पुश्टी की है
03:16पाकिस्तान का नाम सामने आने के बाद सबसे बढ़ा सवाल क्या है
03:20अब सवाल ये है कि इस पूरे विवाद में आखिर किसे फाइदा हो रहा है अगर फेक नियूस फैलाई गई
03:25तो उसके पीछे कौन था अकाउंट कहां से चल रहे थे क्या उनके बीच कोई connection था और जाँच में
03:32अब तक क्या सामने आया है इन सभी सवालों का जवाब जाँच �
03:36ठोज सबूतों से ही मिल सकता है सिर्फ आरोप लगाने से किसी साजिस का पूरा सत सामने नहीं आता लेकिन
03:42दूसरी तरफ अगर विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स भारत में चल रहे किसी सम्मेदल्शीन प्रदरशन के दौरान जूटी खबर फैला कर
03:48तड़ाव बनाने
04:00से बचा जाए दोस्तों इस पूरे मामले में दो बाते साफ हैं पहली फेक डियूस फैलाने वालों के खिलाफ कारवाई
04:07होनी चाहिए चाहे वो किसी भी देश में बैठे क्यों ना हों दूसरी किसी एक पोस्ट के आधार पर पूरे
04:13प्रदरशन या उसमें उठाए गए सवा
04:16सवालों को गलत नहीं ठहराया जा सकता लोगतंत्र में सवाल पूछना भी जरूरी है और खबरों के सच्चाई की जांच
04:22करना भी अब आपकी राए जानना चाहूंगा क्या आपको लगता है कि इस मामले में सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच
04:27के साथ साथ प्रदरशन से
04:29जुडे मूल सवालों पर भी चर्चा होनी चाहिए कमेंस करके अपनी राय जरूर बताईएगा फिलाल के लिए इतना ही देखते
04:35रिया एशनेट हिंदी नमस्कार

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