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  • 9 minutes ago
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने के प्रावधान वाले सख्त प्रतिबंध कानून को फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प ने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए इस छूट से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत, चीन और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख देशों को बड़ी राहत मिली है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी आयात पर निर्भर हैं। इस कानून का मकसद यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के वित्तीय रास्तों को बंद करना था। हालांकि, पश्चिम एशिया के संकट और वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में संभावित उछाल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि भारत की ऊर्जा खरीद पूरी तरह राष्ट्रीय हितों और बाजार की उपलब्धता पर आधारित है। 

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Transcript
00:06अमेरिकी राश्च्रोपती ट्रंप ने रूस पर सक्त प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है
00:12ट्रंप ने शुकरुवार को इस फैसले से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किये और कहा कि ये कदम अमेरिका के राश्च्रिय
00:20हित में है
00:21इस कानून के तहतर रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टक टरिफ लगाया जा सकता
00:28था
00:29इन देशों में चीन, भारत, स्लोवाकिया समेथ, हंगरी और अजरबैजान शामिल थे
00:34प्रतिबंध से जुड़े कानून का मकसद रूस की कामाई के रास्ते बंद करना था
00:39ताकि युकरेन के खिलाफ जारी युद्ध के लिए उसे पैसा जुटाने में मुश्किल हो
00:45खास बात यह है कि ट्रम्प ने 9 अक्टूबर को ही रूस के राष्ट्रपती व्लादिमिर पुतिन के साथ डीजल खरीदने
00:52की डील की थी
00:54ट्रम्प ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल पर 18 सितंबर 2026 को साइन किये थे
01:0016 सितंबर को हाउस ओफ रिप्रेजन्टेटिव्स ने इसे 262 169 वोटों से मनजूरी दी थी
01:09कानून पर साइन करने के बाद ट्रम्प को प्रतिबंध लगाने का फैसला 30 दिन के अंदर करना था
01:15हाला कि ट्रम्प ने इससे पहले ही प्रतिबंधों और टेरिफ पर छूट दे दी
01:21भारत अपनी जरूरत का 88 परसेंट से जादा कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है
01:26अगस्त 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 45 परसेंट थी
01:34भारत ने अगस्त में रूस से रोजाना औसतन 20.08 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था
01:41ऐसे में रूस से तेल खरीदने पर 100% तक टेरिफ लगाने का खत्रा भारत के लिए चिंता की वज़ा
01:48था
01:49विदेश मंत्राले की प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने शुकरुवार को कहा था
01:53कि भारत तेल की उपलब्धता और दुनिया के हालात को देख कर अपनी उर्जा जरूरतें पूरी करने का फैसला करता
02:00है
02:00भारत पहले भी अमेरिकी अधिकारियों के सामने ये मुद्दा उठा चुका है
02:05जानकारों का मानना है कि पशिम एशिया में जारी संकट और हॉर्मोज ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर असर के
02:12बीच रूस से तेल की सप्लाई कम करना दुनिया में तेल की कीमते बढ़ा सकता है
02:18This is why America for the rules of Russia and Russia are not easy.

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