00:00तुझेत जी ने कहा है कि ये जुलाई से ही इस तरह के तनाव वहां पर बॉर्डर पर देखे जा
00:06रहा है खास करके अरुनाचल प्रदेश के एक जिले के कुछ हित्रों में इस तरह की वारदाते हुई हैं और
00:14अब ये अभी भी चल रहा है तनातनी बनी हुई है या नहीं है ऐ
00:29उसमें हमें हमेशा सावधान रहना होगा क्योंकि चीन की तो पॉलिसी एस्टेटेट पॉलिसी है कि उसका जो माउट से तुमका
00:38एक था कि फाइव फिंगर पॉलिसी कि उसमें तिब्बत उसकी हतेली है और अरुनाचल लद्दाक ये सारे उसके पांच उंगलिया
00:48है तो उनकी
00:49तो पॉलिसी है कि इन छेत्रों पे वो अपना दावा करते रहे हैं और भारत ने उस पे हमेशा से
00:55नका रहा है और वस्तु इस्थिति भी है लेकिन दिक्कत है कि चीन एक तरफ तो मैकमोहन लाइन जो कहले
01:02जो बॉर्डर का मामला था लेसी पे उसको नहीं मानता है दूसरी �
01:08चीन ऐसी छेड़खानी लगातार करता रहता है और चीन की तो ये कह लिजे आदत है चीन देखिए लगबग 14
01:16-15 देशों से उसके बॉर्डर मिलते हैं और हर देश से चीन का बॉर्डर का प्राबलम है कोई भी ऐसा
01:24देश नहीं है जिससे इंक्लूडिंग हमारे भारत का तो
01:28है इस साथ में आप देख लिजे गुटान नेपाल इन सब के भी प्राबलम है तो चीन तो एक तरह
01:35से कह लिजे उसका जो अपने को बढ़ाने की दवाव बनाने की मीती है उस पे चलता रहता है हाला
01:42कि दूसरी तरफ चुकी उसको अपने ब्यापारी की हित भी देखता है भ
01:57भारत ने अगर वैपार के मुद्दे पे थोड़ा सा अरियल रुक रख लिया तो उससे चीन के कंपनीज को लॉस
02:04होगा चीन को लॉस होगा लेकिन सीमा पे इस विवाद में हमने काफी कोसिस की और हमारी तरफ से जो
02:11हमारे नेशनल सेकुरिटी एडवाईजर है अजीत दो�
02:18चुकी है खास करके सीमा विवाद को सुलजाने के लिए और जब से 2020 में ये गलवान का मामला आया
02:25उसके हमने देखा डोकलाम गलवान इस से के बाद चीजें उस रास्ते पे नहीं आई है जबकि हमने पिछले महीने
02:34भी देखा कि चीन के राश्पती ब्रिक्स समिट में भा�
02:48जाएगा लेकिन जिस तरह की खबरें अभी जो ITBP के डीजी साहब ने दिया है उससे तो ये निश्चित रूप
02:55से ये एक चिंता भी है और एक तनाव का महौल वहाँ पे है I am sure कि हमारे साइनिक
03:01तो हर शीज के लिए तयार रहते हैं और जैसा कि ITBP के इनो डीजी ने कहा कि
03:06अब तो एक विसेश सुरक्षाबल भी ITBP के अंदर ही सौरे के नाम से जो एक विसेश सुरक्षाबल भी बना
03:13दी गई है जिनको ऑवियस है कि special training दी होगी इस तरह के जो difficult दुरगम छेतर हैं उसमें
03:22कैसे अपना दबबा बना के रखा जाए तो लेकिन ये तना तनी दोनों �
03:28के लिए उनके हित में नहीं है और मुझे लगता है चीन से एक कड़ा विरोध तो प्रकट करना ही
03:35करना चाहिए साथ में हमें थोड़े से और एग्रेसिव अब डिफेंसिव होने की बजाए ओफेंसिव होना पड़ेगा हमें चीन को
03:44जहां हम एक तरह से कहली जिए रोक सकते
03:47हैं जैसे खास करके वेपार का चुकी हमारा एक बहुत बड़ा मार्केट है और चीन उसका फाइदा उठा रहा है
03:52मुझे लगता है इस तरह की कवायद भी करनी चाहिए क्योंकि संयुक्तराश्ट्र संग जैसे जो अंतराश्ट्रे प्लेटफॉर्म में हम देख
04:01रहा है कि व
04:16नहीं भी वो कोई सुगाट ही नहीं देखते चीन उसका फाइदा उठा के दोनों जो वार दो फरंट पे दुनिया
