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अद्भुत अकल्पनीय अविश्वसनीय: कोई देशभक्त तो कोई हरिभक्त... देखिए अजब तोतों का गजब संसार
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00:01कुल कुल था
00:04ही दावा शॉका वश्य कि अपुरत
00:11कुल अर्भावि
00:13कुल का 우리 दिए?
00:19कुल कुल 연platz
00:20कल रावा मादD
00:42आखर वो कौन सी चीज है जो इन पक्षियों को भी मुझ ऐसा व्यवहार कराती है जो उनकी व्यवहार से
00:49विप्रीथ है
01:05आखर वो कौन सी चीज है जो इन पक्षियों को भी कुछ ऐसा व्यवहार कराती है जो उनकी व्यवहार से
01:14विप्रीथ है
01:15क्यों एक संत एक स्वामी जी के इशारू पर उनके इर्द गिर्द ये पक्षियों इस तरीके से जूमते हैं इस
01:25तरीके से दोलते हैं इस तरीके से उनके हर एक आदेश का पालन करते हैं कि हर कोई कह उठेगा
01:31ये तो अदबुत और विश्वस्निय और कल्पनिय है
01:47हाँ
02:03क्या ये संभव है कि कुछ शब्द नहीं एक तोता पूरे के पूरे मंत्र जपे
02:33तोते जो होते हैं बहुत अच्छे गुड लर्नर होते हैं इनके सामने जो आप शब्द बार बार बोलेंगे ये उसी
02:39को पगड़के बोलना सीख जाते हैं
02:45शब्द बोलते कई बार सुना होगा तक्या ये संभवे के साथ में सुर भी लगे
02:51कि इस और रिगा मा पाला इस तका ली डाफा मागरी जो
03:12क्या ये संभव है कि किसी पक्षी को देश भक्ती का मोल समझ में आ जाए
03:21कि अगर्ट मत की जाए कि देश प्रेम का जजबा अभ्यास से जगाया जाए
03:48हाँ ये मुश्किल है असाधारण भी पर ये संभव हुआ है असी वर्ष के श्री गणपती सचिदानन्द स्वामी जी के
03:56प्रयासों से उनको देखकर खिचे चले आते हैं ये पंची उनकी एक आवाज पर हर गूपनी बजाते हैं ये पंची
04:06सब ऐसे लाड करते हैं जैसे अपनी मा से मिल रहे हो क्योंकि खाना मिल रहा है प्यार मिल रहा
04:13है तो इस वज़े से सब को हर जीव को प्यार चाहिए
04:23एक जगे पर इतने तोते आपने कभी नहीं दिखे होंगे
04:27इन मकाव को पालतु बनाना बहुत मुश्किल होता है
04:31बहुत मुश्किल
04:34आज आपको मैं सुरू की इस अनूठी जगे के ऐसे ऐसे अध्वुत रंग और विश्वस्निया अन्दाज और अकल्पनिया आवाज सुनाएंगे
04:43कि सही माइने में कहें तो आप कित तोते उड़ जाएंगे
04:52इसका नाम कुट्टी है और यह एक यलो अमेजोन पारिट है यलो क्रोन अमेजोन पारिट है
05:06यह अपने सारे साथ के पक्षियों में सबसे स्मार्ट है इससे जो एक्साइज करवाया जाता है
05:12जिस तरह का भूमने के लिए कहा जाता है और सारे गामा कहा जाता है यह हर चीज कर लो
05:23क्षियों में जाता है
05:48आमजोन के जंगलों में पाया जाने वाला यह तोता केवल गाता नहीं है सुर में सुर में लाता है
06:10हरा मकमली रंग सर पर पीला ताज और आवाज ऐसी जैसे तोतों का सोनू निगम
06:19सका मभानी सर घानी सर पााली सर तामानी सर दाता है
06:39बहुत
06:55बाटों बातों में कुट्टी का ध्यान भटका और उसे हमारा क्यामरा नजर आ गया
07:06कुट्टी ने क्यामरा देखकर उपकरण पहचान लिया कितना अध्भोत था ये
07:23दरसल इसे कुछ इस तरीके से समझे कि जैसे इनसान संस्कारों से
07:29बनते हैं शायब पक्षियों को भी मिलता है ये समस्कार मैसुरू का ये शुक्वन घायल बीमार और
07:37लाचार पक्षियों का पुनरवास केंद्र है दशकों सालों से श्री गणपती सचदानन स्वामी जी के
