- 26 minutes ago
'मन की बात' का 139वां एपिसोड, पीएम मोदी ने त्योहारों में 'वोकल फॉर लोकल' पर दिया जोर
Category
🗞
NewsTranscript
00:00मेरे प्यारे देश्वास्यों मन की बात में एक बार फिर आप सब का स्वागत है आज से बारा वर्ष पहले
00:10विजिया दस्वी के पावन अवसर पर हमने मन की बात के शुरुवात की थी तब से अब तक हमारी यह
00:19यात्रा निरंतर जारी है
00:22इस यात्रा के सहयात्री भी आप है और मार्गदर्शक भी आप ही है शाथियों मेरे लिए मन की बात देश
00:36के सामान्य मानवी के परिश्रम उसके पराक्रम उसकी प्रतिवधता उसके समर्पन और सेवा भाव का गवरव गान करने का एक
00:49सुब अवशर रहा है
00:50हमारे देश में सद्यों से तिर्थी आत्रा की परंपरा रही है
00:57मेरे लिए मन की बात भी देश के लोगों के प्रयासों को करीब से जानने की और उनके योगदान को
01:07नमन करने की एक तिर्थी आत्रा से कम नहीं है
01:11साथियों जो लोग समाज और राष्ट के लिए जीते हैं वे अपने आप में एक तिर्थ के ही स्वरूप है
01:22बारा वर्षों में देश के हर कोने से ऐसे अनेक लोग सामने आये हैं जिनकी असाधरन कारियों की और सामान्य
01:33रूप से समाज का ध्यान नहीं जाता
01:36मन की बात ने ऐसी अन गिनत प्रेरक कहानियों को आप सब के सामने लाने का काम किया है
01:45साथियों मैं इस कारकम के माध्यम से एक तरह से देश की लोग सक्ति की आराधना करता हूँ
01:56मुझे इसके माध्यम से देश के हर परिवार से जूडने का अउसर मिलता है
02:02मुझे सेंकडो ऐसे संदेश मिलते हैं जिन में लोग बताते हैं कि मन की बात सुनकर उन्हें ऐसा लगता है
02:12जैसे मैं उनके बीश उनके परिवार में बैठकर एक परिवार के सदसे के तरह उन सब से समवात कर रहा
02:20हूँ
02:21मेरे लिए आप सभी सुरताओं की आत्मियता आपका यसने बहुत अमुल्य पूजी है
02:30मेरे प्यारे देश वाश्यों हमारे देश में ऐसे अनेक पारमपारी के हुनर है
02:38जो पीडियों से हमारी पहचान का हिस्सा रहे है
02:42और सुखद ये हैं कि अब इन परमपराओं से जुड़कर अनेक भीद नएक प्रवोग भी हो रहे हैं
02:52इन्हें आज के समय के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है
02:57पंजाब में ऐसा ही एक प्रयास काफी समय से चल रहा है
03:02यहां खेती विरास्त मिशन नाम की एक समस्ताने
03:08और्गेनिक फार्मिंग और परमपरिक रुषिक के तौर तरीकों को नया जीवन देना शुरू किया
03:15इस टीम के लोग पंजाब के मालवाक शेत्र में कपास की प्राकुर्तिक खेती को बढ़ावा देना चाहते थे
03:25इस पहल को नाम दिया गया नव त्रींजन इस पहल के तहट यहां बिना केमिकल का इस्तिमाल किये और्गेनिक कपास
03:38उगाई जाती है
03:39यहां प्राकुर्तिक रंगों वाली कपास भी उगाई जाती है
03:43इससे तैयार धागे और कपड़े को रंगने के लिए अलग से केमिकल इस्तेमाल करने की जरूत नहीं पड़ती
03:54अब कलपना कर सकते हैं इससे परियावरण की कितनी बड़ी मदद हो रही है
04:00साथियों कुछ साल पहले नवत तरिंजन ने एक वीविंग स्कूल भी शुरू किया
04:08इसका लक्षे हैं बुनकरी के हुनर को नई पीडी तक पहुँचाना
04:14इस स्कूल ने भी बहुत सारी महलाओं की लोगों की जिन्गी बदल दी है
04:20रमंदिप कौर जी इसकी एक मिसाल है
04:24पहले वो मद्दूर के रुप में काम करती थी
04:27लेकिन स्कूल में ट्रेनिंग के बाद