04:26विहसता है दुनिया पड़ेशान है तबाह है उसका फाइदा कहीं न कहीं उठाने की कोसिस भी चीन गाहे बिगाहे करता
04:33है
04:35बिल्कुल तेवनर जी क्योंकि इस बयान के बाद देश भर में विपक शब एक बार फिर बयानवाजी पर उतर आया
04:41जाहिर तोर पर शुरुआत से ही शुरुआत कहले जिया या फिर बिक समिट के आसपास उसके बाद से भी लगातार
04:48मोधी और प्रड़ान मंती मोधी के सा�
05:01कहीं न कहीं हमारे सैनिकों की जख्मों पर नमक छड़कने जैसा है यह दोस्ताना वहवार गलत संदेश दे रहा है
05:08इस टिपने को आप कैसे देख रहे हैं इस नजरिये को विपक्ष को
05:13मुकें जी देखिए आइटी बीपी के डीजी हैं या अभी आर्मी हो हमारी प्रोफिशनल ट्रेनिंग इतनी अच्छी होती है कि
05:23इस तरह की खबरों से हमारे विवाद पर या मुराल पर कोई फरक नहीं पड़ता है
05:28दूसरी बात है कि बेसिक मुद्दा क्या है बेसिक मुद्दा यह है कि मेंकमोहन नाइन कहां पर है अंग्रेजों ने
05:39जब उननीस सो चौदा में शिमला में इनको बुलाया तो तिबबत के रिप्रेजनेटरिव आये और उन्होंने एक नक्षे पर साइन
05:46कर दिया अंग्रे�
05:58प्रिटिश आपके शायद आविलेबल है और मुकर जी दूसरी बात है कि उस नक्षे का बेसिस क्या था अंग्रेजों ने
06:08बोला कि भारत और चीन की बॉंडरी उनीस सो चौदा में कहां पर है उन्होंने का कि रेंज शैडो फ्रिंसिपल
06:16फॉलो किया कि बारिश होती है बरफ �
06:19पिगलती है इसके बाद अगर उसका पानी भारत की तरफ बहता है तो वो भारत का हिस्सा यानि ब्रिटिश अंपायर
06:27का हिस्सा अभी हम बोलते अरुनाचल प्रदेश और पारिश होई या बरफ पिगली और उसका पानी चीन की तरफ बहे
06:38गया
06:41यानि सेम ब्रह्मपुत्रा चीन की तरफ बहती है सांगपो बोलते तो उसका पानी अगर चीन की तरफ बहे गया जाके
06:49सांगपो में मिल रहा है तो चीन का हिस्सा और ऐसा कहकर उन्होंने मैकमोहन लाइन ड्रॉ किया तो उन्होंने क्या
07:00किया जमीन पर मैकमोहन लाइन जो ड
07:08हाईएस हम भोलते हैं ट्रिक पॉइंट तो उन्होंने क्या किया एक को जूसरे ट्रिक पॉइंट से जोईं किया जो हाईस्ट
07:18पॉइंट है
07:19बारिश वी उस तरफ का पानी उदर बारिश वी इस तरफ पानी इदर वह हो गया मैंकत महांगा मैंक औ
07:27Ne
07:28चीन 1949 के बाद से खास्तों से 1952 के बाद से लगातर बोल रहा है कि वह मेकमोन लाइन को
07:35नहीं मानते क्योंकि चीनी परतिदिदें कभी साइन नहीं किया अब देखें ये जो नक्षे बाजी का गेम है ये दुनिया
07:44में सब जगा मिनिस्ट्री और डिफेंस का काम नहीं आर्मी न
07:57कि नक्षे में हमारी जमीन कहां पर है ये हमारी आर्मी का काम है नहीं नक्षे में कहां तक हमारी
08:05जमीन है जमीन पर कहां पर मैकमोन लाइन है हमारा क्लेम लाइन LAC लाइन अफ एक्च्छल कंट्रोल वो मिनिस्ट्री और
08:13डिफेंस का भी काम नहीं है ये समझना पड़ेगा �
08:17यह विदेश मंत्रालय काम है
08:18विदेश मंत्रालय काम करता है की
08:22मैकमोहनलाइश कहा पर है
08:25यह जो survey department है
08:27इनकी जो report है सब विदेश मंत्रा
08:29यह पूरा जो survey department है
08:31geographical survey of India
08:34जो आजकल तो GPS
08:35से जो सब लोग विदेश मंत्रालय के नीचे काम करते हैं
08:38यह ना M.O.D. के नीचे काम करते हैं, आर्मी, नेवी, एरफोस के नीचे कोई हैं नहीं नहीं, तो
