Skip to playerSkip to main content
  • 1 hour ago
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को लेकर जो विरोध हुआ था, वह एक "पेड कैंपेन" (पैसे देकर चलाया गया अभियान) था। यह बयान सरकार द्वारा 'केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989' में बदलाव की अधिसूचना जारी करने के एक दिन बाद आया है। इन बदलावों के तहत अब ऐसे 'फ्लेक्स-फ्यूल' वाहनों को अनुमति दी गई है, जो E100 (लगभग शुद्ध इथेनॉल) तक पर चल सकते हैं। उद्योग संगठन CII द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, गडकरी ने कहा कि भारत जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) के आयात को कम करके अपनी कीमती विदेशी मुद्रा बचा सकता है। उन्होंने कहा, "तीन महीने पहले, E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल) ईंधन के खिलाफ काफी हंगामा किया गया था; अब E20 ईंधन के खिलाफ सारा विरोध खत्म हो गया है... यह एक पेड कैंपेन था।"

Category

🗞
News
Transcript
00:03केंद्रिया सडक और परिवाहन मंत्री नितन गटकरी ने E20 पेट्रोल को लेकर बड़ा बयान दिया उन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर
00:10हुए विरोध को paid campaign बताया
00:36गटकरी ने कहा कि अब तक ऐसा कोई ठोज सबूत नहीं मिला है जिससे ये साबत हो सके कि इथनौल
00:42मिलाने की वजह से बड़े पैमाने पर इंजन खराब हुए हूँ
01:02गटकरी का ये बयान सरकार की ओर से मोटर वाहन नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी होने के एक दिन
01:09बाद आया है
01:10नए नियमों के तहट फ्लेक्स फ्यूल वाहन अब 100% तक इथनौल मिले इंधन से चल सकेंगे
01:17सरकार ने अब 100% इथनौल वाले इंधन को अपनी आधिकारिक मन्जूरी दे दी है
01:22Bureau Report, ETV भारत

Recommended