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  • 12 minutes ago
दावानल यानी जंगल की आग धरती के जंगलों और नेचुरल हरियाली की सबसे बड़ा दुश्मन बनकर उभरी है. अभी तक साबित सा था कि जंगलों-वनों के नाश के पीछे शहरीकरण, लकड़ी व माइनिंग के पेड़ों की कटाई, खेती-बाड़ी के लिए नई जमीन की तलाश अहम वजहें हैं. लेकिन अब वनों और प्राकृतिक हरियाली को अब वाइल्ड फायर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है. ग्लोबल नेचर वाॅच(जीएनडब्ल्यू) और डब्ल्यूआरआई(वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट) की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि करीब ढाई दशक में जंगलों को बर्बाद करने में आग की सबसे बड़ी भूमिका देखने को मिली है. खासकर 2015 के बाद से जंगलों में आग लगने की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं. इस आग में क्लाइमेट चेंज(जलवायु बदलाव), धरती का बढ़ता तापमान और ग्लोबल वार्मिंग घी का काम कर रहे हैं. इससे आग लगने की घटनाएं न केवल बढ़ी हैं, बल्कि ये खासी विनाशकारी भी हो रही हैं.

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Transcript
00:04जंगल की आग हर्याली की सबसे बड़ी दुश्मन है ये बात Global Nature Watch और World Resources Institute की रिपोर्ट
00:13में सामने आई है अभी तक माना जाता था कि शहरी करण माइनिंग के लिए पेडों की कटाई कम हो
00:20रहे जंगल के पीछे बड़ी बज़ा हैं
00:23लेकिन GNW और WRI की रिपोर्ट के मुताबिक धाई दशक में जंगल को बरबात करने में आग की सबसे बड़ी
00:32भूमिका रही है
00:32खासकर 2015 के बाद से जंगलों में आग लगने की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी और Climate Change, Global Warming
00:41ने इसमें घी का काम किया
00:46GNW का डेटा बताता है कि 2001 से 2025 के बीच आग की वजह से दुनिया भर में 160 मिलियन
00:54हेक्टेर जंगल राख हो गया
00:57यानि जंगलों के कुल नुकसान का करीब करीब 30 प्रतीशत और ओसतन 26 मिलियन हेक्टेर जंगल हर साल आग के
01:05गाल में समा गया
01:06जबकि दूसरी अन्य वजहों से 380 मिलियन हेक्टेर वन शेत्र खतम हुआ
01:122024 धरती के जंगल के लिए सबसे विनाशकारी साबित हुई
01:16इस साल 13 मिलियन हेक्टेर जंगल जल कर राख हो गया
01:21यानि 2001 से 2025 के बीच कुल आग से नश्ट हुए जंगल का करीब 45 फीसदी
01:27और हर साल करीब 2.6 मिलियन हेक्टेर जंगल जल कर नश्ट हो गये
01:33रिपोर्ट के मुताबिक जंगल में आग लगने की घटनाओं के मामले में रूस पहले नंबर पर है
01:39कैनेडा दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर ब्राजील, अमेरिका चौथे नंबर पर और आस्ट्रेलिया का पाच्वा स्थान रहा
01:47भारत में भी आग से जंगलों के नुकसान की समस्या कम गंभीर नहीं है
01:52आगडों के मताबिक 2020 में देश में 44 मिलियन हेक्टर जमीन पर जंगल थे
01:582002 से 2025 के बीच आग से 3,70,000 हेक्टर वन शेत्र खतम हो गया
02:04इस दोरान सबसे ज़ादा ओडीशा में आग से जंगल को नुकसान हुआ
02:09जंगल की आग से वाइल्ड लाइफ को कितना नुकसान पहुचा है
02:13इसके सही सही आकड़े तो नहीं है
02:16लेकिन विज्यानिकों का मानना है कि जंगल की आग से 73% वाइल लाइफ को दुनिया भर में नुकसान पहुचा
02:23है
02:23Climate Change और हिल्थ पर काम करने वाले संगठन
02:26Lancet Countdown.org के मताबिक जंगल की आग के बाद जहरीला धुआ एक महाध्वीब से दूसरे महाध्वीब तक हजारों किलोमीटर
02:38उड़ता है
02:38इससे सास और दिल संबंधित बिमारिया बढ़ती हैं जिससे हर साल करीबन एक लाख लोग अकाल मौत के गाल में
02:46समा जाते हैं
02:47जंगलों की आग ने ग्लोबल जीडीपी को भी बड़ी चोट पहुचाई है आर वर्ल्ड इन डेटा के मुताबिक ये आग
02:55वैश्विक जीडीपी का साल दर साल लगभग 0.01 एक फीस दी बरबात कर रही है
03:02लेकिन 2025 में ये नुकसान 0.05 प्रतीशत तक पहुच गया
03:08ब्लू आर आई के मुताबिक दुनिया भर में हर साल जंगल की आग से 1.7 बिलियन मेट्रिक टन ग्रीन
03:16हाउस गैसेज निकलती है
03:17इस जहरीले धुए में 88 फीसिदी तक कार्बन डायोकसाइड होती है जो ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मिदार है
03:26ब्योरो रिपोर्ट, ETV भारत
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