04:30आज उनकी पहचान एक कुछल बुनकर के तौर पर है
04:36रेखारानी जी ने तो ट्रेनिंग लेने से पहले कभी
04:40हेंड्लूम देखा तक नहीं था
04:42उनके द्वारा बनी गई शौल
04:45भारत की मान्य राश्पती जी को भेंट की गई है
04:48इसी तरह सुनेहा देवी जी
04:52पहले घरों में काम करती थी
04:54लेकिन आज वे हेंड्लूम पर अद्भूत फैबरिक त्यार कर रही है
04:59रजनीक और जी पहले खेतों में मद्दूरी पन निरभर थी
05:04अब नए हुनर से उन्हें घर चलाने में काफी मदद मिली है
05:09स्कूल से ट्रेनिंग के बाद ऐसी अनेक महिलाएब
05:13स्वदेशी और्गनिक कोटन से बने
05:16धागों का इस्तेमाल कर
05:19शौल, तौलिये और दूसरे कपड़े तयार कर रही है
05:23इन प्रयासों से उनके जीवन में खुशाली आ रही है
05:29कुछ महिने पहले नेश्टनल हैंडूम डे पर
05:33मुझे भी इस टीम से मिलने का आउसर मिला था
05:37उस दोरान मैंने काम के प्रति उनके जुनूम
05:41और समर्पन का अनुभव किया था
05:44मैं पूरी टीम को उजवल भविश के लिए हार्दिक शुबकामनाई देता हूँ
05:50मेरे पहरे देश्वाश्यों
05:53हमारे हाँ प्रकूती के प्रति सम्मान की
05:57बहुत पुरानी परंपरा रही है
06:01हमारे पूर्वजों ने हमें सिखाया है
06:04कि अपने आसपा स्फचता रखना
06:07जल सोतों की देखवाल करना
06:10ये हमारी अपनी जिम्मदारी है
06:13मुझे खोशी होती है
06:15जब मैं ये देखता हूँ
06:17कि देश के कितने ही लोग
06:20इसी भावना को अपना जीवन बनाये हुए है
06:23यही भाव उत्राखन के तीरी गड़वाल में भी देखने को मिलता है
06:29यहां लोगों ने मिलकर
06:31एक नदी को नया जीवन देने का प्रयास किया है
06:35ये नदी है हेवल
06:38कुछ समय पहले हेवल नदी में पानी कम होने लगा था
06:43आसपास के प्राकूतिक जलसरोत भी सूख रहे थे
06:48ऐसे में स्थानिय प्रशासन और गाउं के लोगों ने मिलकर
06:54हेवल नदी को बचाने का अभियान चलाया
06:57इस दोरान बारिस का पानी रोकने के उबाय हुए
07:02जमीन में पानी पहुचाने के लिए काम हुआ
07:05और बड़ी संख्या में पाउधे लगाए गए
07:09आज इस प्रयास से हेवल नदी को नया जीवनदान मिला है
07:15और साथ ही दर्जनों प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर जीवन में भी मदद मिली है
07:23साथियों जब समाज ऐसी भावना से एक जूट होता है
07:28तो बड़लाव की गारंटी पक्की हो जाती है
07:32इसकी एक जलग हम अपने त्योहारों में भी देखते हैं
07:36कुछी दिन बाद दिवाली और छट का पावन पर वा आने वाला है
07:42इसके लिए जगे जगे साथ सफाय का अभ्यान चलाया जा रहा है
07:47ये जरूरी है कि हम जहां रहते हैं
07:51वहां की स्वच्चता का ध्यान रखे
07:54हमारे छोटे छोटे प्रयास ही हमारे आसपास बड़ा बड़लाव ला सकते हैं
08:02मेरे प्यारे देशवासियों त्योहारों के इस मौसम में आप सभी ने अपने आसपास एक बड़लाव जरूर महसूस किया होगा
08:13अब लोग खरीदारी करते समय स्वदेशी उत्पादों को बहुत महत्वा देने लगे हैं
08:22वोकल्फ और लोकल की ये भावना अब हमारे उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुँचा रही है
08:30बिहार के पुरुनिया का मखाना अब ग्रीस पहुँच रहा है
08:35करनाटा का के कलगुर्गी की अरहर दाल अम्मालदिव जा रही है
08:41यानि भारत के किसानों के लिए दुनिया में नए बाजार खुल रहे हैं
08:47साथियों लोकल उत्पादों की चर्चा करते हुए
