00:00क्या अमेरिका को आखिर कार घुटने टेकने पड़ गए हैं क्या महीने भर की मिलिटरी एसकेलेशन के बाद अब वाशिंटन
00:06को ये समझ आ गया है कि इरान के साथ टक्राव उनके लिए महेंगा पड़ गया है
00:23वो साफ तोर पर ये दर्शाता है कि कैसे तहरान अपनी शर्तों पर बात करने के लिए पूरी तरहां मजबूच
00:30स्थिती में कड़ा है
00:31एक तरफ जहां डॉनल्ड ट्रम्प ये दावा कर रहे हैं कि अमेरिका को कोई जल्दी नहीं है
00:36वहीं दूसरी तरफ वाइट हाउस और यूएस वाइस प्रेजिनेंट जेडी वान्स की कतरी इन्वोइस के जरिये
00:42तहरान के सीनियर सिक्योरिटी ओफिशल महसेन रेजाई को चिट्थी भेजना इस बात का सबूत है
00:49कि वाशिंग्टन अब अंदर से दैवाव महसूस कर रहा है
00:53आईए इस पूरी कहानी को गहराई से समझते हैं कि कैसे एरान ने इस वार में ऐसा दबदबा बनाया है
01:00कि अब अगला सौदा अपनी शर्तों पर एरान करने वाला है
01:04कहानी की शुरवात होती है उस स्टार्टेजिक विक्टरी से जो एरान ने मारेटीम ट्रेड और रीजनल सेक्योरिटी के मोर्चे पर
01:11हासिल की है
01:12पिछले महीनों में जो घमसान मचा हुआ उसके बाद श्रेट ओफ होर मूस पर एरान का दबदबा पूरी दुनिया ने
01:18देखा
01:19हालांकि अमेरिकन नेवल ब्लॉकेज और सांक्शन्स के जरिये एरान की एकॉनमी को तोड़ने की कोशिश की गई
01:25लेकिन तहरान ने अपनी डिफेंस और स्ट्राटेजिक पॉलिसी से ये साबित कर दिया कि उन्हें जुकाना असान नहीं
01:31नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क के मुताबित अगर कोई भी आगे की बात होती है तो शेट ओफ होर्मूस को सिरफ साथ
01:38दिनों के अंदर इंटरनाशनल शिपिंग के लिए खोलने की जो बात चल रही है
01:42उसके बदले में अमेरिका को पूरी तरह से सैंक्शन्स और एकॉनमिक रिस्ट्रिक्शन्स हटाने भी पड़ेंगे और चुप चाप इरान की
01:51बात मानने पड़ेंगे
01:52यानि सब कुछ साफ है कि होर्मूस की चाप ही अभी भी इरान के हाथ में है और अमेरिका चाहे
01:56जितने भी बड़े दावे करे उन्हें ग्लोबल ओयल सप्लाई और ट्रेड रूट्स को रिस्टोर करने के लिए तहरान की शर्तों
02:03के आगे जुक नहीं पड़ेगा
02:05दूसरा सबसे बड़ा पहलू इरान का न्यूकलियर प्रोग्राम है जिससे लेकर वाशिंटन हमेशा से अपने टर्म्स थोपने की कोशिश करता
02:12आया है लेकिन इस नए ड्राफ्ट प्रोपोजल की सबसे दिल्चस्प बात ये है कि इरान को दबाने के बज़ाए अब
02:18एक ब
02:39सबसे बड़ी बात ये है कि इस पूरी डील में अमेरिका केला फैसला नहीं करेगा बलकी चायना इस एग्रीमेंट का
02:47एक मेजर गैरेंटर बनकर उभर सकता है जब बीजिंग जैसी महाशक्ती इस डील की गैरेंटी लेती है तो इरान के
02:53लिए एक बहुत बड़ी जियो पॉ
03:04प्रेजी से रंगला रही है कतरी डेलेगेशन का तहरान पहुचना और यूएस वाइस प्रेजडेंट जेडी वांस का लेटर मुहसीन रहजाई
03:11तक पहुचाना इस बात का गवा देता है कि वाशिंटन अब एक ओनेरिबल एग्जिट चाहता है अमेरिका की ये मजबूरी
03:18स
03:30नाशनल सौवरेनियटी पर कोई आच नहीं आने दी उसने अमेरिकन अड्मिनिस्टेशन को ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि बिना
03:37नेगोसियेशन के रास्ता नहीं बनेगा दोहा में डारेक्ट टॉट्स होनी की जो खबरे हैं वो इस बात का प्रतीक है
03:43कि अब वेन्यू
03:58बिना दूसरे के कमिटमेंट के आगे नहीं बढ़ेगा टॉकी के फॉरन मिनिस्टर हकान तिदान और यूएस सेक्रिटरी ओफ स्टेट मार्को
04:05रूबियो के बीच वी बातचीट भी इसी बात की तरफ इशारा करती है कि पूरी दुनिया की निगाहें इस बात
04:11पर्टिकी है
04:11कि कैसे हर एक माने हुए सूपर पावर को डिपलोमाटिक टेबल पर लाया गया है इरान ने इस पूरे संगर्श
04:17में ये साबित कर दिया है कि अगर आपके पास स्ट्राटजिक रेजिलियन्स है तो आप दुनिया की सबसे बड़ी ताकत
04:22को भी अपनी शर्तों पर बात करने क
04:25इने मजबूर कर सकते हैं अगर आपको ये रिपोर्ट पसंद आई हो तो अपनी राय हमें कॉमेंन सेक्शन में ज़रूर
04:30बताइएगा अब देख रहे हैं One India मैं हुआ कुर्श कोशाएगा
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