00:09लोग तंत्र की सबसे खुबसूरत परिभाशा क्या है?
00:13मतपेटी से निकला जनादेश जिसके दम पर कोई सदकार पांक साल तक देश की तक्दीर लिखने का हक पाती है
00:25लिकिन इसी लोग तंत्र की एक दूसरी धरकन भी है
00:28सदक पर गूंचती जनता की आवाज जिसे हम जन आंदोलन कहते हैं
00:34आज देश इसी दो राहे पर खड़ा है
00:36एक तरफ संसद में चुनी हुई सरकार है तो दूसरी तरफ सदकों पर विपक्ष का आर पार का संग्राम
00:45लेकिन इस बार सरकों से जो आवाजे आ रही है उन्होंने बहस का रुक मोड दिया है
00:49कई मल्चों से रिजीम चेंज के दारे सुनाई दिये
00:54रिजीम चेंज कराना हर नागरिक का लोगतांतरी का धिकार
00:59ये इस तरह की तानाशाह सरकार इस देश में नहीं चल सकती
01:04पुलिटिकल पार्टीज मिलकर सब ये लड़ाई लड़ेंगी
01:08हमारे लोगतांतर को बचाने के लिए और रिजीम चेंज के लिए
01:11ये मैं आज खुले तोर पर कह रहा हूँ
01:14यहाँ ये रिजीम चेंज की लड़ाई है
01:16है और हम लोग रिजीम चेंज करा कर रहें
01:21दूसरी तरफ सत्ता पक्ष का आरोप है
01:24कि ये जन आंदोलन नहीं
01:25बन्कि लोगतांतर क्रूप से चुड़े गई सरकार को अस्थिट करने की साधिश है
01:33सत्ता के गल्यारों से तोलना
01:35सीधे सांस और अलबेनिया की
01:37उन हिंसक तस्पीरों से की जा रही है
01:40जह सरकों पर अराजगता ने पूरे देश को बंधक बना लिया है
01:48किस तरह से जो फ्रांस में हुआ
01:51जो तमाम और देशों में
01:57सत्ता परिवर्तन
01:58रेजीम चेंज
02:00रेजीम चेंज थूरू इनार्की एन के उस
02:07इसके लिंक जो भारत में
02:12अपरिपक्ष नेता प्रतिपक्ष गदार राहूल गांदी
02:18प्रोटेस कर रहे हैं उससे जुड़ते हैं
02:23अब सवाल है कि इस तक्राव का अंचाम
02:26हमारे लोग तंतर के लिए क्या होगा
02:28क्या ये हमारी विवस्था को और मजबूत करेगा
02:31या फिर हमारी लोग तंतरिक संस्थाओं को कमजोर कर देगा
02:35तो सवाल भा है क्या सड़क की जिद बैलिट बॉक्स की ताकत से बड़ी हो सकती है
02:41और क्या चुने हुई सरकारें जनता के हर विरोग को
02:45साज़िश का नाम दे कर खारिच कर सकती है
02:48लोग तंतर में आखिर कौन बड़ा जनादेश या जन आंदोलन
02:57तो आईए चर्चा की शुरुआत करते हैं
02:59शिवमत्यागी जी पहला प्रश्में आपसे करना चाह रही थी
03:01लेकिन उससे पहले चुकि आज सुधीर सांगवान यहाँ पर मौजूद है
03:06और सीजेपी के प्रवक्ता आप हैं मैं आपसे शुरुआत करना चाहती हूँ
03:10थोड़ा सा आजकल देश की पॉलिटिक्स भी ऑफबीट चल रही है तो आजका डिबेट भी ऑफबीट शुरू करते हैं
03:15कर आजको आपकीन
03:20चुटी को मैं सांसदों के जरीए टय करती है की सत्ता में कौन बैटेगा या फिर जनाधन दोलन
03:26और अगर जनाधन है तो कैसेvals जनाधे अगर लोगतांतरिक तरीके से हो और लोगतांतर की अगर ।न्तरी
03:43आपने कोई कानून बनाया है जो लोकतांत्रिक धाचे में आके आपके सामने रखा गया है लेकिन वो जो कानून है
03:51वो अपने आप में ही लोकतांत्रिक ना दिखे जैसे की
03:55CEC की न्युक्ति के लिए कानून बनाया गया है आर्टिकल 324 में कानून सुनिश्चित कर लिया गया है कि कैसे
04:02CEC की न्युक्ति होगी
04:03और उस न्युक्ति में को करने वाले तीन लोग होंगे
04:08एक परधानमandtri जी के ही मन्तराले से एक मंतरी होंगे
04:11और एक नेतापरतिपक्ष होंगे
