00:00हमें अर्थ का अनर्थ निकाल कर बहुत जगों पर अनलगर प्रलाप प्रारंब किया हम एक विन में बिनई भाव में
00:08निवेदन करें हम खुट ठाकुर जी के भक्तें भाईया
00:14स्री बागेश्वर धाम की जए सुन्यास्वी बादा की जए और विन्दावन लाल कीजए एक वीडियो जो हमने भाव में विहवल
00:25होकर भाव पूर्ण उलाहिना स्री ठाकुर जी को दिया था कि ठाकुर जी हमारे राम जी सीधे हैं ठाकुर जी
00:35तेड़े हैं
00:36इस पर बहुत लोगों ने अर्थ का अनर्थ निकाल कर बहुत जगों पर अनलगर प्रलाप प्रारंब किया, हम एक विनमे
00:45बिनईव हाव में निवेदन करें, हम खुद ठाकुर जी के भगतें भाईया, हम श्वयम ब्रज के भगतें, हम खुद ब्रजबास
00:53चाहतें, जब भी �
00:55प्राथना करतें, तब कहतें ठाकुर जी हमें भृजबास मिले, और हम श्वयम स्रीमद भागवत कथा की गाथा को जैसी भी
01:04बाणी से बनती है, कह लेतें, और ठाकुर जी के गुणगान गातें, हम भगवान राम भगवान कृष्ण में भेद उत्पन
01:12नहीं करना चाहे रह
01:25नहाराज स्री ठाकुर जी को लाहना देते, जैसे ब्रिज के संद स्री कोकल साइन जी, स्री रगनाज जी को लाहना
01:32देते, वैसे ही हमने भाव में एक पद था किसी संद का, जो बहु प्रचलित पद है, कि बंसी का
01:39वजाना तो खेल ही है, पर धनुष उठाना खेल नहीं, त
01:54भईया हम कृष्ण बुरोधी नहीं है, हमारे ठाकुर जी है, हम खुद जन्म भूमी के लिए बार बार आवाज उठाते
02:01हैं, कृष्ण जन्म भूमी के लिए, हमारे नाम में भी तो भईया उनका नाम लगा हुआ है, उनकी एक आरण
02:06ही तो हमारा जीवन है, आप सब फिर भ
02:22प्रत का नर्थ ना करके, समाज में हमने समाज को बाटने की कोशिश नहीं की, भगवान को क्यूं बाटेंगे, राम
02:33कृष्ण दो एक है, अंतर नहीं निमेस, दोनों एक ही है, उनमें कहां अंतर है, हमने वो तो भाव पूरुवक
02:40कहा, फिर भी हम आप सब से कहेंगे, हमारे
02:43भाव को सम्चाजाएं