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  • 8 hours ago
जानिए महाभारत के अंत में युधिष्ठिर के साथ स्वर्ग की यात्रा करने वाले उस रहस्यमयी कुत्ते का सच, जो असल में साक्षात धर्मराज यमराज थे। सनातन धर्म के इस अद्भुत रहस्य के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें!
Transcript
00:01ुदिश्थिर के साथ स्वर्ग जाने वाले कुत्ते का खौफनाक सक्ष।
00:04पुरुक्षेत्र के भीशन युद्ध के बाद पांडव अपने अंतिम सफर पर निकल पड़े।
00:09रास्ते में एक के बाद एक सभी भाईयों ने अपने पापों के कारण दम तोर दिया।
00:14केवल धर्मराज युदिश्थिर और एक वफादार कुत्ता ही आगे बढ़ते रहे।
00:19अंत्र इंद्र देव अपने दिव्यरत के साथ युदिश्थिर को लेने स्वयं प्रकट हुए।
00:24इंद्र ने कहा, हे राजन, इस शरीर के साथ स्वर्ग में तुम्हारा स्वागत है।
00:29लेकिन युदिश्थिर ने एक शर्त रखी जो देवताओं को भी हैरान कर गई।
00:34यह निश्थावान कुत्ता मेरे साथ स्वर्ग चलेगा, वरना मैं नहीं जाऊंगा।
00:38इंद्र बोले, स्वर्ग में कुत्तों का कोई स्थान नहीं है, इन्हें त्याग दो।
00:43तब उस साधारन से कुत्ते ने अचानक एक दिव्य और तेजो मैं रूप धारन कर लिया।
00:48जमराज बोले, धर्म की परीक्षा में तुम सफल हुए, हे धर्मनंदक युधिश्थे।
00:53ऐसे ही अनसुने पारानिक रहसियों के लिए सनातन धर्म पेज को अभी फालो करें।

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