Skip to playerSkip to main content
India-China Border Standoff: अरुणाचल प्रदेश में LAC के पास भारत और चीनी सेना के बीच तनाव को लेकर ITBP DG शत्रुजीत कपूर ने चौंकाने वाला दावा किया है। जानिए अरुणाचल सीमा पर क्या हालात हैं और सरकार के दावों के बीच इस नए बयान ने क्यों सियासत गर्म कर दी है।

Tensions along the India-China Border in Arunachal Pradesh have resurfaced after ITBP Director General Shatrujeet Kapur confirmed ongoing face-offs between Indian and Chinese PLA troops at multiple locations along the LAC. Following the ITBP chief's statement, opposition parties have raised questions regarding border security and the government's stance. Watch the full report on Oneindia Hindi to understand the latest developments at the Arunachal border and ITBP's operational preparedness.

#IndiaChinaBorder #ArunachalPradesh #ITBP #OneindiaHindi

~PR.250~HT.408~ED.110~GR.506~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00तुझेत जी ने कहा है कि ये जुलाई से ही इस तरह के तनाव वहां पर बॉर्डर पर देखे जा
00:06रहा है खास करके अरुनाचल प्रदेश के एक जिले के कुछ हित्रों में इस तरह की वारदाते हुई हैं और
00:14अब ये अभी भी चल रहा है तनातनी बनी हुई है या नहीं है ऐ
00:29उसमें हमें हमेशा सावधान रहना होगा क्योंकि चीन की तो पॉलिसी एस्टेटेट पॉलिसी है कि उसका जो माउट से तुमका
00:38एक था कि फाइव फिंगर पॉलिसी कि उसमें तिब्बत उसकी हतेली है और अरुनाचल लद्दाक ये सारे उसके पांच उंगलिया
00:48है तो उनकी
00:49तो पॉलिसी है कि इन छेत्रों पे वो अपना दावा करते रहे हैं और भारत ने उस पे हमेशा से
00:55नका रहा है और वस्तु इस्थिति भी है लेकिन दिक्कत है कि चीन एक तरफ तो मैकमोहन लाइन जो कहले
01:02जो बॉर्डर का मामला था लेसी पे उसको नहीं मानता है दूसरी �
01:08चीन ऐसी छेड़खानी लगातार करता रहता है और चीन की तो ये कह लिजे आदत है चीन देखिए लगबग 14
01:16-15 देशों से उसके बॉर्डर मिलते हैं और हर देश से चीन का बॉर्डर का प्राबलम है कोई भी ऐसा
01:24देश नहीं है जिससे इंक्लूडिंग हमारे भारत का तो
01:28है इस साथ में आप देख लिजे गुटान नेपाल इन सब के भी प्राबलम है तो चीन तो एक तरह
01:35से कह लिजे उसका जो अपने को बढ़ाने की दवाव बनाने की मीती है उस पे चलता रहता है हाला
01:42कि दूसरी तरफ चुकी उसको अपने ब्यापारी की हित भी देखता है भ
01:57भारत ने अगर वैपार के मुद्दे पे थोड़ा सा अरियल रुक रख लिया तो उससे चीन के कंपनीज को लॉस
02:04होगा चीन को लॉस होगा लेकिन सीमा पे इस विवाद में हमने काफी कोसिस की और हमारी तरफ से जो
02:11हमारे नेशनल सेकुरिटी एडवाईजर है अजीत दो�
02:18चुकी है खास करके सीमा विवाद को सुलजाने के लिए और जब से 2020 में ये गलवान का मामला आया
02:25उसके हमने देखा डोकलाम गलवान इस से के बाद चीजें उस रास्ते पे नहीं आई है जबकि हमने पिछले महीने
02:34भी देखा कि चीन के राश्पती ब्रिक्स समिट में भा�
02:48जाएगा लेकिन जिस तरह की खबरें अभी जो ITBP के डीजी साहब ने दिया है उससे तो ये निश्चित रूप