08:51मैं एक और विशे की तरफ आपका ध्यान ले जाना चाहता हूँ
08:57किसी भी उत्पाद की क्वालिटी के साथ ही उसकी पैकेजिंग भी बहुत माइने रखती है
09:05कई बार हम बाजार में कोई चीज देखते हैं
09:09तो उसकी अच्छी पैकेजिंग देखकर ही उसे हाथ में उठाते हैं
09:14हम packaging देखकर ही उस product के बारे में जानना चाहते हैं इसी बात को समझते हुए अब packaging पर
09:23भी जोड़ दिया जा रहा है
09:25साथियों महराष्ट में आदिवासी समुधायों ने अपने बनाये उत्पादों की packaging उस पर बहुत focus किया है
09:35यहां शबरी नेट्रोल्स के जडिये शहत, महुआ, चिनोंजी और मास से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं
09:46इनकी packaging पर आदिवासी कला की छाप है, आपको जानकर खुशी होगी इस packaging को जपान का प्रतिष्टिट गुड डिजाइन
09:59एवर्ड मिला है
10:00हमारी युवा भी इस सेत्र में नईव प्रयोक कर रहे हैं
10:05करनाटका का बैंबू स्टार्ट अप मास और खेती से निकलने वाले अवसेसों से packaging material बना रहा है
10:14साथियों जब स्थानिय उत्पादों की बात होती हैं तो खादी की चर्चा स्वाभाविक है
10:21इस बार गाधी जनती पर सिर्फ एक दिन में खादी ग्रामोद्योग ते उत्पादों इसकी बिक्री 28 करोड रुपे से अधिक
10:34की रही
10:34ये पिछले साल से भी डेड़ करोड रुपे और ज़्यादा ही है
10:40यानि खादी की लोग प्रयता निरंतर बढ़ती जा रही है
10:46और इसका लाब उन लोगों तक भी पहुँच रहा है जिनके हुनर और महनत से खादी हैडिक्राप जैसे अनेक चीजे
10:57तयार होती है
10:58साथियो त्योहारों पर हम अपने परिवार और प्रियेजनों के लिए बहुत कुछ खरिदते हैं
11:05इस बार भी खरीदारी करते समये
11:09स्थानिय कारीगरों के बनाई उत्पादों को प्रात्फिक्ता दीजिए
11:14आपकी खरिदारी से उनका उत्सा बढ़ेगा
11:19आपका ये अपनापन वोकल फर लोकल अभियान को और आगे ले जाएगा
11:26और जितना वोकल फर लोकल अभियान आगे बढ़ेगा
11:31उतनी ही तेजी से आत्म निर्भर भारत का सपना भी पूरा होगा
11:37और इसलिए मारा व्यक्तिकत रुप से आगर है
11:40कि आप स्थानिय कारिगरों के बनाए उपादों को प्रात्फिकता दीजिए
11:46प्रमुकता दीजिए
11:49मेरे पैरे देश्वासियों
11:51हमारे देश के लोगों की एक बड़ी विशेस्ता है
11:54हम नई टेक्नोलोजी को बहुत जल्दी अपना लेते हैं
11:59हम सहज रुप से टेक्नोलोजी को अपनी दैनिक जिनिकी का हिस्सा भी बना लेते हैं
12:06इस संजीवनी योजना इसका एक बहुत अच्छा उदारण है
12:11इसे पता चलता है कि लोगों के जीवन को आसान बनाने में टेक्नोलोजी का कैसे बहतर इस्तमाल किया जा सकता
12:22है
12:22मुझे देखकर बहुत संतोस होता है कि इसके जरिये अब तक करीब पचास करोड़ टैली कंसल्टेशन किये जा चुके हैं
12:34यह आकड़ा बहुत बड़ा है टेक्नोलोजी की ताकत हमारे डॉक्टरों के सेवा भाव और देश वाचों के विश्वात का यह
12:43बहतरीन उधारण है
12:45साथियों अज इस संजीवनी सेवा अपने विशाल नेटवर्क के जरिये देश के दूर दरात के इलाकों में भी पहुँच चुकी
12:55है
12:55इसका लाप उठाने वाले लोगों की कहानिया आपको भावुक कर देंगी
13:00अंडबान निकोबार के बारा टांग बीप में जार्वा जन्जाति के ओहो ताहाने को तेज बुखार था
13:11सांस लेने भी परिशानी हो रही थी
