00:08कर दो, कर दो, आ बेटा
00:32कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो,
00:40कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो,
00:50कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो,
00:52कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, क
01:01मेरा नाम वेस्ब yht Communications है हमारे कोई भी सब्सकार करते हैं बहां लाते हैं
01:08कुछ भी लाते हैं पहले रावनबाबा काई नाम लिखवाते हैं
01:11रावन बाबा कई लिएजा कर खड़ा करते हैं यह से महरा जी मौन करवा काया है
01:15जिसके बाद घर पर लाते हैं तो कोई भी सुबकार जैसे कराते हैं हमारे सुबकार होता है जैसे सुब्यासादी कुछ
01:21भी होता है तो पहले नमर हम रावन बाबा कहीं जाते हैं उन्हें को नार्जल पर साथ चड़ाते हैं तेल
01:26का फौर लगाते हैं इसकी बाद सुबकार चा
01:44तो सिय सा हम देखते चले आ रहा है पूरभजयों के जमाने से पुर बजयों हुआ कर रहा है और
01:50इसलिए हमारे गाउं का रावन का अब बहुत पुरानी मुर्थी है जब सही मूर्थी
02:08पुरातत वाले उठाने आयते तो जब थे नहीं लेकिन पुरानी लोग बताते हैं कि उनकी मशीनों में आगी लग गई
02:17थी
02:18उनने वहां कर मशीने खड़ी खड़ी जैसे उनकी एक मशीन में आगी लग गई तो एक मशीन से बहले तक
02:23नहीं
02:29यहीं पुरानी मूटी हैं हम तो यही देखते चले आ रहा है हम से कम चार्सों वरस पुरानी मूर्ती से
02:39तो आ गई दीए कि हम चारसों वरस तक की तो हमारे पूरवजां को जानका रही है
02:44मेरा नाम रूपे स्धाकड़ है
02:45मैं ग्राम रावन का निवासी हूँ
02:48रावन बाबा महराज हमारे कुल देपता है
02:50ग्राम देपता है
02:52इसके बाद यहां घटना ऐसी होती है
02:54कि अगर कोई भार का वैपारी
02:56जैसे पिछले साल की बताओं मैं
02:58बाहर के वैपारी हमारे यहां
03:00धान करीदी करने आये ते
03:02तो उन्होंने रावन बाबा महराज को परसाद
03:06या पूजा अरशना जो भी थे
03:07वो नहीं की थी
03:09इस कारण उनके साथ यह हुगा
03:11कि उनके जो काटे थे
03:13तॉल काटे
03:15वो सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे
03:18कहीं बंद हो रहे हैं
03:19चालू हो रहे हैं
03:20और बहुत सी समस्या हैं उनके साथ
03:22तब ही ग्राम निड़ों ने बताया
03:24कि आप वहाँ पे जाईए
03:25वहाँ पूजा अरशना कीजिए परसाद चड़ाईए
03:28और उन्हों ने वो किया
03:31तो उनका काम बिल्कुल सही चलने लगा
03:33काटे भी बरावर तौल करने लगे
03:45महारा राम
03:46पुजारी नरिश महाराज जी
03:48ग्राम रावन
03:49और रावन इगाम का नाम है
03:51और रावन महाराज जी की मूर्ती
03:53इसलिए काओं का नाम रावन पर आ है
03:55और नठेरन तैसिल में है
03:58और विदी सा जिला लग थे यहां को
04:01तो यह से मूर्ती हमारी
04:04रावन महाराज इसलिए और अभी से नहीं है
04:07साब वो तो हमारे पूर अबले
04:09यह से देखा चले जाएं
04:15और यह से बताते हैं कि हमारी
04:23सभी मनों कामना है
04:24पूर्ण होती है और हो रही है
04:26जहां ब pist거를 हमारा कोई साब कारीये
04:28संबन नहीं होता है
04:30संबन ही हो जाता है
04:32करार केभी पूजा नहीं करेंगे तो हमरी करा
04:33यह घरम नहीं होarlगी हमरा बान भी नहीं चलेगा
04:36हमारा सुब कारीये में
04:38हर सुब कारियें बिगन हो जाएगी आप तो एक भी करोगे तो फिर सम पूजा जही से प्रारम होगी नहीं
04:44तो के बिर एक साला भी ओड़ गई है ऐसा भी है कि उनकी कराईएं गरम नहीं बहीं बान नहीं
04:49चले और जहां से आप पूजा करके जाओ उनसे आदेश लेके जाओ �
04:58नहीं तो कूल कार्ये समपण होगों नहीं से जहां को मानता है और सभी लोग पूरे गाओं हमारा 12 मेना
05:05कहीं है अगरबती परसाइट سबpanो कुशाइब करें केती कार्णा के कात हैं या मंडी चाली जाएं कुछ भी हो तो
05:15पहले जहीं से मतलब हमारे कार्ये सम पन होती है खन
05:24अब जो तलाब है इसमे रावनवा महराज जी की तलबार गड़ी है और बिजम राजमान है यह से बताते हैं
05:31यह बूदे का पाड़ है इसमें कोपाँ हैं बहुत बड़ी बड़ी अभी भी हैं तो वहाँ पर कोई राक्षा सरेथ
05:37तो तो जामरी छेत में कोई लड़ने योग �
05:39नहीं तो रावन महराज कियां लंका जात तो महराज जी पूछी महराज रावन महराज ने कि आप के हैं से
05:46आगवन वाओ कहला है साब हमारे छेत में कोई लड़ने योग नहीं और आप देखके मोल मेरी आत्मा संतोरे लड़ने
05:53की एक्षा भी कम जूर पर जाती है पिर रा�
06:08पर हमारे जहीं से पूरी होती है और नहीं तो हमरे ब्गया नगा यह अब अब धर रावन को प्रते
06:30माज जो है वो
06:33अजय कि जलाता है लेकिन कि आप लोग भी पुत्ला दहन वर नहीं कि अम देख भी नहीं सकते हैं
06:44ना मैं नहीं करने मुझा और हम तो अनके पूजा याजना करते हैं
06:54हमारा हमें भी आसीर बात जैकि हमारा सब्तारी संपन्न करती हैं कहीं भी कोछ होए हमरे गांव नहीं होगा ना
07:00असपास होगा जहां से भाल लोग नकल भी गाया तो जहां भी आंगे तो शाधी भी आम पूजा करने आगे
07:07जहां तो उनके बिगर कुछ होता ही नहीं है मंदर स�
07:19यहां तो पूज ओती है क्योंगि है यह पहले नम्म्म होती है क्योंगि यह पहले मानिता यह साधी ओष्ण कि
07:32घुझली और हरस्ति7 यूसकत véritव Εडिels नम्म होती है
07:43हीरतन होते हैं बजन होते हैं सब खारी किरम होता है सारे देस में रावान बाबा की पतला जला जाते
07:51हैं यहां लेकिन फूजा होती है गिराम रावन में
08:17हीरो घर्राम ओर मुझाया होता है है तो क्षास साल साहरे गलेकिन घ्रावन में वहता की पर खेुआ हैं
08:49झाल झाल