02:55से ये एक चिंता भी है और एक तनाव का महौल वहाँ पे है I am sure कि हमारे साइनिक
03:01तो हर शीज के लिए तयार रहते हैं और जैसा कि ITBP के इनो डीजी ने कहा कि
03:06अब तो एक विसेश सुरक्षाबल भी ITBP के अंदर ही सौरे के नाम से जो एक विसेश सुरक्षाबल भी बना
03:13दी गई है जिनको ऑवियस है कि special training दी होगी इस तरह के जो difficult दुरगम छेतर हैं उसमें
03:22कैसे अपना दबबा बना के रखा जाए तो लेकिन ये तना तनी दोनों �
03:28के लिए उनके हित में नहीं है और मुझे लगता है चीन से एक कड़ा विरोध तो प्रकट करना ही
03:35करना चाहिए साथ में हमें थोड़े से और एग्रेसिव अब डिफेंसिव होने की बजाए ओफेंसिव होना पड़ेगा हमें चीन को
03:44जहां हम एक तरह से कहली जिए रोक सकते
03:47हैं जैसे खास करके वेपार का चुकी हमारा एक बहुत बड़ा मार्केट है और चीन उसका फाइदा उठा रहा है
03:52मुझे लगता है इस तरह की कवायद भी करनी चाहिए क्योंकि संयुक्तराश्ट्र संग जैसे जो अंतराश्ट्रे प्लेटफॉर्म में हम देख
04:01रहा है कि व
04:16नहीं भी वो कोई सुगाट ही नहीं देखते चीन उसका फाइदा उठा के दोनों जो वार दो फरंट पे दुनिया
04:26विहसता है दुनिया पड़ेशान है तबाह है उसका फाइदा कहीं न कहीं उठाने की कोसिस भी चीन गाहे बिगाहे करता
04:33है
04:35बिल्कुल तेवनर जी क्योंकि इस बयान के बाद देश भर में विपक शब एक बार फिर बयानवाजी पर उतर आया
04:41जाहिर तोर पर शुरुआत से ही शुरुआत कहले जिया या फिर बिक समिट के आसपास उसके बाद से भी लगातार
04:48मोधी और प्रड़ान मंती मोधी के सा�
05:01कहीं न कहीं हमारे सैनिकों की जख्मों पर नमक छड़कने जैसा है यह दोस्ताना वहवार गलत संदेश दे रहा है
05:08इस टिपने को आप कैसे देख रहे हैं इस नजरिये को विपक्ष को
05:13मुकें जी देखिए आइटी बीपी के डीजी हैं या अभी आर्मी हो हमारी प्रोफिशनल ट्रेनिंग इतनी अच्छी होती है कि
05:23इस तरह की खबरों से हमारे विवाद पर या मुराल पर कोई फरक नहीं पड़ता है
05:28दूसरी बात है कि बेसिक मुद्दा क्या है बेसिक मुद्दा यह है कि मेंकमोहन नाइन कहां पर है अंग्रेजों ने
05:39जब उननीस सो चौदा में शिमला में इनको बुलाया तो तिबबत के रिप्रेजनेटरिव आये और उन्होंने एक नक्षे पर साइन
05:46कर दिया अंग्रे�
05:58प्रिटिश आपके शायद आविलेबल है और मुकर जी दूसरी बात है कि उस नक्षे का बेसिस क्या था अंग्रेजों ने
06:08बोला कि भारत और चीन की बॉंडरी उनीस सो चौदा में कहां पर है उन्होंने का कि रेंज शैडो फ्रिंसिपल
06:16फॉलो किया कि बारिश होती है बरफ �
06:19पिगलती है इसके बाद अगर उसका पानी भारत की तरफ बहता है तो वो भारत का हिस्सा यानि ब्रिटिश अंपायर
06:27का हिस्सा अभी हम बोलते अरुनाचल प्रदेश और पारिश होई या बरफ पिगली और उसका पानी चीन की तरफ बहे
06:38गया
06:41यानि सेम ब्रह्मपुत्रा चीन की तरफ बहती है सांगपो बोलते तो उसका पानी अगर चीन की तरफ बहे गया जाके
06:49सांगपो में मिल रहा है तो चीन का हिस्सा और ऐसा कहकर उन्होंने मैकमोहन लाइन ड्रॉ किया तो उन्होंने क्या
07:00किया जमीन पर मैकमोहन लाइन जो ड
07:08हाईएस हम भोलते हैं ट्रिक पॉइंट तो उन्होंने क्या किया एक को जूसरे ट्रिक पॉइंट से जोईं किया जो हाईस्ट
07:18पॉइंट है
07:19बारिश वी उस तरफ का पानी उदर बारिश वी इस तरफ पानी इदर वह हो गया मैंकत महांगा मैंक औ
