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  • 14 minutes ago
पिछले साल की तुलना में कम हुई प्रवासी पक्षियों की आवक. आसपास की वाटर बॉडी को बना सकते हैं नया ठिकाना. विकास व्यास की रिपोर्ट...

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00:28रजिस्तान की सामभर जी
00:30फिलहाल जील के महज 15 से 20 फीसदी हिस्से में ही थोड़ा बहुत पानी बचा हुआ है
00:36ऐसे में यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए भोजन और सुरक्षित ठेकानों की तलाश मुश्किल होती जा रही है
00:45इस बार बारिश की कमी रही है और और राजस्तान में ही बारिश की कमी रही है जिससे जील शेतर
00:52का पानी लगबख 20% के आसपास हो गया है
00:54बात कर एक गर्तवर्ष की तो गर्तवर्ष में लगबख पूरी जील में एंटाय लेक में 90% एरिया में पानी
01:00था
01:00इस बार 15% area में पानी है तो birds आ गए हैं, flamingos आएं, कई तरीके की ducks आ
01:05चुकी हैं यहापर
01:06और वो अब आसपास के छोटी इलाकों में, आसपास के छोटी water bodies में अपना stand डून रहे हैं, खाने
01:12की जगे डून रहे हैं
01:13सांभर जील में इस बार प्रवासी पक्षियों की कम आवक का सबसे बड़ा संकेत, flamingos की संख्या से मिलता है
01:20पक्षी विशेशग्यों के मताबिक इस साल महस 5-7,000 flamingos दिखाई दे रहे हैं
01:44पानी की कमी ने प्रवासी पक्षियों को अपना ठेकाना बदलने पर मजबूर कर दिया है
01:49अब ये पक्षी सांभर जील के आसपास मौझूद छोटी water bodies की ओर रुख कर रहे हैं
01:56सांभर जील में आने वाले फ्लेमिंगो का सफर आसान नहीं होता
02:00ये पक्षी साइबेरिया और मंगोलिया जैसे ठंडे इलाकों से हजारों किलोमीटर की उडान भर कर भारत पहुचते हैं
02:09सरदियों में इनके मूल ठेकानों पर बर्फ जमने लगती है और भोजन की उपलब्धता कम हो जाती है
02:16ऐसे में ये गर्म और अनुकूल बातवरन की तलाश में लंबी दूरी तै करते हैं
02:21सामभर जील इनके पसंदीदा ठेकानों में से एक है
02:24यहां का छिछला और नमकीन पानी इनके लिए अनुकूल माना जाता है
02:29लेकिन जब यही पानी सूखने लगे तो इनकी पूरी आत्रा और प्रवास का गड़ित बिगड सकता है
02:57फ्लमिंगो छिछले पानी में पाई जाने वाली ब्लू ग्रीन इलगी यानी नील हरित शेवाल खाते हैं
03:04सामभर जील के नमकीन पानी में ये शेवाल प्रचूर मात्रा में मिलता है
03:09जो फ्लमिंगो के लिए भोजन का एहम स्त्रोत है
03:13लेकिन पानी का दाइरा सिमटने से भोजन की उपलब्धता और सुरक्षित ठेकानों पर असर पढ़ सकता है
03:19वहीं इसका असर परेटन पर भी दिख सकता है
03:23प्रवासी पक्षियों की घटती संख्या और एवियन बोटोलिजम के खत्रे को देखते हुए
03:29वन विभाग ने निग्रानी बढ़ाती है
03:31अक्टूबर की तारिक को सभी स्टेकोलडर की एक सांबर के अंदर मीटिंग भी करवाई थी
03:36जिसके अंदर सभी स्टेकोलडर जिस पे नगरपालिका, सांबर सार्ट रिमिटेड, बिजली विभाग से लेकर के
03:42पशुपालन विभाग से फिशरीज
03:44So these departments have organized a stakeholder awareness workshop, and now we have to organize it in the beginning of
03:53the month, till February, every month, birds will be able to make a sense of how they migrate and what
04:01they are going to be able to do.
04:19EURORPORT EDV BHARAT

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