00:00युद्ध बंदूकें शुरू करती हैं लेकिन लड़ाई रुकती तब है जब कोई ऐसा दर्वाजा खुल सके जिसमें दोनों पक्ष हार
00:07माने बिना बाहर निकल सके
00:08रूस और युक्रेन की जंग में वो दर्वाजा फिलहाल ब्लैक सी में तलाशा जा रहा है और उसकी चाबी शायद
00:15भारत के हाथ में हो सकती है
00:164 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्री डॉक्टर एजजय शंकर ने कहा कि भारत अब सिर्फ अपील करने वाला देश नहीं
00:23है
00:23बलकि दिल्ली, मॉस्को और कीव यानी रूस और युक्रेन दोनों के साथ बाचीत कर रहा है
00:28जहाज की सुरक्षा पर अनाज के निर्यात पर और उर्जा के निर्यात पर भी
00:33साथ ही दोनों एक दूसरे पर हमला न करें इन तमाम संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है
00:38और दोनों के साथ संपर्क में भारत है
00:40भारत से मिले शांती प्रस्ताव की बात यूक्रेन भी स्विकार चुका है
00:44वहीं रूस के राश्पती व्लादिमेर पुतिन तो यहां तक कह चुके हैं कि भारती नित्रत्तों के पास इस युद्ध को
00:49रोकने के प्रभावी और बहतर सुझाव है
00:51तो क्या भारत इस जंग पर ब्रेक का कोई फॉर्मूला बना चुका है
00:55या फिलहाल सिर्फ उस दर्वाजे की कुंडी को खटखटाया जा रहा है जहां से शांती की संभाव ना निकल सकती
01:01है
01:01इन तमाम सवालों के जवाबों के लिए देखिए हमारी ये पावर स्टोरी
01:14समंदर में जलता ये जहाज दुनिया के सामने गहराते चार एफ के संकट का ज्वलंत नमूना है
01:21इसका जिक्र भारत दुनिया के हर बड़े मंच पर कर रहा है
01:24चार एफ यानि फूड, फर्टिलाइजर, फ्यूल और फाइनांस
01:29संकट गहरानी के एक बड़ी वज़ा है खाड़ी के इलाके से लेकर काला सागर यानि ब्लैक सी तक मालवाहत जहाजों
01:35का निशान बनना
01:37ये वो समंदर है जहां से दुनिया की रोटी और भूजन की थाली का रास्ता निकलता है
01:42लेकिन आज इस समंदर में हर जहाज निशाने पर है
01:46वीते कुछ महीनों के दोरान हुए हमले में दो दर्जन से जादा नाविक मर गए हैं
01:51अकेले ब्लैक सी इलाके के समुद्री हमले में पांच भारतिये नाविकों की चान गई
01:55जहां एक और तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है
01:58वही 22 जुलाई के बाद से यूकरेन के ओडिसा के बंदरगाह पर माल धुलाई पंदरख गुना से ज़्यादा गिर चुकी
02:04है
02:05वगर आबदा में ही कई बार औसर भी बन जाते हैं
02:08जुलाई 2026 से ब्लैक सी इलाके में समुद्री हमले में हुए इजाफे के बाद से
02:12अपने नाविकों की जान को लेकर फिक्रमंद भारत ने रूस और यूकरेन के साथ सक्विय कोशिशें शुरू की है
02:19विदेश मंद्री इस जर्शंकर ने कहा है कि हम के ओल शान्ती की अपील नहीं कर रहे हैं
02:23बलकि मौस्कों और क्यू के साथ एक शान्ती फॉर्मूले पर चर्चा कर रहे हैं
02:28कि मौस्कों पर चर्चा पर चर्चा कर रहे हैं
02:59भारत जिस फॉर्मूले पर यूक्रेन और रूस से बात कर रहा है वो मोटे तौर पर तीन हिस्सों में है
03:05पहला बिजली घर रिफाइनरी और बुन्यादी धांचे पर हमले बंधों
03:09दूसरा ब्लैक सी के बंदरगाहों से अनाज और उर्जा कारोबार बिना किसी बाधा के हो सके
03:14और तीसरा व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह रुके
03:18ये केवल प्रस्ताव नहीं है बलकि दो महीनों के दोरान रची गई कुटनीती की कोरियोक्राफी है
03:24प्रधानमंतरी नरेंदर मोदी ने इस मुद्दे को लेकर जून में यूकरेन के राष्टपती जनल्सकी और फिर रूस के राष्टपती
03:30बलादिमीर पुतिन से पहले विशकेक और फिर नई दिली में ब्रिक्स शिखर बैठा के हाशिये पर हुई मुलाकात के दोरान
03:37इन कोशिश को मजबूत किया
03:4031 अगस्त को बिशकेक में प्रधान मंतरी मोदी ने राष्टपती पुतिन से कहा कि अंतहीनी युद्ध अभखत्म होना चाहिए
03:46तीन सितंबर को इस जर्शंकर क्यों पहुंचे ये किसी भारती विदेश मंतरी की पहली स्टेंड अलोन यूकरेन यात्रा थी
03:54सितंबर में संयुक्त राष्ट में जिलन्सकी ने बताया कि भारत मिस्र और तूर्की के प्रस्ताव लिखित में उनके पास है
04:00चार अक्टूबर को जर्शंकर ने कहा कि भारत अब सिर्फ अपील करने से आगे बढ़ चुका है
04:06भारती शांती प्रस्ताव की तारीफ में राष्ट्वति पुतिन भी अगली कतार में खड़े है
04:11भारत का प्रस्ताव इसलिए भी पसंद किया जा रहा है क्योंकि इसमें व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमले पर हार्ड
04:17स्टॉप की मांग की गई है
04:19हलाकि रूस ने भारत के विचारों का स्वागत जरूर किया है लेकिन अब तक ये नहीं कहा है कि वो
04:24इन्हें मानता है
04:27वैसे जंग रोकने का पूरा फॉर्मूला शायद अभी किसी के पास नहीं है पर इस बार उस फॉर्मूले का पहला
04:33पन्ना दिल्ली ने लिखा है
04:34साथ ही युद्ध की ठकान मुलकों से लेकर दुनिया के अर्थविवस्थाओं पर साफ महसूस की जा सकती है
04:40ऐसे में अगर कोश्चो के साथ विश्वास घात या हाथ्सा ना हो तो तूला का रास्ता निकल सकता है
04:46पुड़ाय उपाध्याय के साथ आज तक बेढ़ो