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  • 20 hours ago
मंडल-कमंडल और अयोध्या आंदोलन ने कैसे बदली उत्तर प्रदेश की राजनीति?

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00:001990 का साल इसी सब उठा पटक में बीत रहा था
00:04कभी सुनाई देता था कि अयोध्या को लेकर कोई अध्यादेश तैयार हो रहा है
00:08कभी पता चलता था कि मुलायम सिंग के विरोध के चलते वीपी सरकार अध्यादेश नहीं ला रही है
00:13अध्यादेश का विरोध करके मुलायम सिंग सेकुलर राजनीती के सबसे बड़े जंडाबरदार बन गए
00:21बहरहाल इस सब के बीच वीपी सिंग ने अचानक 7 अगस्त 1990 को मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने
00:30की घोशना कर दी
00:31कि दॉक्तर भीम रावंबेट करकिस नयाय वर्ष में एक फैसला हाल में सरकार ने लिया कि पिछडे वर्प को हम
00:43सरकारी नौकरियों में और पब्लिक सेक्टर में स्थान दें
00:49सत्ता के इस धांचे में देश की चलाने और सवारने में उसके पैसला करने में हम इससे दारी देने चाहते
00:56हैं बजबुती थे पूरा देश चल उठा था
01:23बीजेपी ने मंडल के इस दाओं के सामने कमंडल की राजनीती की लकीर खीजी लाल कृष्णा अडवाणी ने घोशना कर
01:29दी कि वो 25 सितंबर 1990 से सोम नाच से राम रत यात्रा शुरू करेंगे
01:40जो 30 अक्तूबर को अयोध्या में खत्म होगी इसके बाद कार सेवा की जाएगी नरेंद्र मोदी ने तब इस रत
01:48यात्रा की पूरी मैनेज्मेंट की थी
01:52मुलायम सिंग का हेलिकॉप्टर रोज कम से कम तीन जिलों में उतरने लगा और वो रैलियों में जोरदार धंग से
01:58कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा
02:01मुलायम समय की गती को समझ तो रहे थे लेकिन राजनीती तो कुछ और ही तैयारी कर रहे थे
02:15तैथा कि आडवानी की रथियात्रा का अंतिम मैदान यूपी की अयोध्या थी
02:20लेकिन वीपी सिंग ने अयोध्या पहुचने से पहले ही बिहार में लालू प्रसाद यादव को फोन करके आडवानी को गिर्फतार
02:28करने की सलाह दे दी
02:30तो जो मुलाइम सिंग यूपी में अडवानी की रथियात्रा को रोक कर मंडल और सेकुलर राजनीती के हीरो बनने की
02:37तैयारी कर चुके थे
02:39वो क्रेडिट वीपी सिंग की सलाह के बाद लालू प्रसाद यादव ले गए
02:45तो उस समय जब ये अडवानी जी का रथ निकलने की बात हुई तो फिर मुलाइम सिंग जी ने कहा
02:52ऐसा जाता है कि मुलाइम सिंग जी ने केंदर सरकार से ये कहा कि हम इनके रथ को इससे सामपरदा
02:57एक सदभाव बिगड़ेगा या एक महौल खराब होगा तो हम अडवानी
03:02जी को उत्तरपरदेश में रोक लेंगे लेकिन इसमें बीपी सिंग ने एक इसमें चाल चली ऐसा कहा जाता है राजनातिक
03:10गल्यारों में चर्चा है उस दोरान हम लोगों के बीच में चर्चा होती रहती थी तो उसमें कहा जाता है
03:15कि बीपी सिंग ने केंदर सरकार को तब �
03:28रुक लिया जाए तो वो यहां का जो मुलाइम सिंग जी को जो उसका क्रेडिट मिलता किसाब इन्हों ने धर्मनिन