07:44आश्रम में इन पक्षियों की ऐसी सेवा की गई कि ये पूरा वन परिवार जैसा प्रतीत होने लगा है यहां
07:52अब पाच सो अनतालीस अलग अलग प्रजातियों के तोते रहते हैं दुनिया में कोई ऐसी जगे नहीं जहां पर इतनी
08:00संख्या में ऐसे तोतों का वासों ये अ
08:14छोटे बच्चे जैसे यहां चौदा अलग अलग प्रजातियों के पक्षी हैं
08:55दो-तीन साथ पहले पक्षियों वाली दो-तीन संस्थाए बंद हुई तो उन्होंने तोतों को लोगों में बाढ़ दिया फिर
09:02वहां से हिने हम ले आए
09:14आपको दुनिया भर वे कहीं एक साथ नहीं देखने के विलिए जितनी यहां पर स्वामी जी के पास आपको दिख
09:20जाते हैं
09:22अब जरा हमारे तोते कुट्टी की प्रजाती से भी आपका परिचय करा दें येलो क्राउंड आमेजोन पनामा और ट्रॉपिकल अमेरिका
09:30की जंगलों में पाए जाते हैं
09:43लेकिन इनकी सबसे अधुत खासियत ये है कि ये तोते कई तरह की आवाजें निकाल सकते हैं
09:49जैसे सीटी बजाना, पतली आवाज में चिलाना और इनसानों की आवाज की नकल करना
09:56इन पक्षियों को यहाँ इतना अपनापन मिला है कि ये प्यार भी खूब लुटाते हैं
10:02जैसे ये सफेद पक्षी जो मेरे सामने से गुजरते ही मुझे टोक दे रहा था
10:12इसका नाम है डांसी और थोड़ा समय आप जिसके साथ बिताते हैं उसके साथ आपकी दोस्ती हो जाती है
10:19यह जब तिर्चा होकर कोशिश कर रही है तो सुनने की कोशिश होती है यह लगभग 40-50 साल तक
10:26उम्र इसकी रहती है
10:28और अगर आप एक शब्द बोलते हैं तो उसे रिपीट करने की कोशिश कर सकते हैं यह एक खेलने की
10:40कोशिश इन की रहती है देखिए जैसे समय गुजरेगा जैसे अपनी इसमें से पिंजडों में से जो दिन के समय
10:49ने रखा जाता है ताकि थोड़ा ठंड का एसास इने रह
10:54है और बाद में जब शाम धेलिगी या अर्ली मॉनिंग यह सब इसमें विचरने के लिए स्वतंत रहते हैं जितनी
11:01तरह की चोटे आई रहती हैं उनका इलाज करके पूरी तरीके से स्वस्त है आप डैंसी और मुझा लगता है
11:07कि इसकी डांस करने की जो आदत है देखिए उ
11:12सबकी अलग अलग नाम है बाइलोजिकल नेम से अलग अलग अलग नाम भी है
11:55आप ने देखा कैसे डैंसी मेरे सर के हिलने के साथ ही अपना सर हिला रहा था
12:05डैंसी एक सल्फर क्रेस्टेट कॉकेटू है ये पूर्वी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड में पाए जाते हैं और इनको पालतू बनाना बहुत
12:12मुश्किल होता है
12:13अगर इन पर ध्यान न दिया जाए तो ये खुद को भी नुकसान पहुंचा लेते हैं लेकिन शुक्वन में ये
12:20सब के दोस्ते हैं
12:26कॉकेटू सबसे समझदार तोतों में से एक माने जाते हैं विचेशग्यों के अनुसार इन में एक से दो साल के
12:33बच्चों के बराबर समझने की क्षमता होती है
12:35तोतों जो होते हैं बहुत अच्छे गुड़ लर्नर होते हैं इनके सामने जो आप शब्द बार-बार बोलेंगे ये उसी
12:41को पकड़के बोलने में अपकी हेल्प करें
12:43मलब ये बोलना सीख जाते हैं ऐसा के जैसे कि हम मिठ्थ Missouri बोलते हैं ये बहत ईजी वर्डš है
12:49तोथो के लिए जैसे अपने हवा को बाहर निकालते हैं तो मैंब्रेन हीलते हैं मैंब्रेन से जैसा比atique होता है
13:13लेकिन यहाँ सबसे अगुद पहलू ये है कि डांसी को डांस करना पसर नहीं।