08:44जो नॉर्मल मैकमोहन लाइन कहां पर है, हमारा क्लेम लाइन, जब हमारी आर्मी जब ऐसे देखती है पहाड की तरफ,
08:55या जब हमारे ITPP के जावान ऐसे देखते हैं पहाड की
08:58तो हमारा क्लेम लाइन कहां पर है, वो विदेश मंत्राले होम मिनिस्ट्री को कहता है, यहां तक है, नक्षे पर,
09:07और फिर होम मिनिस्ट्री वो ITPP पर यह बताती है, ऐसे ही विदेश मंत्राले मोडी को बताती है, मोडी आर्मी
09:14को बताती है कि वहां तक हमारा लाइन, अब क्
09:21गए हैं वोग एक चोटा सा पत्थर बना के खाना बना लेते हैं फिर वापस चलियाते हैं आपर भौ और
09:39वह चाइनिस की हबड़ थी वह डिनीज चारी के कुछ अवशेर्श छोड़ेते हैं
09:44तो यह हमें बताने का तरीका है कि वह वहाँ पर आ चुके हैं
09:50तो क्या वहा पोस्ट मैपना लाइन के उपर था
09:53या मैपना लाइन के इस तरफ था
09:57ये जब जमीनी रिपोर्ट आती है
09:59ITPU के सूतर से
10:02बता दूँ, वहाँ पर ITB proof के साथ
10:04Intelligence Bureau की पोस्ट भी होती है
10:08तो फारवर्ड पोस्ट कहां तक है वो आर्मी नहीं तैय करती है यह इंटेलिएंस ब्यूरो अपना रिपोर्ट देता है होम
10:15मिनिस्ट्री को आर्मी इस खेल में बहुत बाद में आती है आई टी बीपी फस्ट रेस्पॉंडर है तो भारत सरकार
10:27को तैय करना पड़ेगा और ब
10:36मतलब यह है कि उन्होंने जहां पर भी तंबू गाड़ दिया है या कुछ बना लिया है जो कि हमारी
10:43आई टी बीपी की पेट्रोल रिपोर्ट करती है वो आधा किलोमेटर एक किलोमेटर देर से देके बोलते कि वहां पर
10:49ऐसा चाइनीज में बना लिया है तो अगर हम दावा
10:53कर रहे हैं सरकारी दोर पे कि पेले हमारे एजिया में नहीं आई है उसका मतलब क्या है उसका मतलब
11:00है कि हम यह मान रहे हैं कि सामने जो पत्रों का धेर है जहां पेले आके छोटा सा सेंगर
11:09बना के गई है पत्रों का जुन वो चाइना का एरिया है यह इंटर्पेटिशन शा
11:21सारा विवाज चल रहा है कि जब कुल अजिताप जी क्या चीन के सांसा सामानय राजनाइक संबंध के साथ
11:29सक्त सैनय आप क्या सकते हैं कब्रति रूद भी बन सकता है सात के साहत
11:34सरकार का कहना है कि जो असज Nobb.
11:36विडियोज होती है नर्मी दिखाने वाली वो तो संबंध पैतर करने के लिए होते हैं लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष बार
11:42-बार वही कहता है कि हमारे जमीने हड़ पे जा रही है हमारे सैने को कुमारा जा रहा है उनका
11:46लहू बहाया जा रहा है दुनिया के दूसरे देश भ
12:00तिब्बत पे हमने चीन को एलाव कर दिया एक तरह से कबजा करने से हमने उसको मान लिया वो हमारी
12:07सायद मेरे हिसाब से एक गलती थी क्योंकि तिब्बत को जैसे ही इसने कबजा किया और उसके बाद से दलाई
12:14लामा जो वहां से भाग के आये 1959 में हमने उनको सरन दी यहां �
12:20और तब से वो भारत में रह रहे हैं हम सब जानते हैं धरमसाला में वो रह रहे हैं दलाई
12:25लामा तो उस समय से यह तिब्बत पे जो उसको कहते हैं ना चुटा सान जो है उसको दुनिया के
12:32तरब से ज़्यादा तर देशों ने एक तरह से उसको मान लिया सबमिशन दे दिया
12:36चाइना के अगेंस्ट में और उसमें भारत भी था वहीं से हमारी गलतियां सुरू ही है और जो माउट से
