00:00इस्राइल चुनाव के नतीजों ने बदल दिया सत्ता का गणित।
00:04नेतन्याहू का गटबंधन बहुमत से रह गया दूर।
00:0819 सीटें जीत कर अरब पार्टियां बनी निरणायक।
00:11इस्राइल के चुनावी नतीजों ने प्रधानमंत्री बेंजामें नेतन्याहू की सियासी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
00:17वोटों की गिंती पूरी हो चुकी है लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत किसी भी गटबंधन को नहीं मिला।
00:23नेतन्याहू के नेतरत वाले गटबंधन को 53 सीटे मिली हैं जबकि विपक्षी गटबंधन 48 सीटों पर सिमट गया।
00:30सबसे ज़ादा चर्चा उन 19 सीटों की हो रही है जो अरब नेतरत वाली पार्टियों के खाते में गई हैं।
00:35अब यही पार्टियां इसराइल में अगली सरकार की गठन में निरनायक भोमिका निभा सकती हैं।
00:40सवाल है कि क्या नेतन्याहू एक बार फिर सत्ता बचा पाएंगे या विपक्ष अरब दलों के समर्थन से नया सियासी
00:47समिकरण तयार करेगा।
00:48इसराइल की 120 सदस्य संसद यानी नेशिट के चुनाव में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिक्विट पार्टी सबसे बड़ी एकल पार्टी बनकर
00:56उपरी है। उसे 27 सीटे मिली हैं।
00:58लेकिन लिक्विट के नेतरत वाले पूरे गडबंधन को सिर्फ 53 सीटे हासिल हुई।
01:03दूसी तरफ गादी हाईसेन कोट के नेतरत वाले विपक्षी गडबंधन को और 40 सीटे मिली हैं यानी दोनों प्रमुखे में
01:09बहुमत के जरूरी आंकडे से पीछे रह गए।
01:11इसराइल में सरकार बनाने के लिए संसत की कम से कम 61 सीटों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में सबसे
01:18बड़ी पार्टी बनना नेतन्याहू के लिए सरकार बनाने की गैरंटी नहीं बन पाया है। अब इस चुनाव का सबसे एहम
01:24पहलू समझे।
01:24अरब नेतरत वाली दो पार्टियों ने मिलकर 19 सीटे हासल की है। इनमें जॉइंट लिस्ट को 11 और राम पार्टी
01:31को 8 सीटे मिली है। यही वज़ा है कि सरकार गठन के पूरे गणित में इन दलों की भूमिका महतपूर
01:37हो गई है। अगर विपक्षी गडबंधन और अरब
01:39पार्टियां एक साथ हाती हैं तो उनके पास कुल 66 सीटे हो सकती हैं। यह बहुमत के आकड़े से जाधा
01:45है। लेकिन सवाल सिर्फ सीटों का नहीं, राजनितिक सहमती का भी है। इसरायल की राजनिती में अरब दलों के साथ
01:51सरकार बनाने या उनके समर्थन पर निर्भर र
02:08बनाने के विकल पर विचार कर रहे हैं जबकि कुछ दल इस तरह के गडबंधन को लेकर सहच नहीं है।
02:14दूसरी और नेतनियाहू भी अपने सहयोगी दलों के साथ सरकार बनाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में आने वाले
02:20दिनों में बातचीत, समर्थन और रा�
02:34रांधली के आरोप लगाए गए हैं। हलांकि नारोपों के समर्थन में विवस्थित चुनावी गडबड़ी का कोई प्रमार सामने नहीं आया
02:39है। चुनाव अधिकारियों ने भी मतों की विश्वस्नियता पर व्यापक सवालों के पुष्टी नहीं की है। फिलहाल मतगर
03:00हो गया है लेकिन सत्ता की लड़ाई अभी बाकी है। नेतन्याहू के पास सबसे बड़ा गडबंधन जरूर है लेकिन बहुमत
03:06नहीं। दूसरी तरफ अरब पार्टियों के पास निरनायक सीटे हैं मगर उनके साथ सरकार बनाने की राह में राजनितिक चुनावतियां
03:13भी ह
03:14होगा कि इसरायल में नया गडबंधन बनता है या देश एक बार फिर राजनितिक अनिश्चित्ता की और बढ़ता है। फिलहाल
03:21के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ।
03:44आए के साथ।