13:14ऐसे में लोकल हेल्थ वर्कर्स ने इस संजीवनी के जरिये एक्सपर्ट डॉक्टर से संपर्क किया
13:22उस बच्चों को निमोनिया था और जैसे ही वो एक्सपर्ट डॉक्टर की निगरानी में आया
13:30उसकी स्तिति में तीजी से सुधार होने लगा
13:33साथ को लक्षविप के कलपेनी में करीब साड़ साल के कुनी कोया जी की तबियत एक दिन अचानक भिगड़ गई
13:45थी
13:45तब समुद्र के उस पार कवरत्ती में बैठे अनुभवी डॉक्टर से इस संजीवनी के जरिये संपर्क किया गया
13:54उद अनुभवी डॉक्टर ने लोकल मेडिकल टीम को गैड़ किया और कुनी कोया जी को रहात पहुचाई
14:02लद्दाक के जांसकर में कुञ्जांग डोलमा जी को गरबावस्ता के दोरान कुछ कॉम्प्लिकेशन्स हो गए थे
14:12इस्तिती में इस संजीवनी उनके काम आई और स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने तुरंत उनकी मदद की
14:20नागलेन के पैरेन में बारा साल के मुशेम उनको कान में इंफेक्शन और बुखार था
14:30उन्हें भी इस संजीवनी का फायदा हुआ
14:33एक्सपर्ट डॉक्टर ने तुरंत उनकी बिमारी पकड़ ली और सही दवाईयां सुजाई साथियों एक समय था
14:41डॉक्टर को दिखाने में छोटी सी स्वास्त जाच में भी लोकों को काफी समय लग जाता था
14:50बहुत कठिनाई आती थी आद देश भर में लगबग एक लाख नब्वे हजार आईश्मान आरोग्य मंदीर लोकों के जीवन में
15:00नई नई सुविधाएं लेकर आये हैं
15:03ये आरोग्य मंदीर एक प्रकार से पंचायतों के वेलनेस सेंटर के रूप में विक्सित हो रहे हैं
15:10सबसे सुखद बात ये हैं कि अब गाउं के लोग भी नियमित जान्च करवा रहे हैं ताकि वे स्वस्तर हैं
15:19और इसमें इस अंजिमनी बहुत बड़ी भूमिका निभा रही हैं
15:25मेरे प्यारे देश वास्यों इस महने की सुरुवात मैं मैं चिन्न नहीं गया था
15:31मेरी मुलाकात वहां देश के कई साइंटिस्ट रिसर्चर्चर्ज और युवा प्रतिभावों से हुई हमारी युवा आज ऐसे सब्जेक्ट पर भी
15:43काम कर रहे हैं जो पूरी मानवता का भविश्य बदल सकते हैं और ऐसी एक फिल्ड है ब्रेन रिसर्च इसी
15:52से जुड़े
15:53सुधा गोपार कृष्णन ब्रेन सेंटर का मैंने आयाटी मदरास में लोकार्पन किया था इस सेंटर ने एक ब्रेन इमेजिंग टेक्नोलोजी
16:04प्रेटफर्म बनाया है जो दुनिया भर के लिए मिसाल है इसके जरिये मानव मस्तिश्क की हाई रिजोलुशन डिजिटल 3D त
16:15पस्विरेत तयार की जा रही है उनका लक्ष है आने वाले दिनों में सो हुमन ब्रेंज की 3D मैपिंग करके
16:24उनका बारी किसे अध्यन कर रहा हूं पूरी दुनिया में यह इस तरह का पहला मिशन है इस काम में
16:33परम शक्ती सूपर कंप्यूटर का इस्थिमाल किया जा रहा है
16:37साथ क्यों इस ब्रेंज सेंटर के निर्मान में देश की इंडस्ट्री ने सरकार के साथ मिलकर बड़ी भूमी का निभाई
16:47है
16:47IIT के कई alumni और academia की इस research center के लिए साथ आए हैं ये प्रोजेक इतना अहम इसलिए
16:58है क्योंकि science की इतनी प्रगति के बावजूद भी
17:02मानो मस्तिस्क आज भी एक बड़ी विज्ञानिक पहली है
17:08आज भी alzheimer और dementia जैसी बिमारिया है जिनका कोई ठोस इलाज नहीं है
17:16इसलिए विज्ञान human brain की functioning को जितना गहराई से समझेगा उतने ही नए scope आने वाले समय में create
17:27होंगे
17:27ये भी तै हुआ है कि 100 human brain का ये data आगे अलग-अलग फिल्ब है