13:19दरसल पक्षियों के जानकारों के अनुसार, तोतों के दिमाग में auditory और motor parts या सुनने और समझने वाले हिस्सों
13:27में एक connection होता है।
13:29जिससे वो music की beats को समझ सकते हैं।
13:32वैज्यानिकों के अनुसार संगीत की समझ केवल तोतों और हाथियों में ही मानी जाती है।
13:41आप यहाँ स्वामी जी की संगत भी देखिये।
13:44श्री गणपती सचिदानन स्वामी जी सिद्ध संध।
13:47और music therapy के लिए देश ही नहीं विदेश में भी विख्यात।
14:16क्या यही कारण है कि इस शुक्वन में रहने वाले पक्षी केवल स्वस्थ और वाचाल नहीं है।
14:44प्रदिल इन पक्षियों के साथ लंबा समय व्यतीत करते ही।
14:55उनके कंदे पर बैठे इस आफ्रिकन ग्रे से मिलिया आपने इसका नाम क्या रखा है कली कली से कली यूगर
15:06कली कली से आफ्रिकन ग्रे तोतों की प्रजाती का सबसे समझदार सदस्य होता है
15:13आवाज इतनी साफ जैसे मानू कोई इंसान बोल रहा
15:22कली के सामने कोई भी शब्द बुल कली फॉरन उसको दोरा देता है
15:26लेकिन स्वामी जी के राम राम के जवाब में वो अपनी शिव भक्ती ही दिखाता रहा
15:34ये जो आफ्रिकन ग्रे है इनके बारे में क्या खासियत होती है स्वामी जी
15:44ये आउस्ट्रेलिया का तोता है बहुत समझदार पक्षी है
15:49जिससे कुट्टा मालिक के लिए वफादार होता है वैसे ही ये भी वफादार है
15:58ये अपने मालिक को पहचानता है उसकी आवास पहचानता है
16:08अगर कोई दो-ती लोग मालिक के लिए गलत बोल रहे हो तो ये अपने मालिक को बताता है
16:25कितने बोर्ड याद हो सकते हैं
16:2740-50 चब्ड याद कर सकता है और सुबह सुबह अक्टिव होता है
16:33सुबह 5 बजे, 6 बजे ये सारे शब्ड और मंतर भी बोलते हैं
17:11करने में इतने दक्ष होते हैं,
17:12कि वो आसानी से 100 शब्द तक याद कर सकते
17:21दोतों की समझ के बारे में ऐसे जानिये कि
17:23अपनी अकल और इंसानी आवाज की नकल की वज़े से
17:25दोतों ने पूरी दुनिया में अबराग के कई मामले सुलजाए है
17:292015 में अमेरिका में एक औरत ने अपनी पती की गोली मार कर हत्या की थी
17:33लेकिन वहीं मौजूद उसके आफ्रिकन ग्रे तोते ने ये देख लिया
17:37कुछ दिन बाद तोते ने टोंट शूट, टोंट शूट की रट लगा दी
17:41पुलिस को शक हुआ कि शायद ये पती के आखरी शब्द रहे होंगे
17:44हत्या की गुत्ती सुलजाने में पुलिस को इससे बहुत मदद मिली थी
17:48और इस खबर को मिली थी सुर्खिया
17:532014 में आगरा में एक महिला और उसके पालतू कुत्ते की हत्या होगी
17:57पुलिस को कोई सुराथ नहीं मिला लेकिन जब जब घर में महिला का भतीजा आता वो तोता बहुत अजीब व्यवहार
18:03करना शुरू कर देता
18:04खबरों के अनुसार महिला के पती ने जब तोते के सामने कुछ नाम को लेना शुरू किया तो भतीजे के
18:10नाम पर तोते ने अलग हरकत की
18:12पुलिस ने पूछ ताच की तो भतीजे ने जुर्म कुबूल कर लिया
18:30आजेंटीना में एक तोते ने पुलिस के सामने अपनी मालकिन की मदद के लिया आखरी पुकार की नकल कर दी
18:35महिला की हत्या की गुत्थी सुलजाने में पुलिस को इससे बहुत मदद मिली थी
18:41जाले की किसी भी मामले में तोते की आवाज को अदालत में गवाही या सुबूत के तौर पर शामिल नहीं
18:46किया गया था
18:47लेकिन तोते के कारण अपराग के इन मामलों को सुलजाने में पुलिस को मदद मिली थी
