00:00जो जगड़ा लगाना जाते हो जगड़ा लगाएंगे लेकिन उनकी कुछने चले ऐसी घटनाएं घटती है तो संग पर भी उचालते
00:08हैं आरो
00:11जिनको संग का विकास प्रगतिसाहन नहीं होती है जिनको अपने जेश के एकता के बारे में कुछ मलाल है
00:19संग का कोई संबन्द नहीं है न संग का समर्थन है इसी बातों लेकिन संग की सद्वावना यहीतु की प्रामानिक्ता
00:26पर संद्य उत्पन करने के लिए ऐसे प्रश्ण चिन्न लगाते हैं
00:31संग के कार्य का आधार शुद्ध सात्विक प्रेम है और ओ प्रेम किसी एक के लिए मरियादित नहीं है किसी
00:40एक समों के लिए मरियादित नहीं है हर हिंदू के लिए है और हिंदू याने सब पर प्रेम करने वाला
00:47विश्व को अपना
00:48कुटुम्म मानने वाला है इसलिए सबके प्रतिशुद्ध सात्विक प्रेम ये संगकारी का आधार है और संगकारी चलता है स्वयम से
00:58वो कोंके परिश्रम त्याग सेवा समर्पन से
01:02अपने स्वयम के लिए संग कुछ नहीं चाता ना लोका प्रियता चाता है ना प्रतिष्ठा चाता है हम तो काम
01:09करते रहेंगे
01:10संग ठंगड़े चलो सुपन्त बरबड़े चलो हो भला समाज का वो काम सब किये चलो
01:17ऐसा हम चलते हैं, एक सत्य लेकर हम चल रहे हैं, उस सत्य के आधार पर समपूर्ण समाज को संगटित
01:24करने का हमारा काम, श्रद्धा विश्वास पूर्वत उसको पूरा करने के लिए हम प्रयास करेंगे, लक्षपूर्ण होतने तक हम कारिकरते
01:33रहेंगे.
01:33अब इस सारी बाते इस कारिकरम में इस मंच से आपने पहली भी सुनी हैं, और आप भली बांती इसको
01:43समझते भी हैं, परंतु, फिर भी मैं दोरा रहा हूं, क्योंकि आज दोर आपने देखा है, जिसका उल्लेक पहले भी
01:52हुआ है, एक पस्चिम से आंधी चली हैं, जो हर प्र
02:00हर प्रकार की भद्रता, हर प्रकार का मांगल्य, हर प्रकार की संस्कृुटिक और मानिवे संस्कार से विरोध रखती है, उसको
02:09नश्ट भर्ष्ट उद्वस्त करना चाहते हैं, और प्रगत्देश भी उससे तत्रै
02:14अभी दो चार दिनों के पहले से जो समाचार आ रहे हो सुन लीजिए फ्रांस में क्या हो रहा है
02:20अलबानिया में क्या हो रहा है बंगलादेश में क्या हुआ नेपाल में क्या हुआ यह सब किरा किया कराया उनका
02:28है
02:30मिनिवित्त तो वो कहते है कि रिजाइम चेंज करने से परिस्थिती बदलेगी लिकर ऐसा कभी हुआ नहीं है पहले नहीं
02:38हुआ है आज भी नहीं हुआ है
02:41अपने स्वार्थ का पोशन करने वाले अपने पिठ्ठु सब जगह प्रभावी रहे हैं इसके लिए ये कार्यवाईया सारे दुनिया में
02:51चलती है और भारत का बड़ा होना ऐसे कारवाई को प्रतिवंद करेगा उसलिए भारत उसका परमलक्स है वह भारत में
03:00भी ऐसे प्रया
03:09जिस प्रकार दुड़दा से चलाया उसके चलते और भारत के नई पीड़ी में खास कर देशा भीबान अपने देश के
03:20लिए कुछ करना है अपने देश का कुछ वैश्विक दाइत्व है इसका भान जगने के कारण जो समाज का पुर्शार्थ
03:26बना उसके कारण
03:31और इनके खेल बंद होगे ये आसुरी ताकते जानती है और इसलिए भारत उनका लक्ष है वो परिशदे करते हैं
03:40भारत हिंदू और संगों को किस प्रकार तोडएंगे बिस्मेंटलिंग ऐसा कहते हैं और उनको सायता भी मिल जाती है उनी
03:48के प्रकृति के कोशलो सर्वत्र ह
03:52क्षुद्र सत्ता स्वार्थ और विवे कहिनता के कारण महत्वा कांची नेता भी उनको मिल जाते हैं अब समाज बहुत बड़ा
04:00है देश अपना अभी विकास कर रहा है पूरा नहीं हुआ तो समस्य रहेगी समस्य रहती ही है और समस्या
04:10के चलते आंदोलन भी होते ही है और �
04:13प्रजातंत्र में अंदोलन होंगे ही परन्तु अंदोलन किसलिए होने चाहिए समाधान के लिए होने चाहिए
04:23अंदो लंका उद्देश समाधान है तो अंदो करने वाला पोई समू हो या शांती सुव्यवस्था कायम करने के लिए कारिवाई
04:34करने वाला साशन प्रस्यासन या राजनीतिक नेतागन हो अपने एक अखंड समाज में हमारी करनी के कारण किसी प्रकार की
04:43अनबन द्वेश-त्
04:45लालिया विबाजन पाइदा नहीं होना चाहिए