17:35रिसर्च के लिए open source के तोर पर उपलब्द कराया जाएगा
17:40साथियों इस तरह की advanced research में organ donation की बहुत बड़ी भूमिका होती है
17:48जो लोग अपना जीवन पुरा करने के बाद organ donation करके जाते हैं
17:54वो कितने ही लोगों का जीवन भी बचाते हैं और research को भी संभव बनाते हैं
18:00ऐसा ही एक उधारन है मद्द प्रदेश में नर्दापुरम की सिवानी जी का
18:06सिवानी जी एक सडक दुरगत्ना की सिकार हो गए थी
18:10परिवार पर मुसिवत तूट पड़ी
18:13लेकिन इस कठीन समय में भी उनके परिवार ने एक ऐसा निर्णे लिया
18:18जो हम सभी के लिए प्रेणा है यह फैसला था
18:22सिवानी जी के अंगदान का
18:25सिवानी जी के परिवार के इस फैसले से
18:28समाज और देश के लिए एक बड़ा संदेश गया है
18:32मानों ताक ऐसे एक कदम से किसी परिवार में खुश्या फिर से लोट सकती है
18:39और साथ ही रिसर्च के कामों में भी बड़ी मदद मिलती है
18:44मेरे पहरे देशवासियो चिन्ने की मेरी विजीट के और भी अनुभवों की चर्चा भी
18:51मैं आप सब के साथ करना चाहूँगा
18:53मेरा पहला अनुभव था मेट्रो में युवाओं से समबाद
18:58जबकि दूसरा प्रोग्राम था आईटी मदरास के मेरी विजीट
19:02इस दोरान ये देखना बहुत सुखत रहा कि हमारी युवाओं सिक्ति कैसे प्राब्लम के इनोवेटिव सॉल्यूसन पर काम कर रही
19:11है
19:11बे जिन स्टार्ट अप से मिला उनमें से एक गोल्ड की क्वालिटी को परखने पर काम करता है
19:19इससे सोने की खरिदारी में होने वाली दोखा गड़ी से बचा जा सकता है
19:25युवाओं की एक टीम एक ऐसे प्रेटफर्म पर भी काम कर रही है
19:29जिसके जरिये बैंक दोखा गड़ी से निकाली गए रकम को तेजी से रिकवर किया जा सकेगा
19:36वहीं एक टीम इस पर भी काम कर रही है कि सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग में AI कैसे मददगार बन
19:46सकता है
19:47साथियों IIT का इंट्रेक्शन पूरी तरह से डिप टेक पर फोकस था
19:54इन स्टार्टप्स को IIT मद्रास के इंक्युबेशन इकोसिस्टिम से मदद मिल रही है
20:01इनी में से एक स्टार्टप समुदर के उपर उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वेहिकल विख्सित कर रहा है
20:08एक अन्य स्टार्टप ड्रोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए तेजी से चार्ज होने वाली बैटरियां बना रहा है
20:16एक टिम डिफेंस टेक्नलोजी में एके इस्तिमाल पर काम कर रही है
20:21साथियों आज हमारी वा इतने असाधरन काम इसलिए कर रहे हैं कि उन्हें सही एन्वार्मेंट और सपोर्ट मिल रहा है
20:32वरना हमारे देश में प्रतिभावों की कमी कभी नहीं रही
20:37आज से कुछ ही दिनों बाद 31 अक्तुबर को भारत के एक ऐसे ही महान वैज्ञानिक नरिंदर सी कपानी जी
20:48की सौवी जन्म जैनती है
20:50उन्हें दुनिया फादर आफ फाइबर आफ्टिस के रुप में जानती है
20:55उनका जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ था
21:00प्रकास को महीन फाइबर के माध्यम से आगे पहुचाने की तक्रीम है
21:07उनकी एडवांस रिसर्च ने कॉम्मिनिकेशन की दुनिया को नई दिशा दी
21:12आज इंटरनेट और डिजिटल कॉम्मिनिकेशन के जिस्यूग में हम जी रहे हैं
21:18उसकी कलपना भी फाइबर आप्टिक्स के बिना बहुत मुश्किल है
21:23आज इस अवसर पर हम नरिंद्रसी कपानी जी को नमन करते हैं