04:14तो तो � нем होना चाहिए
04:18डेमिक्रेसी में यह होना चाहिए שה来 की तीन लोग अलग है
04:20और तीन लोगों के अपने स्वाट्ट के विचार हैं वो किसी एक पार्टी से नहीं है
04:24अब क्या आपने सोचा यह संतुलन कैसे बिठाया जा सकता है
04:27वो तीसरा व्यक्ति कौन होगा एक तो प्रधानमंत्री एक नेता विपक्ष
04:30पहले भी थे पहले जीफ जिसको रखा गया था अब शिवम्त्यागी जी आप इस बात का जवाब दीजिए
04:37एक तो आपका जो न्यूक्ति को लेकर है मुख्य चुनावाई उक्ति का भही अपने आप में देखता है
04:41तू इस्टो आन है उसमें ज़्यादा इफबट करने की जरूरत है ने
04:44अब आप बताएंगी कि वो नहीं करते थे तो साहब उनको 12 साल से बाहर रखा हुआ है
04:48रतनलाल जी की पार्टी को आपको सत्ता सौपा हुआ है तो आपके पास क्या विकल्प है और वो कहरें कि
04:52जनान दोलन करेंगे
04:53जब जब लगेगा कि लोकतंतर पर किसी न किसी तरह से आगहात हो रहा है वो करेंगे जनान दोलन
04:58लेकि अंजना जी एक तो ना मुझे आपका पेन बड़ा समझ में आता है जब एक ही टॉपिक को
05:16या उसी कमिटी के मेंबर पर किसी पर चार्ज लगा और वहीं उस बेंच के पास हो केस चला गया
05:20तो आप तो उनको भी बायस कह देंगे
05:35कि नहीं हम तो यहां बैट जाएएंगे इस परिटिकलर जागा जाकर हंगामा करेंगे और हमें लगता नहीं है आपके लगने
05:40سے नहीं है बहुत यह यह बावस यह बहुत आदमे बिलकुल अच्छा नहीं है
05:58जहां तक बात तीन लोगों की कमिटी के में फिर से कहता हूँ
06:01सुप्रीम कोट ने एक प्रोटेम कमिटी बनाई थी और कहा था कि जब तक सरकार इस पर प्रॉपर कानून नहीं
06:06लागती तब तक
06:28संतुलन है क्या मिश्रा जी लेकिन है आज वो एलोपी है तो पहले तो भी नहीं देश में चाहता है
06:38कि चुना आयो या जितनी सम्विधानिक संस्था है उसकी नियुक्ति का एक असपष्ट और संतुलित प्राप्धान हो यह तो इसी
06:47सरकार में हुआ ना
06:48इंडिये कर रही है ना इसको उनकी सरकार में रात में ख्वाब आया टीयन को बना दो एमन को बना
06:54दो किसी को बना दो अपनी जेब वाले को बना दो स्टाफ को लग रहा है सुबभ बॉडिगार्ड में उसको
06:59बना दो उस दिन कॉंग्रेस क्या इस देश के लोकतंत्र की हत्
07:16तंत्रित है रदनलाल जी आईए बात रखिए रुकिए उन्हों ने का किसी जुडीसियली भी हो अगर कहा है एक पक्ष
07:25कॉंग्रेस ने कहा था किस दुनिया के किसी लोकतंत्र में जुडीसियली का जो बुख्या नियाधीश होता है वो नियुक्ति के
07:33उस पर बैटता है दुन
07:37युक्ति नियुक्ति उस देश का मुख्य नियाधीश भी बैटके करेगा क्यों करेगा भाई उसका काम है जुडीसियरी चलाना सेपरेशन ओपावर
07:44है लोकतंत्र में नियाए पाली का नियाए देखीगी इस देश में एक पॉइंट्मेंट कमिशन का चेयर्मन नहीं बनके
07:50बैटेगी पहला पॉइंट लेकिन नियाए पाली का अपने अस्तर पर अपने विभाग के लिए नियाए धीश नियुक्त करती है कॉलेजियम
07:59सिस्टम में यह भी कब हुआ आप लोगों ने नहीं किया जना पड़ेगा जनादेश जनादेश लोकतंत्र का मुकुट है ताज
08:11है और आंदोलन आभूशन है मैं आंदोलनों से हमेशा सीखता रहा हूं लेकिन आंदोलन की यदि दिशा और दशा सत्ता
08:20में जनादेश में नकारने के बाद पेट में गुबार उठेकनी चलो अब तो इसके खिलाफ आंदोलन करें तो वो आंदोलन
08:27जनांदोलन नहीं वो आ
08:32लाता है