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  • 12 minutes ago
देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह का भी विशेष महत्व है. इस दिन भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह विधि-विधान से कराया जाता है.

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00:00देवुठनी ग्यारस कार्तिक शुगलब पक्ष एकाधशी को पढ़ती है इसमें बीस ग्यारस को हम देवुठनी ग्यारस यानि तुलसी विवाब मनाती
00:19हैं
00:20आज के दिन ही चतुल मास शैन करने के पस्चाद हमारे भगवान विष्णु उत्थापन करते हैं
00:32सबी देवताओं को जागरत करते हैं और देवुठनी ग्यारस से ही हमारे जो आज़्यात्मिक त्योहार हैं
00:45हमारी जो विवाशादिया हैं वो सभी प्रारंग हो जाते हैं
00:51देवुठनी ग्यारस पर अबुज मुहुर्थ कहा जाता है
00:56इस मुहुर्थ में बारे रासियों के अंतरगत मेश ब्रस मिठ्वन करके सिंद्ध कर्ण्या सलावर्ष से धनु मकर कुम्भ मीन
01:07इन सभी रासियों में उत्पन हुए जातकों को किसी भी मुहुर्थ का किसी भी नक्षप्र का किसी भी चंद्रमा का
01:20इसमें प्रापदान देखना नहीं पड़ता एक उपनी ग्यारत वाले दिन से विवा शादी मुहुर्थ प्रारम हो जाते हैं
01:31वो कार्टिक अगैन फूस मा फागन चैट बैसाथ जेट और तक ये विवाश मुहुर्थ विवाशादियां चलती रहती हैं

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