18:51लेकिन ये तोते इंसानों की आवाज इतनी आसानी से कैसे निकाल लेते
18:59तोते सुन कर सीखने वाले पक्षी होते
19:02कई दूसरे पक्षी भी ऐसा कर सकते है
19:07लेकिन तोते लगभग इसमें पॉफिक्ट होते है
19:21आवाज सुनकर सीखने वाले पक्षियों के दिमाग में एक हिस्सा होता है जिसको सॉंग सिस्टम कहते हैं
19:28लेकिन तोतों में इस सॉंग सिस्टम में दो लेयर होते हैं यानि परते इनर कोर और आउटर कोर
19:34जारविस के अनुसार ये आउटर कोर शेल ही तोतों को मिमिकरी यानि नकल करने में सबसे ज्यादा मदद करता है
19:42तोतों के कोई vocal cords या larynx नहीं होते हैं बल्कि उनके syrinx होते हैं
19:48उनकी सांस की नली जहांसे दो फेपडों में बठती हैं वहीं पर syrinx होता है
19:53तोते हवा के जरिये सास की नली में कमपन पैदा करते हैं और आवाज निकलती
20:23तो पार्ट में जब बाइफरो करता है तो उसके पास जैसी यह ट्रैकिया के नीचे सेरिंग्स सिचुएटीड होता है इस
20:31सिचुएटीड इस में अंदर क्या होता है जब जिससे वो बड्स वाइब्रेट करते हैं जब वह बोलते हैं अपने आप
20:39में जैसे वह कोई-बी साउं
20:48मेंब्रेन हिलती है और साउंड प्रड्यूस हो जाता है और इसके ऐस कंपेर यह हुमन जैसे थोड़ी-थोडी साउंड्स प्रड्यूस
20:54कर पाते हैं तोते ही इंसानों के अबाद सबसे अच्छे तरीके से निकाल पाते हैं इसके इलावा और कोई भी
21:01पंच्छी ऐसा नहीं ह
21:01कि इंसानों जैसे यह वाल निकाल पाए क्योंकि जैसा कि इन में तोतों में एक और हैं यां
21:32हिंदी में एक कहावत है रट्टू तोता हुना यानि तोते की तरह बातों को याद कर लेना
21:39लेकिन शुक्वन के पक्षी किसी भी आम तोते से बिलकुल अलग है
21:43पूरी तरह अखुट अविश्वस निया और अवकल्प निया
21:49कि लॉरी बर्ज साब देख रहे हैं यहां पर आप इस हिसाब से देखे कि कितनी आसानी से आकर मेरे
21:56कंदे पर पहली बार के परिशा में मेरे कंदे पर आकर यह पक्षी इस समय विराजमान की क्योंकि इन्हें इंसानों
22:04से डर नहीं लगता है
22:07स्वामी जी के सानिध्य में रहने के कारण इन्हें मालूम है कि जो भी इंसान यहां पर आएगा उनका कोई
22:13नुपसान करेगा नहीं इस लिया आराम से इस तरीके से आकर यह आपके उपर आपके सर पर कंदे पर कहीं
22:20पर भी बैच जाते हैं
22:22पक्षी वही पर प्रोक्रियेट करते हैं यानि प्रजिनन करते हैं यहां पर वो पूरी तरीके से विश्वास कर सके उस
22:29माहौल पर अब इतनी बड़ी संख्या में अगर आप इन लौरी पक्षियों को देख रहे हैं तो उसके पीछे सबसे
22:36बड़ा कारण है इन पक्षियों
22:57इन पक्षियों को इतना भरुसा कैसे जंगलों में रहने वाले ये परिंदे इंसानों के बीच ऐसे रहते हैं जैसे ये
23:04इनके आपने ही हूं
23:05दरसल शुक्वन में इन पक्षियों को इतना प्यार मिलता है, इतनी देखभाल मिलती है, यहां आने वाले सभी लोग इनको
23:12दोस्त ही लग गए
23:22इनकी भाषा मुझे समझाती है, मैं अपने लोगों को ट्रेन कर रहा हूँ, इनके मन में क्या है ये सिखा
23:33रहा हूँ
23:37ये उदास होते हैं, तो मैं पहचान लेता हूँ, इनकी आवास से में पता कर लेता हूँ, कि ये जगड़ा
23:46कर रहे हैं या खुश हैं
23:58ये जगड़ा करने का रड़ी हैं आग काने का इच्छा नहीं हैं इसा इसा इसा इसा इसा आपिनेस की आवास
24:10है?
