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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी के अवसर पर एक आक्रामक और स्पष्ट भाषण दिया जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। अपने इस संबोधन में उन्होंने देश के दुश्मनों और आंतरिक ताकतों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। भागवत ने समाज में एकजुटता बनाए रखने और देश की संप्रभुता के सामने आने वाली चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने पर जोर दिया है। इस तीखे भाषण ने देश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है और सभी राजनीतिक दलों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। संघ प्रमुख के इस तेवर से साफ है कि आने वाले समय में वैचारिक और राजनीतिक मोर्चे पर गहमागहमी और बढ़ने वाली है। यह वीडियो इस पूरे भाषण के प्रमुख अंशों और उसके राजनीतिक प्रभावों का गहराई से विश्लेषण करता है। दर्शकों को यह समझने में मदद मिलती है कि वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य में आरएसएस की यह दहाड़ क्या संदेश देती है। इस सनसनीखेज और महत्वपूर्ण घटनाक्रम से जुड़ी सभी बड़ी बातों को जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) Chief Mohan Bhagwat delivered a fiery and assertive speech on the occasion of Vijayadashami, creating a massive political stir across the nation. In his powerful address, he issued a stern warning to the enemies of the nation, declaring that anti-national elements and internal threats will not be spared at any cost. Bhagwat strongly emphasized the urgent need for societal unity and a resolute response to emerging challenges against India's sovereignty. This hard-hitting speech has ignited a fresh political debate, capturing the immediate attention of major political players and analysts alike. The striking tone of the RSS chief makes it evident that ideological and political confrontations are bound to intensify in the coming days. This video provides a comprehensive and in-depth breakdown of the key highlights and the broader political implications of his speech. Viewers get a clear perspective on what this powerful roar from Mohan Bhagwat signifies for the current national landscape. Watch the video right till the end to grasp all the crucial details surrounding this shocking and pivotal development.

#MohanBhagwat #RSS #Vijayadashami2026 #RSSChief #IndianPolitics #NationalSecurity #BreakingNews #CurrentAffairs

~HT.410~PR.512~ED.106~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00जो जगड़ा लगाना जाते हो जगड़ा लगाएंगे लेकिन उनकी कुछने चले ऐसी घटनाएं घटती है तो संग पर भी उचालते
00:08हैं आरो
00:11जिनको संग का विकास प्रगतिसाहन नहीं होती है जिनको अपने जेश के एकता के बारे में कुछ मलाल है
00:19संग का कोई संबन्द नहीं है न संग का समर्थन है इसी बातों लेकिन संग की सद्वावना यहीतु की प्रामानिक्ता
00:26पर संद्य उत्पन करने के लिए ऐसे प्रश्ण चिन्न लगाते हैं
00:31संग के कार्य का आधार शुद्ध सात्विक प्रेम है और ओ प्रेम किसी एक के लिए मरियादित नहीं है किसी
00:40एक समों के लिए मरियादित नहीं है हर हिंदू के लिए है और हिंदू याने सब पर प्रेम करने वाला
00:47विश्व को अपना
00:48कुटुम्म मानने वाला है इसलिए सबके प्रतिशुद्ध सात्विक प्रेम ये संगकारी का आधार है और संगकारी चलता है स्वयम से
00:58वो कोंके परिश्रम त्याग सेवा समर्पन से
01:02अपने स्वयम के लिए संग कुछ नहीं चाता ना लोका प्रियता चाता है ना प्रतिष्ठा चाता है हम तो काम
01:09करते रहेंगे
01:10संग ठंगड़े चलो सुपन्त बरबड़े चलो हो भला समाज का वो काम सब किये चलो
01:17ऐसा हम चलते हैं, एक सत्य लेकर हम चल रहे हैं, उस सत्य के आधार पर समपूर्ण समाज को संगटित
01:24करने का हमारा काम, श्रद्धा विश्वास पूर्वत उसको पूरा करने के लिए हम प्रयास करेंगे, लक्षपूर्ण होतने तक हम कारिकरते
01:33रहेंगे.
01:33अब इस सारी बाते इस कारिकरम में इस मंच से आपने पहली भी सुनी हैं, और आप भली बांती इसको
01:43समझते भी हैं, परंतु, फिर भी मैं दोरा रहा हूं, क्योंकि आज दोर आपने देखा है, जिसका उल्लेक पहले भी
01:52हुआ है, एक पस्चिम से आंधी चली हैं, जो हर प्र
02:00हर प्रकार की भद्रता, हर प्रकार का मांगल्य, हर प्रकार की संस्कृुटिक और मानिवे संस्कार से विरोध रखती है, उसको
02:09नश्ट भर्ष्ट उद्वस्त करना चाहते हैं, और प्रगत्देश भी उससे तत्रै
02:14अभी दो चार दिनों के पहले से जो समाचार आ रहे हो सुन लीजिए फ्रांस में क्या हो रहा है
02:20अलबानिया में क्या हो रहा है बंगलादेश में क्या हुआ नेपाल में क्या हुआ यह सब किरा किया कराया उनका
02:28है
02:30मिनिवित्त तो वो कहते है कि रिजाइम चेंज करने से परिस्थिती बदलेगी लिकर ऐसा कभी हुआ नहीं है पहले नहीं
02:38हुआ है आज भी नहीं हुआ है
02:41अपने स्वार्थ का पोशन करने वाले अपने पिठ्ठु सब जगह प्रभावी रहे हैं इसके लिए ये कार्यवाईया सारे दुनिया में
02:51चलती है और भारत का बड़ा होना ऐसे कारवाई को प्रतिवंद करेगा उसलिए भारत उसका परमलक्स है वह भारत में
03:00भी ऐसे प्रया
03:09जिस प्रकार दुड़दा से चलाया उसके चलते और भारत के नई पीड़ी में खास कर देशा भीबान अपने देश के
03:20लिए कुछ करना है अपने देश का कुछ वैश्विक दाइत्व है इसका भान जगने के कारण जो समाज का पुर्शार्थ
03:26बना उसके कारण
03:31और इनके खेल बंद होगे ये आसुरी ताकते जानती है और इसलिए भारत उनका लक्ष है वो परिशदे करते हैं
03:40भारत हिंदू और संगों को किस प्रकार तोडएंगे बिस्मेंटलिंग ऐसा कहते हैं और उनको सायता भी मिल जाती है उनी
03:48के प्रकृति के कोशलो सर्वत्र ह
03:52क्षुद्र सत्ता स्वार्थ और विवे कहिनता के कारण महत्वा कांची नेता भी उनको मिल जाते हैं अब समाज बहुत बड़ा
04:00है देश अपना अभी विकास कर रहा है पूरा नहीं हुआ तो समस्य रहेगी समस्य रहती ही है और समस्या
04:10के चलते आंदोलन भी होते ही है और �
04:13प्रजातंत्र में अंदोलन होंगे ही परन्तु अंदोलन किसलिए होने चाहिए समाधान के लिए होने चाहिए
04:23अंदो लंका उद्देश समाधान है तो अंदो करने वाला पोई समू हो या शांती सुव्यवस्था कायम करने के लिए कारिवाई
04:34करने वाला साशन प्रस्यासन या राजनीतिक नेतागन हो अपने एक अखंड समाज में हमारी करनी के कारण किसी प्रकार की
04:43अनबन द्वेश-त्
04:45लालिया विबाजन पाइदा नहीं होना चाहिए

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