07:27Ne
07:28चीन 1949 के बाद से खास्तों से 1952 के बाद से लगातर बोल रहा है कि वह मेकमोन लाइन को
07:35नहीं मानते क्योंकि चीनी परतिदिदें कभी साइन नहीं किया अब देखें ये जो नक्षे बाजी का गेम है ये दुनिया
07:44में सब जगा मिनिस्ट्री और डिफेंस का काम नहीं आर्मी न
07:57कि नक्षे में हमारी जमीन कहां पर है ये हमारी आर्मी का काम है नहीं नक्षे में कहां तक हमारी
08:05जमीन है जमीन पर कहां पर मैकमोन लाइन है हमारा क्लेम लाइन LAC लाइन अफ एक्च्छल कंट्रोल वो मिनिस्ट्री और
08:13डिफेंस का भी काम नहीं है ये समझना पड़ेगा �
08:17यह विदेश मंत्रालय काम है
08:18विदेश मंत्रालय काम करता है की
08:22मैकमोहनलाइश कहा पर है
08:25यह जो survey department है
08:27इनकी जो report है सब विदेश मंत्रा
08:29यह पूरा जो survey department है
08:31geographical survey of India
08:34जो आजकल तो GPS
08:35से जो सब लोग विदेश मंत्रालय के नीचे काम करते हैं
08:38यह ना M.O.D. के नीचे काम करते हैं, आर्मी, नेवी, एरफोस के नीचे कोई हैं नहीं नहीं, तो
08:44जो नॉर्मल मैकमोहन लाइन कहां पर है, हमारा क्लेम लाइन, जब हमारी आर्मी जब ऐसे देखती है पहाड की तरफ,
08:55या जब हमारे ITPP के जावान ऐसे देखते हैं पहाड की
08:58तो हमारा क्लेम लाइन कहां पर है, वो विदेश मंत्राले होम मिनिस्ट्री को कहता है, यहां तक है, नक्षे पर,
09:07और फिर होम मिनिस्ट्री वो ITPP पर यह बताती है, ऐसे ही विदेश मंत्राले मोडी को बताती है, मोडी आर्मी
09:14को बताती है कि वहां तक हमारा लाइन, अब क्
09:21गए हैं वोग एक चोटा सा पत्थर बना के खाना बना लेते हैं फिर वापस चलियाते हैं आपर भौ और
09:39वह चाइनिस की हबड़ थी वह डिनीज चारी के कुछ अवशेर्श छोड़ेते हैं
09:44तो यह हमें बताने का तरीका है कि वह वहाँ पर आ चुके हैं
09:50तो क्या वहा पोस्ट मैपना लाइन के उपर था
09:53या मैपना लाइन के इस तरफ था
09:57ये जब जमीनी रिपोर्ट आती है
09:59ITPU के सूतर से
10:02बता दूँ, वहाँ पर ITB proof के साथ
10:04Intelligence Bureau की पोस्ट भी होती है
10:08तो फारवर्ड पोस्ट कहां तक है वो आर्मी नहीं तैय करती है यह इंटेलिएंस ब्यूरो अपना रिपोर्ट देता है होम
10:15मिनिस्ट्री को आर्मी इस खेल में बहुत बाद में आती है आई टी बीपी फस्ट रेस्पॉंडर है तो भारत सरकार
10:27को तैय करना पड़ेगा और ब
10:36मतलब यह है कि उन्होंने जहां पर भी तंबू गाड़ दिया है या कुछ बना लिया है जो कि हमारी
10:43आई टी बीपी की पेट्रोल रिपोर्ट करती है वो आधा किलोमेटर एक किलोमेटर देर से देके बोलते कि वहां पर
10:49ऐसा चाइनीज में बना लिया है तो अगर हम दावा
10:53कर रहे हैं सरकारी दोर पे कि पेले हमारे एजिया में नहीं आई है उसका मतलब क्या है उसका मतलब
11:00है कि हम यह मान रहे हैं कि सामने जो पत्रों का धेर है जहां पेले आके छोटा सा सेंगर
11:09बना के गई है पत्रों का जुन वो चाइना का एरिया है यह इंटर्पेटिशन शा
11:21सारा विवाज चल रहा है कि जब कुल अजिताप जी क्या चीन के सांसा सामानय राजनाइक संबंध के साथ
11:29सक्त सैनय आप क्या सकते हैं कब्रति रूद भी बन सकता है सात के साहत
11:34सरकार का कहना है कि जो असज Nobb.