24:22तोते सामाजिक पक्षी होते हैं, वो दूसरी चड़ियों और इनसानों के साथ बात करना पसंद करते हैं
24:29तोते अपने गाने की घ्षमता को अपनी सामाजिक मेल जोल का जरिया बनाते हैं
24:34तोते इनसानों से दस गुना अधिक उची पिच पर आवाज देकाल सकते हैं
24:39उनके दो vocal organs होते हैं, जिससे वो अलग-अलग पिछ पर एक साथ कई आवाजे निकाल सकते हैं, गाना
24:47भी इसी में शामिल है, इसलिए हमारा कुट्टी भी गाना गा रहा था, क्योंकि उसमें ये पैदाईशी हुनर है
25:09अंग्रेजी ले कहा जाता है Bird Brain, यानि कि चिडिया जितनी बुद्धी यानि कि थोड़ी सी बुद्धी, अब अगर सचमुच
25:15में Bird Brain एक असियत हो, तो क्या ये पक्षी इंसानों के कहने पे या ट्रेन करने पे उस तरीके
25:23से रिस्पॉंस करें, उस तरीके से व्यवहार करें ब
25:39करीब से देख सकते हैं यह तोते भी इंसानों की मौजूर्गी में कैसे बरताव करना है उसके लिए ट्रेंड है
25:52यहां पर लोगों की मौजूर्गी देखकर असेहज हो गये थे यह सारे पक्षी देखके अब लोग जा रहे हैं वहां
25:57से क्यामरा उस तरफ करके मैं आपको दिखाऊंँ तो लोग अब धीरे धीरे जो से जैसे पीछे आट रहे हैं
26:02वैसे वैसे यह पक्षी अब इस प्लेट की
26:05करफ आ रहे हैं इस थाली की तरफ आ रहे हैं बहुत सारे अंजान लोग एक साथ नहीं आ सकते
26:13हैं स्वामी जी डू ज़ू ज़ू बर्ड्स नीद ट्रेंड लॉट यह बेरी टेम्ड ना टेम्ड यह पक्षी पालतू नहीं है
26:28यह गुसा करते हैं जंगल में रहने वाले हैं �
26:33यह बहुत समयद जील हैं कोई तेज आवाज में बात करेगा तो यह दोड़ते हैं इनकी बच्चों की तरह देख
26:40भाल करनी होती हैं
27:02जालों की नकल करना इनकी ट्रेनिंग का एक हिस्सा है
27:15आपने ऐसा कैसे सोचा कि वो देश भक्ती की ट्रेनिंग क्योंकि वो देखा मैंने वो यह वोस्टिंग फ्लाग और भारत
27:26माता की जैए बोलते हैं
27:27ट्रेनर को बहुत जरूरी है कि वो इनको समझे इन पक्षियों का सभाव मालूम होना चाहिए
27:36बहुत ट्रेनिंग के साथ सिखते हैं ये एक हजार बार बोलो तू सिखते हैं
27:43इनका सभा उनका मालूम होना कि आइसस ने बावसे हो सकते हजार टाइम राम राम राम राम राम राम राम
27:53बोलो हजार टाइम बोलने के बाद राम राम राम राम राम राम राम प्याच होता है
28:07सब से इलल्जिन प्लाणि वो है पर सचमुछ में असा हुटा है या प्यार और
28:14आप्यास से सब को सिखाया जासे नतों लिभरा सब्सक्राइब और अनिमन सर्फ रियाक्ट पर जैसे इंगलिश में कहते है न
28:26बर्ड ब्रेन थोड़ी सी बुद दी तक यह सीखते हैं सब्सक्राइब तो निग्यूमाइब तो दूंग अपर इसके बहुत इंटलिगेंट थाय
28:54ज़िए अक्रूत बादाम और अलग अलग तरह की बीज का मिशन है जो यह पक्षी समय खा रहे हैं यहां
29:01पर अलग अलग जगे लिखा भी हुआ है कि जैसा आहार वैसा व्याभार तो यह जो पक्षी है यह सब
29:08ऐसा आहार लेते हैं
29:10रंग बिरंगे फल खाते हैं यह ड्राइफ रूट्स और अलग अलग तरह की बीज यह खा रहे हैं इनके जो
29:20पंक है आप देखिए कि इस तरह के पंक आपको शाइब किसी फैशन शो के वैंप पर भी नजर नहीं
