00:00तुर्गा पूजा पंडाल में भगडर ने खुश्यों के माहों से मातमा बढ़ा ज़िए
00:04जोड़ बागान इलागे में तुर्गा पूजा पंडाल में हुए तर्दनाक हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की पुस्टी
00:10हो गई है
00:10जब कि कई लोग घायल बताय जा रहे हैं घायलों को मेडिकल कॉलिज समेट अलग अलग अस्पताल में भरती कराया
00:17गया है
00:17यह बताया जा रहा है कि पंडाल में अचानक भीड बढ़ने के बाद भगदल मच रही और देखते ही देखते
00:23ही लोग एक दूसरे के उपर गिरने लगे
00:25इस हादसे के बाद मुख्य मंतरी शुवेंदू अधिकारी ने अस्पताल पहुच कर गायलों से उनका हाल चाल जाना मुलाकाद की
00:33और रही योगों की जान से लिए
00:36मुख्य मंतरी ने हादसे की पारदर्शी जाच का भरूसा दिया है राजी सरकार कलकता है कोड के मुख्य न्याइधीश को
00:43पत्र लिखकर मौजूद न्याइधीश से जाच कराने का अनुलोद करेगी
00:47महीं मुख्य मुख्य मंतरी के मताबिक पूदा कमिटी के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसियों से जड़े बारा लोगों को हिरासत में
00:58लिया गया
00:58हाला की हादसे की असल वजा और जमेदारी तैय करने के लिए जाच एहम होगी
01:04आगर पूजा पंडाल में सुरक्षा के इंतिजामों के बीच इतनी बड़ी तरास्ती कैसे हुई
01:09अब सबकी नजर जाच के नतीजों पर है
01:13बारा लोग पूजा कमिटी से जड़े हिरासत में भी लिये गए है
01:18जिन से पूज ताच की जाएगी कि आखिर क्या ऐसी व्यवस्ताइं की गई थी
01:22क्योंकि भीड आम तोर पर कुलकटा में जब दुर्गा पंडाल में पूजा होती है
01:25तो बहुत ज़्यादा भीड होती है
01:30सब पहले तो मैं आपको ये इलाका दिखा दूँ
01:32एक कंजिस्टिट गलियां गलियां हैं यहां पर
01:35जहां से होकर हजारों की संख्या में लोगों को यहां आना पड़ रहा था
01:38अब देखिए इसकी चोड़ाई लगबग 5-6 फिट की ही होगी इसकी चोड़ाई
01:42यहां से में गेट प्रवेश द्वार है
01:44मैं कैमरामेन को बोलूँगा थोड़ा और आगे आए
01:46तो आपको मैं मुख्य द्वार भी दिखाऊंगा
01:49मुख्य रास्ता भी दिखाऊंगा
01:50यह एक और मुख्य रास्ता है जो यहां पर आता है
02:10और पिछले 4-5 सालों में ये जो पूजा पंडाल है, ये काफी popular हुआ, ऐसे में crowd management में
02:18गफलत हुई है, crowd management पूरी तरह से लापरा, fail साबित हुआ है, इतना तो पक्का है, क्योंकि crowd management
02:24अगर बारिश होती है, तो अभी किस तरह से किया जाना चाहिए, वो कोलकाता पुलिस और स�
02:39जाना पड़ा था, लेकिन वहाँ पर बहुत बड़ा हाथसा नहीं हो पाया था, लेकिन पिछले बहुत सालों में इस तरह
02:44का कोलकाता में कोई हाथसा हमने नहीं देखा है, ये पहला इतना बड़ा हाथसा है, जब crowd management पूरी तरह
02:51से धराशाई होता हुआ दिख रहा है, जो �
03:07पूरा का पूरा पंडाल का हिस्सा है, जिस ये जो गेट है, में गेट, इसको बंद कर दिया गया है,
03:12और यहाँ पर एक आई विटनेस भी है, उनसे भी हम बात करते हैं।
03:37समुचित विवस्था क्यों नहीं की गई, जबकि यहाँ की जो सड़के हैं, यहाँ पर पहुँचने के जो मार्ग हैं, जो
03:43पत हैं, वो इतने संकरे हैं कि वहाँ पर बहुत ज़्यादा भीड को समालना बड़ा मुश्किल होता है, ऐसे में
03:48यहाँ पर यह देखिए, इस वक
04:07इंदर्जाम क्यों नहीं किये गए, बाहर में एक एक खिष्टों में भीड को छोड़ाया सकता था, भीड को रोक कर
04:12पहला एक बैच या फिर दूसरा बैच, कई तरह के इंदर्जाम किये जा सकते थे जो किये भी जाते रहें,
04:18और हमेशा से होते रहें, फिर आखिर यहाँ �
04:21और अचानक से ये हादसा क्यों हुआ, ये जाच का विशय है, अब देखिया आप लोगों के मन में भी
04:27वही सवाल होगा, जो सभी के मन में सवाल है कि हादसा हुआ क्यों, चश्म दीदों ने जो वहां मौजूद
04:33थे क्या देखा, उनके मताबिक हादसे की वज़ा क्या है, �
05:05तो वो हम आपको सुनाते हैं.
05:06कैसे हुआ, क्या वज़े लग रही हैं?
05:36यहां पर जो सिक्रूटी के लोग थे, जिनको यह रोकना था, कुछ ऐसे इवा थे उनके बस के बाहर हो
05:43गए.
06:12उनकी संख्या कम थी क्या?
06:14और यह जो रफ्तार से इवा घुसे, एक्चल में इवावों को जो है, वो बारिस से भेजने के लिए इस
06:23प्रिडली घुसना पड़ा है.
06:24वो तो रोकना, उस सेक्योर्टी की जिम्मेदारी थी, जब आप बोल रहे हैं भीतर में सिर्फ सो ही लोग थे,
06:29सो या डिट सो, ऐसे ही बोल रहे हैं आप, तो ऐसे में तो बहुत ज्यादा क्राउड थी नहीं, लेकिन
06:34जो सुनने में आ रहा है, अंदर क्राउड नहीं थी, �
06:37यह जो बारिस हुई नहीं, बारिस तो एक मिनट हुई नहीं, बारिस तो रफ्तार तेज हो गई, बारिस से बचने
06:44के लिए लोग घुशते गए, और बाहर जो इनको निकलना था, बाहर जिनको निकलना था, बाहर जिनको निकलना था, बाहर
06:52जिनको निकलना था, बाहर जिन
07:00झाल झाल झाल