11:36विडियोज होती है नर्मी दिखाने वाली वो तो संबंध पैतर करने के लिए होते हैं लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष बार
11:42-बार वही कहता है कि हमारे जमीने हड़ पे जा रही है हमारे सैने को कुमारा जा रहा है उनका
11:46लहू बहाया जा रहा है दुनिया के दूसरे देश भ
12:00तिब्बत पे हमने चीन को एलाव कर दिया एक तरह से कबजा करने से हमने उसको मान लिया वो हमारी
12:07सायद मेरे हिसाब से एक गलती थी क्योंकि तिब्बत को जैसे ही इसने कबजा किया और उसके बाद से दलाई
12:14लामा जो वहां से भाग के आये 1959 में हमने उनको सरन दी यहां �
12:20और तब से वो भारत में रह रहे हैं हम सब जानते हैं धरमसाला में वो रह रहे हैं दलाई
12:25लामा तो उस समय से यह तिब्बत पे जो उसको कहते हैं ना चुटा सान जो है उसको दुनिया के
12:32तरब से ज़्यादा तर देशों ने एक तरह से उसको मान लिया सबमिशन दे दिया
12:36चाइना के अगेंस्ट में और उसमें भारत भी था वहीं से हमारी गलतियां सुरू ही है और जो माउट से
12:43तुम जो चीन के लीडर थे उन्होंने फिर एक पांच उंगलियों का सिध्धान्त दिया जिसमें वो तिबबत को हथेली बताते
12:50हैं और बाकी जो अरुनाचल है जिसको
12:53तो वो दच्छिन टिबत कहता है तीन चीन और इसके अलावा हमारा लटाक का एरिया है इन सब एरिया को
12:59वो अपनी उगलिया मानता है तो वहां से इनका मन एक तरह से कह लिजे बढ़ा और इसके पीछे एक
13:05और जो दिक्कत है वो वास्त्विक नियंतरन रेखा का अस्वस्�
13:22वहां के जो भौगाली किस्थिती है वो भी थोड़ी सी इसमें कहली जे कन्फ्यूजन पैदा करती है और खास करके
13:30जब वेदर उस तरह का नहीं होता है तो लेकिन हमने ये भी देखा कि जिस तरह से गलवान का
13:36जो 2020 में एक कहली जे विवाद हुआ और उसमें हाथा पाई त
13:52चीन को तो एक जवाब देना होगा और आप देख लिजिए उसके बाद से लगातार भारत की तरफ से खास
14:00करके इंफरस्ट्रक्चर को डेफलप करने के लिए बहुत सारे प्रोजेक्ट चलाए गये हैं लास्ट माइल केनेक्टिविटी कह लिजिए बॉर्डर के
14:08एरियाज म
14:22हम बहुत सारे ऐसे बंकर बना रहे हैं जो अपने सैनिकों के लिए थोड़ा सा उनको कमफर्ट जोन में भी
14:28रखा जाए और उनको एक सेफ्टी सिकुरिटी का भी जो इंफरस्ट्रक्चर के लिहाज से हैं वो भी महया करवाई जाए
14:36और उनका जो एक पेट्रॉलिंग होता ह
14:38उसके लिए भी हमने अपने जो हतियारों की कह लिए अपने इंफरस्ट्रक्चर की एक उसमें भी हमने काफी इंवेस्ट किया
14:47और पहले से चीजें काफी बहतर हुई हैं सुरक्षा रक्षा के अगर मामले में देखा जाए तो हमारे निश्ची तूप
14:55से सैनिक आज ज़्या
14:57हैं ज्यादा वो आप एक तरह से कह लिए आंद भी है टेकनिकल सपोर्ट भी उनको मिल रहा है सेटलाइट
15:04और इस तरह में जैसा हम देख रहे हैं कि भारत अब प्रमुख बिश्व के देशों में गिना जाता है
15:10सेटलाइट टेक्नलोजी के मामले में भी तो निश्चीत र�
15:26ने कहा भी कि अब चुकी ड्रोन टेक्नलोजी एक बहुत ही उमदा हतियार के रुप में चाहे कहलेजिए अटैक की
15:33बात करजिए या डिफेंस की बात कीजिए दोनों में ये ड्रोन टेक्नलोजी काफी कारगर सी धो रहा है तो ऐसे
15:40में ITBP उसका भी बहुत ज्यादा अब य
15:55उसका युद्ध मुकुन जी सारे चार साल से चल रहा है क्या उसका हस्र हुआ अमेरिका जैसी महा सक्ती इरान
16:02जैसे छोटे कहले जे ताकत को जुगा नहीं पाई है आठ महीने कीतनी तबाही और लड़ाई के बावजूद और पचास
16:09साल के कहले जे कि नाका बंदी घेरा ब
16:24परिनाम भी आने सुरू हुए है थोड़ा टाइम लगता है लेकिन चाइना को हमने जिस तरह से पचीस राउंड से
16:30ज्यादा की बाचीत जो हमारे वारताकार नॉमिनेटेड हैं हमारी तरफ से एनसेस अजीत दोबल है तो उनकी तरफ से वरिस्त
16:38अधिकारी उनके बाचीत मे
16:43है उससे निश्चीत रूप से थोड़े उसके पॉजिटिव आउटकम आये हैं मुद्दे को थोड़ा सांत करने में सहयोग मिला है
16:51समर्तन मिला है लेकिन चीन को भी ये समझना होगा चीन ने कुछ एक्सन लिये हैं जो इस एरिया के
16:58उसके कमांडर थे उसको साथ चीन ने ऐ
17:04अटा दिया ही से उसको टर्मिनेट कर दिया ऐसी भी खबने आई है तो मुझे लगता है थोड़ी सी अंडरस्टेंडिंग
17:10बनाने की और जरुवत है और वो अंडरस्टेंडिंग बात से ही आएगी बात से ही बात बनती है और उसको
17:17एक मुकाम पर ले जा जा सकता है तो मु�
17:34Download the OneIndia app now.

Recommended