03:35प्रेक्ष्टा के लंबरदार हैं वो उन्होंने वहां से हटा के उसको सिफ्ट भिहार में कर दिया और अपनी राजिनीत को
03:42उन्होंने बचाए रागए
03:45खेर रध्यात्रा तो रुक गए लेकिन कार सेवक अयोध्या में 29 अक्तूबर 1990 से ही पहुँचने लगए
03:52मुलाइम सिंग में पुलिस प्रशासन की कड़ी विवस्था की थी लेकिन कई नेता जिनमें अशोक सिंगल भी शामिल थे भेश
03:59बदल कर पहुँच गए
04:0630 अक्तूबर को अचानक अयोध्या में जगे जगे से कार सेवक निकलने लेगे और विवादित स्थल तक पहुच गए
04:14नारेबाजी शुरू होगे पुलिस ने बल प्रयोग किया जिसमें कई लोगों को चोटें पहुँचे
04:19कुछ लोगों के मारेजानी की खबर आई मुलायम सिंग ने ये दावा किया कि विवादित स्थल में किसी को भी
04:25खुष्बे नहीं दिया गया
04:27राम तो सबके नाम पर आज भी है मेरे जवान पर नहीं है क्या यह तो एक आफ़रा और को
04:34परचार है
04:47हाला कि देश भर में इस घटना के बाद हिंसा भणकी जिसमें 35 लोगों की जान गई 30 शहरों में
04:54कर्फियू लगा
04:54वीपी सिंग ने मुलायम सिंग से इस पर स्पष्टिकरण मांगा
05:01मुलायम का दावा था कि स्थिती नियंत्रण में है लेकिन कार सेवक अयोध्या में जगे जगे मौजूद थे
05:07फिर आई दो नवंबर की तारिया एक बार फिर विवादित स्थल की ओर कार सेवकों का रेला चल पड़ा इस
05:14बार मुलायम सिंग ने गोली चलाने का ओडर दे दिया
05:17कई लोग बुरी तरे घायल हुए कई लोगों की जान चली गई अयोध्या रप्त से नहां कि भारत जनता पार्टी
05:27ने अपना समर्थन वापिसे लिया तो यहां वीपी सिंगी सरकार खतर में पड़ गी और नोन कॉन्फिजेंस आया वीपी सिंगी
05:35सरकार चलेगी उलायम सिं
05:47पार्टी का जन आधार हिंदों में पिर मुस्यमिस तो कि दुविधा में थे वो इधर जाये कुद जाये अयोध्या में
05:56गोली कांड के बाद बीजेपी और कई हिंदुवादी संगठनों ने उन्हें मौलाना मुलायम सिंग कहना शुरू कर दिया एक लखीर
06:04खिज गई बी�
06:32एक समय लगने लगा था कि शायद कोई हल निकलने वाला
06:36गान आटो, लेकिन तभी राजीव गांधी के नित्रट्व वाली कॉंग्रिस ने उनकी सरकार पर जासूसी कराने का आरोप लगाते हुए
06:46समर्थन वापस ले लिया
06:48केंधर की चंद्रशेखर सरकार गिर गई और योपी में कॉंगरिस नई चाल चलने की तैयारी में थी
06:56कॉंग्रेस मुलायम सरकार को गिरा कर राष्ट्रपती शासन लगाना चाहती थी
07:00ताकि अगले चुनाव की तैयारियों का समय मिल सके
07:04लेकिन ये खबर किसी तरह मुलायम सिंग को लग गए
07:07उन्होंने अगले दिन कॉंग्रेस की समर्थन बापसी की घूशना से पहले ही
07:24क्यानवे के चुनाओं मंडल और मंदिर की बुनियाद पर लड़े जा रहे थे
07:28मंडल का चहरा यूपी में मुलायम सिंग बने हुए थे
07:31मंदिर की राजनीती में भी विरोध का सबसे तीखा स्वर उनका ही था
07:35बीजेपी ने बहुत होश्यारी से इसकी काट तलाशिया
07:38OBC वर्ग से आने वाले कल्यान सिंग को यूपी में चुनाओं की कमान का सेना पती बनाया