29:27आते होंगे यह यह कहें कि जो इंसानी फैशन शोस है वो इनक
29:35का मूल जो है इनके आहार में है इन सभी पक्षियों को इन सभी जीवों को यहां पर बिल्कुल चोस
29:42गुरूस स्वस और रंगीन रखा जाए उसका पूरा-पूरा खयाल होता है और इसी हिए शायद इंसानों की सिखाने पे
29:53या इंसानों की सोहबत में यह ऐसा जबहार करते
29:56हैं जैसे इंसानों का सबसे अच्छा दोस्त यहीं है
30:23स्वामी जी के आते ही यह सारे पक्षी उनकर ऐसे तूट पड़ते हैं जैसे
30:26नजाने सद्यों से कोई मिलाकात नहीं हुई यह भेट नहीं हुई यहाँ पर बहुत सारी लोग आते जाते हैं हम
30:32भी आते हैं जिनको यह पहले से जानते हैं वो लोग भी यहाँ पर आते हैं लेकिन इस तरह का
30:36रियाक्षिन और किसी के लिए नजर नहीं आता
30:39अच्छा कि स्वामी जी बता रहे हैं कि ये स्वभाव से बहुत ज्यादा आक्रामक होते हैं और अगर यहां नहीं
30:46बलकि कहीं और आपके कंदे पे इस तरीके से एक पक्षी ऐसा बैठा हो इस प्रजाती का तो खत्रे की
30:53खेंटी है लेकिन यहां पर प्यार से, मुहबबत से औ
31:0824, 30 volunteer, the volunteers also good devotees
31:13and then some students come here and they are serving for six month three months
31:19then again they come in here we have 30 volunteers they are also very soft
31:28I only so this is, is very rare this very very is very aggressive but very..now, very sadhu now
31:39बत एवरीवन, एवरी बर्ड वांस तू, इनमाइब बाड़ी
32:00एक होता है चिडिया घर और एक जिसे हम एविरी कहते हैं
32:04एविरी हिंदी में आप समझ सकते हैं पक्षी शाला
32:07जो पक्षियों के लिए एक ऐसी जगे का निर्मान किया जाता है
32:12जहां पर प्राक्रितिक तरह की परिस्थितियों में वो जी सके
32:16अब अगर आप मेरे उपर देखेंगे तो आपको उचाई पर एक जालनुमा नजर आएगा
32:21लगभग सकतर पीट इसकी उचाई है और जो पक्षी यहां पर रहते हैं वो उडांग जब भरते हैं तो उन्हें
32:28ऐसा एहसास होता है कि वो पतंत्र हैं और खुले आस्मान में बिल्कुल जो उनका प्राक्रितिक घर है वहां पर
32:35दी रहे हैं
32:37वो खुले आम विचरते हैं कुछ पक्षी जिनमें जरूरत होती है एर कंडिशनिंग की अलग करे के माहौल की वो
32:44भले ही इस समय भी अपने पिंड्रों में आपको दिख जाएंगे क्योंकि अभी धूप है पर बाकी सब आपको इस
32:51तरीके से खुले आम विचरते दिख जा�
33:06अवस्का है वो उन पक्षियों के लिए है जिने उपचार की आवशक्ता है एक घर की आवशक्ता है खाने की
33:12आवशक्ता है और अब एक तरह से एक ऐसा जमावरा यहां पर हो गया है इन पक्षियों का कि दुनिया
33:19भर के आप अलग-अलग देशों में ढून लेंगे तो आ�
33:35प्रढ़ांट्र घूम् रहे हैं तो अभी हुम रहे हैं उन्हें किसी सरे करें बंधन की आधत नहीं डाली जा रही
33:42है
33:42उन्हें उन्मूक्त गगन दिया संब्राहा है वो यहीं कारण है जितने भी पक्षी यहां पर हैं आपको
33:53कि कूरत परिके से गिंद When.
