00:00बला बला बला रे बला बला बला बला रे एक चतुर नार बड़ी होशी यार फलानी बदन दिखाती घूमती है
00:09गंदे चरितर की है अच्छा तुमने कपड़ों से इसका चरितर भी निकाल लिया बहुत बड़े हैं माए बेटियों को ऐसे
00:16जा रही है तू तेरा देख पीठ द
00:29पड़ाया तो पड़ाया पूरा समाज ही बीमार हो गया है शरीर को इतना बड़ा बना लिया है कि हर आदमी
00:36हर समय बस शरीर के बारे में सोच रहा है पुरुष महिला के शरीर के बारे में सोची जा रहा
00:41है महिला अपने शरीर के बारे में सोची जा रही है तो लड़कियां �
00:44ग्यान, कौशल, प्रतिभा, संघर्ष इसे ज़्यादा महत्युक इसको देने लग जाती हैं फिर कि मैं सुन्दर दिखूँ, आकरशक दिखूँ, सेक्सी
00:52दिखूँ