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पूरा वीडियो: भारत सबसे धार्मिक और सबसे गंदा देश क्यों? || आचार्य प्रशांत (2025)

लिंक: https://youtu.be/eFegKUe4AzY?si=jGUZBACJ_J4TbmzG
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चाहे वो कितनी भी साफ़ जगह क्यों न हो, उसको गंदा करना ही करना है। अपने घर को ऐसे थोड़ी गंदा करते हैं। सार्वजनिक जगह है तो कर देंगे क्योंकि वो हमारी ज़िम्मेदारी में नहीं आती। मेरी ज़िम्मेदारी तो बस अपने लिए है। अपने घर को कौन गंदा रखता है? अपने कमरे को, अपने कपड़ों को कौन गंदा रखता है? मेरे मन में शून्य सम्मान है। अपने स्वार्थों के अलावा किसी भी और चीज़ के लिए। मेरी अपनी सुचिता, स्वच्छता का मुझे खयाल रखना है। दुनिया गंदी है तो होती रहे, मैं क्यों इस बात की फ़िक्र करूँ कि दुनिया गंदी हो रही है कि मोहल्ला गंदा पड़ा हुआ है। क्या फ़र्क पड़ता है?
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वीडियो जानकारी: 30.06.25, गीता समागम, गोवा

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Transcript
00:03मेरी आठ महीने की मेहनत बरबाद हो गई
00:06ये कहना है एक युवक्का जिसने मध्य प्रदेश की अजनार नदी को साफ किया था
00:11लेकिन कुछी हफ्तों बाद नदी फिर से गंदी हो गई
00:30अधान यहां एक मेरे मन में शूनने सम्मान है अपने स्वार्थों के अलावा किसी भी और चीज
00:35के लिए मेरी अपनी शुचता सच्छता का मुझे खयाल रखना है दुनिया गंदी यह तो होती रहे
00:41स्वार्थ फिर मैं क्यों इस बात की फिक्र करो कि दुनिया गंदी हो रही है कि मुहला गंदा पड़ा हुआ
00:49है क्या फर्क पड़ता है

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