33:56यह पूरी तरीके से अक्टिव है यानि ही स्वस्त दिखते हैं लेकिन ये तोते ये सेवरी को छोड़ कर बाहर
34:20नहीं जाते यूं भी बाहर के माहौल में इनका जीवित रहना मुश्किल होगा
34:32इनसानों और पक्षियों की दूस्ती का पहला उसूल प्यार और दूसरा भरूसा है
34:42आश्रम में पक्षियों के लिए एक अस्पताल भी है जहां बीमार पक्षियों की देखभाल और इलाज की जाती है
34:51और इसकी तो तब्या ठीक नहीं लग रहे हैं
35:08दूनिया भर में कई पक्षिशा लाएं ही लेकिन जो बात इस शुक्वन को और इसमें रहने वाले पक्षियों को अलग
35:14बनाती है
35:14वो है इनसानों और इन चिडियों के बीच का पर्स पर प्यार
35:25इनसानों और पक्षियों की बीच दोस्ती का ये कैसा नाता होता है क्या किवल खाना मिलने की चाहत है या
35:32एक सुरक्षित माहौल का असर है या फिर प्यार और दुलार की जरूरत
35:40स्वामी गणपती सचिदानंत की आश्रम में तोतों के अद्भुत संसार को हमने देखा स्वामी जी और पक्षियों के अविश्वस्निय रिष्टे
35:47को देखा
35:47देखा कैसे प्यार और खाने की खातिर तोते आश्रम को अपना घर समझ कर रहते हैं
35:53लेकिन अब हम आपको वैज्ञानिक शोध का एक और कल्पनिय नतीजा भी दिखाते हैं जो पाया गया मुजांबीक के जंगलों
36:01में
36:01इन जंगलों में आदिवासियों और हनी बर्ड के बीच एक अद्भुत रिष्टा कई सालों से चल रहा है
36:06रिष्टा एक दूसरे की मदद का
36:09इस जंगल में हनी बर्ड आदिवासियों को अपनी आवाज के जरिये बताती हैं कि शहद कहां मिलेगा
36:14हनी बर्ड की मदद से आदिवासियों को शहद मिलता है और बदले में चिडिया को भी शहद का वाक्स मिल
36:20जाता है
36:20यहाँ पर दोस्ती से ज्यादा एहम जिस चीज पर रीसर्च किया गया, वो था आपस में एक दूसरे की बातों
36:27को समझना।
36:28एक रीसर्च के अनुसार, दुनिया में कुतों, बिल्यों और मचीयों के बाद, लोग सबसे ज्यादा तोतों को ही पालतू बनाते
36:36हैं।
36:36जितना इंसान पक्षियों के प्रती प्रेम जाहिर करता है, बिल्कुल वैसा ही व्यभाद पक्षी भी इंसानों के लिए करते हैं।
37:06उड़े पंक फट भड़ाना, इंसानों के पास आने पर बैठे रहना उड़ना नहीं, दुम हिला कर प्यार जाताना, इंसानों के
37:12हाथों पर सोना, इंसानों के पीछे पीछे जाना, ये सभी निशानिया पक्षियों का इंसानों के प्रती प्रेम जाहिर करता है।
37:55पक्षियों की समझदारी भी इनसानों और परिंदों के रिष्टों को खास बनाती है
37:59हर साल कई पक्षी हजारों मील का सफर तै करके कम से कम दो बार माइग्रेट करते हैं
38:05यानि उन में परिशानियों का हल निकालने की सलाहियत होती है
38:09पक्षियों पर काम करने वाली संस्था नाशनल ओर बारोबॉन सुसाइटी की अनुसार पक्षी उपक्रण पहचान सकते हैं
38:16और बाए से दाएं गिंती भी कर सकते हैं
38:18पक्षियों में खास कर तोते में problem solving skills होती है
38:23यानि किसी भी मुश्किल को सुलजाने की प्रतिभाग
38:25कउओं में तो 7 साल के बच्चों के बराबर समझ मानी जाती है
38:28पक्षी ऐसे प्राणी होते हैं जो जुण्ड में रहना पसंद करते हैं
38:32तो जब वो इनसानों की बीच रहते हैं तो इनसानों से दोस्ती करना पसंद करते हैं
38:47तो इस अदबुद अविश्मस्निया अकल्पनिय दुनिया का हर पहलू आपने देखा
38:52अभी के लिए इतना ही क्यामर परसुन सेयद मोसिल के साथ मुझे दीजिए
38:55इजाज़त देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहिए आज तक
39:01बाई