21:29मैं चाहूंगा हमारी उवा कपानी जी जैसे विज्ञानिकों के बारे में पड़े जाने और उनसे प्रेना ले
21:38चाथियो कुछी दिनों बाद 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभाई पटेल जी की जैनती है
21:47इस दिन को देश एकता दिवस के तोर पर मनाता है इस अवसर पर देश भर में एकता दोड़ यानि
21:58रन फर यूनिटी का आयोजन होता है
22:01रन फर यूनिटी हमारी एकता को मजबूत करने का देश के प्रती अपने संकल्प को दोहराने का एक बहुत बड़ा
22:11मौका है
22:12मेरा आप सभी से आगरह है कि इस बार भी रन फर यूनिटी में बढ़ चेड़ करके हिस्सा ले
22:21अपने परिवार अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी अपने साथ जोड़े
22:28साथियों आप सभी को याद होगा कि भारत के आहवान पर साल 2023 को इंटरनेशनल येर अफ मिलेट्स के रूप
22:39में बनाया गया था
22:40इसे पुरी दुनिया में बहुत सकारत्मक प्रतिकिया मिली थी
22:45इस पहल के जरिये लोगों ने जाना कि सूपर फूट स्री अन्ड यानि मिलेट्स हमारी अपनी संस्कृति से कितनी गहराई
22:56से जुड़े हुए है
22:57नौर्थ इस्ट में भी मिलेट्स की खेती के एक समुरुद परंपरा रही है
23:02लेकिन समय के साथ लोग इससे दूर हो रहे थे अब ये स्थिती बदल रही है
23:08साथियो मेगाले के पस्चिम जेंतिया हिल्स जिले में खांडूली नाम का एक गाव है
23:16यहां कई पिडियों से मिलेट्स लोकल फूर कल्चर का एहम हिस्सा रहे हैं
23:22लेकिन कुछ समय से यहां इनकी खेती करने वाले किसानों के संग्या कम हो रही थी
23:28ऐसे में यहां की दो सहलियों ने एक नई पहल की
23:33उन्होंने मिलेट्स से नए प्रोड़क्स बनाने पर ध्यान दिया
23:37मिलेट्स का वैल्यू एडिशन करते हुए
23:40उन्होंने कुकीच केक और मभिन्स के साथ साथ मिलेट्स से बने बेबी फूर भी तयार किये
23:49इसे मिलेट्स से बने प्रोड़क्स की विक्री बढ़ी और मिलेट्स की डिमान भी बढ़ने लगी
23:54ऐसे में यहां के किसानों ने भी फिर से मिलेट की खेती करना शुरू कर दिया है
24:01साथियों मेगा लेके ही पस्चिम गारो हिल्स जिले के सादोल पड़ा गाउं में भी कुछ नए प्रयास हो रहे है
24:10यहां के किसान चेकजिंग संगमा जिदे मिलेट का महत्व समझते हुए आधुनिक तरीकों से इसकी खेती शुरू किया है
24:20इससे उनकी आई भी बड़ी है और गाउं में भी एक जागरुकता आई है
24:26इसी तरह नागालेंड के कोहिमा का एक गाउं है केजोमा इस गाउं में एक दसक से भी जादा समय से
24:35मिलेट की खेती बन थी
24:37इसके चलते यह एक पूरी पीडी इस पारंपालिक फसल से अंजान रहे गई
24:44सोचिये जिस फसल को उनके दादा दादी उगाते थे उसे गाउं वाले ही भूलने लगे
24:52साल दोहजार चौबीस में यहां के लोगों ने मिलेट की खेती फिर से शुरू की
25:00दोहजार पचीस में केजोमा ने अपना पहला मिलेट फेस्टिवल मनाया
25:06अब यहां भी मिलेट से बनी चीजों की डिमान तेजी से बढ़ रही है
25:12साथ क्यों मिलेट की खेती से जुड़े उधारण अपने आप में एक बड़ा संदेश दे रहे है
25:19यह उधारण बताते हैं कि कैसे हमारे नवजवान पारंपारिक फसलों को नए अवसरों से जोड रहे हैं
25:28और कैसे हमारे गांग विरासतों को सहचते हुए समरुद्धी के रास्ते पर बढ़ रहे हैं
25:36मेरे प्यारे देश वास्यों कल 26 अक्तुबर को महरसी वालमी की जैनती हैं हजारों वर्स बिद गए लेकिन महरसी वालमी
