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Ahoi Ashtami Puja Samagri 2026: अहोई अष्टमी की पूजा के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए और घर पर कलश स्थापना कैसे करें? जानिए अहोई अष्टमी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट, अहोई माता का चित्र बनाने या स्थापित करने की विधि, कलश में क्या भरें, पूजा चौकी कैसे सजाएं और अहोई माता को क्या भोग लगाएं। इस वीडियो में जानिए रोली, अक्षत, फूल, दीपक, करवा, जल, चांदी की स्याहू माला, हलवा-पूरी और प्रसाद सहित सभी जरूरी चीजों की जानकारी। साथ ही जानें अहोई अष्टमी की पूजा विधि, व्रत कथा, आरती और तारों को अर्घ्य देने के नियम। संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाने वाली इस पूजा में क्षेत्र और परिवार के अनुसार कुछ परंपराएं अलग हो सकती हैं।Ahoi Ashtami Puja Samagri 2026: Kalash Sthapna Kaise Kare ?

Ahoi Ashtami Puja Samagri 2026: What items are required for Ahoi Ashtami Puja, and how do you perform Kalash Sthapana at home? Get the complete Ahoi Ashtami puja samagri list and learn how to place the Kalash, prepare the puja area, worship Ahoi Mata and offer traditional bhog. This video covers essential puja items such as roli, akshat, flowers, diya, karwa, water, silver Syahu Mala, halwa, puri and prasad. Also learn the traditional Ahoi Ashtami Puja Vidhi, Vrat Katha, Aarti and the rules for offering Arghya to the stars. Mothers observe this vrat for the well-being, good health and long life of their children. Rituals may vary according to regional and family traditions.

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~HT.318~ED.120~PR.111~VG.HM~
Transcript
00:03अहोई अश्टमी का वरत इस साल एक नवंबर दिन रविवार को रखा जा रहा है
00:08आई इस वीडियो में आपको बताते हैं कि वरत में कलश स्थापना और पूजन सामगरी की पूरी लिस्ट क्या रहेगी
00:15शास्त्रो और सनातन परंपरा के अनुसार प्रमानिक सामगरी सूची और कलश स्थापना की सही विधी आपके लिए जानना बेहत जरूरी
00:24है
00:24सबसे पहले बात करेंगे अहोई अश्टमी पूजा सामगरी लिस्ट
00:28अहोई माता का चित्र या कैलेंडर इसमें अहोई माता उनके आठ पुत्र स्याहू और उनके बच्चों का चित्र होना जरूरी
00:35है
00:35लकड़ी की छोटी चोकी, लाल या पीला नया वस्तर, चांदी के मन को और अहोई माता के पिंडेंट या चांदी
00:42के दानो वाली पारम्परिक माला
00:43कलश स्थापना के लिए पीतल, मिट्टी या कांसे का पात्र, तांबे का बरतन इसमें इस्तेमाल ना करें
00:50मिट्टी या पीतल का करवा जिसमें टोटी बनी हो
00:52करवे की टोटी में लगाने के लिए घास की सीखे
00:55जिसे सरै की सीख कहा जाता है
00:58कलश पर ढखने के लिए मिट्टी या पीतल की कटोरी
01:01और उसमें भरने के लिए गेहु या अक्षत
01:03अब करवा चौत वाला करवा भी इस पूजा में इस्तमाल कर सकती हैं
01:08अब पूजा में अक्षत, रोली, हल्दी और चंदन
01:12देशी घी का दीपक, रुई की बत्ती, धूब बत्ती आगर बत्ती, ताजे फल
01:17फूल और फूलों की माला, अर्ग और पूजा के लिए दूर और दूर्वा
01:22इसके अलावा मौली या कलावा, भोग के लिए आठ पूडी, आठ माल पूए या हल्वा
01:30रितूफल, सेब, केला, अमरूद और पंच मेवा, साडी, असूट, श्रिंगार, सामगरी, मिठाई और सामर्तनुसान, दक्षणा
01:38अब शाम को प्रदोर्शकाल में शुब मूरत के समय कलश स्थापना एवं पूजन किया जाता है
01:44पूजा के स्थान को अच्छे से साफ करके दीवार पर गेरू से अहोई माता और स्याहू का चित्र बनाए या
01:50अहोई माता का कैलेंडर लगाए
01:52पूजा स्थल पर लकडी की चोकी रखे और उस पर लाल या पीला स्वच कपड़ा विछाए
01:57अहोई माता के चित्र को चौकी पर स्थापत कर दे
02:00चौकी पर अहोई माता की तस्वीर के ठीक सामने गेहूं की छोटी सी डेरी, अश्ट दल या गोल आकार बनाए
02:06पीतल या मिट्टी के कलश में गंगाजल और साफ पानी भर कर
02:11कलश के कंट पर कलावा और उस पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ध बना ले
02:15इस कलश को चौकी पर रखी गेहूं की धेरी के उपर स्थापत करे
02:20कलश के उपर एक कटोरी रखे और उस पर गेहूं या चावल भर दे
02:25कलश के उपर एक छोटा करवा रखें जिसमें पानी भरा हो
02:30करवे की टोटी में सरई की सीख लगा दे
02:32अब आप अहोई माता की माला को कलश के गले में पहनाए
02:37या माता के चितर के पास ही रख दे
02:39कलश, अहोई माता और करवे पर रोली, अक्षत, हल्दी और चंदन से तिलक लगाएं
02:44धूप और घी का दीपक जलाएं
02:46हाथ में गेहूं के साथ या ग्यारे दाने और फूल लेकर अहोई अश्टमी की वरत कथा सुने या पढ़ें
02:53कथा पूरी होने के बाद हाथ के गेहूं के दाने और कलश या करवे के जलसे शाम कुतारों को अर्ग
03:00देकर संतान की लंबी उम्र की प्रात्ना करें और वरत का पारण करें
03:05फिल हालस वीडियो में इतना है
03:07वीडियो को लाइक और शेर करें
03:08साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

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