07:43और मंदिर आंदोलन का वैचारिक रत भी उनी को थमा दिया
07:47कल्यान सिंग ने जिस शैली में प्रचार किया
07:50उससे उनकी फायर ब्रैंड हिंदू रिदय सम्राट की छवी बनी
07:54हालनकि बीजेपी के प्रचार में सबसे बड़ा बादा गुड गवर्निंस का होता था
08:02कल्यान सिंग, मुलायन सिंग यादव की उस राजनीती की काट थे
08:06जो बीजेपी की मंदिर राजनीती के खिलाफ मुखर थी
08:10चुकि लोकसभा की जुनाओं भी साथ साथ चल रहे थे
08:13तो वहां भी मंडल कमंडल का मुद्दा चाया हुआ था
08:16इसी बीच प्रचार के दौरान तमिलाड में राजीव गांधी की हत्या हो गई
08:33चुनाओं को स्थागित करना पड़ा नई तारीखों के साथ फिर चुनाओी संग्राम छेड़ा
08:39मुलायम सिंग पिछडों और मुसल्मानों के नेता के तौर पर स्थापित हो चुके थे
08:44तो कल्यान सिंग पिछडों और हिंदूं के नेता के तौर पर उपो
08:50अयोध्या में कार सेवकों पर चली गूली की गूंज चुनाव प्रचार में खुब सुनाई थे
09:04चुनाव की नतीजे आए यूपी के इतिहास ने नहीं कर पती
09:08पहली बार बीजेपी को पूर्ण वहुमत मिला था
09:14बीजेपी को 221 सीटे मिली, जंता दल को मिली 92 सीटे और कॉंग्रिस को 46
09:24चुनावों में बीजेपी की बारात लेकर कल्याण सिंग निकले थे
09:27लिहाजा बहुमत से जीत मिली तो सहरा भी उन्हीं के सर पर बांधा गया
09:38कल्याण सिंग ने अपने कारिकाल में एक ऐसा फैसला लिया
09:41जिसने पूरी राजनीती को हिला कर रख दिया था
09:44फैसला था नकल अध्यादेश को लागू करने का
09:48उस समय चुकि नकल का बड़ा था कि हर छोटे बड़े जो गाउं के वहां थे वो पैसे दे के
09:55नकल हुआ करती थी
09:56और वहां पैसों के साहरे नकल के साहरे बच्चे उत्याण हो रहे थे
10:02इस बात को कलियान सिंग ने गंभीता से लिया और उन्हों ने कहा कि ऐसे तो फिर आने वाली जो
10:08हमारी पीड़ी है वो अगर नकल के साहरे आगे बढ़ेगी तो फिर जो एक अच्छे या योग बच्चों को हम
10:18निकाल के लाने की जो इस देश को जलूँत है वो शायद कमी �
10:22रह जाएगी इसलिए उन्होंने उस पर किया और उस पर उन्होंने का जो भी नकल में बच्चे पकड़े जाएंगे उनको
10:27जेल भेजा जायागा हाला को यह सरकार का फैंसला था लेकिन इसका पूरा क्रेडिट जो है वो राजनाज सिंग को
10:33गया कि राजनाज सिंग शिक्ष
10:49निया अपराद थे इस मुद्दे पर खूब राजनीती चमकी थे मुलायम सिंग ने भी इसे खूब उच्छाला था और सरकार
10:56के खिलाफ प्रदर्शन किये थे
11:21लेकिन बंदेरा अंदोलन उनकी परीक्षा लेने की तैयारी कर चुका था और वो तारीख थी 6 दिसंबर 1902
11:34जो शोर उठा 6 दिसंबर 1902 को योपी की अयोध्या से उसकी गूंज आज भी देश की राजनीती में सुनाई
11:43देती है
11:43उस एक तारीख ने उत्तर प्रदेश और समूचे देश की सियासत को हमेशा के लिए बदल दिया
11:50दिखाएंगे सरकार के अगले एपिसोड में

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