00:03रात के अमेरी में अचानक आस्मान से पक्षी गिरने लगे तो आप क्या सोचेंगे और अगर ऐसा सी एक रात
00:10नहीं बल्कि हर साल एक खास मौसम में हो तो
00:14आसाम के एक छोटे से गाउं में ऐसा ही अजीब मनजारा देखने को मिलता है
00:19यहां पक्षी अचानक अपने रास्ता भटक जाते हैं और गाउं की रोश्टी की तरफ उड़ने लगते हैं
00:25कुछ पेरों से टकराते हैं तो कुछ जमीन पर गिर जाते हैं आफिर इन पंशियों के साथ ऐसा क्या होता
00:31है
00:32इस जगह का नाम है जतिंगा जो आसाम के दीमा हसाओं जिले में स्थित है यह गाउं होफलांग के पास
00:40पहाड़ियों के बीच बसा है
00:42दिन में यहां एक नजारा शांत और खुबसूरत होता है लेकिन मौनसुन के बाद की कुछ रातों में इस जगह
00:48की एक अलग ही कहानी सामने आती है
00:50आम तोर पर आउगस से नौवेंबर के बीच खास कर सितंबर और अक्टोबर में यहां पंशियों का अजीब वैभार देखने
00:57को मिलता है
00:58लेकिन ऐसा हर रात नहीं होता इसके लिए मौसम की कुछ खास परिस्थिदियां जरूर होती है
01:07अंधेरी रात, घना कोहरा, हल्की बारिश और तेज हवाय इस घटना में एहम भूमी का निभाती है
01:14सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि पक्षी सिर्फ एक जग़ पर नहीं बलकि पहारी के एक सीमित हिस्सों
01:20में रोश्नी की तरफ आते दिखाई देते हैं
01:23कई बार वे इतनी नीचे उड़ने लगते हैं कि खरो, पेरो और दूसरी चीजों से तकरा जाते हैं
01:30पहले स्थानिय लोगों के लिए भी ये घटना समझ से बाहार थी
01:34कुछ लोगों को लगता था कि आस्मान से कोई अंजान शक्ती पक्षियों को नीचे भेज रही है
01:53पक्षियों को रास्ता पहचानने में मुश्किल पैदा करते हैं जब आस्पास की चीजे दिखाई नहीं देती तो पक्षी अपनी सामान
01:59या दिशा से भटक सकते हैं
02:01ऐसे में अंधेरे की बीच गाओं की तेज रोश्नी उन्हें अपनी तरफ खीच सकती है
02:06लेकिन यहां एक जरूरी बात समझनी होगी
02:09इन पक्षियों को जान बूच कर मढने के लिए उड़ते हुए नहीं देखा गया है
02:15इसे अकसर बर्ड सिरुसाइट कहा जाता है
02:17लेकिन यह नाम सही नहीं है
02:18असल में यह रास्ता भटकने और रोश्नी की तरफ आने से जुरी घटना है
02:23एक और दिल्चस्प बात यह है कि यहां दिखाई देने वाले सभी पक्षी
02:28लंबी दूर तै करके आने वाले प्रवासी पक्षी नहीं होते
02:32कई पक्षी आसपास की पहाडियों और घाटियों में रहने वाले प्रजातियों के होते है
02:37यानि ये डहल से का रिष्टा सब दूर देशों से आने वाले पक्षीयों किसे नहीं
02:42बल्कि स्थान्य वातवरन मेनी है
02:44फिर भी इस घटना के हर पहलू का पूरा जवाब आज तक नहीं मिला
02:48मौसम पहाणियां की बनावट और रोश्नी मिलकर किस तरह पक्षियों के वेभार को बदलते हैं
02:55इसे समझने के लिए और अधिन के जरुरत है
02:57जतिंगा की कहाने हमें याद दिलाती है कि प्रक्रती में जो चीज पहरी नजर में आलोकिक लगती है
03:03उसके पीछे कई बार ऐसे कारण होते हैं जिने समझने में सालों लग जाते हैं