Skip to playerSkip to main content
  • 16 minutes ago
दिवाली में बीकानेरी भुजिया और रसगुल्लों की मांग और बढ़ जाती है. पढ़िए अरविंद व्यास की रिपोर्ट...

Category

🗞
News
Transcript
00:09दिवाली का त्योहार हो और बीकानेरी भुजिया और रसगुलों की बात ना हो ऐसा कैसे हो सकता है?
00:15देश दुनिया में अपनी खास स्वाद के लिए पहचान रखने वाले बीकानेरी भुजिया और रसगुले दिपावली पर मिठाई नमकीन बाजार
00:23की रौनक बढ़ा रहे हैं।
00:45अब यहां बहुत बड़ा कल्चर है, अमारी परमपरा है कि हमारे यार, दोस्तों को, मित्रों को और अब तो जैसे
00:51ही कॉर्परेट कल्चर आने लगया तो उसमें जो यह गिफ्टिंग कल्चर चालू हुआ है, तो उसमें तो कॉर्परेट कल्चर अब
00:56आया, लेकिन मिठाई
01:26So
01:27and a very expensive gift.
01:30You can see about a 500-200-200-250-250-250
01:37if you have a gift.
01:42This is a very expensive gift.
01:44Gifting का एक साधन बनावा है
02:14पैकिंग के सुविधा उत्पादों की विविदता और बीकानेर के स्वाद की पहचान इस बाजार को खास बनाती है
03:12तो पहले लोग इतने इंटरेशन लेते थे पर अब क्या हो गया एक व्याओंसादी जैसे कल्चर हो गया
03:18कारोबारी बताते हैं कि बीकानेर की पहचान भुजिया और रसकुला आधारित उद्योग से जुड़ी हुई है
03:25त्योहार के दोरान इन उत्पादों की मांग विशेश रूप से होती है
03:28बीकानेर में इस उद्योग से साल भर कारोबार होता है
03:32जबकि दिपावली पर बाजार में सीजन की विशेश रौनक देखने को मिलती है
03:36दिपावली बिकानेर के मिठाई नमकिन उद्योग के लिए किवल विक्री का सीजन नहीं
03:41बल्कि अपनी पारंपरिक पहचान को लोगों तक पहुचाने का अवसर भी है
03:46वर्षों से चली आ रही कारोबारी परंपराएं, पेड़ी दर पेड़ी हस्तांतरित अनुभव
03:51और ग्राहकों के बीच स्थापित स्वाद की पहचान इस उद्योग की विशेशता है
03:56बिकानेर से ETV भारत के लिए अर्विंद व्यास की रिपोर्ट

Recommended