00:08दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिंसला जारी है।
00:31इस से पहले सोना एक दशमलव चालीस लाग रुपे प्रती दस ग्राम और चांदी एक दशमलव एक क्यासी लाग रुपे
00:38प्रती किलो के भाव पर पिक रही थी।
01:16इस तरह एक किलो चांदी का भाव एक अक्टोबर को दो दशमलव दो शून्य लाग रुपे था।
01:28वहीं अब इसकी कीमत घटकर एक दशमलव आट शून्य लाग रुपे के आसपास आ गई है।
01:34यानि ऑक्टोबर में चांदी 49,485 रुपे सस्ती हुई है।
01:46इस साल सोनी और चांदी की कीमतों में काफी उतार चड़ाव देखने को मिला है।
01:50चांदी की कीमत 31 तिसंबर दोहजार पचीस को दो तशमलव तीन शून्य लाख रुपे प्रतिकेलो थी।
01:57इसके बाल 29 चनवरी दोहजार चब़ीस को ये बढ़कर तीन दशमलव आठ छे लाख रुपे प्रतिकेलो के आल टाइम हाई
02:05पर पहुँच गई थी।
02:06हाला कि इस उंचे स्थर से अब तक चांदी की कीमत करीब 2.06 लाख रुपे गिर चुकी है।
03:04उचे भाव पर निवेशकों की बिक्वाली।
03:06खरीदारों ने फिलाहाल खरीदारी कम कर दी है।
03:09महंगे भाव की वज़े से लोग जूरी की दुकानों से खरीदारी करने से बच रहे हैं।
03:12इससे बाजार में मांग घटी है।
03:15जानिये चांदी सत्ती होने की तीन बड़ी वज़े हैं।
03:18इक, फैक्ट्रियों से मांग में कमी।
03:21चांदी का इस्तमाल सोलर पैनल और एलेक्टरोनिक्स जैसे उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है।
03:26पिषले कुछ समय में इन उद्योगों से चांदी की मांग कम हुई है।
03:30इसका असर कीमतों पर पड़ा है।
03:322. बाजार में बिक्वाली का दबाव
03:35शेर और वाइदा बाजार में उतार चड़ाव के बीच बड़े ट्रेडर्स ने अचानक चांदी की बिक्वाली शुरू कर दी
03:41इससे बाजार में बिक्वाली का दबाव बढ़ा और चांदी के भाव तेजी से नीचे आ गए
03:45कि भाव गिरते हैं तो इसका असर चांदी पर भी पढ़ता है
03:49सोने की कीमतों में गिरावट के बाद चांदी में भी बिक्वाली बढ़ गई
03:53क्या सोने चांदी की कीमतों में गिरावट आगे भी जारी रहेगी?
03:57सोने और चांदी की कीमतों में लगाता गिरावट के बीच निवेशकों के मन में सवाल है
04:03कि क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा या कीमते और नीचे जा सकती हैं
04:08Commodity Experts के मुताबिक निवेशकों को सोने और चांदी की खरीदारी एक साथ पूरी रकम लगाकर नहीं करनी चाहिए
04:15इसके बजाए किष्टों में खरीदारी करना बहतर रहेगा
04:19निवेशक कुछ सोना चांदी अभी खरीद सकते हैं और बाकी रकम से 15 से 20 दिन के अंतराल पर धीरे
04:26धीरे खरीदारी कर सकते हैं
04:28इसके अलावा निवेश के लिहाज से एक दो महीने का लक्ष रखने के बजाए कम से कम 6 महीने से
04:34लेकर एक साल तक का नजर्या रखना चाहिए
04:37इससे बाजार में होने वाले उतार चड़ाव के जोखिम को संभालने में मदद मिल सकती है
04:58झाल