00:00कुछ बाहरी ताकतों की वजह से कुछ अंचाही और दुर्भाग्य पूम पर इस दीत्यां पैदा हुई एक समय ऐसा लगा
00:06कि ये मौका शायद वैसा नहीं होगा जैसा हमने उम्मीद की थी
00:11ये शब्द हैं देश के मुख्यन आयदीश यानि की CGI सुर्यकांत के और इन शब्दों के सामने आने के साथ
00:17ही सवाल उठने ये लगे कि आखिर CGI बात किसकी कर रहे हैं
00:21कौन सी थी वो बाहरी ताकती जिनके वज़ह से देश की एक प्रतिष्ट्रित लौ यूनिवर्सिटी का दीख्षान समारों तक अर
00:28निश्चित्ता में घिर गया
00:30क्या ये सिर्फ एक कारेक्रम को लेकर विबात था या इसके पीछे न्याय पालिका चात्रों के विरूद और अभिव्यक्ति की
00:35आजादी से जुड़ी कोई बहस थी
00:37कहानी शुरू होती है बेंगलूरू की नेशनल लौ स्कूल आफ इंडिया यूनिवर्सिटी यानि की NLSIU से देश्ट की प्रतिष्टित कानूनी
00:46यूनिवर्सिटी में ये गिनी जाती है कानून की पढ़ाई वाली यूनिवर्सिटी में इनका बड़ा नाम है
00:51इस संस्था में 12 सितंबर को दीक्षान समारो होना था चात्रों को डिग्रियां मिलनी थी उनके परिबार इस खास दिन
00:57का इंतिजार कर रहे थे और कारेक्रम में मुख्या दी थी के तौर पर CGI सुरेकान को शामिल होना था
01:03लेकिन समारों से पहले ही विवात खड़ा हो गया
01:06यूनिवर्सिटी के कुछ चात्रों और पूर्व चात्रों ने CGI सुरेकान तथा बार काउंसल आफ इंडिया के अध्यक्षमानन कुमार मिश्रा को
01:13समारों में बुलाने पर आपत्ती रख दी
01:16विरोध दना चर्चा में आया कि 12 सितंबर को होने वाला समारों इस थागित करना पड़ा यूनिवर्सिटी की तरफ से
01:22आपरिहार्या परिस्तीतियों का हवाला दिया गया
01:25इसके बाद सवाल उठने लगे कि आखिर एक दीक्षान समारों को लेकर ऐसी क्या स्थिती बनी ऐसी स्थिती आखिर बनी
01:31ही क्यों कि इस टेट को आगे बढ़ाना पड़ा कारेकरम को सगित करना पड़ा लेकिन कहान यहाँ पर भी खत
01:38नहीं होती
01:39समारों की नई तारीक 17 अक्टूबर टैकी गई इस दन सीजी आई सुरेकांट यूनिवर्सिटी पहुँचे
01:44सब की नजरें इस बात पर थी कि क्या वो इस विवात पर कुछ कहेंगे क्या चात्रों के विरूत का
01:50जिक्र होगा और क्या उस अनिश्चित्ता पर कोई बात होगी जिसकी वज़ह से समारों की तारीक वदलने पड़ी
01:56फिर उनके भाषण में बाहरी ताकतों का जिक्राया, स्रीजी आई ने कहा कि कुछ अन्चाही और दुर्भाग्यापूर परिस्तीत्यों ने अनिश्चित्ता
02:03पैदा कर दी थी
02:04और एक समय ऐसा लगा कि अफसर उमीद के मुताबिक नहीं है, यह अफसर उमीद के मुताबिक हो नहीं पाएगा
02:10यही वो हिस्सा है जिसने पूरे घटना करम को एक बार फिर चर्चा मिला दिया
02:14लेकिन यहां एक बार समझना बेहद आवश्चक है, सीजियाई ने अपने भाषण में यह साफ नहीं किया कि वे किन
02:20बाहरी ताकतों की बात कर रही हैं
02:23उन्होंने किसी चात्र संगठन, राजनातिक दल या व्यक्ति का नाम लेकर आरूप नहीं लगाया
02:28इसलिए दावा करना कि उनका निशाना कोई खास संगठन था, उपलब्ध जानकारी से थाबित नहीं होता
02:33सवाल जरूर उठता है, लेकिन सवाल और आरूपों के बीच फर्क समझना होगा
02:38अब जरा सीजियाई के भाषण के दूसरे हिस्से पर गौर कीजिए
02:41उन्होंfish कानून की पठाई पूरी करने वाले चाथरों से कहा कि वकालत कमजोर दिलवालों का प्रेशा नहीं है
02:47यानि कानून की डिग्री हासल कर लेना ही काफी नहीं है
03:05उन्होंने अलसहमती को लेकर भी एहम संदीश दिया, किसी की बात को सहमत ना होना, किसी की बात को लेकर
03:11सहमती ना दर्स करना एक बात है, लिकिन उसकी गरिमा और उसकी प्रतिष्ठा का सम्मान करना दूसरी बात.
03:17किसी व्यक्ति के विचारों से अलसहमती का मतलब ये नहीं है कि उसकी बात सुने बिना उसके बारे में फैसला
03:23सुना दिया जाए और यही बात इस पुरे विवात को दल्चास पर बनाती है
03:27एक तरफ चातरों को अपनी अलसहमती जाहिर करने का अधिकार है तो दूसी तरफ सीजिया जैसे समधानिक पत पर बैठे
03:33व्यक्ति के बयान का महत्वभ्यूत नहीं महत्वपूर्ण है
03:36सवाल ये भी है कि विरूद और समभात के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए
03:40क्या किसी संस्थान में अलसहमती का मतलब कारे करम रूप देना होना चाहिए या बाच्छीत के जरिये रास्ता निकालना चाहिए
03:47फिलाल सीजिया ये बयान में बाहरी ताकतों के पहचान स्पष्ट नहीं है नेकिन NLSIU का ये घटना करम एक बड़ी
03:55बहत छिड़ गया
03:55अखर लग तंत्रा और कानून की दुन्या में असहमती की सीमा क्या है और जब विरूत किसी बड़े संस्थान की
04:02कारे करम तक कहुँच जाए तो समाधान का रास्ता क्या होना चाहिए यही विस सवाल है जिन पर अब चर्चा
04:07होनी बांकी है लेकिन इसके साथ साथ चर्चा �
04:09देश में चालूब देश में चोतरफा फैले SIR और ग्यानेश कुमार के विवाद पुले कर भी है वा साथ में
04:18सवाल ये भी बन रहा है कि क्या ग्यानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी का प्रोटेस्ट भी कहीं न कहीं उस
04:24और भी एक मैसेज देने की कोशिश भी है
04:33क्या देश में प्रोटेस्ट का जो महाल है देश में जो विरूध करने की बात है जिस रेसिस्टेंस प्रति रूध
04:39की बात हो रही है
04:40CGI सूरे कांद उस पर टिपने करना चाहते थे
04:43अब ये मामला आपको लोग क्या सोचने हैं इस मामले को लेकर
04:46इस पर टिपने कीजिए और ये मामला आगे और दिल्चस्प होने वाला है
04:50जहिर तोर पर देश में अलग-अलग तारीकें टाय की गई है
04:53तमाव विरूद प्रदर्शनों के लिए अपनी राय कॉमंट ब्लॉक्स में जरूर दीजेगा
04:57मेरा नाम है मुकंदा बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
05:03सब्सक्राइब तो वन इंडिया और नेवर मिस न अपडेट
05:07तारीकें लिए झालोग दो वन इंडिया अब्सक्राइब ब्लॉक्स