12:43तुम जो चीन के लीडर थे उन्होंने फिर एक पांच उंगलियों का सिध्धान्त दिया जिसमें वो तिबबत को हथेली बताते
12:50हैं और बाकी जो अरुनाचल है जिसको
12:53तो वो दच्छिन टिबत कहता है तीन चीन और इसके अलावा हमारा लटाक का एरिया है इन सब एरिया को
12:59वो अपनी उगलिया मानता है तो वहां से इनका मन एक तरह से कह लिजे बढ़ा और इसके पीछे एक
13:05और जो दिक्कत है वो वास्त्विक नियंतरन रेखा का अस्वस्�
13:22वहां के जो भौगाली किस्थिती है वो भी थोड़ी सी इसमें कहली जे कन्फ्यूजन पैदा करती है और खास करके
13:30जब वेदर उस तरह का नहीं होता है तो लेकिन हमने ये भी देखा कि जिस तरह से गलवान का
13:36जो 2020 में एक कहली जे विवाद हुआ और उसमें हाथा पाई त
13:52चीन को तो एक जवाब देना होगा और आप देख लिजिए उसके बाद से लगातार भारत की तरफ से खास
14:00करके इंफरस्ट्रक्चर को डेफलप करने के लिए बहुत सारे प्रोजेक्ट चलाए गये हैं लास्ट माइल केनेक्टिविटी कह लिजिए बॉर्डर के
14:08एरियाज म
14:22हम बहुत सारे ऐसे बंकर बना रहे हैं जो अपने सैनिकों के लिए थोड़ा सा उनको कमफर्ट जोन में भी
14:28रखा जाए और उनको एक सेफ्टी सिकुरिटी का भी जो इंफरस्ट्रक्चर के लिहाज से हैं वो भी महया करवाई जाए
14:36और उनका जो एक पेट्रॉलिंग होता ह
14:38उसके लिए भी हमने अपने जो हतियारों की कह लिए अपने इंफरस्ट्रक्चर की एक उसमें भी हमने काफी इंवेस्ट किया
14:47और पहले से चीजें काफी बहतर हुई हैं सुरक्षा रक्षा के अगर मामले में देखा जाए तो हमारे निश्ची तूप
14:55से सैनिक आज ज़्या
14:57हैं ज्यादा वो आप एक तरह से कह लिए आंद भी है टेकनिकल सपोर्ट भी उनको मिल रहा है सेटलाइट
15:04और इस तरह में जैसा हम देख रहे हैं कि भारत अब प्रमुख बिश्व के देशों में गिना जाता है
15:10सेटलाइट टेक्नलोजी के मामले में भी तो निश्चीत र�
15:26ने कहा भी कि अब चुकी ड्रोन टेक्नलोजी एक बहुत ही उमदा हतियार के रुप में चाहे कहलेजिए अटैक की
15:33बात करजिए या डिफेंस की बात कीजिए दोनों में ये ड्रोन टेक्नलोजी काफी कारगर सी धो रहा है तो ऐसे
15:40में ITBP उसका भी बहुत ज्यादा अब य
15:55उसका युद्ध मुकुन जी सारे चार साल से चल रहा है क्या उसका हस्र हुआ अमेरिका जैसी महा सक्ती इरान
16:02जैसे छोटे कहले जे ताकत को जुगा नहीं पाई है आठ महीने कीतनी तबाही और लड़ाई के बावजूद और पचास
16:09साल के कहले जे कि नाका बंदी घेरा ब
16:24परिनाम भी आने सुरू हुए है थोड़ा टाइम लगता है लेकिन चाइना को हमने जिस तरह से पचीस राउंड से
16:30ज्यादा की बाचीत जो हमारे वारताकार नॉमिनेटेड हैं हमारी तरफ से एनसेस अजीत दोबल है तो उनकी तरफ से वरिस्त
16:38अधिकारी उनके बाचीत मे
16:43है उससे निश्चीत रूप से थोड़े उसके पॉजिटिव आउटकम आये हैं मुद्दे को थोड़ा सांत करने में सहयोग मिला है
16:51समर्तन मिला है लेकिन चीन को भी ये समझना होगा चीन ने कुछ एक्सन लिये हैं जो इस एरिया के
16:58उसके कमांडर थे उसको साथ चीन ने ऐ
17:04अटा दिया ही से उसको टर्मिनेट कर दिया ऐसी भी खबने आई है तो मुझे लगता है थोड़ी सी अंडरस्टेंडिंग
17:10बनाने की और जरुवत है और वो अंडरस्टेंडिंग बात से ही आएगी बात से ही बात बनती है और उसको
17:17एक मुकाम पर ले जा जा सकता है तो मु�
17:34Download the OneIndia app now.