25:48की जीकी रामायण आज भी हमें कुछ नया सिखाती है
25:54महरसी वालमी की ने रामायण के माद्धम से हमें जीवन की गहरी स्थिक दी हैं एक और वे निरनतर प्यास
26:04करते रहने का संदेश देते हैं तो दूसरी और सेवा, करुणा और सामाजिक समरस्ता का महत्व समझाते हैं
26:13वालमी के रामायण में बगवान राम का चरीत्रा इन मुल्यों का बहुत सुन्दर उधारण है बगवान राम ने माता शबरी
26:24के प्रेम और भक्ति को अपनाया निशाद राज की मित्रता को सम्मान दिया
26:31सबको साथ लेकर चलने का भाव ये आदर्श आज भी हमें दिशा दिखाते हैं इस भावना का प्रतिमिम आयोध्या के
26:42भव्य राम मंदिर में भी दिखाई देता है
26:44वहां महर्ची वालमिकी, निशाद राज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए है
26:52मुझे संतोस है कि आयोध्या में एरपोर्ट का नाम भी महर्ची वालमिकी जिखे नाम पर ही रखा गया है
27:00ये प्रयास हमारी उसी महान परंपरा को समर्द करते हैं जिसमें सेवा, समरस्ता और करुणा को सर्वोच स्थान दिया गया
27:12है
27:13मेरे पैरे देश्वाचियों भारत की माटी में ऐसे कितने ही महान व्यक्तित्व पैदा हुए जिनोंने अपनी अमीट छाप छोड़ी है
27:24ऐसी एक महान व्यक्तित्व है भाई पर्मान जी कुछी दिनों बाद चार नवेंबर को हम उनकी 150 वी जैनती मनाएंगे
27:35भाई पर्मान जी की प्रेणा और आदर्स का बड़ा स्त्रोथ था आरे समाज से उनका गहरा जुड़ाओ
27:44बीश्वी सदी के बिलकुल शुरुआती कालखन में ही भाई पर्मान जी आरे समाज के काम से दक्षिनापरिका गए थे
27:53वहां उनकी मुलाकत पुझे बापु से भी हुई थी उन्हों ने गोयाना में गिर्मेडिया समाज के बीज भी काम किया
28:02जो उस समाई आरे समाज का एक बड़ा केंदर था, मुझे भी गोयाना की अपनी यात्रा के समाई आरे समाज
28:11के समारक पर जाने का सौभाग्य मिला था, साथियो भाई परमानिंजी ने स्वतंतरता अंदुलन में बड़ी भूमी का निभाई थी,
28:20कहा जाता है कि भाई परमानि
28:23परमानिंजी ने ही लाला हरदयाल जी को अमेरिका जाने के लिए मनाया था, वे गदर पार्टी के समस्थापक सदोश्यों में
28:32से भी एक थे, आजादी के लड़ाई में उनका प्रभाव इतना जादा था कि अंग्रेजों ने उन्हें काला पानी की
28:42सजा दे दी थी, उनकी ए
28:53तो समझने के लिए एक किताब जरूर पढ़नी चाहिए, भाई परमान जी ने सजा खत्म होने के बाद शिक्षा के
29:02एक शेत्रे में कदम बढ़ाया, आपको ये जानकर हैरानी होगी, कि उन्होंने वीर भगसी को भी पढ़ाया था, बात के
29:11समय में वे कई वर्सों तक हिंद�
29:17परमान जी से लेकर गयाना तक, गदर से लेकर अंडमान तक, उनका व्यक्तित्वा बहुत प्रेणा गयत है, मैं भाई परमानी
29:27जी को आधर पुर्वक स्रद्धानली अर्पित करता हूं, युवा साथियों से मेरा आग्रह है कि उनके बारे में जाने और
29:36दूसरों को भी प्
29:47दोनक रहेगी, आप स्वस्त और सुरच्छित रहकर पूरे परिवार के साथ त्योहार मनाएं और दूसरों को भी अपनी खुशी में
29:57शामील करें, मैं आप सभी को आने वाले त्योहारां की शुबकामनाएं देता हूं, मुझे हमेशा की तरह आपके संदेशों और
30:08सुजा�
30:08का इंतजार रहेगा, आपके सुजाओं से मन की बात को नए विशय मिलते हैं, नई दिशा मिलती हैं, अगले मैने
30:18हम फिर मिलेंगे देश वाचों के नए प्रयासों और नई प्रेरक गाथाओं के साथ, बहुत बहुत धन्यवाद, नमस्कार.